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उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक अमृतसर में आयोजित की गई

उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (Northern Zonal Council) की 31वीं बैठक 26 सितम्बर को अमृतसर में हुई थी. इस बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी.

पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, दिल्ली, जम्मू कश्मीर और लद्दाख के उपराज्यपाल, चंडीगढ़ के प्रशासक, सदस्य राज्यों के वरिष्ठ मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए थे.

गृह मंत्री ने कहा कि सरकार नशीले पदार्थों और आतंकवाद पर नकेल कसने में सफल रही है. जल्द ही हमारे देश की सीमाओं पर एंटी ड्रोन सिस्टम तैनात किया जाएगा.

श्री अमित शाह ने उत्तरी क्षेत्रीय परिषद के सभी सदस्यों से जल बंटवारे से संबंधित अपने विवादों को आपसी बातचीत से सुलझाने का आग्रह किया.

क्षेत्रीय परिषदें: एक दृष्टि

  • क्षेत्रीय परिषदें (Zonal Councils), केन्द्र एवं राज्यों के बीच आपसी मतभेदों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष विचार-विमर्शों तथा परामर्शों के माध्यम से सुलझाने के लिए एक मंच प्रदान करती है.
  • वर्तमान में, भारत में छः क्षेत्रीय परिषद (उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी) हैं. पांच क्षेत्रीय परिषद (उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी) का गठन 1957 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के अंतर्गत हुआ था. उत्तर-पूर्वी परिषद का गठन 1971 के उत्तर-पूर्वी परिषद अधिनियम द्वारा हुआ था.
  • उत्तरी क्षेत्रीय परिषद: इसमें हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान राज्य, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और संघ राज्य क्षेत्र चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख शामिल हैं.
  • मध्य क्षेत्रीय परिषद: इसमें छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्य शामिल हैं.
  • पूर्वी क्षेत्रीय परिषद: इसमें बिहार, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल राज्य शामिल हैं.
  • पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद: इसमें गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र राज्य और संघ राज्य क्षेत्र दमन-दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली शामिल है.
  • दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद: इसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, राज्य और संघ राज्य क्षेत्र पुद्दुचेरी शामिल हैं.
  • उत्तर-पूर्वी परिषद: असम, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, त्रिपुरा और सिक्किम शामिल हैं.

अध्यक्ष और अन्य सदस्य

  • केन्द्रीय गृह मंत्री इन सभी परिषदों के अध्यक्ष होते हैं. प्रत्येक क्षेत्रीय परिषद में शामिल किये गए राज्यों के मुख्यमंत्री, रोटेशन से एक वर्ष की अवधि के लिये उस क्षेत्रीय परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं.
  • मुख्यमंत्री और प्रत्येक राज्य से राज्यपाल द्वारा यथा नामित दो अन्य मंत्री और परिषद में शामिल किये गए संघ राज्य क्षेत्रों से दो सदस्य.

उद्देश्य

राष्ट्रीय एकीकरण को साकार करना. तीव्र राज्य संचेतना, क्षेत्रवाद तथा विशेष प्रकार की प्रवृत्तियों के विकास को रोकना.

प्रधानमंत्री ने पीएम विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 17 सितम्बर 2023 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर ‘यशोभूमि’ में पीएम विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) का शुभारंभ किया.

मुख्य बिन्दु

  • इस योजना का उद्देश्य देश के ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों की आर्थिक मदद के साथ ही स्‍थानीय उत्‍पादों, कला और शिल्प के माध्यम से सदियों पुरानी परंपरा, संस्कृति तथा विविध विरासत को जीवित और समृद्ध रखना है.
  • पीएम विश्वकर्मा योजना में 18 पारंपरिक शिल्‍प-कलाओं को शामिल किया गया है. इस योजना को 13 हजार करोड रुपए के परिव्‍यय के साथ केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित किया जाएगा.
  • इस योजना के तहत बायोमेट्रिक आधारित पीएम विश्वकर्मा पोर्टल का उपयोग करके सामान्य सेवा केद्रों के माध्यम से विश्वकर्माओं का निशुल्क पंजीकरण किया जाएगा.
  • इस योजना के तहत कामगारों को 15000 रुपए का टूलकिट, साथ ही एक लाख रुपए का लोन 5 फीसदी ब्याज पर दिया जाएगा और पहला लोन चुकाने के बाद 2 लाख रुपए का लोन दिया जाएगा. इसका फायदा लाखों कामगारों को होगा.

प्रधानमंत्री ने इंटरनेशनल कन्वेंशन और एक्सपो सेंटर ‘यशोभूमि’ का लोकार्पण किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 17 सितम्बर को दिल्‍ली के द्वारका में इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन और एक्सपो सेंटर (IICC) का पहला चरण राष्ट्र को समर्पित किया था. इसका नाम ‘यशोभूमि’ दिया गया है.

  • यशोभूमि का अभी पहला चरण ही पूरा हुआ है. इसके पूरा हो जाने के बाद यह दुनिया के सबसे बडे सम्‍मेलन और प्रदर्शनी स्‍थलों में से एक होगा.
  • ‘यशोभूमि‘ कन्वेंशन सेंटर प्रगति मैदान में तैयार किए गए ‘भारत मंडपम’ से भी बड़ा है, जहाँ हाल ही में जी-20 से जुड़ी बैठकों और कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था.
  • करीब 1.07 लाख वर्ग मीटर से अधिक एरिया में बने इन प्रदर्शनी हॉलों का उपयोग विश्‍व स्‍तरीय बैठकों, प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों और व्यावसायिक कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए किया जाएगा.

गांधीनगर में सेमीकॉन इंडिया 2023 सम्मेलन आयोजित किया गया

गुजरात के गांधीनगर में 28 से 30 अगस्त तक सेमीकॉन इंडिया (SemiconIndia) सम्मेलन 2023 आयोजित किया गया था. सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने किया था.

प्रधानमंत्री का संबोधन: मुख्य बिन्दु

  • प्रधानमंत्री में विश्व के निजी उद्यमियो से भारत के सेमीकंडक्‍टर उद्योग में निवेश का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि सरकार देश में सेमीकंडक्‍टर विनिर्माण उद्योग लगाने वालों को पचास प्रतिशत वित्तीय सहायता दे रही है.
  • सरकार ने कुशल इंजीनियरों की तैयारी के लिए तीन सौ से अधिक शैक्षणिक संस्थानों की पहचान की है जो सेमीकंडक्‍टर क्षेत्र के अनुरूप पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएंगे.
  • सेमीकंडक्‍टर ईको-सिस्‍टम बनाने के लिए हमने अब हम अपने इंजीनियरिंग कर्रिकुलम में भी बदलाव कर रहे हैं. भारत में 300 से ज्‍यादा ऐसे बड़े कॉलेजों की पहचान की गई है, जहां सेमीकंडक्‍टर पर कोर्स उपलब्ध होंगे.
  • हमारा चिप्‍स-टू-स्‍टार्टअप प्रोग्राम इंजीनियरों की मदद करेगा. अनुमान ये है कि अगले पांच वर्षों में हमारे यहां एक लाख से ज्यादा डिजाइन इंजीनियर तैयार होने वाले हैं.

नई दिल्ली में 17वीं भारतीय सहकारिता कांग्रेस का आयोजन

17वीं भारतीय सहकारिता कांग्रेस का आयोजन 1-2 जुलाई को नई दिल्ली में किया गया था. इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने किया था. अपने संबोधन में उन्‍होंने कहा कि यह आंदोलन किसानों की खुशहाली और सशक्‍तिकरण में उपयोगी है.

मुख्य बिन्दु

  • इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय राष्‍ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) ने किया था. कार्यक्रम की अध्‍यक्षता केन्‍द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की थी. कार्यक्रम में लगभग पांच करोड़ सदस्य ऑनलाइन हिस्सा लिए थे.
  • कार्यक्रम का विषय था – अमृतकाल : सशक्‍त भारत के लिए सहाकारिता से खुशहाली. बैठक का उद्देश्‍य सहकारिता आंदोलन की प्रवृत्तियों पर चर्चा करना और सफल सहकारी समितियों की सर्वोत्तम कार्य शैलियों को अपनाना है.
  • इस दौरान सहकारिता क्षेत्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर चर्चा भी हुई. कार्यक्रम में एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, जिसमें स्‍व-सहायता समूह और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ के उत्पादों को प्रदर्शित किया गया.
  • प्रधानमंत्री ने सहकारी समितियों से पारदर्शी और भ्रष्‍टाचार मुक्‍त प्रशासन का मॉडल बनने और व्‍यापक स्‍तर पर डिजिटल माध्‍यमों को अपनाने का आह्वान किया.
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण और कृषि के हर क्षेत्र को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास कर रही है. छोटे और मंझोले किसानों को सरकारी योजनाओं से बहुत लाभ हुआ है.

जी-20 देशों के श्रम संबंधी समूह की शिखर बैठक पटना में आयोजित की गई

जी-20 देशों के श्रम संबंधी समूह ‘श्रम-20’ की शिखर बैठक 22-23 जून तक बिहार की राजधानी पटना में आयोजित की थी.

मुख्य बिन्दु

  • इस शिखर सम्मेलन में मजदूर संगठनों के नेताओं, विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और सरकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया था.
  • इस शिखर बैठक का उदघाटन बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने किया. इस आयोजन में केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव के अलावा राज्य के श्रम संसाधन मंत्री सुरेंद्र राम तथा विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
  • सम्मेलन के समापन दिवस पर कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें हुई. इन बैठकों में शामिल प्रतिनिधि सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा, महिलाओं और कार्य के भविष्य पर मसौदा वक्तव्य पर चर्चा किए.

ब्रसेल्स में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की मंत्री स्तरीय बैठक

भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की प्रथम मंत्री स्तरीय बैठक 16 मई को ब्रसेल्स में आयोजित की गई थी. विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने इस बैठक में हिस्सा लिया था.

मुख्य बिन्दु

  • बैठक को संबोधित करते हुए डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि भारत प्रतिभा के मामले में एक महत्वपूर्ण घटक है.
  • उन्होंने कहा कि जिम्मेदारीपूर्ण विकास और वैश्विक अर्थव्यवस्था को जोखिम से बचाने की दोहरी आवश्यकताएं पूरा करना आज सबसे बड़ी चुनौती है.
  • डॉक्टर जयशंकर ने सीमा पार सूचनाओं के आदान-प्रदान सहित  डिजिटल क्षेत्र में विश्वास और पारदर्शिता के महत्व पर बल दिया.

सैन्य कमांडरों का द्विवार्षिक सम्मेलन-2023 दिल्ली में आयोजित किया गया

सैन्य कमांडरों का द्विवार्षिक सम्मेलन-2023 का पहला संस्करण 17 से 21 अप्रैल तक दिल्ली में आयोजित किया गया था. सम्मेलन को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेना के प्रमुखों ने संबोधित किया.

मुख्य बिन्दु

  • सैन्य कमांडरों का यह सम्मेलन साल में दो बार आयोजित किया जाता है यह भारतीय सेना से जुड़ी नीतियों और विषयों पर विचार कर निर्णय लेने का महत्वपूर्ण मंच है.
  • सम्मेलन के पहले दिन सैन्य कमांडर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा किए.
  • इस सम्मेलन में सेना में किए जा रहे सुधारों के अलावा विशेष रूप से अग्निपथ योजना और डिजिटलीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई.
  • सम्मेलन में मौजूदा और भविष्य में उभरने वाली सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया और सेना की संचालन तैयारियों का जायजा लिया गया.

महिला-20 अंतर्राष्ट्रीय बैठक जयपुर में आयोजित की गई

महिला-20 (W-20) अंतर्राष्ट्रीय बैठक हाल ही में राजस्‍थान के जयपुर में आयोजित की गई थी. इस दौरान जी-20 के 18 देशों की 120 महिला प्रतिनिधि अपने विचार रखे. इस बैठक में महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी स्थिति में सुधार करने पर चर्चा हुई.

बैठक की कार्यसूची महिला उद्यमिता, जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व, लैंगिक डिजिटल विभाजन को कम करना, शिक्षा और कौशल विकास और जलवायु परिवर्तन पर आधारित पांच प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्रित था.

महिला-20 (W-20): एक दृष्टि

  • W-20, G-20 का आधिकारिक समूह है, जिसकी स्थापना 2015 में तुर्की की अध्यक्षता में लैंगिक समानता के लिए की गई थी. W-20 की अध्‍यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा हैं.
  • इसका प्राथमिक उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, महिला अधिकारों की वकालत और इसके लिए एक मंच का निर्माण करना है, ताकि वे समानता के साथ अपनी राय रख सकें.
  • भारत के महिला 20 एजेंडे में पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं, जिनमें उद्यमिता क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना, जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व, लैंगिक डिजिटल असमानता, शिक्षा और कौशल विकास तथा जलवायु परिवर्तन शामिल हैं.

12वां विश्व हिन्दी सम्मेलन फिजी के नादी में आयोजित किया गया

12वां विश्व हिन्दी सम्मेलन (12th World Hindi Conference) 15 से 17 फरवरी तक फिजी के नादी में आयोजित किया गया था. इस सम्‍मेलन की मेज़बानी भारत और फिजी की सरकारें संयुक्‍त रूप से की थी. सम्‍मेलन का विषय है- ‘पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम मेधा तक’ था.

मुख्य बिन्दु

  • सम्‍मेलन का उद्घाटनविदेश मंत्री जयशंकर के साथ फिजी के प्रधानमंत्री सित्विनी राबुका ने किया था.
  • विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर 15 से 17 फ़रवरी तक फिजी की यात्रा पर थे. डॉक्‍टर जयशंकर की यह पहली फिजी यात्रा थी.
  • डॉक्‍टर जयशंकर 18 फ़रवरी को ऑस्‍ट्रेलिया में सिडनी भी जाएंगे. डॉक्टर जयशंकर ऑस्‍ट्रेलिया में पहली बार हो रहे रायसीना-ऐट-सिडनी सम्मेलन में भी भाग लेंगे.

बीटिंग द रिट्रीट के साथ गणतंत्र दिवस के आयोजन का औपचारिक समापन

29 जनवरी को बीटिंग द रिट्रीट (Beating the Retreat)  के साथ चार दिवसीय गणतंत्र दिवस समारोह 2023 के आयोजन का औपचारिक समापन हो गया. इस खास मौके पर तीनों सेनाएं विशेष धुनें बजाकर राष्ट्रपति से अपनी बैरकों में वापस जाने के की अनुमति मांगती हैं. पारंपरिक धुनों के साथ मार्चपास्ट करती सेनाएं गणतंत्र दिवस समारोह के समापन की घोषणा भी करती हैं.

सैनिक मार्च करते हुए वापस जाते समय, लोकप्रिय धुन, सारे जहाँ से अच्छा बजाते हैं. शाम 6 बजे बिगुलर्स रिट्रीट की धुन बजाते हैं. राष्ट्रीय ध्वज को उतार लिया जाता है तथा राष्ट्रगान गाया जाता है और इस प्रकार गणतंत्र दिवस के आयोजन का औपचारिक समापन होता है.

इस अवसर पर देश का सबसे बडा ड्रोन शो आयोजित किया गया था जिसमें साढे तीन हजार स्‍वदेशी ड्रोन शामिल हुए थे.

बीटिंग द रीट्रीट परंपरा

बीटिंग द रीट्रीट एक परंपरा है. युद्धकाल में संध्या हो जाने पर बिगुल बजने के बाद सेनाएं अपने-अपने शिविरों में वापस चली जाती थीं. बीटिंग द रीट्रीट इसी परंपरा का हिस्सा है. भारत के गणतंत्र दिवस समारोह का समापन बीटिंग द रीट्रीट कार्यक्रम के बाद होता है.

बिजनेस-20 की पहली बैठक गांधीनगर में आयोजित की गई

बिजनेस-20 (बी 20) की पहली बैठक हाल ही में गुजरात के गांधीनगर में आयोजित की गई थी. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अश्वनी वैष्णव, राज्य के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, जी-20 के लिए भारत के शेरपा अमिताभ कांत, टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखर और अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रमुख ने इस बैठक में भाग लिया था.

  • बी-20 की इस स्थापना बैठक का विषय ‘RAISE’ तय किया गया था जिसका विस्तारित रूप है जिम्मेदार, गतिशील, नवाचारी, सतत और समान अवसरों का व्यापार था.
  • बैठक में आयोजित कई पूर्ण सत्रों के दौरान पांच सौ से अधिक प्रतिनिधियों ने जलवायु परिवर्तन, स्थिरता, डिजिटल परिवर्तन और वित्‍तीय समावेशन सहित विभिन्‍न वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया.
  • उद्घाटन सत्र के बाद कई पूर्ण सत्र हुए, जहां जी-20 देशों के प्रतिनिधि जलवायु परिवर्तन पर किए गए उपाय और वित्तीय समावेषण जैसे वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ.