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नई दिल्ली में रायसीना संवाद के 11वें संस्करण का शुभारंभ

11वां रायसीना संवाद (11th Raisina Dialogue) 2026 नई दिल्ली में 5 से 7 मार्च 2026 तक आयोजित किया गया था. इस बार 110 देशों के लगभग 2,700 प्रतिनिधि (जिनमें मंत्री, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष, सैन्य कमांडर, और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे) व्यक्तिगत रूप से इस सम्मेलन में हिस्सा लिया.

11वां रायसीना संवाद: मुख्य बिन्दु

  • सम्मेलन का आधिकारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ. अलेक्जेंडर स्टब इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि और प्रमुख वक्ता थे.
  • 11वें संस्करण की थीम ‘संस्कार: असर्शन, एकोमोडेशन, एडवांसमेंट’ (Saṁskāra – Assertion, Accommodation, Advancement) थी. यह थीम सभ्यताओं की पहचान, संप्रभुता के दावे और वैश्विक प्रगति में संतुलन बनाने पर केंद्रित है.
  • पूरे संवाद को चर्चा के लिए 6 मुख्य स्तंभों (Pillars) में बांटा गया था, जिनमें तकनीकी दुनिया (Tomorrowland), एजेंडा 2030 (White Whale), और जलवायु व संघर्ष (The Eleventh Hour) जैसे विषय शामिल थे.
  • राष्ट्रपति स्टब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार और भारत को स्थायी सदस्य बनने की बात कही.
  • इस बार चर्चा के केंद्र में एआई (Artificial Intelligence), सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का दबदबा रहा.
  • पश्चिमी देशों के प्रभुत्व के अंत और वैश्विक शक्ति संतुलन में ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) की बढ़ती भूमिका पर विशेष जोर दिया गया.

रायसीना संवाद: मुख्य बिन्दु

  • रायसीना संवाद वैश्विक कूटनीति, भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र पर भारत का सबसे प्रमुख वार्षिक सम्मेलन है.
  • यह सम्मेलन भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) और ‘ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन’ (ORF) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है.
  • यह सम्मेलन 2016 से हर वर्ष नई दिल्ली में आयोजित किया जाता है. इसकी तर्ज सिंगापुर के ‘शांगरी-ला डायलॉग’ और जर्मनी के ‘म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन’ पर आधारित है.

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 का नई दिल्ली में आयोजन

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) 9 से 12 जनवरी 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया गया था.

मुख्य बिन्दु

  • इसका आयोजन युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया था. इसका समापन राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद की जयंती) के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के साथ हुआ.
  • इसमें देशभर से चयनित लगभग 3,000 युवा नेताओं ने भाग लिया, जिनमें अंतरराष्ट्रीय भारतीय प्रवासी (Diaspora) के प्रतिनिधि भी शामिल थे.
  • इसमें शामिल प्रतिभागियों का चयन एक त्रि-स्तरीय प्रक्रिया (डिजिटल क्विज़, निबंध लेखन और राज्य स्तरीय विजन प्रस्तुतियाँ) के माध्यम से किया गया था.
  • पीएम मोदी ने युवाओं को ‘जनरेशन जेड’ (Gen Z) और राष्ट्र निर्माण के सारथी के रूप में संबोधित किया. उन्होंने ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ (संस्कृति, सामग्री और रचनात्मकता) पर जोर दिया और भारतीय महाकाव्यों (रामायण, महाभारत) को गेमिंग की दुनिया में लाने का सुझाव दिया.

VBYLD 2026 के मुख्य विषय

  • भारतीय समाधानों के लिए डिजाइन तैयार करना.
  • सामाजिक कार्यों के लिए हैकाथॉन और तकनीकी समाधान.
  • शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता: युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना.

VBYLD: एक दृष्टि

  • VBYLD का पूरा नाम Viksit Bharat Young Leaders Dialogue है. यह प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत @ 2047’ के विजन को साकार करने में युवाओं की भूमिका को सशक्त बनाने के लिए बनाया गया एक मंच है.
  • यह संवाद प्रधानमंत्री के उस आह्वान का हिस्सा है जिसमें उन्होंने 1 लाख ऐसे युवाओं को राजनीति में लाने की बात कही है जिनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है.

प्रगति की 50वीं बैठक नई दिल्‍ली में आयोजित की गई

प्रगति (PRAGATI) की 50वीं बैठक 31 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी. बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी.

बैठक के मुख्य बिन्दु

  • इस बैठक ने शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही के 10 साल और 50 बैठकों का मील का पत्थर पार किया.
  • प्रधानमंत्री ने 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पांच प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की.
  • पिछले एक दशक में, प्रगति (PRAGATI) के माध्यम से ₹85 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को गति मिली है.
  • पीएम मोदी ने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ (Reform, Perform, Transform) का मंत्र दिया.

प्रगति (PRAGATI) क्या है?

  • प्रगति (PRAGATI) का पूरा नाम Pro-Active Governance and Timely Implementation है. इसे 25 मार्च 2015 को लॉन्च किया गया था.
  • यह भारत सरकार का एक सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) आधारित मल्टी-मोडल प्लेटफॉर्म है, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा संचालित किया जाता है.
  • इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का समाधान करना और सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं और कार्यक्रमों की निगरानी करना है.
  • इस मंच के माध्यम से प्रधानमंत्री सीधे केंद्र और राज्य के अधिकारियों के साथ मिलकर अटकी हुई परियोजनाओं और जन शिकायतों की समीक्षा करते हैं.
  • इसमें तीन पक्ष शामिल होते हैं: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), भारत सरकार के सचिव (Union Secretaries) और राज्यों के मुख्य सचिव (Chief Secretaries).

प्रगति दिवस

हर महीने के चौथे बुधवार को ‘प्रगति दिवस’ मनाया जाता है, जिस दिन प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परियोजनाओं की समीक्षा करते हैं.

पुलिस महानिदेशकों का 60वां अखिल भारतीय सम्मेलन रायपुर में आयोजित किया गया

पुलिस महानिदेशकों (DGPs) और महानिरीक्षकों (IGPs) का 60वां अखिल भारतीय सम्मेलन 28 से 30 नवंबर तक रायपुर छत्तीसगढ़ में आयोजित किया गया था.

यह सम्मेलन वरिष्ठ पुलिस नेतृत्व को राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न मुद्दों पर सीधे प्रधानमंत्री के साथ संवाद करने और भविष्य के लिए एक आधुनिक, प्रौद्योगिकी-संचालित पुलिसिंग प्रणाली का रोडमैप तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है.

मुख्य बिन्दु

  • सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. इस वर्ष का थीम (विषय) था- विकसित भारत: सुरक्षा आयाम. सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया था.
  • सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के DGP/IGP, केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख, और चयनित DIG/SP-रैंक के अधिकारी उपस्थित रहे.
  • सम्मेलन के दौरान वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद–रोधी कार्रवाई, आपदा प्रबंधन, महिलाओं की सुरक्षा तथा पुलिसिंग में फॉरेंसिक विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विस्तार से विचार–विमर्श किया गया.

पुरस्कार एवं मान्यता

  • प्रधानमंत्री ने विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (President’s Police Medals for Distinguished Service) प्रदान किए.
  • गृहमंत्री ने सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक और देश के शीर्ष तीन पुलिस स्टेशनों को ट्रॉफियाँ प्रदान कीं.
  • प्रधानमंत्री ने खुफिया ब्यूरो (IB) के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए. यह पदक उन पुलिस कर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने करियर में अत्यंत विशिष्ट और साहसी सेवा प्रदान की हो.
  • गृह मंत्री ने सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक प्रदान किए. यह पदक उन पुलिस कर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने सराहनीय सेवा के लिए अपनी दक्षता, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का प्रदर्शन किया हो.
  • सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहरी पुलिस व्यवस्था में नवाचार और सुधार के लिए शीर्ष प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों (बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे) को भी सम्मानित किया.
  • गृहमंत्री ने सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक और देश के शीर्ष तीन पुलिस स्टेशनों (गाज़ीपुर पुलिस स्टेशन दिल्ली, पहाड़गाँव पुलिस स्टेशन अंडमान और निकोबार और कवितल पुलिस स्टेशन रायचूर, कर्नाटक) को ट्रॉफियाँ प्रदान कीं.

दिल्ली में विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन आयोजित किया गया

दिल्ली में 3 से 5 नवंबर तक उभरते विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन (Emerging Science and Technology Innovation Conclave – ESTIC) का आयोजन किया गया था.

ESTIC 2025: मुख्य बिन्दु

  • उभरते विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन (ESTIC) 2025 का उद्घाटन 3 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. यह नई दिल्ली में भारत मंडपम आयोजित किया गया था.
  • इसमें 3,000 से अधिक प्रतिभागी, नोबेल पुरस्कार विजेता, प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, नीति निर्माता और युवा नवप्रवर्तक शामिल हुए.
  • सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत के अनुसंधान एवं विकास (R&D) पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना और ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी के बीच सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करना था.
  • सम्मेलन में 11 प्रमुख विषयगत क्षेत्र पर विचार विमर्श किया गया, जिनमें उन्नत सामग्री और विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव विनिर्माण, डिजिटल संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा अर्धचालक वि-निर्माण, उभरती कृषि टेक्नोलॉजी, ऊर्जा पर्यावरण और जलवायु स्वास्थ्य तथा चिकित्सा टेक्नोलॉजी, क्वांटम विज्ञान और टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी शामिल हैं.

अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) योजना का शुभारंभ

  • प्रधानमंत्री मोदी ने ISTIC-2025 के दौरान अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) योजना का शुभारंभ किया गया. इस योजना के तहत 1 लाख करोड़ रुपये का एक विशाल कोष शुरू किया गया है.
  • इस कोष का मुख्य उद्देश्य निजी क्षेत्र को अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु कम या शून्य ब्याज दर पर दीर्घकालिक वित्तपोषण या पुनर्वित्तपोषण उपलब्ध कराना है.

9वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस दिल्ली में आयोजित किया गया

9वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 का आयोजन 8 से 11 अक्टूबर, 2025 तक दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में किया गया.

  • इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. इस वर्ष का थीम था ‘इनोवेट टू ट्रांसफॉर्म’ (Innovate to Transform).
  • इसका आयोजन दूरसंचार विभाग (DoT) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने किया था.

IMC के मुख्य उद्देश्य और फोकस क्षेत्र

  • IMC का मुख्य उद्देश्य भारत को वैश्विक स्तर पर दूरसंचार नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करना और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को बढ़ावा देना था.

मुख्य फोकस क्षेत्र (Key Focus Areas):

  • 6G टेक्नोलॉजी: 6G पारिस्थितिकी तंत्र के विकास, मानकीकरण और रोडमैप पर वैश्विक चर्चा.
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): अंतर्राष्ट्रीय एआई शिखर सम्मेलन का आयोजन, जिसमें AI और जेनरेटिव AI के अनुप्रयोगों पर चर्चा.
  • सैटेलाइट संचार (Satcom): भारत में सैटेलाइट-आधारित संचार सेवाओं के नए युग पर विचार-विमर्श.
  • स्टार्टअप और निवेश: IMC एस्पायर प्रोग्राम के माध्यम से स्टार्टअप्स को निवेशकों, वेंचर कैपिटलिस्ट और वित्तीय संस्थानों से जोड़ना.
  • साइबर सुरक्षा: डेटा सुरक्षा और 1.2 बिलियन से अधिक दूरसंचार उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर.
  • उभरती प्रौद्योगिकियां: ऑप्टिकल संचार, क्वांटम संचार, सेमीकंडक्टर और हरित प्रौद्योगिकी (Green Technology) पर प्रदर्शन और सत्र.

इंडिया मोबाइल कांग्रेस

  • इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) एशिया का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण दूरसंचार, मीडिया और प्रौद्योगिकी (Telecom, Media, and Technology – TMT) इवेंट है, जिसका आयोजन प्रतिवर्ष भारत में किया जाता है.
  • यह वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, निवेशकों और नवप्रवर्तकों को एक मंच पर लाता है ताकि डिजिटल क्रांति और तकनीकी नवाचार के भविष्य पर चर्चा की जा सके.

नई दिल्ली में ज्ञान भारतम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

  • नई दिल्ली में 11 से 13 सितम्बर तक ज्ञान भारतम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (Gyan Bharatam International Conference) आयोजित किया गया था. सम्‍मेलन का विषय था ‘पांडुलिपि विरासत के माध्यम से भारत की ज्ञान विरासत को पुनः प्राप्त करना’.
  • देश-विदेश के विद्वानों, विशेषज्ञों, संस्थानों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं सहित एक हज़ार से अधिक प्रतिभागियों ने सम्मेलन में भाग लिया. यह सम्मेलन भारत की पांडुलिपि विरासत को जोड़ने का एक सूत्र है.
  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी  और गृह मंत्री अमित शाह ने इस सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया.
  • प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर ‘ज्ञान भारतम’ पोर्टल का भी शुभारंभ किया. यह पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक पहुंच में तेजी लाने के लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है.
  • श्री मोदी ने कहा कि भारत के पास लगभग एक करोड़ पांडुलिपियों का विश्व का सबसे बड़ा संग्रह है. ज्ञान भारतम् मिशन भारत के संस्कृति, साहित्य और चेतना का उद्घोष बनने जा रहा है.

सेमीकॉन इंडिया-2025: पूर्णत: स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर ‘विक्रम 3201’ का अनावरण

  • सेमीकॉन इंडिया-2025 का आयोजन 2 से 4 सितम्बर तक दिल्ली के यशोभूमि में किया गया. इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था.
  • यह सम्मेलन देश में एक मजबूत और टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने पर केंद्रित था. इस सम्मेलन में 48 से अधिक देशों के 2500 से अधिक प्रतिनिधि शामिल थे.
  • इसमें सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम की प्रगति, विनिर्माण, अनुसंधान और विकास तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में नवाचार, निवेश के अवसर, राज्य-स्तरीय नीति कार्यान्वयन संबंधी विषयों पर सत्र आयोजित किए गए.
  • कार्यक्रम में डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव योजना के अंतर्गत पहलों, नवाचारों के विकास, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए भविष्य की योजना पर चर्चा हुई.

सम्मेलन का उद्देश्य

  • दुनिया भर में आयोजित सेमीकॉन सम्मेलनों का उद्देश्य सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तकनीकी प्रगति के साथ विभिन्न देशों की सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने की नीतियों को बढ़ावा देना है.

भारत का पहला पूर्ण स्वदेशी 32-बिट स्पेस माइक्रोप्रोसेसर

  • सेमिकॉन इंडिया 2025 सम्मेलन में देश का पहला पूर्णत: स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर ‘विक्रम 3201’ का अनावरण किया गया. यह अंतरिक्ष अभियानों के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है.
  • विक्रम 3201 एक अंतरिक्ष-ग्रेड 32-बिट सेमीकंडक्टर माइक्रोप्रोसेसर है. इसे इसरो और सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (SCL), चंडीगढ़ द्वारा मिलकर विकसित किया गया है.
  • यह चिप अत्यधिक तापमान (–55°C से +125°C) और विकिरण जैसे कठोर अंतरिक्षीय वातावरण को झेलने में सक्षम है.
  • इसका मुख्य कार्य रॉकेट्स और सैटेलाइट्स की नेविगेशन, नियंत्रण और मिशन प्रबंधन से जुड़ा हुआ है.

25वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद बैठक वाराणसी में आयोजित की गई

  • 25वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक (25th Central Zonal Council Meeting) 24 जून 2025 को वाराणसी में आयोजित की गई थी. इसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की.
  • बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साईं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और केंद्र और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.
  • इस बैठक में क्षेत्रीय और राष्ट्रीय महत्व के 19 मुद्दों पर चर्चा की गई. महिलाओं के खिलाफ बलात्कार के मामलों से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का कार्यान्वयन; गांव के निर्दिष्ट दायरे में बैंक शाखाओं की स्थापना; आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस-112) का कार्यान्वयन इसमें मुख्य मुद्दे थे.
  • मध्य क्षेत्र देश की एकमात्र क्षेत्रीय परिषद है, जिसके सदस्य राज्यों के बीच कोई विवाद नहीं है.

क्षेत्रीय परिषदें (Zonal Councils): एक दृष्टि

  • क्षेत्रीय परिषदें (Zonal Councils), केन्द्र एवं राज्यों के बीच आपसी मतभेदों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष विचार-विमर्शों तथा परामर्शों के माध्यम से सुलझाने के लिए एक मंच प्रदान करती है.
  • इनकी बैठकों में संसाधनों के वितरण, करों में हिस्सेदारी, राज्यों के पारस्परिक विवादों, वामपंथी उग्रवाद, कानून और व्यवस्था पर चर्चा की जाती है.
  • वर्तमान में, भारत में छः क्षेत्रीय परिषद (उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी) हैं.
  • पांच क्षेत्रीय परिषद (उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी) का गठन राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 के अंतर्गत 1957 में हुआ था. उत्तर-पूर्वी परिषद का गठन 1971 के उत्तर-पूर्वी परिषद अधिनियम द्वारा हुआ था.
  1. उत्तरी क्षेत्रीय परिषद: इसमें हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान राज्य, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और संघ राज्य क्षेत्र चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख शामिल हैं.
  2. मध्य क्षेत्रीय परिषद: इसमें छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्य शामिल हैं.
  3. पूर्वी क्षेत्रीय परिषद: इसमें बिहार, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल राज्य शामिल हैं.
  4. पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद: इसमें गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र राज्य और संघ राज्य क्षेत्र दमन-दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली शामिल है.
  5. दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद: इसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, राज्य और संघ राज्य क्षेत्र पुद्दुचेरी शामिल हैं.
  6. उत्तर-पूर्वी परिषद: असम, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, त्रिपुरा और सिक्किम शामिल हैं.

क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष और अन्य सदस्य

  • केन्द्रीय गृह मंत्री इन सभी परिषदों के अध्यक्ष होते हैं. प्रत्येक क्षेत्रीय परिषद में शामिल किये गए राज्यों के मुख्यमंत्री, रोटेशन से एक वर्ष की अवधि के लिये उस क्षेत्रीय परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं.
  • मुख्यमंत्री और प्रत्येक राज्य से राज्यपाल द्वारा यथा नामित दो अन्य मंत्री और परिषद में शामिल किये गए संघ राज्य क्षेत्रों से दो सदस्य.

क्षेत्रीय परिषद के उद्देश्य

  • राष्ट्रीय एकीकरण को साकार करना. तीव्र राज्य संचेतना, क्षेत्रवाद तथा विशेष प्रकार की प्रवृत्तियों के विकास को रोकना.

नई दिल्‍ली में 10वां रायसीना संवाद आयोजित किया गया

  • रायसीना डायलॉग 2025 नई दिल्‍ली में 17 से 19 मार्च तक आयोजित किया गया था. इस वर्ष कार्यक्रम का विषय था ‘कालचक्र – लोग, शांति और पृथ्‍वी’.
  • यह इसका 10वां संस्‍करण था जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और भारत की यात्रा पर आए न्‍यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्‍टोफर लक्‍सन ने संयुक्त रूप से किया था. न्‍यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने उद्घाटन सत्र में मुख्‍य अतिथि के रूप में शाामिल हुए थे.
  • रायसीना डायलॉग के इस संस्करण में करीब 125 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इसमें मंत्री, सैनिक कमांडर, उद्योग जगत के प्रमुख, शिक्षाविद शामिल थे.
  • रायसीना संवाद: एक दृष्टि
  • रायसीना संवाद भौगोलिक-राजनीति और भौगोलिक अर्थशास्‍त्र पर भारत का महत्‍वपूर्ण वैश्विक सम्मेलन है. इसकी शुरूआत वर्ष 2016 में हुई थी.
  • यह सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष अत्यधिक चुनौतीपूर्ण मुद्दों को संबोधित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
  • यह सम्मेलन संवाद के द्वारा बेहतर समन्वय स्थापित करने की भारत की पहचान को दर्शाता है.
  • भारत के विदेश मंत्रालय का मुख्यालय रायसीना पहाड़ी (साउथ ब्लॉक), नई दिल्ली में स्थित है, इसी के नाम पर इसे रायसीना डायलॉग के रूप में जाना जाता है.
  • इसका आयोजन विदेश मंत्रालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है.

काशी तमिल संगमम का तीसरा संस्करण वाराणसी में आयोजित किया गया

  • काशी तमिल संगमम (Kashi Tamil Sangamam) का तीसरा संस्करण 15 से 24 फ़रवरी तक उत्‍तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित किया गया था. इसका आयोजन शिक्षा मंत्रालय द्वारा विभिन्न मंत्रालयों एवं उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से किया गया था.
  • इस प्रतिष्ठित सांस्कृतिक समारोह का उद्धाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ एल. मुरूगन और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने किया था.
  • यह तमिलनाडु और काशी के बीच सांस्कृतिक और बौद्धिक संबंधों को प्रोत्‍साहित करने की एक पहल है.
  • काशी तमिल संगमम का उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के विद्वानों, छात्रों, दार्शनिकों, व्यापारियों, कलाकारों को साथ लाने और एक-दूसरे के अनुभव से सीखने का अवसर प्रदान करना था.
  • इस वर्ष के आयोजन का मुख्य विषय स्वास्थ्य, दर्शन, विज्ञान, शास्त्रीय तमिल साहित्य और राष्ट्र की सांस्कृतिक एकता में ऋषि अगस्त्य के महत्वपूर्ण योगदान को उजागर करना था.
  • ऋषि असत्य को दक्षिण भारत में तमिल भाषा के पहले व्याकरणविद के रूप में सम्मानित किया जाता है.

नई दिल्ली में सोल लीडरशिप सम्मेलन का पहला संस्करण आयोजित किया गया

  • नई दिल्ली के भारत मंडपम में 21 से 22 फरवरी तक सोल (SOUL) लीडरशिप सम्मेलन का पहला संस्करण आयोजित किया गया था.
  • सम्मेलन के पहले संस्करण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे सम्मेलन के मुख्य अतिथि थे. दाशो शेरिंग 20-22 फरवरी 2025 तक भारत की यात्रा पर हैं.
  • SOUL का पूरा नाम स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप है. यह समान विचारधारा वाले व्यक्तियों द्वारा स्थापित एक निजी तौर पर वित्त पोषित संस्थान है.
  • SOUL बोर्ड के अध्यक्ष सुधीर मेहता और उपाध्यक्ष हसमुख अधिया हैं. यह गुजरात के गांधीनगर में गिफ्ट (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंशियल टेक) शहर में स्थित है.
  • SOUL सम्मेलन एक प्रमुख मंच के रूप में काम करेगा जहां राजनीति, खेल, कला और मीडिया, अध्यात्म, व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्र जैसे विविध क्षेत्रों के नेता संबंधित पहलुओं पर चर्चा करेंगे.