Tag Archive for: National Summit

एशिया में सबसे बडे उड्डयन प्रदर्शनी विंग्‍स इंडिया-2024 का हैदराबाद में आयोजन

एशिया में अब तक के सबसे बडे उड्डयन प्रदर्शनी ‘विंग्‍स इंडिया-2024’ (WINGS INDIA 2024) का आयोजन 18 से 21 जनवरी तक का हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर किया गया था. इसका शुभारंभ केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने किया था. विंग्‍स इंडिया-2024 की थीम था- अमृतकाल में भारत को विश्‍व के साथ जोडना.

इस द्विवार्षिक कार्यक्रम का आयोजन भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और भारतीय उद्योग मंडल परिसंघ (फिक्‍की) के साथ किया था.

विंग्‍स इंडिया के दौरान नई पीढी के विमानों का प्रदर्शन के साथ-साथ सहयोगी उड़ान सेवाएं, सहायक उद्योग और पर्यटन क्षेत्र में की गई प्रगति दर्शायी गई.

पुलिस महानिदेशकों का अखिल भारतीय सम्मेलन 2024 जयपुर में आयोजित किया गया

पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों का अखिल भारतीय सम्मेलन (All India Conference of Directors General & Inspectors General of Police) 2024 जयपुर 5 से 7 जनवरी तक आयोजित किया गया था. सम्‍मेलन का आयोजन राजस्‍थान इटंरनेशनल सेंटर में किया गया था.

मुख्य बिन्दु

  • सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री, कैबिनेट सचिव और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया था.
  • सम्मेलन में कुल आठ सत्रों का आयोजन हुआ था जिसमें साइबर अपराध, पुलिसिंग में प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आतंकवाद रोधी चुनौतियां, वामपंथी उग्रवाद और जेल सुधार जैसे विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई.

पहला भारतीय कला, वास्‍तुकला और डिजाइन द्विवार्षिक महोत्‍सव

पहला भारतीय कला, वास्‍तुकला और डिजाइन द्विवार्षिक महोत्‍सव 8 से 15 दिसम्बर तक दिल्‍ली के लालकिला में आयोजित किया गया था. इस  महोत्‍सव का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था.

मुख्य बिन्दु

  • इस अवसर पर श्री मोदी आत्‍मनिर्भर भारत डिजाइन केन्‍द्र और विद्यार्थी समुन्‍नति महोत्‍सव का भी उद्घाटन किया था.
  • इसका उद्देश्‍य कलाकारों, वास्‍तुविदो, फोटोग्राफरों, कला विशेषज्ञों और आम लोगों के बीच सांस्‍कृतिक संवाद को मजबूत बनाना था. इस कार्यक्रम में प्रदशर्नियां भी लगाई गई.
  • इस महोत्सव का आयोजन देश में एक प्रमुख वैश्विक सांस्कृतिक पहल विकसित करने और इसे संस्थागत स्वरूप देने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अंतर्गत किया गया था.

दिल्ली में निवेश संवर्धन एजेसियों का 27वां अंतर्राष्‍ट्रीय निवेश सम्‍मेलन

निवेश संवर्धन एजेसियों का 27वां अंतर्राष्‍ट्रीय निवेश सम्‍मेलन (World Investment Conference) 11 से 14 दिसम्बर तक नई दिल्‍ली में आयोजित किया गया था. सम्‍मेलन का आयोजन नई दिल्‍ली के इंडिया इंटरनेशनल कॉन्‍वेंशन एण्‍ड एक्‍सपो सेंटर ‘यशोभूमि’ में किया गया था. अंतर्राष्ट्रीय निवेश सम्मेलन भारत में पहली बार आयोजित किया गया था.

मुख्य बिन्दु

  • इस सम्मेलन का आयोजन सरकार की राष्ट्रीय निवेश संवर्धन और सुविधा एजेंसी तथा विश्व निवेश संवर्धन एजेंसी संघ ने संयुक्त रूप से किया था.
  • उद्योग संवर्धन तथा आंतरिक व्‍यापार विभाग के अंतर्गत यह सम्मेलन अब तक का सबसे बडा अंतर्राष्ट्रीय निवेश सम्मेलन था.
  • केंद्रीय वाणिज्‍य तथा उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने डेकेड ऑफ एक्‍शन में व्‍यापार तथा निवेश की भूमिका पर मुख्‍य भाषण दिए थे.

पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक पटना में आयोजित की गई

पूर्वी क्षेत्रीय परिषद (Eastern Zonal Council) की 26वीं बैठक 10 दिसम्बर को पटना में आयोजित की गई थी. बैठक की अध्यक्षता गृहमंत्री अमित शाह ने की. बैठक में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिसा के मुख्यमंत्री ने हिस्सा लिया.

गृहमंत्री अमित शाह ने संबोधित करते हुए सभी सदस्‍यों से अपील की कि वे चहुंमुखी विकास के लिए सहकारी संघवाद की भावना से काम करें.

उन्होंने कहा कि सदस्‍य राज्‍यों को लम्बित मुद्दों का समाधान करने में उदार और सद्भावपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना चाहिए.

क्षेत्रीय परिषदें: एक दृष्टि

क्षेत्रीय परिषदें (Zonal Councils), केन्द्र एवं राज्यों के बीच आपसी मतभेदों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष विचार-विमर्शों तथा परामर्शों के माध्यम से सुलझाने के लिए एक मंच प्रदान करती है.

इनकी बैठकों में संसाधनों के वितरण, करों में हिस्सेदारी, राज्यों के पारस्परिक विवादों, वामपंथी उग्रवाद, कानून और व्यवस्था पर चर्चा की जाती है.

वर्तमान में, भारत में छः क्षेत्रीय परिषद (उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी) हैं. पांच क्षेत्रीय परिषद (उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी) का गठन 1957 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के अंतर्गत हुआ था. उत्तर-पूर्वी परिषद का गठन 1971 के उत्तर-पूर्वी परिषद अधिनियम द्वारा हुआ था.

  1. उत्तरी क्षेत्रीय परिषद: इसमें हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान राज्य, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और संघ राज्य क्षेत्र चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख शामिल हैं.
  2. मध्य क्षेत्रीय परिषद: इसमें छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्य शामिल हैं.
  3. पूर्वी क्षेत्रीय परिषद: इसमें बिहार, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल राज्य शामिल हैं.
  4. पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद: इसमें गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र राज्य और संघ राज्य क्षेत्र दमन-दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली शामिल है.
  5. दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद: इसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, राज्य और संघ राज्य क्षेत्र पुद्दुचेरी शामिल हैं.
  6. उत्तर-पूर्वी परिषद: असम, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, त्रिपुरा और सिक्किम शामिल हैं.

अध्यक्ष और अन्य सदस्य

केन्द्रीय गृह मंत्री इन सभी परिषदों के अध्यक्ष होते हैं. प्रत्येक क्षेत्रीय परिषद में शामिल किये गए राज्यों के मुख्यमंत्री, रोटेशन से एक वर्ष की अवधि के लिये उस क्षेत्रीय परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं.

मुख्यमंत्री और प्रत्येक राज्य से राज्यपाल द्वारा यथा नामित दो अन्य मंत्री और परिषद में शामिल किये गए संघ राज्य क्षेत्रों से दो सदस्य.

उद्देश्य

राष्ट्रीय एकीकरण को साकार करना. तीव्र राज्य संचेतना, क्षेत्रवाद तथा विशेष प्रकार की प्रवृत्तियों के विकास को रोकना.

वित्तीय प्रौद्योगिकीय कार्यक्रम ‘इंफिनिटिव फोरम’ का आयोजन

वित्तीय प्रौद्योगिकीय कार्यक्रम ‘इंफिनिटिव फोरम’ के दूसरे संस्करण (Infinity Forum 2.0) का आयोजन गुजरात के गिफ्ट सिटी में 9 दिसम्बर को किया गया था. आयोजन का विषय था- गिफ्ट- अंतरराष्ट्रीय केंद्र -नए युग के वैश्विक वित्तीय सेवा के केंद्र. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम के दूसरे संस्करण को संबोधित किया.

मुख्य बिन्दु

  • यह कार्यक्रम एकसाथ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों रूप में आयोजित किया गया था. अर्थात् गिफ्टसिटी में  न केवल आमंत्रित अतिथि ही शामिल हुए बल्कि वर्चुअल तरीके से दुनिया भर से लोगों की भागीदारी की.
  • इसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय़ वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण और गुजरात अंतर्राष्ट्रीय वित्त टेकसिटी अर्थात् गिफ्टसिटी ने मिलकर किया था.
  • इंफिनिटिव फोरम वित्तीय मामलों का एक वैश्विक चिंतन मंच है जिसमें मौजूदा समस्याओं और उनके समाधान के लिए नई तकनीकों के उपयोग पर विचार-विमर्श किया जाता है.

तिरुवनंतपुरम में 5वां वैश्विक आयुर्वेद महोत्सव आयोजित किया गया

केरल के तिरुवनंतपुरम में 1 से 5 दिसम्बर तक 5वां वैश्विक आयुर्वेद महोत्सव (5th Global Ayurveda Festival) 2023 का आयोजन किया गया था. इस महोत्सव का उद्घाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया था. इसका विषय था- ‘स्वास्थ्य में उभरती चुनौतियां और एक पुनरुत्थान आयुर्वेद’. यह आयुर्वेद पर अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन था.

मुख्य बिन्दु

  • इस कार्यक्रम में 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया. यह सम्‍मेलन वैश्विक स्वास्थ्य चिंताओं को दूर करने में आयुर्वेद की प्रासंगिकता की बढ़ती मान्यता को उजागर करता है.
  • स्वास्थ्य सेवा में इसके प्रभाव का पता लगाने के लिए इस वैकल्पिक चिकित्सा के अंतरराष्ट्रीय चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और उद्योग के प्रतिनिधि ने सम्‍मेलन में भाग लिया.
  • इसमें राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, मॉरीशस गणराज्य के राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन सहित अन्‍य प्रमुख व्‍यक्ति ने हिस्सा लिया.

42वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला दिल्ली में संपन्न हुआ

42वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (IITF) 2023 14 से 27 नवंबर तक नई दिल्‍ली के प्रगति मैदान में आयोजित किया गया था. इस मेले का उद्घाटन केन्‍द्रीय वाणिज्‍य और उद्योग राज्‍य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने किया था. इस व्यापार मेले में देश विदेश के तीन हजार से अधिक व्‍यवसायी भाग लिए और अपनी सामग्री प्रदशित किए.

मुख्य बिन्दु

  • इस व्‍यापार मेले का विषय ‘वसुधैव कुटुम्‍बकम’ था जो सतत विकास और समृद्धि के लिए व्‍यापार क्षेत्र में आपसी संपर्क और सहयोग पर जोर देता है.
  • भारत के अलावा अफगानिस्तान, बांग्लादेश, ओमान, मिस्र, नेपाल, थाईलैंड जैसे देशों के लगभग 3500 शिल्पकार अपने उत्पादों का मेले में प्रदर्शन किए.
  • इस मेले में बिहार और केरल भागीदार राज्य थे. दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर, झारखंड, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश फोकस राज्य के रूप में शामिल किया गया था.

वैश्विक मत्स्य पालन सम्मेलन, घोल को गुजरात की राज्य मछली घोषित किया गया

अहमदाबाद की साइंस सिटी में 21-22 नवंबर को वैश्विक मत्स्य पालन सम्मेलन भारत (Global Fisheries Conference India) 2023 आयोजित किया गया था. इसका उद्घाटन केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्री परषोत्तम रूपाला ने किया था. सम्मेलन में पांच हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था.

मुख्य बिन्दु

  • इस बैठक के हिस्से के रूप में मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र की अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने वाली एक विशेष प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था.
  • केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला फ्रांस, नॉर्वे, ऑस्ट्रेलिया, रूस समेत खाद्य विदेशी मिशनों और खाद्य और कृषि संगठन जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलनों में भी भाग लिया.

घोल मछली को गुजरात की राज्य मछली घोषित किया

  • वैश्विक मत्स्य पालन सम्मेलन भारत 2023 के दौरान मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने घोल मछली को गुजरात की राज्य मछली घोषित किया. यह भारत में पाई जाने वाली सबसे बड़ी मछलियों में से एक है.
  • यह मछली गुजरात और महाराष्ट्र के समुद्री इलाकों में पाई जाती है. यह मछली सुनहरे-भूरे रंग में पाई जाती है. इसका इस्तेमाल बियर और वाइन बनाने के लिए किया जाता है.

मेरी माटी मेरा देश अभियान की अमृत कलश यात्रा के समापन

मेरी माटी मेरा देश अभियान का 31 अक्‍टूबर को समापन हो गया. इस अभियान का समापन कार्यक्रम नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित किया गया था. यह कार्यक्रम आजादी का अमृत महोत्सव के समापन का प्रतीक था. जो भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए 12 मार्च 2021 को शुरू हुआ था.

मेरी माटी मेरा देश अभियान: मुख्य बिन्दु

  • मेरी माटी मेरा देश अभियान उन वीरों और वीरांगनाओं को एक श्रद्धांजलि थी जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है.
  • यह कार्यक्रम मेरी माटी मेरा देश अभियान की अमृत कलश यात्रा के समापन का प्रतीक होगा, जिसमें सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 766 जिलों के सात हजार ब्लॉकों से अमृत कलश यात्री शामिल थे.
  • इस यात्रा के लिए देश के कोने-कोने से मिट्टी एकत्रित की गयी थी. ये मिट्टी, ये हजारों अमृत कलश यात्राएं दिल्ली पहुंची थी.
  • दिल्ली में उस मिट्टी को एक विशाल भारत कलश में डाला गया और इसी पवित्र मिट्टी से दिल्ली में ‘अमृत वाटिका’ का निर्माण किया गया. यह देश की राजधानी के हृदय में अमृत महोत्सव की भव्य विरासत के रूप में मौजूद रहेगी.
  • गतिविधियों में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी बहादुरों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करने के लिए शिलाफलकम स्मारक का निर्माण शामिल था.
  • शिलाफलकम में लोगों द्वारा ‘पंच प्राण’ (प्रतिज्ञा लेना), ‘अमृत वाटिका’ (स्वदेशी प्रजातियों के पौधे लगाना), वसुधा वंदन विकसित करना और स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के सम्मान के लिए अभिनन्‍दन समारोह शामिल थे.
  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 31 अक्‍टूबर को मेरी माटी मेरा देश समापन कार्यक्रम को संबोधित किया था.

दिल्‍ली में भारतीय मोबाइल कांग्रेस की सातवीं बैठक आयोजित की गई

भारतीय मोबाइल कांग्रेस की सातवीं बैठक (7th India Mobile Congress) दिल्ली के भारत मंडपम में 27 से 29 अक्तूबर तक आयोजित की गई थी. बैठक का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने किया था.

मुख्य बिन्दु

  • बैठक का शुभारंभ करते हुए श्री मोदी ने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक तक 5-जी कनेक्टिीविटी पहुंचाने का प्रयास कर रही है. उन्‍होंने कहा कि इसके लिए चार लाख 5-जी केन्द्र बनाए गए हैं.
  • ये केन्द्र 97 प्रतिशत शहरों को और 80 प्रतिशत से अधिक आबादी को कवर करते हैं. उन्‍होंने कहा कि मोबाइल ब्रॉडबैंड स्‍पीड में भारत 118वें स्थान से 43वें स्थान पर पहुंच गया है.
  • यह कार्यक्रम 5-जी अनुप्रयोग को प्रोत्साहन देकर 5-जी प्रौद्योगिकी से जुडे अवसरों का लाभ उठाने का प्रयास है. इससे देश के साथ-साथ वैश्‍विक आवश्‍यकतों की पूर्ति होगी. साथ ही शिक्षा, कृषि, स्‍वास्‍थ्‍य, विद्युत और परिवहन जैसे विभिन्न सामाजिक आर्थिक क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा.
  • यह कार्यक्रम देश में 6-जी प्रौद्योगिकी और स्‍टार्ट-अप के अनुकूल माहौल बनाने में भी महत्वपूर्ण साबित होगी.

नई दिल्ली में सेना कमांडरों का सम्मेलन आयोजित किया गया

नई दिल्ली में 16 से 20 अकतूबर तक सेना कमांडरों का सम्मेलन आयोजित किया गया था. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 18 अक्टूबर को सम्मेलन में शामिल हुए थे.

मुख्य बिन्दु

  • इस शीर्ष स्तर के द्विवार्षिक सम्मेलन में भारतीय सेना से संबंधित नीतिगत निर्णयों के बारे में विचार-विमर्श किया जाता है.
  • सेना कमांडरों का यह सम्‍मेलन यह सुनिश्चित करता है कि भारतीय सेना प्रगतिशील, दूरदर्शी और भविष्‍य के लिए तैयार रहे.
  • सम्मेलन में भारतीय सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पाण्डेय और वायु सेना प्रमुख वीआर चौधरी भी शामिल हुए थे.
  • इस सम्मेलन में सेना का शीर्ष नेतृत्व भारतीय सेना की रणनीतियों से संबंधित तैयारियों की समीक्षा किया गया. इसके अलावा वर्तमान और भविष्‍य की सुरक्षा गतिविधियों के बारे में भी विचार-विमर्श हुआ.
  • सम्‍मेलन में मौजूदा तैयारियों, प्रशिक्षण मामलों, मानव संसाधन प्रबंध जैसे विभिन्‍न पहलुओं पर विचार हुआ.