Tag Archive for: National Summit

पहला इंडिया स्टैक डेवलपर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया गया

पहला इंडिया स्टैक डेवलपर सम्मेलन (India Stack Developer Conference) 25 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था. यह सम्मेलन पूरी दुनिया में भारत के डिजिटल सामानों को व्यापक रूप से अपनाने के तरीकों और साधनों पर केंद्रित था.

सम्मेलन में 100 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिए जो उद्योग, सरकार, स्टार्ट-अप और यूनिकॉर्न और शिक्षा जगत से जुडे थे.

इस सम्मेलन में जी20 देशों और जी20 सचिवालय के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था.

भोपाल में भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का आयोजन

मध्य प्रदेश के भोपाल में 21 से 24 जनवरी तक भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (India International Science Festival) 2023 का आयोजन किया गया था.

IISF 2023: मुख्य बिन्दु

  • IISF 2023 का आयोजन भोपाल के मौलाना आज़ाद नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नॉलोजी में किया गया था. इस महोत्सव की थीम ‘विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के साथ अमृतकाल की ओर अग्रसर’ था.
  • महोत्सव में देश के विभिन्न अंचलों से 8 हजार से अधिक नामचीन वैज्ञानिक, अनुसंधानकर्ता, यूनिवर्सिटी, कॉलेज और स्कूलों के विद्यार्थी, शिक्षक तथा उद्योग जगत के विशेषज्ञ ने भाग लिया.
  • भोपाल में पहली बार आयोजित यह महोत्सव केन्द्रीय जैव प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, सीएसआईआर, अंतरिक्ष विभाग, परमाणु ऊर्जा विभाग और विज्ञान भारती के तत्वावधान में किया गया था.
  • विज्ञान महोत्सव मनाने का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी उपलब्धियों से आम लोगों को जोड़ना तथा स्कूली बच्चों में रचनात्मकता और नवाचारों को प्रोत्साहित करना था.

दिल्‍ली में पुलिस महानिदेशकों का अखिल भारतीय सम्मेलन आयोजित किया गया

पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों का 57वां अखिल भारतीय सम्मेलन (57th DGP-IGP Conference) 2023 नई दिल्ली में 20-22 जनवरी को आयोजित किया गया था. यह वार्षिक सम्मेलन नई दिल्ली के पूसा संस्थान में आयोजित किया गया था.

मुख्य बिन्दु

  • तीन दिन का यह सम्‍मेलन हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित किया जा रहा है. सम्मेलन में राज्यों के पुलिस महानिदेशकों के साथ-साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और केंद्रीय पुलिस संगठन के लगभग सौ अधिकारी शामिल थे.
  • सम्‍मेलन में साइबर अपराध, पुलिस व्यवस्था में तकनीक के उपयोग, आतंक रोधी चुनौतियों, वामपंथी उग्रवाद, क्षमता निर्माण और जेल सुधार पर मुख्य रूप से चर्चा हुई.
  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस सम्‍मेलन में हिस्सा लिया था. इसकी अध्यक्षता गृहमंत्री अमित शाह ने की थी. अपने संबोधन में गृहमंत्री शाह ने कहा कि भारतीय एजेंसियां ​​अपना मजबूत वर्चस्व स्थापित करने में सफल रही हैं.
  • सम्‍मेलन में ओडिशा राज्य के गंजाम जनपद के आसिका थाने को देश का सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन घोषित किया गया. सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन की ट्रॉफी आसिका थाना प्रभारी प्रशांत कुमार साहू को दिया गया.

दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ का 11वां जैविक ऊर्जा शिखर सम्मेलन

भारतीय उद्योग परिसंघ का 11वां जैविक ऊर्जा शिखर सम्मेलन (CII Bio-Energy Summit) 12 जनवरी को दिल्ली में आयोजित किया गया था. शिखर बैठक में चर्चा का विषय था – भविष्य के लिए ऊर्जा का सतत समाधान.

सम्मेलन में ऊर्जा की सुचारु आपूर्ति बनाये रखने के लिए जैविक ईंधन की प्रासंगिकता पर भी विचार हुआ. जलवायु परिवर्तन और सतत विकास सहित अन्य वैश्विक चुनौतियों के समाधान पर भी बैठक में चर्चा हुई.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस सम्मेलन को संबोधित किया था.

जयपुर में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन आयोजित किया गया

83वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (All India Presiding Officers Conference) 11-12 जनवरी को जयपुर में आयोजित किया गया था. इसका उद्घाटन उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने किया था. सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की थी.

मुख्य बिन्दु

  • इस सम्मेलन में आयोजित होने वाले विभिन्न सत्रों में संसद और विधानसभाओं को और अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने पर चर्चा हुई.
  • सम्मेलन में देश के सभी विधानमंडलों को एक डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ.
  • इस सम्मेलन से देशभर के विधायी निकायों में किए जा रहे नवाचारों तथा सूचनाओं का त्वरित व सुलभ आदान-प्रदान हो सकेगा. इससे विधान मंडलों और जनप्रतिनिधियों की दक्षता और संवाद की गुणवत्ता में भी बढ़ोत्तरी होगी.

राज्यों के मुख्य सचिवों का राष्ट्रीय सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया गया

राज्यों के मुख्य सचिवों का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन 5-7 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था. सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी.

मुख्य बिन्दु

  • यह सम्मेलन राज्यों के साथ मिलकर तेजी से सतत आर्थिक विकास हासिल करने पर केंद्रित था. इसमें केंद्र सरकार के प्रतिनिधि, सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिव, क्षेत्र विशेषज्ञ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया.
  • सम्मेलन में छह विषयों पर विचार-विमर्श हुआ. इनमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, बुनियादी ढांचा और निवेश पर ज़ोर, न्यूनतम स्वीकृति, महिला सशक्तिकरण, पोषण तथा कौशल विकास शामिल थे.
  • इस सम्मेलन का आयोजन सहकारी संघवाद की भावना से किया गया था. सम्मेलन की अवधारणा प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने तैयार की थी. मुख्य सचिवों का पहला सम्मेलन जून 2021 में धर्मशाला में आयोजित हुआ था.

नागपुर में 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस आयोजित की गई

108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस (108th Indian Science Congress) का आयोजन 3 से 7 जनवरी तक नागपुर में किया गया था. इसका उद्घाटन विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने किया था. कार्यक्रम की मेजबानी राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय (RTMNU) ने किया था.

108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस: मुख्य बिन्दु

  • इसका विषय था- महिला सशक्तिकरण के साथ सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी (सांइस एंड टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबल डेवलप्मेंट विद विमेन एमपावरमेंट).
  • सम्मेलन में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित में महिलाओं के लिए शिक्षा और अनुसंधान के अवसर प्रदान करने के लिए विचारों पर मंथन हुआ.
  • पूर्ण सत्रों में नोबल पुरस्कार विजेताओं, भारत व विदेश के नामी गिरामी अनुसंधानकर्ताओं, विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के टेकनोक्रेटों पर सामग्री शामिल की गई थी. इसमें अंतरिक्ष, रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और चिकित्सा अनुसंधानों को रखा गया था.
  • कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘मेगा एक्सपो प्राइड ऑफ इंडिया’ (भारत का गौरव) था. प्रदर्शनी में भारतीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी द्वारा समाज के प्रति किये गये उन प्रमुख योगदानों, उनकी प्रमुख उपलब्धियों और प्रमुख विकासों को दिखाया गया, जिनकी बदौलत पूरे वैज्ञानिक संसार के लिये सैकड़ों नये विचारों, नवोन्मेषों और उत्पादों को आकार मिला.

राज्यों के मंत्रियों का पहला अखिल भारतीय वार्षिक जल सम्मेलन भोपाल में

राज्यों के मंत्रियों का पहला अखिल भारतीय वार्षिक जल सम्मेलन (All India Annual State Ministers Conference on Water) 5-6 जनवरी को भोपाल में आयोजित किया गया था. सम्मेलन का विषय था ‘वर्ष 2047 के लिए जल दृष्टिकोण’. सम्‍मेलन का आयोजन जलशक्ति मंत्रालय ने किया था.

मुख्य बिन्दु

  • जल सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य राज्यों के विभिन्न जल हितधारकों से 2047 के भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5P (political will, public financing, partnerships, public participation and persuasion) दृष्टिकोण पर विचार-विमर्श करना था.
  • यह सम्मेलन न केवल राज्यों के परस्पर जल संबंधों और साझेदारी में सुधार करेगा बल्कि जल शक्ति मंत्रालय की पहल और योजनाओं को साझा करने का मंच भी बनेगा.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्मेलन को संबोधित किया था. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 2047 के लिए देश का जल दृष्टिकोण अमृतकाल के दौरान एक बड़ा योगदान होगा. उन्‍होंने कहा कि प्रत्‍येक जिले में 75 अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं.

राज्यों के गृह मंत्रियों का चिंतन शिविर सूरजकुंड में आयोजित किया गया

राज्यों के गृह मंत्रियों का चिंतन शिविर 27-28 अक्तूबर हरियाणा के सूरजकुंड में आयोजित किया गया था. गृहमंत्री अमित शाह ने इस शिविर की अध्यक्षता की थी.

मुख्य बिन्दु

  • राज्यों के गृह मंत्री और केन्‍द्रशासित प्रदेशों के उपराज्‍यपाल तथा प्रशासक, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस इस सम्मेलन में शामिल हुए थे. सम्मेलन के छह सत्रों में कई विषयों पर विचार-विमर्श हुआ.
  • इस चिंतन शिविर का उद्देश्य इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में घोषित विजन 2047 और पंच प्राण के कार्यान्वयन के लिए एक कार्ययोजना तैयार करना था.
  • शिविर में पुलिस बलों के आधुनिकीकरण साइबर अपराध प्रबंधन, आपराधिक न्याय प्रणाली में सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग, भूमि सीमा प्रबंधन, तटीय सुरक्षा, महिला सुरक्षा और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया.
  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस शिविर को सम्‍बोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने पुलिस के लिए एक राष्‍ट्र, एक वर्दी का विचार रखा है.

गुजरात में राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों का राष्ट्रीय सम्मेलन

गुजरात के एकता नगर में 23-24 सितम्बर को राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से इस सम्मेलन का शुभारंभ किया था.

इस सम्मेलन का उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली पर ध्‍यान केंद्रित करना था। सम्‍मेलन में पर्यावरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर छह सत्र आयोजित किए गए थे. इनमें पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली, जलवायु परिवर्तन, वन्‍यजीव प्रबंधन और प्‍लास्टिक कचरा प्रबंधन जैसे विषय शामिल थे.

पर्यटन मंत्रियों का राष्ट्रीय सम्मेलन: पर्यटन के क्षेत्र में विश्व का अग्रणी बनाने का लक्ष्य

भारत के राज्यों के पर्यटन मंत्रियों का राष्ट्रीय सम्मेलन हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 18-20 सितम्बर को आयोजित किया गया था. इस सम्मेलन में देश को 2047 तक पर्यटन के क्षेत्र में विश्व का अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

मुख्य बिन्दु

  • इस सम्मेलन के अंतिम दिन 20 सितम्बर को पर्यटन मंत्रालय के सचिव अरविंद सिंह ने धर्मशाला घोषणा पत्र जारी किया गया था. घोषणा पत्र में इस संबंध में संकल्प लिया गया है.
  • इसके साथ ही, वर्ष 2024 तक 150 बिलियन डालर और 2030 तक 250 बिलियन डालर देश की जीडीपी में सहयोग का लक्ष्य रखा गया है.
  • भारत में नई पर्यटन नीति का मसौदा तैयार हो गया है. इसके लागू होने के बाद 2047 तक पर्यटन उद्योग एक ट्रिलियन डालर तक पहुंचाने का लक्ष्‍य रखा गया है. 2030 तक पर्यटन के क्षेत्र में करीब 14 करोड़ रोजगार का लक्ष्‍य रखा गया है.
  • केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने अंबेडकर सर्किट को कवर करने के लिए एक विशेष ट्रेन शुरू करने की घोषणा की. अंबेडकर सर्किट में जन्मभूमि (मध्य प्रदेश में अम्बेडकर का जन्मस्थान), दीक्षा भूमि (नागपुर में वह स्थान जहाँ अंबेडकर ने बौद्ध धर्म ग्रहण किया था), महापरिनिर्वाण भूमि (दिल्ली में वह स्थान जहाँ उनका निधन हुआ) और चैत्य भूमि (मुंबई में उनके दाह संस्कार का स्थान) शामिल हैं.

तिरुवनंतपुरम में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 30वीं बैठक, जानिए क्या है क्षेत्रीय परिषद

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 30वीं बैठक (30th Southern Zonal Council Meeting) 3 सितम्बर को तिरुवनंतपुरम में हुई थी. इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की. बैठक में, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और दक्षिण के अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप के केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों ने भी भाग लिया.

क्षेत्रीय परिषद (Zonal Council) और उनके सदस्य

क्षेत्रीय परिषदें, केन्द्र एवं राज्यों के बीच आपसी मतभेदों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष विचार-विमर्शों तथा परामर्शों के माध्यम से सुलझाने के लिए एक मंच प्रदान करती है.

वर्तमान में, भारत में छः क्षेत्रीय परिषद (उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी) हैं. पांच क्षेत्रीय परिषद (उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी) का गठन 1957 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के अंतर्गत हुआ था. उत्तर-पूर्वी परिषद का गठन 1971 के उत्तर-पूर्वी परिषद अधिनियम द्वारा हुआ था. गृह मंत्री सभी क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष होते हैं.

  1. उत्तरी क्षेत्रीय परिषद: इसमें हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान राज्य, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और संघ राज्य क्षेत्र चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख शामिल हैं.
  2. मध्य क्षेत्रीय परिषद: इसमें छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्य शामिल हैं.
  3. पूर्वी क्षेत्रीय परिषद: इसमें बिहार, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल राज्य शामिल हैं.
  4. पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद: इसमें गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र राज्य और संघ राज्य क्षेत्र दमन-दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली शामिल है.
  5. दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद: इसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, राज्य और संघ राज्य क्षेत्र पुद्दुचेरी शामिल हैं.
  6. उत्तर-पूर्वी परिषद: असम, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, त्रिपुरा और सिक्किम शामिल हैं.