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गजा में युद्ध समाप्त करने के लिए मिस्र में अंतर्राष्ट्रीय शांति शिखर सम्मेलन

मिस्र में 13 अक्टूबर 2025 को गाजा शांति शिखर सम्मेलन (Gaza Peace Summit) आयोजित किया गया था. इस सम्मेलन का उद्देश्य गाजा में लंबे समय से चल रहे संघर्ष को समाप्त करना और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना था.

शिखर सम्मेलन के मुख्य बिंदु

  • उद्देश्य: गाजा में युद्ध को समाप्त करना, मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना, क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक नए दौर की शुरुआत करना, हमास को निरस्त्र करना और पट्टी में एक नया शासी निकाय बनाना था.
  • मेजबानी: यह सम्मेलन मिस्र के शर्म अल-शेख शहर में आयोजित किया गया था. सम्मेलन की सह-अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने की थी.
  • प्रतिभागी: इस सम्मेलन में भारत सहित 30 से अधिक देशों को आमंत्रित किया गया था. जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इराक के प्रधानमंत्री, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फिलिस्तीनी अथॉरिटी के अध्यक्ष महमूद अब्बास शामिल थे. भारत का प्रतिनिधित्व विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने किया.
  • इजराइल और हमास ने इस सम्मेलन में भाग नहीं लिया. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल नहीं हुए.
  • हमास की प्रतिक्रिया: हमास ने इस योजना को मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे बेतुका बताया है. हमास का कहना है कि वह अपने हथियार नहीं छोड़ेगा.
  • सम्मेलन में एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें गाजा में युद्ध समाप्त करने संबंधी समझौता शामिल था.

शांति योजना में शामिल मुद्दे

  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक 20-सूत्रीय योजना पेश की, जिसमें युद्धविराम, सेना की वापसी, बंधकों की रिहाई और स्थायी शांति जैसे मुद्दे शामिल थे.
  • पहला चरण: इजरायली सैनिकों की गाजा से वापसी, जीवित और मृत बंधकों की वापसी, और लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई.
  • दूसरा चरण: गाजा का पुनर्निर्माण, अंतर्राष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती और हमास का निरस्त्रीकरण.
  • सम्मेलन से पहले ही हमास ने 20 जीवित बंधकों और इज़राइल ने सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ दिया था.

अमरीका ने सर्गियो गोर को भारत का राजदूत नियुक्त किया

  • अमेरिकी ने सर्जियो गोर को भारत का राजदूत नियुक्त किया है. गोर, एरिक गार्सेटी का स्थान लेंगे, जिन्होंने 11 मई 2023 से इस वर्ष 20 जनवरी 2025 तक राजदूत के रूप में कार्य किया था. इसके बाद से भारत में अमेरिका का कोई राजदूत नहीं था.
  • सर्जियो गोर वर्तमान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में ‘हेड ऑफ प्रेसिडेंशियल पर्सनल अपॉइंटमेंट्स’ हैं. गोर लंबे समय से ट्रंप के विश्वास-पात्र रहे हैं.
  • गोर की नियुक्ति भी ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिकी टैरिफ को लेकर गतिरोध बना हुआ है. वहीं, भारत का पाकिस्तान के साथ संबंध तनावपूर्ण हैं और चीन के साथ नजदीकियां बढ़ रही हैं.
  • सर्गियो गोर, भारत में अमेरिकी राजदूत के साथ-साथ दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत भी नियुक्त किया गया है.

राजदूत: एक दृष्टि

  • एक राजदूत किसी विदेशी देश में अपने देश के सर्वोच्च राजनयिक प्रतिनिधि होता है. मेजबान देश आमतौर पर दूतावास नामक विशिष्ट क्षेत्र में राजदूत नियंत्रण (नियन्त्रण) की अनुमति देता है.
  • राजदूत राजनीतिक और आर्थिक वार्ता करता है, सांस्कृतिक संबंध बढ़ाता है, राष्ट्रीय हितों की रक्षा करता है, और अपने नागरिकों की सहायता करता है.
  • वे अपने देश और मेजबान देश के बीच आधिकारिक संपर्क सूत्र के रूप में कार्य करते हैं, दोनों देशों के बीच प्रभावी संचार और सहयोग सुनिश्चित करते हैं.

अमरीका और रूस के राष्ट्रपति के बीच बहुप्रतीक्षित शिखर बैठक

अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और रूस के राष्‍ट्रपति ब्‍लादिमिर पुतिन के बीच बहुप्रतीक्षित बैठक 15 अगस्त को अमरीका के अलास्का के एंकोरेज में हुई थी.

बैठक के मुख्य बिन्दु

  • यह बैठक मुख्य रूप से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को रोकने को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा बुलाई गई थी जो बिना किसी नतीजे के संपन्न हुई.
  • फरवरी, 2022 में यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद अमरीका और रूस के बीच यह पहली शिखर बैठक थी.
  • अलास्का बैठक में न तो कोई ठोस निर्णय हुआ और न ही किसी भविष्य की बैठक की घोषणा की गई.
  • श्री ट्रंप ने संकेत दिया कि वे और पुतिन इस बात पर सहमत हैं कि आगे बढ़ने के लिए सीधे युद्ध विराम की बजाए शांति वार्ता ज्यादा उपयुक्त होगी.
  • रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प की तरह वे भी यूक्रेन युद्ध जल्द समाप्त होने के इच्छुक हैं.
  • अलास्का में बैठक के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने यूक्रेन को रूस से समझौता करने की अपील की क्योंकि रूस एक महाशक्ति है, जबकि यूक्रेन नहीं.
  • यूक्रेन के राष्‍ट्रपति व्‍लोदिमीर जेलेंस्‍की ने कहा कि वे 18 अगस्त को वांशिगटन में अमरीका के राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रम्‍प से मिलेंगे.

भारत की प्रतिक्रिया

  • भारत ने अमरीका के राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप और रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन के बीच अलास्‍का में शिखर बैठक का स्‍वागत किया है.
  • विदेश मंत्रालय ने शिखर वार्ता में हुई प्रगति की सराहना करते हुए दोहराया कि समस्या का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही निकाला जा सकता है.
  • भारत ने उम्मीद जताई थी कि अगर अमेरिका और रूस के बीच कोई समझौता होता, तो ट्रंप प्रशासन भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त टैरिफ को हटाने या टालने पर विचार कर सकता था.

अलास्का (Alaska) कहाँ है?

  • अलास्का, संयुक्त राज्य अमेरिका का एक राज्य है, जो उत्तरी अमेरिका के उत्तर-पश्चिमी छोर पर स्थित है. अमेरिका ने 1867 में रूस से अलास्का 7.2 मिलियन डॉलर (2 सेंट प्रति एकड़) में खरीदा था.
  • यह क्षेत्रफल के हिसाब से अमेरिका का सबसे बड़ा (जनसंख्या के हिसाब से सबसे छोटा) राज्य है. यह अपनी विशाल प्राकृतिक सुंदरता, बर्फ से ढकी पर्वत-श्रृंखलाओं, गहरे जंगलों और अनगिनत ग्लेशियरों के लिए जाना जाता है.
  • यह कनाडा के साथ अपनी पूर्वी सीमा साझा करता है. इसके पश्चिम में रूस, उत्तर में आर्कटिक महासागर और दक्षिण में प्रशांत महासागर है.

अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की

  • अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की है. मस्क ने अपनी राजनीतिक पार्टी का नाम ‘अमेरिका पार्टी’ दिया है.
  • मस्क ने नई पार्टी की बात पहली बार तब उठाई थी जब उनका डोनाल्ड ट्रंप से विवाद हुआ था. इस झगड़े के बाद मस्क ट्रंप सरकार से अलग हो गए थे.
  • यह राजनीतिक पार्टी, अमेरिका में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों की दो-दलीय राजनीति को चुनौती देगी.

अमेरिका दो पार्टियों की प्रणाली वाला देश नहीं

  • ऐतिहासिक तौर पर देखा जाए तो अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी ने सत्ता पर कब्जा बनाए रखा है.
  • इसी के चलते अमेरिका की राजनीतिक प्रणाली को टू पार्टी सिस्टम यानी दो पार्टियों की प्रणाली से जोड़कर देखा जाने लगा है. हालांकि, अमेरिका टू पार्टी सिस्टम वाला देश नहीं है.
  • जनवरी 2025 तक अमेरिका में 55 ऐसी पार्टियां हैं, जो एक साथ कई राज्यों में बैलट पर अपना नाम दर्ज करवा चुकी हैं. वहीं, राज्य स्तर पर 238 पार्टियां हैं.
  • राष्ट्रीय स्तर पर किसी पार्टी को बैलट पर अपना नाम दर्ज करवाने के लिए कम से कम 10 राज्यों में मौजूदगी दर्ज करानी होती है.
  • इस लिहाज से जहां रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के नाम ही सभी 50 राज्यों के बैलट पर मौजूद हैं. वहीं, तीन और ऐसी पार्टियां (ग्रीन पार्टी, लिबर्टेरियन, कॉन्स्टिट्यूशन पार्टी) हैं, जो राष्ट्रीय स्तर की पार्टी मानी जाती हैं.

रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी: एक दृष्टि

रिपब्लिकन पार्टी:

  • रिपब्लिकन पार्टी को ग्रैंड ओल्ड पार्टी (GOP) भी कहा जाता है. इसकी स्थापना 1854 में हुई थी. अमेरिका में यह एक दक्षिणपंथी राजनीतिक पार्टी है.
  • रिपब्लिकन पार्टी की हालिया विचारधारा रूढ़िवाद है. यह एक ऐसी विचारधारा है जो मुक्त व्यापार, कम करों, बाजार में पूंजीवाद नहीं होने का समर्थन करती है. रिपब्लिकन पार्टी का चिह्न हाथी है.

डेमोक्रेटिक पार्टी:

  • डेमोक्रेटिक पार्टी संयुक्त राज्य अमेरिका की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी है. इसकी स्थापना 1828 में हुई थी.
  • यह आमतौर पर केंद्र-वाम विचारधारा वाली पार्टी है. यह पार्टी सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता, और सरकार की अधिक सक्रिय भूमिका के समर्थन में जानी जाती है. डेमोक्रेटिक पार्टी का चिह्न गधा है.

मुंबई आतंकी हमले के मास्‍टर माइंड तहव्‍वुर राणा का अमरीका से प्रत्यर्पण

  • 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा को 10 अप्रैल 2025 को अमेरिका से भारत लाया गया.
  • अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तहव्वुर के भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ उसकी याचिका खारिज करने के बाद उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया था.
  • पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर को भारत में मुकदमे का सामना करने के लिए भारत लाया गया है.
  • भारत पहुंचने पर उसे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने गिरफ्तार कर लिया. राणा को पटियाला हाउस कोर्ट में विशेष एनआईए न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया जहां से उसे 18 दिन की हिरासत में भेज दिया गया.
  • राणा पर डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाउद गिलानी और नामित आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा तथा हरकत-उल-जिहादी इस्लामी के आतंकवादियों के साथ 2008 में मुंबई में आतंकवादी हमलों की साजिश रचने का आरोप है.
  • 2008 के मुंबई में आतंकवादी हमलों में छह अमरीकी नागरिकों सहित 166 लोग मारे गए थे. और 238 से अधिक घायल हुए थे.
  • इन हमलों में एकमात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी, पाकिस्तान के अजमल कसाब को बाद में भारत की अदालतों द्वारा दोषी ठहराया गया और उसे फांसी दे दी गई थी.

अमेरिका में गिरफ्तारी और भारत प्रत्यर्पण

  • 2009 में अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफ़बीआई) ने मुंबई और डेनमार्क में हमले की साजिश रचने के आरोप में पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली और तहव्वुर राणा को गिरफ्तार किया था.
  • बाद में डेविड कोलमैन सरकारी गवाह बन गया और उसने मुंबई आतंकी साजिश और तहव्वुर राणा की भूमिका का विस्तृत विवरण दिया.
  • 2020 में, एनआईए ने अमेरिका से तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अंततः उसे भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया.

तहव्वुर राणा कौन है?

  • 64 वर्षीय तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. वह पाकिस्तानी सेना में एक चिकित्सा अधिकारी था और बाद में कनाडा चला गया और कनाडा का नागरिक बन गया.
  • बाद में, वह अमेरिका चला गया जहाँ उसने फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विसेज कंपनी की स्थापना की. इसी कंपनी ने डेविड कोलमैन हेडली को आतंकवादी हमलों के लिए लक्ष्य चुनने के लिए मुंबई की टोह लेने के लिए कवर प्रदान किया.
  • डेविड कोलमैन हेडली का असली नाम दाऊद सईद गिलानी है. वह तहव्‍वुर राणा का बचपन का दोस्‍त है. डेविड हेडली अभी अमेरिका की एक जेल में अपनी सजा काट रहा है.

अमरीकी ने भारत सहित कई देशों पर पारस्परिक शुल्क लगाने की घोषणा की

  • अमरीकी ने भारत सहित कई देशों पर पारस्परिक शुल्क (रेसिप्रोकल टैरिफ) लगाने की घोषणा की है. यह घोषणा अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2 अप्रैल को की थी.
  • घोषणा के अनुसार अमेरिका भारत से आयातित वस्तुओं पर 26 प्रतिशत शुल्क लगाएगा.
  • श्री ट्रम्प ने कहा कि शुल्क पूरी तरह से पारस्परिक नहीं होंगे और अमरीका उन देशों द्वारा लगाए गए शुल्कों का लगभग आधा शुल्क वसूलेगा.
  • राष्ट्रपति ट्रम्प ने यूरोपीय संघ से आयात पर 20 प्रतिशत और ब्रिटेन से 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की जो अमरीका के दो मुख्य व्यापारिक साझेदार और सहयोगी देश हैं.
  • चीन पर 34 प्रतिशत, भारत पर 26 प्रतिशत, बांग्‍लादेश पर 37 प्रतिशत, पाकिस्‍तान पर 29 प्रतिशत, श्रीलंका पर 44 प्रतिशत और इजराइल पर 17 प्रतिशत आयात शुल्‍क लगाया गया है.

क्या होता है पारस्परिक शुल्क?

जब एक देश किसी दूसरे देश से आयात होने वाले उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाता है और दूसरा देश जवाब में उसी अनुपात में या कम-ज्यादा दर पर टैरिफ लगा देता है, तो इसे पारस्परिक शुल्क (रेसिप्रोकल टैरिफ) कहा जाता है.

श्री डोनाल्‍ड ट्रंप ने अमरीका के 47वें राष्‍ट्रपति के रूप में शपथ ली

  • श्री डोनाल्‍ड ट्रंप ने 20 जनवरी 2025 को अमरीका के राष्‍ट्रपति के रूप में शपथ ली. इस शपथ के साथ ही ट्रंप अमेरिका 47वें राष्ट्रपति बन गए हैं. उन्होंने अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति जो बिडेन की जगह ली है.
  • शपथ ग्रहण समारोह वाशिंगटन डीसी में था जहां मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने उन्हें शपथ दिलाई. श्री डोनाल्‍ड ट्रंप से पहले अमेरिका के 50वें उपराष्ट्रपति के रूप में जेडी वेंस ने शपथ ली.
  • अनेक विदेशी राजनेताओं ने इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया था.

अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव 2024

  • संयुक्त राज्य अमेरिका में नवंबर 2024 में संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने आवश्यक इलेक्टोरल वोट प्राप्त कर विजय हुए थे.
  • डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार और वर्तमान उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को हराया था. कोई भी महिला अब तक अमेरिका की राष्ट्रपति नहीं बनी है.
  • डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले 20 जनवरी 2017-19 जनवरी 2021 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे थे. वह वर्ष 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में जो बिडेन से हार गए थे.
  • डोनाल्ड ट्रम्प के अलावा, ग्रोवर क्लीवलैंड एकमात्र अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जो राष्ट्रपति पद पर रहते हुए फिर से निर्वाचित होने में असफल रहे लेकिन उसके बाद अगला चुनाव जीते.

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया

  • अमेरिका के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है. इनका चुनाव 538 इलेक्टोरल कॉलेज वाले निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है. जीतने वाले उम्मीदवार को इलेक्टोरल कॉलेज का 50 प्रतिशत से अधिक मत हासिल करना होता है. नवनिर्वाचित राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति 20 जनवरी को शपथ दिलाया जाता है.
  • अमेरिका के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार को अमेरिकी नागरिक होना आवश्यक है. न्यूनतम आयु 35 वर्ष है. एक व्यक्ति को दो बार, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में चुना जा सकता है.
  • फ्रैंकलिन रूज़वेल्ट,एकमात्र अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जिन्हे चार बार- 1933-1945 तक इस पद के लिए चुना गया था. 22वें संवैधानिक संशोधन 1951 ने अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यकाल को चार-चार साल के दो कार्यकाल तक सीमित कर दिया.
  • संयुक्त राज्य अमेरिका में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सिर्फ दो ही राजनीतिक दल हैं, रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी.
  • डेमोक्रेटिक पार्टी का चुनाव चिन्ह गधा है और इसका रंग नीला है. रिपब्लिकन पार्टी का चुनाव चिन्ह हाथी है और पार्टी का रंग लाल है.

अमेरिका ने बाल्ड ईगल को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया

  • संयुक्त राज्य अमेरिका ने बाल्ड ईगल (Bald Eagle) को आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया है. राष्ट्रपति जो बाइडन ने इससे संबंधित एक ऐतिहासिक विधेयक पर हस्ताक्षर 24 दिसम्बर को किए थे.
  • बाल्ड ईगल लगभग 250 वर्षों से अमेरिका का एक स्थायी प्रतीक रहा है, लेकिन इसे इस कानून के तहत राष्ट्रीय पक्षी के रूप में औपचारिक रूप से पहचान प्राप्त नहीं हुई थी.
  • बाल्ड ईगल संयुक्त राज्य अमेरिका की मुहर पर पहले से मौजूद है. इसका उपयोग आधिकारिक दस्तावेजों में वर्ष 1782 से किया जाता रहा है.
  • बाल्ड ईगल एक बड़ा शिकारी पक्षी है. अमेरिका में इसको शक्ति,स्वतंत्रता और देशभक्ति का प्रतीक माना जाता है.
  • आवास: बाल्ड ईगल उत्तरी अमेरिका में पाए जाते हैं और वे झीलों, नदियों और समुद्र के किनारे के क्षेत्रों में घोंसले बनाते हैं.
  • संरक्षण: 1960 के दशक में कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग के कारण बाल्ड ईगल की संख्या में काफी कमी आई थी. लेकिन संरक्षण के प्रयासों के कारण अब इनकी संख्या में वृद्धि हुई है.

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने बहुमत प्राप्त किए

संयुक्त राज्य अमेरिका हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने आवश्यक इलेक्टोरल वोट प्राप्त कर विजय हुए हैं.

मुख्य बिन्दु

  • डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार और वर्तमान उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को हराकर चार साल का नया कार्यकाल हासिल किया. कोई भी महिला अब तक अमेरिका की राष्ट्रपति नहीं बनी है.
  • डोनाल्ड ट्रम्प के अलावा, ग्रोवर क्लीवलैंड एकमात्र अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जो राष्ट्रपति पद पर रहते हुए फिर से निर्वाचित होने में असफल रहे लेकिन उसके बाद अगला चुनाव जीते.
  • डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले 20 जनवरी 2017-19 जनवरी 2021 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे थे. वह वर्ष 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में जो बिडेन से हार गए थे.
  • डोनाल्ड ट्रम्प, 20 जनवरी 2025 को संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में जो बिडेन की जगह लेंगे.
  • रिपब्लिकन पार्टी के जेम्स डेविड वेंस अमेरिका के नए उपराष्ट्रपति होंगे.
  • रिपब्लिकन पार्टी ने इस चुनाव में संयुक्त राज्य अमरीका के संसद (कांग्रेस) के दोनों सदन- ‘सीनेट’ और ‘प्रतिनिधि सभा’ में भी बहुमत हासिल किए.

अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव 2024: एक दृष्टि

  • अमेरिका में नए राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, अमेरिका के 50 राज्यों के गवर्नर और अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के नए सदस्यों का चुनाव करने के लिए 5 नवंबर 2024 को मतदान हुआ था.
  • अमेरिकी संसद को कांग्रेस कहा जाता है और यह द्विसदनीय है. इसमें 100 सदस्यीय सीनेट, उच्च सदन और 278 सदस्यीय निचला सदन-प्रतिनिधि सभा शामिल है.
  • राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार वर्तमान उपराष्ट्रपति कमला हैरिस थीं. मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज़ डेमोक्रेटिक पार्टी के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे.
  • रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प थे और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ओहियो के सीनेटर जेम्स डेविड वेंस थे.
  • डेमोक्रेटिक पार्टी का चुनाव चिन्ह गधा है और इसका रंग नीला है. रिपब्लिकन पार्टी का चुनाव चिन्ह हाथी है और पार्टी का रंग लाल है.

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया

  • अमेरिका के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है. इनका चुनाव 538 इलेक्टोरल कॉलेज वाले निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है. जीतने वाले उम्मीदवार को इलेक्टोरल कॉलेज का 50 प्रतिशत से अधिक मत हासिल करना होता है. नवनिर्वाचित राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति 20 जनवरी को शपथ दिलाया जाता है.
  • अमेरिका के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार को अमेरिकी नागरिक होना आवश्यक है. न्यूनतम आयु 35 वर्ष है. एक व्यक्ति को दो बार, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में चुना जा सकता है.
  • फ्रैंकलिन रूज़वेल्ट,एकमात्र अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जिन्हे चार बार- 1933-1945 तक इस पद के लिए चुना गया था. 22वें संवैधानिक संशोधन 1951 ने अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यकाल को चार-चार साल के दो कार्यकाल तक सीमित कर दिया.

पूर्व विदेश सचिव विनय कवात्रा अमेरिका में भारत के नए राजदूत नियुक्त

पूर्व विदेश सचिव विनय क्वात्रा को अमेरिका में भारतीय राजदूत नियुक्त किया गया है. विदेश मंत्रालय ने यह घोषणा 19 जुलाई 2024 को की गई थी. जनवरी में तरणजीत सिंह संधू के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद खाली था.

मुख्य बिन्दु

  • पूर्व भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी विनय मोहन कवात्रा भारत के 34वें विदेश सचिव थे. उनकी जगह विक्रम मिश्री को भारत का 35वां विदेश सचिव नियुक्त किया गया था.
  • राजदूत किसी देश के सर्वोच्च रैंकिंग राजनयिक होते हैं जो किसी विशेष देश या अंतर्राष्ट्रीय संगठन में अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं.
  • एक राष्ट्रमंडल सदस्य देश द्वारा दूसरे राष्ट्रमंडल देश में नियुक्त सर्वोच्च रैंकिंग वाले राजनयिक को उच्चायुक्त कहा जाता है. किसी गैर राष्ट्रमंडल देश में नियुक्त सर्वोच्च रैंकिंग वाले राजनयिक को राजदूत कहा जाता है.
  • प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री की सिफारिश पर राष्ट्रपति राजदूत या उच्चायुक्त को नियुक्त करते हैं. जिस देश में व्यक्ति को राजदूत या उच्चायुक्त के रूप में नियुक्त किया जाना है उस देश की मंजूरी भी आवश्यक होता है.

अमरीका और ब्रिटेन ने हूती आतंकी गुट के खिलाफ व्यापक हमले शुरू किए

अमरीका और ब्रिटेन ने यमन में हूती आतंकी गुट के खिलाफ व्‍यापक हमले शुरू कर दिए हैं. यह कार्रवाई लाल सागर से होकर गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हूती आतंकी गुट के लगातार हमलों के बाद की गई है.

मुख्य बिन्दु

  • अमरीकी राष्‍ट्रपति जो. बाइडन ने एक वक्‍तव्‍य में हमलों की पुष्टि की है. उन्‍होंने कहा कि हमले अमरीकी रक्षा बलों ने ब्रिटेन के साथ मिलकर ऑस्‍ट्रेलिया, बहरीन, कनाडा और नीदरलैंड के सहयोग से किए हैं. ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी कहा कि आत्‍मरक्षा के लिए ये हमले जरूरी हैं.
  • अमरीका ने लाल सागर में हूती धमकियों का मुकाबला करने के लिए दस देशों के एक नया बहुराष्ट्रीय कार्यवाही बल बनाया है. इस कार्यबल का नाम ऑपरेशन प्रोस्‍पर्टी गार्जेन (Operation Prosperty Guardian) रखा गया है. इस कार्यबल में बहरीन, कनाडा, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, सिशिल्‍स, स्‍पेन और ब्रिटेन की नौसेनाएं शामिल हैं.
  • ईरान ने हूती विद्रोही समूहों का समर्थन किया है.  हूती विद्रोही समूह इस्राइल-हमास संघर्ष के विरोध में लाल सागर में व्यापारियों के जहाजों पर हमले कर रहा है.

कौन हैं हूती?

  • हूती यमन के अल्पसंख्यक शिया ‘ज़ैदी’ समुदाय का एक हथियारबंद समूह है. इस समुदाय ने 1990 के दशक में तत्कालीन राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह के कथित भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए इस समूह का गठन किया था. उनका नाम उनके अभियान के संस्थापक हुसैन अल हूती के नाम पर पड़ा है.
  • 2003 में अमेरिका के नेतृत्व में इराक़ पर हुए हमले में हूती विद्रोहियों ने नारा दिया था, ‘’ईश्वर महान है. अमेरिका का ख़ात्मा हो, इसराइल का ख़ात्मा हो. यहूदियों का विनाश हो और इस्लाम का विजय हो.’’

अमरीका ने हूती धमकियों का मुकाबला करने के लिए एक नया बहुराष्ट्रीय कार्यवाही बल बनाया

अमरीका ने लाल सागर में हूती धमकियों का मुकाबला करने के लिए दस देशों के एक नया बहुराष्ट्रीय कार्यवाही बल बनाया है. इस कार्यबल का नाम ऑपरेशन प्रोस्‍पर्टी गार्जेन (Operation Prosperty Guardian) रखा गया है.

मुख्य बिन्दु

  • इस कार्यबल में बहरीन, कनाडा, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, सिशिल्‍स, स्‍पेन और ब्रिटेन की नौसेनाएं शामिल हैं. नई सुरक्षा पहल दक्षिणी लाल सागर में सुरक्षा चुनौतियों का समाधान निकालेगी.
  • अमरीका के रक्षामंत्री लॉएड ऑस्ट्रिन ने जानकारी देते हुए बताया कि हूसी ने लाल सागर में जहाजों को रोकने और अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है.
  • दक्षिणी लाल सागर में यमन और अदन की खाड़ी के निकट बॉब अल-मानदेब जल क्षेत्र में चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी देशों के जहाजों के आवागमन और क्षेत्रीय सुरक्षा तथा समृद्धि को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा.
  • ईरान ने हूती विद्रोही समूहों का समर्थन किया है, जो कि लगातार व्यापारियों के जहाजों पर हमले कर रहा है और उसने विभिन्न कंपनियों पर दबाव डाला था कि वे पिछले सप्ताहों में क्षेत्र में जहाजों के मार्गों को बंद करे.

कौन हैं हूती?

  • हूती यमन के अल्पसंख्यक शिया ‘ज़ैदी’ समुदाय का एक हथियारबंद समूह है. इस समुदाय ने 1990 के दशक में तत्कालीन राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह के कथित भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए इस समूह का गठन किया था. उनका नाम उनके अभियान के संस्थापक हुसैन अल हूती के नाम पर पड़ा है.
  • 2003 में अमेरिका के नेतृत्व में इराक़ पर हुए हमले में हूती विद्रोहियों ने नारा दिया था, ‘‘ईश्वर महान है. अमेरिका का ख़ात्मा हो, इसराइल का ख़ात्मा हो. यहूदियों का विनाश हो और इस्लाम का विजय हो.’’

घटनाक्रम

  • नवंबर 2023 में हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में एक कार्गो शिप अपने क़ब्ज़े में ले लिया था. उनका कहना था कि ये इसराइल का है.
  • तीन दिसंबर के बाद से हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में कई सारे व्यापारिक जहाज़ों को निशाना बनाया है. अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांसीसी युद्धपोतों ने हवा से मार करने वाले ऐसे कई हथियारों को मार गिराया, फिर भी बहुत से जहाज़ इनकी चपेट में आ गए.
  • हूती विद्रोहियों ने 18 दिसंबर को भारत के वेरावल से सिर्फ 200 समुद्री मील दूर एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला किया था. लाइबेरियाई झंडे वाला यह टैंकर शिप इजरायल से संबंधित था और भारत आ रहा था.