20 मई 2022 को पाँचवाँ विश्व मधुमक्खी दिवस मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 20 मई को ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ (World Bee Day) मनाया जाता है. मानवीय गतिविधियों के कारण मधुमक्खी और अन्य परागणकों जैसे तितलियों, चमगादड़ और हमिंग-बर्ड का जीवन खतरे में है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य मधुमक्खी और अन्य परागणकों के महत्व, तथा संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाना है.

मधुमक्खियां सबसे बड़ी परागणकर्ता (pollinator) हैं. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्व की लगभग 35% कृषि अभी भी परागणकों पर निर्भर है.

विश्व मधुमक्खी दिवस 2022 की थीम

इस वर्ष यानी 2022 में विश्व मधुमक्खी दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘बी एंगेज्ड: मधुमक्खियों और मधुमक्खी पालन प्रणालियों की विविधता का उत्सव मनाना’ (Bee Engaged: Celebrating the diversity of bees and bee keeping systems) है.

एंटोन जनसा के जन्म दिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है

यह दिवस 18वीं शताब्दी में आधुनिक मधुमक्खी पालन की तकनीक का नेतृत्व करने वाले एंटोन जनसा (Antone Jansa) के जन्म दिन (20 मई) के उपलक्ष्य में मनाया जाता है.

विश्व मधुमक्खी दिवस का इतिहास

स्लोवेनिया के बीकीपर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र के सम्मुख 20 मई को प्रतिवर्ष विश्व मधुमक्खी दिवस’ मनाने का प्रस्ताव रखा गया था. इस प्रस्ताव को 7 जुलाई, 2017 को इटली में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के सत्र में अनुमोदित किया गया था.

पहला ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ 20 मई 2018 को मनाया गया था. इस वर्ष यानी 2022 में पांचवां विश्व मधुमक्खी दिवस मनाया गया.

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