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IIT और IIM की तर्ज पर IICT का निर्माण, मुंबई में पहले परिसर का उद्घाटन

  • सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 19 जुलाई को मुंबई में भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) के पहले परिसर का उद्घाटन किया.
  • IICT के इस परिसर निर्माण मुंबई के गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी परिसर में 400 करोड़ रुपए की लागत से होगा.

भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT)

  • IICT (भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान) का निर्माण महाराष्ट्र सरकार द्वारा IIT और IIM की तर्ज पर किया जाएगा.
  • संस्थान का लक्ष्य AVGC-XR (Animation, Visual Effects, Gaming, Comics, and Extended Reality) क्षेत्रों के पेशेवरों और प्रशिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करना है.
  • IICT, इनक्यूबेशन, नवाचार, अनुसंधान और विकास के साथ-साथ नीति विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसका उद्देश्य नवोदित रचनाकारों और उद्यमियों के लिए असंख्य अवसर पैदा करना है.
  • यह संस्थान, गूगल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल जैसे वैश्विक तकनीकी दिग्गजों के साथ साझेदारी में, VFX (Visual effects), पोस्ट-प्रोडक्शन, XR (Extended Reality), गेमिंग, एनीमेशन आदि में उद्योग आधारित उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करेगा.

महाराष्ट्र में वैनगंगा-नलगंगा नदियों को जोडने की परियोजना को स्‍वीकृति

महाराष्ट्र सरकार ने वैनगंगा और नलगंगा नदियों को जोडने की परियोजना को स्‍वीकृति दी है. विदर्भ क्षेत्र में किसानों की आत्महत्या वाले इलाकों में बड़े पैमाने पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ये परियोजना काफी महत्वपूर्ण है.

मुख्य बिन्दु

  • इस परियोजना में वैनगंगा से बुलढाणा जिले में वैनगंगा परियोजना तक पानी लाने और इसे नलगंगा से जोड़ने की योजना है. वैनगंगा, गोदावरी नदी की सहायक नदी है. नलगंगा, तापी नदी की उप-सहायक नदी है.
  • इस परियोजना का परिव्यय 85 हजार करोड रुपए है. इसके लिए 426 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण किया जाएगा.
  • परियोजना के तहत नागपुर, वर्धा, अमरावती, यवतमाल, अकोला और बुलढाणा के 15 तालुकाओं में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी.
  • पानी का उपयोग पीने और औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी किया जा सकता है.

महाराष्ट्र को सर्वश्रेष्ठ कृषि राज्य पुरस्कार-2024 के लिए चुना गया

महाराष्ट्र को सर्वश्रेष्ठ कृषि राज्य पुरस्कार-2024 के लिए चुना गया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे 10 जुलाई को नई दिल्ली में एक समारोह में यह पुरस्कार प्राप्त करेंगे. इस आशय की घोषणा 5 जुलाई को 15वीं कृषि नेतृत्व पुरस्कार समिति द्वारा की गई जिसके अध्यक्ष भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और केरल के पूर्व राज्यपाल न्यायमूर्ति पी सदाशिवम है.

मुख्य बिन्दु

  • महाराष्ट्र को कृषि और ग्रामीण समृद्धि के लिए नई नीतियां अपनाने और विकासात्मक पहलों के लिए वर्ष 2024 के सर्वश्रेष्ठ कृषि राज्य पुरस्कार के लिए चुना गया
  • महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में कृषि क्षेत्र में 21 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने वाला देश का सबसे बड़ा बांस मिशन शुरू किया है.
  • महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र के सहयोग से नंदुरबार जिले में 1.20 लाख एकड़ में फैली हरित पट्टी स्थापित करने की योजना की घोषणा हाल ही में की थी.
  • महाराष्ट्र सरकार ने 123 परियोजनाओं के कार्यान्वयन के माध्यम से लगभग 17 लाख हेक्टेयर में सिंचाई क्षमताओं को बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा है.
  • महाराष्ट्र, भारत की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्य है. राज्य का देश की सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सेदारी 12.92% है. महाराष्ट्र में, कृषि और संबद्ध गतिविधियाँ, सकल राज्य मूल्य वर्धित में औसतन 12.1 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती हैं.

मुंबई में अटल बिहारी वाजपेयी शिवड़ी-न्हावा शेवा अटल सेतु का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 जनवरी को नवी मुंबई में अटल बिहारी वाजपेयी शिवड़ी-न्हावा शेवा अटल सेतु ( Atal Bihari Vajpayee Sewri-Nhava Sheva Atal Setu) का उद्घाटन किया था. यह पुल भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल है. प्रधानमंत्री ने दिसम्‍बर 2016 में पुल की आधारशिला रखी थी.

मुख्य बिन्दु

  • अटल सेतु का निर्माण 17,840 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है. यह लगभग 21.8 किमी लंबा 6-लेन का पुल है. इसकी लंबाई समुद्र के ऊपर लगभग 16.5 किमी और जमीन पर लगभग 5.5 किमी है.
  • यह विश्व का 10वा सबसे लंबा भारत का सबसे लंबा और सबसे लंबा समुद्री पुल भी है. यह मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को जोड़ता है.
  • यह मुंबई से पुणे, गोवा और दक्षिण भारत की यात्रा के समय को कम करेगा. इससे मुंबई बंदरगाह और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह के बीच कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा.

निर्वाचन आयोग ने शिवसेना के नाम और प्रतीक-चिह्न पर रोक लगाई

निर्वाचन आयोग ने ‘शिवसेना’ के नाम और प्रतीक-चिह्न ‘धनुष और तीर’ (Bow And Arrow) के उपयोग पर रोक लगा दी है. इस फैसले के बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे- दोनों गुटों में से कोई भी ‘शिवसेना’ नाम और इसका प्रतीक-चिह्न ‘तीर-धनुष’ का उपयोग नहीं कर सकेंगे.

शिवसेना के चुनाव चिन्ह तीर और धनुष पर अंधेरी-पूर्व विधानसभा उप-चुनाव के लिए रोक लगाई गई है. आयोग ने एक अंतरिम आदेश जारी किया और दोनों ही गुटों पर इस मामले में अंतिम निर्णय होने तक पाबंदी लगा दी है ताकि वे अपने अधिकारों और हितों की रक्षा कर सकें.

आयोग ने ये भी कहा कि दोनों ही गुट अब नए नाम से जाने जाएंगे, लेकिन ये नाम शिवसेना शब्द से जुड़ा भी हो सकता है. आयोग ने कहा है कि दोनों गुटों को उप-चुनाव के लिए अपना नया प्रतीक-चिह्न चुनना होगा.

एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के नए मुख्य मंत्री बने, उद्धव ठाकरे का इस्तीफा

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे ने 30 जून को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्‍यारी ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. राज्‍यपाल ने भारतीय जनता पार्टी नेता देवेन्‍द्र फडणवीस को उप-मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई.

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने अपना त्यागपत्र राज्यपाल सौंपा. महाराष्ट्र विकास अघाड़ी गठबंधन में शिवसेना के श्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में कुछ विधायकों द्वारा पार्टी से अलग हो जाने के कारण इस गठबंधन के सरकार अल्पमत में आ गयी थी.

महाराष्ट्र में देश का पहला जीन बैंक बनाये जाने को मंजूरी दी गयी

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में जीन बैंक (Gene Bank) बनाये जाने के एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसका उद्देश्य राज्य के भीतर जेनेटिक संसाधनों का संरक्षण प्रदान करना है. यह देश में अपनी तरह की पहला प्रोजैक्ट है, इसे राज्य के वन विभाग द्वारा चलाया जाएगा. अगले पांच सालों में इन सात फोकस क्षेत्रों पर ₹172.39 करोड़ रुपये खर्च की जाएगी.

महाराष्ट्र जीन बैंक: मुख्य बिंदु

  • इसका उद्देश्य महाराष्ट्र में समुद्री विविधता, स्थानीय फसलों के बीज और पशु विविधता सहित जेनेटिक रिसोर्सेज का संरक्षण प्रदान करना है.
  • इसके अंतर्गत सात क्षेत्रों पर कार्य किया जायेगा. ये क्षेत्र हैं: समुद्री जैव विविधता, स्थानीय फसल/बीज़ की किस्में, देशी मवेशियों की नस्लें, पीने योग्य पानी की जैव विविधता, घास के मैदान वाली भूमि जैव विविधता, वन अधिकार के तहत क्षेत्रों के लिए संरक्षण और प्रबंधन योजना और वन क्षेत्रों का कायाकल्प.
  • यह परियोजना महाराष्ट्र राज्य जैव विविधता बोर्ड (MSBB) द्वारा कार्यान्वित की जाएगी और मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (वन) के अधीन समितियों द्वारा इसकी देखरेख की जाएगी.

उच्चतम न्यायालय ने विधायकों के निलंबन के महाराष्ट्र विधानसभा के प्रस्ताव को खारिज किया

उच्चतम न्यायालय ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार के लिए भाजपा के 12 विधायकों को एक साल के निलंबन के महाराष्ट्र विधानसभा के प्रस्ताव को आज खारिज कर दिया. उच्चतम न्यायालय के अनुसार सत्रों से अलग विधायकों को निलंबित रखने का प्रस्ताव असंवैधानिक तथा अवैध है और यह विधानसभा की शक्तियों से परे है.

न्‍यायमूर्ति एएम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और सीटी रविकुमार की पीठ ने विधानसभा के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली 12 विधायकों की रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया.

सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीएम कनाडे महाराष्ट्र के लोकायुक्त नियुक्त

बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीएम कनाडे को महाराष्ट्र का लोकायुक्त नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति महाराष्ट्र के राज्यपाल, भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सलाह पर की. महाराष्ट्र में लगभग एक साल तक पूर्णकालिक लोकायुक्त नहीं था. पिछले लोकायुक्त, (सेवानिवृत्त) न्यायमूर्ति एमएल तहलियानी ने अगस्त 2020 में अपना कार्यकाल पूरा किया था.

लोकायुक्त: एक दृष्टि

लोकायुक्त भारत के राज्यों द्वारा गठित भ्रष्टाचाररोधी स्वतंत्र संस्थान है. नागरिक किसी भी सरकारी अधिकारी या निर्वाचित प्रतिनिधि के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे लोकायुक्त को कर सकते हैं, जिन्हें शीघ्र निवारण का काम सौंपा जाता है.

19 फरवरी 2021: छत्रपति शिवाजी महाराज की 391वीं जयंती मनाई गयी

19 फरवरी 2021 को छत्रपति शिवाजी महाराज की 391वीं जयंती मनाई गयी. 19 फरवरी 1630 में शिवनेरी दुर्ग में उन्का जन्म हुआ था. छत्रपति शिवाजी को एक कुशल रणनीतिकार और निपुण प्रशासक के रूप में याद किया जाता है.

छत्रपति शिवाजी: एक दृष्टि

  • छत्रपति शिवाजी महाराज ने पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की नींव रखी थी.
  • उन्होंने दक्कन में हिंदू राज्य की स्थापना की थी, जो कई वर्ष औरंगज़ेब के मुगल साम्राज्य से संघर्ष किया.
  • 1674 ई.में रायगढ़ में उनका राज्याभिषेक हुआ और वे छत्रपति बन गये.
  • शिवाजी ने समर-विद्या में अनेक नवाचार किये और गुरिल्ला वॉर की नयी शैली विकसित की.
  • उन्होंने प्राचीन हिन्दू राजनीतिक प्रथाओं को पुनर्जीवित किया और फारसी के स्थान पर मराठी और संस्कृत को राजकाज की भाषा बनाया.
  • 3 अप्रैल 1680 को महज 50 साल की उम्र में वीर छत्रपति शिवाजी महाराज ने लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली.

महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे सहित 9 उम्‍मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए

महाराष्‍ट्र में 14 मई को राज्‍य विधान परिषद सदस्य के रूप में मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे सहित 9 उम्‍मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। विधान परिषद के 9 सदस्य के चुनाव के लिए कांग्रेस के 1, भाजपा के 4, राकांपा के 2 और शिवसेना के 2 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था।

निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 सीटों के लिए चुनाव 21 मई को करने की घोषणा की थी. इस चुनाव के लिए 9 योग्य उम्मीदवारों ने ही नामांकन किया था. ऐसे में बिना चुनाव हुए ही सभी निर्वाचित हो गए।

इससे पहले, कोरोना संक्रमण के फैलाव को देखते हुए चुनाव स्थगित कर दिए गए थे. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने 30 अप्रैल को निर्वाचन आयोग को पत्र लिख कर महाराष्ट्र विधान परिषद की रिक्त 9 सीटों के लिए चुनाव कराने का अनुरोध किया था.

मुख्यमंत्री बने रहने के लिए राज्य विधानमंडल का सदस्य होना अनिवार्य

किसी भी राज्य का मुख्यमंत्री के लिए शपथ लेने के छह महीने के भीतर राज्य विधानमंडल के किसी एक सदन (विधानसभा या विधानपरिषद) का सदस्य होना संवैधानिक रूप से अनिवार्य है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ऊद्धव ठाकरे को 28 नवम्बर 2019 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई थी. वे राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे.

भारतीय संविधान के अनुसार मुख्यमंत्री ठाकरे को पद पर बने रहने के लिए मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के छह महीने के भीतर यानी 28 मई तक उन्हें किसी एक सदन का सदस्य होना अनिवार्य था.

विधान परिषद (State Legislative Council): एक दृष्टि

  • भारत के छः राज्यों में विधान परिषद, विधानमंडल का अंग है. यानी इन राज्यों में विधानसभा निचला सदन और विधानपरिषद उच्च सदन के रूप में गठित है.
  • भारतीय संविधान का अनुच्छेद 171 किसी राज्य में विधानसभा के अलावा एक विधान परिषद के गठन का विकल्प प्रदान करता है. संविधान का अनुच्छेद 169 राज्य में विधान परिषद को समाप्त करने की शक्ति प्रदान की गयी है.
  • विधान परिषद सदस्य (MLC) का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है, जहां प्रत्येक दो वर्ष की अवधि पर इसके एक-तिहाई सदस्य कार्यनिवृत्त हो जाते हैं.

छह राज्यों में विधान परिषद का अस्तित्व

वर्तमान में छह राज्यों आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में विधानसभा के साथ-साथ विधान परिषद का भी गठन किया गया हैं. जम्मू-कश्मीर को केन्द्र शासित प्रदेश बनाने से पहले यहाँ भी विधान परिषद अस्तित्व में था.

विधानपरिषद सदस्यों का चुनाव प्रक्रिया

  1. राज्यसभा की तरह विधान परिषद के सदस्य सीधे मतदाताओं द्वारा निर्वाचित नहीं होते. इसके सदस्य अप्रत्यक्ष चुनाव के द्वारा चुने जाते हैं. कुछ सदस्य राज्यपाल के द्वारा मनोनित किए जाते हैं.
  2. विधान परिषद के लगभग एक तिहाई सदस्य विधानसभा के सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं. एक तिहाई निर्वाचिका द्वारा, जिसमें नगरपालिकाओं के सदस्य, जिला बोर्डों और राज्य में अन्य प्राधिकरणों के सदस्य शामिल हैं, द्वारा चुने जाते हैं.
  3. एक बटा बारह (1/12) सदस्यों का चुनाव निर्वाचिका द्वारा ऐसे व्यक्तियों द्वारा किया जाता है जिन्होंने कम-से-कम तीन वर्षों तक राज्य के उच्च शैक्षिक संस्थाओं में अध्यापन में लगे रहे हों.
  4. एक बटा बारह सदस्यों का चुनाव पंजीकृत स्नातकों द्वारा किया जाता है जो तीन वर्ष से अधिक समय पहले पढ़ाई समाप्त कर लिए हैं.
  5. शेष सदस्य राज्यपाल द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला, सहयोग आन्दोलन और सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों में से नियुक्त किए जाते हैं.

नाना पटोले सर्वसम्‍मति से महाराष्‍ट्र विधानसभा अध्‍यक्ष चुने गये

कांग्रेस विधायक नाना पटोले महाराष्‍ट्र विधानसभा अध्‍यक्ष चुने गये हैं. इस पद के चुनाव के लिए भाजपा उम्‍मीदवार किशन कथोरे के 1 दिसम्बर को नामांकन वापस लेने के बाद अस्‍थायी अध्‍यक्ष (प्रोटीम स्पीकर) दिलीप वलसे पाटील ने नाना पटोले के सर्वसम्‍मति चुने जाने की घोषणा की.

कांग्रेस ने विधानसभा अध्‍यक्ष पद के लिए सत्‍ताधारी-शिवसेना-एनसीपी गठबंधन के उम्‍मीदवार के रूप में नाना पटोले के नाम की घोषणा की थी. श्री पटोले विदर्भ में सकोली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्‍व करते हैं. वे चौथी बार विधायक बने हैं.

उद्धव ठाकरे के नेतृत्‍व में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन ‘महा विकास आघाड़ी’ सरकार ने विधानसभा में बहुमत साबित किया था. 169 विधायकों ने गठबंधन के पक्ष में वोट दिया. 105 सदस्‍यों वाली भाजपा ने सदन का बहिष्‍कार किया. विधानसभा में कुल 288 सदस्‍य हैं.