वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 3 से 5 जून 2026 तक मुंबई में आयोजित की गई थी. बैठक की अध्यक्षता बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने की थी. यह वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति (1st Bi-Monthly Monetary Policy) समीक्षा बैठक थी.
MPC की बैठक, अप्रैल 2026: मुख्य बिंदु
- भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से प्रमुख नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही आरबीआई ने अपना रुख ‘न्यूट्रल’ (Neutral) बनाए रखा है.
- रेपो रेट 5.25% पर अपरिवर्तित रखा गया है. स्थायी जमा सुविधा (SDF) 5.00%, सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) और बैंक दर को 5.50% पर बरकरार रखा गया है.
वर्तमान दरें: एक दृष्टि
| नीति रिपो दर | 5.25% |
| प्रत्यावर्तनीय रेपो दर (RRR) | 3.35% |
| स्थायी जमा सुविधा (SDF) | 5.00% |
| सीमांत स्थायी सुविधा दर (MSF) | 5.50% |
| बैंक दर | 5.50% |
| नकद आरक्षित अनुपात (CRR) | 3.00% |
| वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) | 18% |
मौद्रिक नीति समिति (MPC): एक दृष्टि
- RBI की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) भारत सरकार द्वारा गठित एक समिति है. इसका गठन RBI अधिनियम 1934 के प्रावधानों के तहत 29 सितंबर 2016 को किया गया था.
- यह भारत सरकार द्वारा निर्धारित मुद्रास्फीति लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आरबीआई की नीतिगत ब्याज दर निर्धारित करती है.
- मौद्रिक नीति समिति में वर्तमान में 6 सदस्य हैं. इसमें तीन सदस्य RBI से होते हैं और तीन अन्य स्वतंत्र सदस्य भारत सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं.
- समिति की अध्यक्षता आरबीआई गवर्नर करता है. इस समिति का गठन उर्जित पटेल कमिटी की सिफारिश के आधार किया गया था.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI): एक दृष्टि
- भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) भारत का केन्द्रीय बैंक है. यह भारत के सभी बैंकों का संचालक है.
- RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को RBI ऐक्ट 1934 के अनुसार हुई. प्रारम्भ में इसका केन्द्रीय कार्यालय कोलकाता में था जो सन 1937 में मुम्बई आ गया.
- पहले यह एक निजी बैंक था किन्तु सन 1949 से यह भारत सरकार का उपक्रम बन गया है.
- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत अनिवार्य रूप से मौद्रिक नीति के संचालन की जिम्मेदारी सौपीं गई है.
