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मालदीव ने एचआईवी सिफलिस हेपेटाइटिस बी का उन्मूलन किया

मालदीव (Maldives) दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जिसने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रमाणित तीन बीमारियों के माँ से बच्चे में संचरण (Mother-to-Child Transmission – MTCT) का ट्रिपल उन्मूलन (Triple Elimination) हासिल किया है. ये तीन बीमारियाँ हैं:

  1. एचआईवी (HIV)
  2. सिफलिस (Syphilis)
  3. हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B)
  • मालदीव ने हेपेटाइटिस बी के MTCT के उन्मूलन के लिए नवीनतम मान्यता प्राप्त की, जबकि उसने 2019 में ही एचआईवी और सिफलिस के MTCT का उन्मूलन सफलतापूर्वक कर लिया था.
  • इस संयुक्त उपलब्धि ने मालदीव को ‘ट्रिपल एलिमिनेशन’ हासिल करने वाला दुनिया का पहला देश बना दिया है.
  • यह उपलब्धि मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में निरंतर निवेश और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है.

एचआईवी, सिफलिस और हेपेटाइटिस बी

एचआईवी (HIV): एचआईवी का पूरा नाम Human Immunodeficiency Virus है. यह एक प्रकार का विषाणु (वायरस) है जो मानव शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) पर हमला कर उसे धीरे-धीरे कमजोर करता जाता है.

वर्तमान में एचआईवी का कोई प्रभावी इलाज नहीं है. एचआईवी संक्रमण आगे चलकर एड्स (Acquired Immunodeficiency Syndrome) का रूप ले सकता है.

सिफलिस (Syphilis): सिफलिस एक अत्यधिक संक्रामक यौन संचारित संक्रमण (STI) है जो ‘ट्रेपोनीमा पैलिडम (Treponema pallidum)’ नामक  जीवाणु (Bacteria) के कारण होता है. सिफलिस के शुरुआती चरणों का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से संभव है.

हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B): हेपेटाइटिस बी एक गंभीर वायरल संक्रमण है जो यकृत (Liver) को प्रभावित करता है. यह संक्रमण हेपेटाइटिस बी वायरस (HBV) के कारण होता है.

WHO ने केन्या को स्लीपिंग सिकनेस से मुक्त घोषित किया

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने केन्या को मानव अफ्रीकी ट्रिपैनोसोमियासिस (Human African Trypanosomiasis- HAT) से मुक्त घोषित किया है. इसे आमतौर पर निद्रा रोग भी कहा जाता है.
  • इस प्रकार केन्या ने निद्रा रोग का उन्मूलन कर दिया है. WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने हाल ही में इसकी घोषणा की थी.
  • यह उपलब्धि हासिल करने वाला केन्या विश्व का 10वां देश है. इससे पहले बेनिन, चाड, कोटे डी आइवर, इक्वेटोरियल गिनी, घाना, गिनी, रवांडा, टोगो और युगांडा से इसका उन्मूलन हो चुका है.
  • यह केन्या में खत्म होने वाला दूसरा उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग है. पहला गिनी वर्म रोग था, जिसे 2018 में समाप्त घोषित किया गया था.

मानव अफ्रीकी ट्रिपैनोसोमियासिस (HAT)

  • मानव अफ्रीकी ट्रिपैनोसोमियासिस को आमतौर पर स्लीपिंग सिकनेस (निद्रा रोग) भी कहा जाता है. यह एक गंभीर बीमारी है जो ट्रिपैनोसोमा ब्रूसी (Trypanosoma brucei) नामक परजीवी प्रोटोज़ोआ के संक्रमण से होता है.
  • यह सीसी मक्खी (tsetse fly) के काटने से फैलता है. यह बीमारी मुख्य रूप से उप-सहारा अफ्रीका (भूमध्यरेखीय अफ़्रीका) में पाई जाती है.
  • प्रारंभिक लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं. रोग बढ़ने पर तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत में ट्रेकोमा के उन्मूलन की मान्यता दी

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में ट्रैकोमा के उन्मूलन का प्रशस्ति पत्र औपचारिक रूप से प्रदान किया है.
  • WHO ने 8 अक्तूबर 2024 को म्यांमार और नेपाल के साथ भारत को ट्रैकोमा मुक्त देश घोषित किया था.
  • 20 मई 2025 को जिनेवा में WHO की 78वीं विश्व स्वास्थ्य सभा में भारत को यह प्रशस्ति पत्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक आराधना पटनायक को दिया गया.

ट्रेकोमा क्या है?

  • ट्रेकोमा एक अति-संक्रामक नेत्र रोग है. यह क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस नामक जीवाणु के संक्रमण के कारण होता है. ट्रेकोमा वैश्विक स्तर पर अंधेपन के प्रमुख कारणों में से एक है.
  • ट्रेकोमा संक्रमणों के कारण आंखों में पलकों के अंदर निशान बन जाते हैं और पलकें अंदर की ओर मुड़ जाती हैं और कॉर्निया को नुकसान होता है.
  • यह 44 से ज़्यादा देशों में सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है. यह बीमारी भूमध्य रेखा के पास शुष्क, बंजर भूमि में पनपती है.
  • शुरुआती स्टेज के ट्रैकोमा का इलाज ऐंटीबायोटिक दवाओं से किया जा सकता है. त्राकोमा से होने वाली अंधता अपरिवर्तनीय होती है.

19 देशों ने ट्रेकोमा को सफलतापूर्वक समाप्त किया

WHO के अनुसार, 19 देशों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में ट्रेकोमा को सफलतापूर्वक समाप्त कर दिया है. ये देश हैं: बेनिन, कंबोडिया, चीन, पाकिस्तान, गाम्बिया, घाना, म्यांमार, ईरान, इराक, लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक, मैक्सिको, मोरक्को, मलावी, नेपाल, ओमान, माली, सऊदी अरब, टोगो और वानुअतु.

नाइजर, ऑन्कोसेरसियासिस बीमारी को खत्म करने वाला पहला अफ्रीकी देश बना

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नाइजर को ऑन्कोसेरसियासिस (Onchocerciasis) बीमारी से मुक्त घोषित कर दिया है.
  • नाइजर, ऑन्कोसेरसियासिस को ख़त्म करने वाला दुनिया का पांचवां और अफ्रीका का पहला देश बन गया.
  • इससे पहले कोलंबिया, इक्वाडोर, ग्वाटेमाला और मैक्सिको में इस बीमारी को खत्म किया जा चुका है.

ऑन्कोसेरसियासिस क्या है?

  • ऑन्कोसेरसियासिस एक बीमारी है जो गर्म जगहों पर पाए जाने वाले परजीवी से होती है, जो त्वचा और आंखों पर असर करती है.
  • ऑन्कोसेरसियासिस को आमतौर पर रिवर ब्लाइंडनेस के नाम से जाना जाता है. यह ट्रेकोमा के बाद दुनिया भर में अंधेपन का दूसरा सबसे बड़ा संक्रामक कारण है.
  • यह बीमारी, संक्रमण फैलाने वाली काली मक्खियों के बार-बार काटने से होती है. यह Onchocerca volvulus नामक परजीवी कृमि से होता है.

गिरीशचंद्र मुर्मू को एक बार फिर WHO के बाह्य लेखा परीक्षक चुने गए

भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) गिरीशचंद्र मुर्मू को एक बार फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का बाह्य लेखा परीक्षक चुना गया है. उनका चुनाव 2024 से 2027 के चार वर्ष के कार्यकाल के लिए किया गया है. वे 2019 से 2023 के कार्यकाल के लिए पहले से ही इस पद पर हैं.

  • जेनेवा में 29 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन की 76वीं आम बैठक में उनको दोबारा चुना गया है. पहले दौर के मतदान में उन्हें 114 के मुकाबले 156 मतों के बहुमत से चुना गया.
  • निर्वाचन के बाद विश्व स्वास्थ्य आम सभा को संबोधित करते हुए श्री मुर्मू ने बेहतर परिणाम के लिए प्रक्रिया में सुधार, पारदर्शिता और पेशेवर तरीके से काम-काज पर जोर दिया.

WHO ने मंकीपॉक्स संक्रमण को वैश्विक स्वास्थ्य आपात-स्थिति घोषित किया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंकीपॉक्स संक्रमण को वैश्विक स्वास्थ्य आपात-स्थिति (हेल्थ इमरजेंसी) घोषित किया है. 23 जुलाई को मंकीपॉक्स पर संगठन की आपात समिति की दूसरी बैठक में यह निर्णय लिया गया.

  • WHO के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस एडानॉम गैब्रेयासिस ने बताया कि 75 देशों में 16 हजार से अधिक लोग मंकीपॉक्स से संक्रमित हो चुके हैं. अब तक पांच लोगों की इससे मौत हुई है.
  • वैश्विक स्वास्थ्य आपात-स्थिति की घोषणा का मतलब है कि WHO मंकीपॉक्स को दुनियाभर के लिए बड़ा खतरा मानता है और इसे फैलने से रोकने और महामारी में बदलने की आशंका से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय पहल की तुरंत जरूरत है. यह घोषणा दुनियाभर की सरकारों के लिए तुरंत कार्रवाई की अपील का काम करती है.
  • WHO ने पिछले दो दशक में सात वैश्विक स्वास्थ्य आपात-स्थिति घोषित की हैं. 2009 में स्‍वाइन फ्लू, 2014 में पोलियो और इबोला, 2015 में जीका, 2018 में के. इबोला और 2019 में कोविड-19 को ग्‍लोबल हेल्‍थ इमजरेंसी घोषित किया गया था.
  • विश्व में इस समय केवल दो अन्य स्वास्थ्य आपात स्थितियां हैं- पहली कोरोना महामारी और दूसरी पोलियो उन्मूलन के लिए जारी प्रयास.

मंकीपॉक्स क्या है?

यह वायरल इंफेक्शन है. मंकीपॉक्स वायरस, वायरस से संबंधित एक जूनोटिक ऑर्थोपॉक्स डीएनए वायरस है जो चेचक का कारण बनता है, पहली बार 1970 में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (पूर्व में ज़ैरे) में मनुष्यों में इस वायरस पाए गए थे. यह नया वायरस नहीं है और इसके लिए वैक्‍सीन उपलब्‍ध हैं.

टेड्रोस अधानॉम गैब्रियासिस को दूसरे कार्यकाल के लिए WHO का महानिदेशक चुना गया

टेड्रोस अधानॉम गैब्रियासिस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) को दूसरे कार्यकाल के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)  का महानिदेशक चुना गया है. संगठन के सदस्य देशों ने अगले पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए टेड्रोस को पुनः निर्वाचित किया है. अगला कार्यकाल 16 अगस्त 2022 से शुरू होगा.

मुख्य बिंदु

  • संविधान के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति विश्व स्वास्थ्य संगठन का दो बार महानिदेशक नियुक्त हो सकता है. कार्यकाल पांच साल का होता है. इससे पहले डॉक्‍टर टेड्रोस को वर्ष 2017 में विश्व स्वास्थ्य संगठन का महानिदेशक चुना गया था. टेड्रोस ने डॉ मार्गरेट चैन (चीन) का स्थान लिया था, जो 1 जनवरी 2007 से WHO के महानिदेशक थे.
  • WHO के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस अधानॉम गैब्रियासिस इथोपिया के नागरिक हैं. विश्व भर में उनकी पहचान मलेरिया विशेषज्ञ के तौर पर होती है. टेड्रोस विश्व स्वास्थ्य संगठन में बड़े पद पर काम करने वाले अफ्रीकी मूल के पहले जीवाणु वैज्ञानिक हैं.
  • WHO के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस अधानॉम गैब्रियासिस covid-19 वायरस संक्रमण के शुरुआती दिनों में चर्चा में रहे थे. दरअसल तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने WHO के महानिदेशक पर पक्षपात का आरोप लगाया था. ट्रंप ने कहा था कि महामारी के समय WHO का झुकाव चीन केंद्रित था.
  • WHO की जिम्मेदारी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण मामलों में नेतृत्व प्रदान करने की होती है. वह उन मामलों में स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करता है, जहां संयुक्त कार्रवाई की जरूरत होती है. स्वास्थ्य के उचित मानदंड और मानक स्थापित करना और उनके कार्यान्वयन को बढ़ावा देना भी WHO चीफ की जिम्मेदारी है.
  • WHO संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अनुषांगिक इकाई है. इसकी स्थापना 7 अप्रैल 1948 को की गयी थी. WHO का मुख्यालय स्विटजरलैंड के जेनेवा शहर में स्थित है. भारत WHO का सदस्य देश है.

गुजरात में WHO ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की आधारशिला

गुजरात के जामनगर में 20 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन (Global Centre for Traditional Medicine) की आधारशिला रखी. यह आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की यात्रा पर आये मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ और WHO के महानिदेशक डॉ. ट्रेडोस गेब्रेयसस के साथ रखी.

मुख्य बिंदु

  • इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक चिकित्सा के विभिन्न लाभों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केंद्र अगले 25 वर्षों में दुनिया में पारंपरिक चिकित्सा के युग की शुरुआत करेगा.
  • प्रधानमंत्री ने मोटे अनाज को महत्व देने संबंधी भारत के प्रस्ताव को स्वीकार करने और 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र का धन्यवाद व्यक्त किया.
  • बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, भूटान के प्रधानमंत्री लोतेय त्शेरिंग और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जामनगर में WHO के पारंपरिक चिकित्सा वैश्विक केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

WHO कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष: हर्षवर्धन का कार्यकाल पूरा, केन्या के डॉक्टर पैट्रिक नये अध्यक्ष

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने 2 जून को विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष के तोर पर अपना कार्यकाल पूरा कर लिया. कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष पद की कमान उन्हें 23 मई 2020 को दी गई थी. WHO के कार्यकारी बोर्ड के सभी 34 सदस्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ होते हैं. साल में दो बार इसकी बैठक होती है.

केन्या के केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय के कार्यकारी डायरेक्टर जनरल डॉक्टर पैट्रिक एमोथ (Dr Patrick Amoth) नये अध्यक्ष नियुक्त किये गये हैं. यह घोषणा 02 जून को WHO के कार्यकारी बोर्ड के 149वें सत्र के दौरान निवर्तमान अध्यक्ष डॉ हर्षवर्धन ने की थी. अध्यक्ष का पद क्षेत्रीय समूहों के बीच एक वर्ष के लिए रोटेशन के आधार पर होता है.

WHO ने डॉ हर्षवर्धन को तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए ‘WHO महानिदेशक विशेष मान्यता पुरस्कार’ (WHO Director-General Special Recognition Award) से सम्मानित किया है. WHO के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसुस ने इसकी घोषणा 1 जून को की.

WHO हर साल छह WHO क्षेत्रों में से प्रत्येक में व्यक्तियों या संगठनों को तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए मान्यता देता है. इसे WHO के महानिदेशक विशेष मान्यता पुरस्कार और विश्व तंबाकू निषेध दिवस पुरस्कारों के नाम से दिया जाता है.

भारतीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को यह पुरस्कार तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए दिया गया है. उनके नेतृत्व ने ई-सिगरेट और गर्म तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने के लिए 2019 के राष्ट्रीय कानून में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की 74वीं विश्व स्वास्थ्य सभा आयोजित की गयी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 74वीं विश्व स्वास्थ्य सभा (World Health Assembly) 24 मई को आयोजित की गयी. इस स्वास्थ्य सभा की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने की. डॉ. हर्ष वर्धन WHO के कार्यकारी बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष है.

स्वास्थ्य सभा में WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस ने भी हिस्सा लिया. उन्होंने WHO की विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी, जिनमें कोविड प्रबंधन के लिए उठाए गए कदम भी शामिल थे.

74वीं विश्व स्वास्थ्य सभा: मुख्य बिंदु

  • 74वीं विश्व स्वास्थ्य सभा के सामने कार्यकारी बोर्ड (EB) के 147वें और 148वें सत्र का ब्यौरा पेश किया गया.
  • डॉ. हर्ष वर्धन ने कोवैक्स सुविधा के माध्यम से कोविड-19 टीकों तक निष्पक्ष और समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए और अधिक प्रयास करने की अपील की.
  • 2013 से 2030 की अवधि के दौरान गैर-संचारी रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए वैश्विक कार्य योजना के कार्यान्वयन की रूपरेखा तय की गयी.
  • स्वास्थ्य सभा को 2021-2030 के लिए ग्लोबल पेशेंट सेफ्टी एक्शन प्लान (वैश्विक रोगी सुरक्षा कार्य योजना) को स्वीकार करना चाहिए.
  • खाने-पीने की वस्तुओं से एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस को सीमित करने और रोकने के लिए कोडेक्स कोड ऑफ प्रैक्टिस की समीक्षा में सदस्य राष्ट्रों की भागीदारी का स्वागत किया.

डॉ. हर्ष वर्धन WHO के कार्यकारी बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष
मई 2020 में आयोजित WHO के 73वें विश्व स्वास्थ्य सभा की बैठक में डॉ. हर्षवर्धन को WHO के कार्यकारी बोर्ड (Executive Board) का अध्यक्ष चुना गया था.

विश्व स्वास्थ्य संगठन: एक दृष्टि

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनिवा में है. भारत ने 12 जनवरी, 1948 को ही WHO की सदस्यता ले ली थी. WHO का शासन-प्रशासन दो निकाय द्वारा संचालित होता है:

1. विश्व स्वास्थ्य सभा (World Health Assembly)
2. कार्यकारी बोर्ड (Executive Board)

  • WHO स्वास्थ्य सभा, निर्णय लेने वाली संस्था है जबकि कार्यकारी बोर्ड का मुख्य काम स्वास्थ्य सभा के फैसलों और नीतियों को लागू करना और उसे समय-समय पर सलाह देना है.
  • कार्यकारी बोर्ड और स्वास्थ्य सभा मिलकर ऐसा मंच तैयार करते हैं जहां दुनिया स्वास्थ्य के मुद्दों पर चर्चा करती है और समस्याओं के समाधान ढूंढने का प्रयास करती है.
  • WHO स्वास्थ्य सभा में संयुक्त राष्ट्र के सभी 194 सदस्य देश इसके सदस्य होते हैं.
  • WHO का कार्यकारी बोर्ड 34 सदस्यों से बना है. इसके सदस्यों का चुनाव विश्व स्वास्थ्य सभा में किया जाता है. इस बोर्ड के सदस्यों को तीन साल के लिए चुना जाता है.

WHO ने विश्‍व मलेरिया रिपोर्ट 2020 जारी किया

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) ने हाल ही में विश्‍व मलेरिया रिपोर्ट 2020 जारी किया है.
रिपोर्ट के अनुसार मलेरिया को नियंत्रित करने के मामले में भारत ने उल्‍लेखनीय कार्य किया है. इस रोग से सबसे अधिक प्रभावित देशों में से भारत एक ऐसा देश है जहां 2018 की तुलना में 2019 में 17.6 प्रतिशत की कमी हुई. वर्ष 2019 में यह 2018 की तुलना में 18.4 प्रतिशत तक कम हुई है.

भारत में क्षेत्र वार मामलों में भी काफी कमी आई है और वर्ष 2000 से 2019 के बीच मलेरिया के मामलों में 71.8 प्रतिशत कमी आई है और इससे होने वाली मौतों का प्रतिशत भी गिरा है. इसी अवधि में मलेरिया से होने वाली मौतें 92 से घटकर 83.34 प्रतिशत हो गई हैं.