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प्रधानमंत्री की त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा: सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 3-4 जुलाई को त्रिनिदाद और टोबैगो (टीएंडटी) की राजकीय यात्रा पर थे. वे घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील तथा नामीबिया की पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में त्रिनिदाद और टोबैगो के पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे थे.
  • यह यात्रा ऐतिहासिक है क्योंकि त्रिनीदाद और टोबैगो में भारतीय प्रवासियों के आगमन की यह 180वीं वर्षगांठ है.
  • प्रधानमंत्री मोदी ने पोर्ट ऑफ स्पेन स्थित राष्ट्रपति भवन में त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू से मुलाकात की.
  • 4 जून को पोर्ट ऑफ स्पेन के प्रतिष्ठित रेड हाउस में त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर के साथ व्यापक वार्ता की.
  • दोनों देशों ने छह समझौतों और सहमति-पत्रों का आदान-प्रदान किया गया. इनमें शामिल हैं- भारतीय फार्माकोपिया, राजनयिक प्रशिक्षण, खेल, आईसीसीआर की स्थापना, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सुलभ फार्मा.

प्रधानमंत्री मोदी की मुख्य घोषणाएँ

  • त्रिनिदाद और टोबैगो में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की छठी पीढ़ी तक को प्रवासी भारतीय कार्ड (OCI) मिलेगा. इससे पहले, यह प्रवासी भारतीयों की चौथी पीढ़ी तक जारी किया जाता था.
  • ‘हील इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत त्रिनिदाद और टोबैगो के नागरिकों को विशेष चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाएगा.
  • हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव के साथ ही पोर्ट ऑफ स्पेन में गीता महोत्सव मनाया जाएगा.

त्रिनिदाद टोबैगो का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान

  • प्रधानमंत्री को त्रिनिदाद टोबैगो का सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘आर्डर ऑफ़ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया गया.
  • यह पुरस्कार उन्हें पोर्ट ऑफ स्पेन में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू द्वारा प्रदान किया गया. प्रधानमंत्री मोदी यह सम्मान पाने वाले पहले विदेशी नेता हैं.
  • प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान ग्लोबल साउथ (एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के विकासशील देशों) की प्राथमिकताओं की वकालत करने और भारत और कैरेबियाई देश त्रिनिदाद और टोबैगो के बीच संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए दिया गया.

भारत और त्रिनिदाद टोबैगो के संबंध

  • 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 370 मिलियन अमेरिकी डॉलर था. त्रिनिदाद और टोबैगो कैरिबियन क्षेत्र का पहला देश है जिसने UPI प्लेटफॉर्म अपनाया है.
  • भारत, त्रिनिदाद टोबैगो को एक कुशल डिजिटल भुगतान मंच विकसित करने में भी सहायता कर रहा है.
  • त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति सुश्री क्रिस्टीन कार्ला कंगालू जनवरी 2025 में ओडिशा के भुवनेश्वर में 18वें भारतीय दिवस की मुख्य अतिथि थीं.

त्रिनिदाद और टोबैगो में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग

  • त्रिनिदाद और टोबैगो में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं. वर्तमान में, त्रिनिदाद और टोबैगो की आबादी में लगभग 40 से 45% भारतीय हैं.
  • ब्रिटिश उपनिवेशवादियों ने भारतीय लोगों को चीनी बागानों में गिरमिटिया मजदूरों के रूप में लाया था.
  • देश भारतीयों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ मना रहा है. फटेल रजाक,1845 में भारतीयों को त्रिनिदाद लाने वाला पहला जहाज था.

गिरमिटिया मजदूर कौन थे?

  • गिरमिटिया मजदूर वे मजदूर होते थे जो एक एग्रीमेंट (जिसे गिरमिट कहा जाता था) के तहत काम करने के लिए सहमत होते थे. यह एक प्रकार की बंधुआ मजदूरी थी, जिसमें मजदूर अपनी यात्रा और रहने/खाने की लागत के बदले में अपने नियोक्ता के लिए काम करते थे.

त्रिनिदाद और टोबैगो: एक दृष्टि

  • त्रिनिदाद और टोबैगो, कैरिबियाई सागर में स्थित एक द्वीपीय देश है. इसमें दो बड़े द्वीप, त्रिनिदाद और टोबैगो और कुछ छोटे द्वीप शामिल हैं. यह 1962 में ब्रिटेन से स्वतंत्र हुआ था.

बारबाडोस ने प्रधानमंत्री मोदी को मानद ऑर्डर ऑफ फ्रीडम पुरस्कार से सम्मानित किया

  • बारबाडोस सरकार ने 6 मार्च 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘मानद ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस’ पुरस्कार प्रदान किया.
  • विदेश और कपड़ा राज्य मंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा ने बारबाडोस के ब्रिजटाउन में आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री मोदी की ओर से यह पुरस्कार प्राप्त किया.
  • इस पुरस्कार की घोषणा बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया अमोर मोटले ने 20 नवंबर 2024 को गुयाना के जॉर्जटाउन में दूसरे भारत-कैरिकॉम नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक में की थी.
  • प्रधानमंत्री मोदी को यह पुरस्कार कोविड-19 महामारी के दौरान उनके रणनीतिक नेतृत्व और बहुमूल्य सहायता के लिए दिया गया है.
  • दूसरे भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान, डोमिनिकन गणराज्य की सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान टीके उपलब्ध कराने में उनके योगदान के लिए प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च पुरस्कार, ‘डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया था.
  • केंद्रीय विदेश और कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा 28 फरवरी से 7 मार्च 2025 तक लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों के 9 दिवसीय दौरे पर थे.

बारबाडोस ने पूरी तरह से गणराज्य बना, सैंड्रा मैसन बनीं पहली राष्ट्रपति

कैरेबियाई देश बारबाडोस (Barbados) 30 नवंबर 2021 को पूरी तरह से गणराज्य (Republic State) बन गया है. सैंड्रा मैसन बारबाडोस की राष्ट्रपति बनीं हैं. बारबाडोस की संसद ने सैंड्रा मैसन को अपना राष्ट्राध्यक्ष चुना था. वह गणतंत्र बारबाडोस की पहली राष्ट्रपति हैं. इससे पहले ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ बारबाडोस की प्रमुख थीं.

मुख्य बिंदु

  • बारबाडोस पर अंग्रेजों द्वारा वर्ष 1625 में कब्ज़ा किया गया था. वैसे तो बारबाडोस ब्रिटिश औपनिवेश से 54 साल पहले ही मुक्त हो गया था. लेकिन उसकी शासन प्रणाली ऐसी थी जिसमें राज्य प्रमुख ब्रिटेन की महारानी ही थीं.
  • 72 साल की डेम सैंड्रा मैसन (Dame Sandra Mason) 30 नवंबर 2021 को बारबाडोस के राष्ट्रपति पद की शपथ लीं. ब्रिटेन से अपने देश की आजादी की 55वीं सालगिरह पर वह राष्ट्रपति पद की शपथ लीं.
  • ब्रिटेन की महारानी एलिजेबेथ द्वितीय अब भी 15 देशों की राष्ट्राध्यक्ष हैं. इनमें यूनाइटेड किंग्डम के अलावा ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और जमैका शामिल हैं. बारबाडोस ने महारानी को राष्ट्राध्यक्ष के पद से हटाकर नई शुरुआत की है. उनकी जगह अब सैंड्रा मैसन देश की राष्ट्रपति होंगी.

बारबाडोस (Barbados): एक दृष्टि

बारबाडोस 2.85 लाख की जनसंख्या वाला द्वीप देश है. यह कैरेबियाई द्वीपों में सबसे अधिक जनसंख्या और समृद्ध देशों में से एक है. यह 432 वर्ग किमी के क्षेत्र को कवर करता है. इसका सबसे बड़ा शहर ब्रिजटाउन है, जो इसकी राजधानी भी है. यह देश आर्थिक रूप से पर्यटन पर ज्यादा निर्भर है.

यह कैरेबियन द्वीप समूह में पहला ब्रिटिश औपनिवेशन नहीं है जो गणराज्य बन रहा है. इसेस पहले गुयाना ने 1970 में आजाद होने के चार साल बाद गणतंत्र अपनाया था. इसके बाद त्रिनिदाद और टोबैगो ने 1976 और डोमिनिका ने 1978 में गणतंत्र अपनाया था.

बारबाडोस ने क्वीन एलिजाबेथ को राष्ट्रप्रमुख के पद से हटाया

बारबाडोस ने पूरी तरह से गणराज्य (Republic State) होने का फैसला किया है. बारबाडोस की संसद ने अपने दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में सैंड्रा मैसन को अपना राष्ट्राध्यक्ष चुन लिया. वह गणतंत्र बारबाडोस की पहली राष्ट्रपति होंगी. ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ बारबाडोस की प्रमुख नहीं रहेंगी.

बारबाडोस पर अंग्रेजों द्वारा वर्ष 1625 में कब्ज़ा किया गया था. वैसे तो बारबाडोस ब्रिटिश औपनिवेश से 54 साल पहले ही मुक्त हो गया था. लेकिन उसकी शासन प्रणाली ऐसी थी जिसमें राज्य प्रमुख ब्रिटेन की महारानी ही थीं.

72 साल की डेम सैंड्रा मैसन (Dame Sandra Mason) 30 नवंबर 2021 को बारबाडोस के राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी. ब्रिटेन से अपने देश की आजादी की 55वीं सालगिरह पर यह पद संभालेंगी.

बारबाडोस (Barbados): एक दृष्टि

  • बारबाडोस 2.85 लाख की जनसंख्या वाला द्वीप देश है. यह कैरेबियाई द्वीपों में सबसे अधिक जनसंख्या और समृद्ध देशों में से एक है. यह 432 वर्ग किमी के क्षेत्र को कवर करता है. इसका सबसे बड़ा शहर ब्रिजटाउन है, जो इसकी राजधानी भी है. यह देश आर्थिक रूप से पर्यटन पर ज्यादा निर्भर है.
  • यह कैरेबियन द्वीप समूह में पहला ब्रिटिश औपनिवेशन नहीं है जो गणराज्य बन रहा है. इसेस पहले गुयाना ने 1970 में आजाद होने के चार साल बाद गणतंत्र अपनाया था. इसके बाद त्रिनिदाद और टोबैगो ने 1976 और डोमिनिका ने 1978 में गणतंत्र अपनाया था.