Tag Archive for: Joint Military Exercise

भारत की तीनों सेनाओं ने गुजरात में पहला संयुक्त युद्धाभ्यास ‘स्मेलिंग फील्ड’ का आयोजन किया

भारत की तीनों सेनाओं ने संयुक्त रूप से पहला युद्धाभ्यास (फर्स्ट वॉरगेम्स) 29 सितम्बर को पूरा किया. इस अभ्यास में आर्मी, एयर फोर्स और नेवी के स्पेशल कमांडो ने एक साथ हिस्सा लिया. यह पहला मौका था, जब तीनों सेनाओं की स्पेशल फोर्स ने इस तरह एक साथ युद्धाभ्यास किया हो.

इस युद्धाभ्यास का आयोजन ‘ऑर्म्ड फोर्स स्पेशल ऑपरेशन डिविजन (AFSOD) ने किया था. AFSOD का नेतृत्व मेजर जनरल अशोक ढींगरा ने किया था. मेजर जनरल ढींगरा इस टीम के पहले चीफ हैं. तीनों सेनाओं की स्पेशल फोर्स आम तौर पर अलग-अलग काम करती है, लेकिन AFSOD के तहत तीनों के स्पेशल कमांडों एक साथ अभ्यास कर रहे हैं.

युद्धाभ्यास का नाम ‘स्मेलिंग फील्ड’
इस अभ्यास का नाम ‘स्मेलिंग फील्ड’ (Operation Smelling Field) था. इसे गुजरात में पाकिस्तान बॉर्डर के पास नालिया में आयोजित किया गया था. यहां भारतीय थल सेना और भारतीय वायु सेना का अहम बेस है. नालिया कच्छ जिले का हिस्सा है.

‘स्मेलिंग फील्ड’ युद्धाभ्यास में भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंकियों से निपटने के दौरान सामने आने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अभ्यास किया.


मालाबार सैन्य अभ्यास का 23वां संस्करण: भारत, जापान और अमेरिकी नौसेना शामिल

‘मालाबार सैन्य-अभ्यास’ (Malabar Trilateral Maritime Exercise) का 23वां संस्करण 26 सितम्बर से 4 अक्टूबर 2019 तक जापान के ससेबो शहर के समीप पश्चिमी प्रशांत महासागर में आयोजित किया गया. पूर्वी चीन सागर के समीप इस सैन्य अभ्यास में भारत, जापान और अमेरिकी नौसेना शामिल हुए.

23वां मालाबार सैन्य अभ्यास: एक दृष्टि
इस अभ्यास में सतह, उप-सतह और वायु क्षेत्रों में जटिल सामुद्रिक ऑपरेशन शामिल हुए तथा पनडुब्बी-रोधी युद्ध, विमान-रोधी और पनडुब्बी-रोधी फायरिंग, मैरीटाइम इन्टर्डिक्शन ऑपरेशन्स (एमआईओ) पर ध्यान केंद्रित किया गया.

भारत की ओर से इस अभ्यास में 6100 टन वजनी INS सहयाद्रि, पनडुब्बी विध्वंसक INS किल्टन और पी8आई मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट हिस्सा ले रहे हैं. यह पहला मौका है जब जापान में भारत का P8I एयरक्राफ्ट पहुंचा था.

चीन की आपत्ति
चीन पहले से ही समुद्र के इस हिस्से को अपना जलक्षेत्र मानता है और किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि को सीधा अपनी संप्रभुता का उल्लंघन समझता है. चीन मानता है कि मालाबार अभ्यास के तहत तीन देश उसके खिलाफ सैन्य लामबंदी कर रहे हैं.

वहीं इस अभ्यास के जरिये भारतीय नौसेना यह सामरिक संदेश देने की कोशिश करेगी कि वह केवल हिंद महासागर के इलाके तक ही अपने को सीमित नहीं रखना चाहती है बल्कि दक्षिण चीन सागर के पार प्रशांत महासागर तक पहुंचने की भी उसकी क्षमता है.

युद्धाभ्यास के उद्देश्य

  • इस तरह के क्षेत्रों में युद्धाभ्यास करने से नौसेना को प्रायोगिक तौर पर लड़ाई में आने वाली दिक्कतों का अंदाजा हो पाता है. ‘रियल टाइम अटैक स्ट्रैटजी’ में भी नौसेना को फायदा होता है.
  • नौ-सैनिकों को वास्तविक अनुभव मिलता है जिसका फायदा वो युद्ध की स्थिति में उठा पाते हैं, साथ ही नौसेना को वैश्विक स्तर पर भी खुद की स्थिति का पता चलता है.
  • इस तरह की युद्धाभ्यास का लक्ष्य कई बार शक्ति प्रदर्शन भी होता है. ऐसा कर एक देश दूसरे देश को ताकत का अहसास करा कर डर पैदा करना चाहता है.


बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास ‘TSENTR 2019’ रूस के ऑरेनबर्ग में आयोजित किया गया

बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास ‘TSENTR 2019’ का आयोजन 9 से 23 सितम्बर तक रूस के ऑरेनबर्ग स्थित डोंगुज प्रशिक्षण रेंज में किया गया. इस आयोजन की जिम्मेदारी रूस के केंद्रीय सैन्य आयोग को सौंपी गई थी.

‘TSENTR 2019’ अभ्यास में मेजबान रूस के अलावा चीन, भारत, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और पाकिस्तान के सैन्य प्रतियोगीयों ने हिस्सा लिया.

‘TSENTR’ के इस संस्करण में दो मॉड्यूल शामिल थे. पहले मॉड्यूल में काउंटर-टेरर ऑपरेशन, एयरस्ट्राइक, टोही ऑपरेशन और डिफेंसिव उपाय शामिल थे. जबकि दूसरा आक्रामक सैन्य कार्रवाईयों पर केंद्रित था.

‘TSENTR 2019’ के उद्देश्य
‘TSENTR 2019’ का उद्देश्य भाग लेने वाली सेनाओं के बीच आपसी तालमेल पैदा करना था. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ भी साझा सैन्य अभ्यास, जिससे मध्य एशियाई देशों के बीच आपसी समन्वय बेहतर हो सके.


भारत, सिंगापुर और थाईलैंड के बीच ‘SITMEX-19’ त्रिपक्षीय अभ्यास

भारत, सिंगापुर और थाईलैंड के नौसेनाओं के बीच त्रिपक्षीय अभ्यास ‘SITMEX-19’ अंदमान और निकोबार द्वीपसमूह के पोर्ट ब्लेयर में 16 से 20 सितम्बर तक आयोजित किया जा रहा है. इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य मलक्का जलडमरूमध्य में स्वतंत्र और निर्बाध शिपिंग प्रवाह सुनिश्चित करना है. विश्व के आधे से अधिक शिपिंग व्यापार का संचालन मलक्का जलडमरूमध्य के माध्यम से किया जाता है. इस अभ्यास का आयोजन दो चरणों- बंदरगाह चरण और समुद्री चरण में किया जाएगा.


भारत-श्रीलंका वार्षिक समुद्री अभ्‍यास ‘स्‍लीनैक्‍स 2019’ का विशाखापत्तनम में आयोजन किया गया

भारत-श्रीलंका वार्षिक समुद्री नौसेना अभ्‍यास ‘स्‍लीनैक्‍स (SLINEX) 2019’ 7 से 13 सितम्बर तक विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) में आयोजित किया गया. इस अभ्‍यास में नौसेना बेड़े के कमांडिंग फ्लैग आफिसर सहित श्रीलंका की नौसेना के 323 कर्मचारीयों ने हिस्सा लिया. इस अभ्यास के लिए श्रीलंकाई नौसेना ने अपने दो ऑफशोर पट्रोल वेसल ‘SLNS सिन्दुराला’ तथा ‘SLNS सुरानिमाला’ को भेजा था.


अमेरिका का ASEAN देशों के साथ पहला संयुक्त नौसैनिक अभ्यास आयोजित किया गया

अमेरिका का दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (ASEAN) देशों के साथ पहला संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 2 से 7 सितम्बर 2019 तक आयोजित किया गया.

यह सैन्य अभ्यास थाइलैंड के नौसैनिक अड्डे से शुरू हुआ था और विवादित दक्षिण चीन सागर से होते हुए सिंगापुर में समाप्त हुआ.

इस सैन्य अभ्यास में आठ युद्धपोत, तीन NH 60 हेलीकॉप्टर, एक P-8 पोसाइडन विमान और एक हजार से अधिक अमेरिकी और ASEAN सैनिकों ने हिस्सा लिया.

अमेरिका ने ASEAN देशों के साथ पहली बार संयुक्त सैन्य अभ्यास किया. ASEAN देशों ने हालांकि इसी तरह का सैन्य अभ्यास पिछले साल चीन के साथ भी किया था.

यह अभ्यास ऐसे समय हो रहा है, जब जुलाई 2018 में वियतनाम के जल क्षेत्र में चीन का एक तेल सर्वे पोत घुस आया था. इसे लेकर तनाव पैदा हो गया था. चीन ने हालांकि दावा किया था कि यह उसका क्षेत्र है.

दक्षिण चीन सागर पर चीन का दावा
चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है. जबकि ब्रुनेई, फिलीपींस, मलेशिया और वियतनाम भी इस पर अपना दावा करते हैं.

आसियान के सदस्य देश
आसियान के सदस्य देशों में इंडोनेशिया, थाइलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपींस, वियतनाम, म्यांमार, कंबोडिया, ब्रुनेई और लाओस शामिल हैं.


भारत और फ्रांस के बीच संयुक्त नौसैनिक अभ्यास ‘वरुण’ की शुरुआत

भारत और सिंगापुर के बीच ‘बोल्ड कुरुक्षेत्र-2019’ सैन्य अभ्यास का आयोजन