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20 मई 2023 को छठा विश्व मधुमक्खी दिवस मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 20 मई को ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ (World Bee Day) मनाया जाता है. मानवीय गतिविधियों के कारण मधुमक्खी और अन्य परागणकों जैसे तितलियों, चमगादड़ और हमिंग-बर्ड का जीवन खतरे में है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य मधुमक्खी और अन्य परागणकों के महत्व, तथा संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाना है.

मधुमक्खियां सबसे बड़ी परागणकर्ता (pollinator) हैं. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्व की लगभग 35% कृषि अभी भी परागणकों पर निर्भर है.

इस अवसर पर मध्यप्रदेश के बालाघाट में एक राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया गया था. कार्यक्रम में कई प्रकार की शहद और मधुमक्खी पालन क्षेत्र से जुड़े उत्पादों को प्रदर्शित किया गया.

विश्व मधुमक्खी दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2023 में विश्व मधुमक्खी दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘Bee engaged in pollinator-friendly agriculture production’ है.

एंटोन जनसा के जन्म दिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है

यह दिवस 18वीं शताब्दी में आधुनिक मधुमक्खी पालन की तकनीक का नेतृत्व करने वाले एंटोन जनसा (Antone Jansa) के जन्म दिन (20 मई) के उपलक्ष्य में मनाया जाता है.

विश्व मधुमक्खी दिवस का इतिहास

स्लोवेनिया के बीकीपर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र के सम्मुख 20 मई को प्रतिवर्ष विश्व मधुमक्खी दिवस’ मनाने का प्रस्ताव रखा गया था. इस प्रस्ताव को 7 जुलाई, 2017 को इटली में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के सत्र में अनुमोदित किया गया था.

पहला ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ 20 मई 2018 को मनाया गया था. इस वर्ष यानी 2023 में छठा विश्व मधुमक्खी दिवस मनाया गया.

18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (International Museum Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य आम जनता में संग्रहालयों के प्रति जागरुकता फैलाना और उन्हें संग्रहालयों में जाकर अपने इतिहास को जानने के प्रति जागरुक बनाना है.

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय परिषद (ICOM) द्वारा इस दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. ICOM दुनियाभर के सभी देशों की संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण के लिए कटिबद्ध है. इसकी स्थापना 1977 में की गई थी.

अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2023 की थीम

अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद प्रत्येक वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस को मनाने के लिए एक खास विषय (थीम) बनाता है. इस वर्ष यानी 2023 में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस की थीम- ‘Museums, Sustainability and Well-being’ है.

इतिहास

संयुक्त राष्ट्र ने संग्रहालयों की विशेषता और उनके महत्व को समझते हुए 18 मई को ‘अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय 1983 में लिया था.

18 मई: विश्व एड्स वैक्सीन दिवस

दुनिया भर में 18 मई को विश्व एड्स वैक्सीन दिवस (World AIDS Vaccine Day) मनाया जाता है. इस दिन को HIV वैक्सीन जागरुकता दिवस के रूप में जाता है. इस मौके पर एड्स की प्रभावी और सुरक्षित वैक्सीन की तलाश के लिए एक साथ काम कर रहे वैज्ञानिक, स्वास्थ्य पेशेवर और वॉलेंटियर का शुक्रिया अदा किया जाता है.

विश्व एड्स वैक्सीन दिवस का इतिहास

विश्व एड्स दिवस की परिकल्पना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के मोर्गन स्टेट यूनिवर्सिटी में 18 मई, 1997 को दिए भाषण से आई. क्लिंटन ने दुनिया को नए लक्ष्य निर्धारित करने और अगले दशक के अंदर एड्स की वैक्सीन विकसित करने की चुनौती दी थी. इसके नतीजे में उनके भाषण का वर्षगांठ मनाने के लिए पहली बार विश्व एड्स वैक्सीन दिवस 18 मई, 1998 को मनाया गया.

एड्स (AIDS)

  • एड्स (AIDS) का पूरा नाम Acquired Immune Deficiency Syndrome है. यह Human immunodeficiency viruses (HIV) के संक्रमण से होता है. एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मनुष्य का प्रतिरक्षा प्रणाली (संक्रमण से लड़ने की क्षमता) कम हो जाती है.
  • HIV इसी प्रतिरक्षा प्रणाली कि कोशिकाओं पर हामला कर इसे कमजोर करता है. यह कोशिकाएं एक प्रकार कि श्वेत रक्त कोशिकाएं होती है जिन्हे CD4 सेल्स भी कहा जाता है.
  • HIV के केवल शरीर में प्रवेश से आपको एड्स नहीं हो जाता. जिस व्यक्ति को HIV है, उसे एड्स होने की संभावना ज्यादा रहती है. HIV संक्रमण तब होता है जब एक सामान्य व्यक्ति HIV संक्रमित व्यक्ति के रक्त के संपर्क में आता है.

17 मई: विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस, विश्व हाइपरटेंशन दिवस

प्रत्येक वर्ष 17 मई को विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस (World Telecommunication and Information Society Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट और नई प्रौद्योगिकियों द्वारा लाया गया सामाजिक परिवर्तनों की वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है.

विश्व दूरसंचार दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2023 में विश्व दूरसंचार दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘Enabling the least developed nations through information and communication technologies’ है.

विश्व दूरसंचार दिवस का इतिहास

17 मई 1865 को अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (International Telecommunication Union- ITU) की स्थापना की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है. 17 मई 1969 को पहली बार विश्व दूरसंचार दिवस मनाया जाता था.

17 मई: विश्व हाइपरटेंशन दिवस

प्रत्येक वर्ष 17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस (World Hypertension Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य पूरी दुनिया के लोगों को इसके बारे में जागरूक करना है.

विश्व हाइपरटेंशन दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2023 में ‘विश्व हाइपरटेंशन दिवस’ का मुख्य विषय (थीम)- ‘अपने रक्तचाप को सटीक रूप से मापें, इसे नियंत्रित करें, लंबे समय तक जीवित रहें’ (Measure Your Blood Pressure Accurately, Control It, Live Longer) है.

हाइपरटेंशन क्या है?

  • हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) एक गंभीर चिकित्सा स्थिति है जो हार्ट-अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेल और अंधेपन के जोखिम को बढ़ाती है. यह दुनिया भर में समय से पूर्व होने वाली मौत के प्रमुख कारणों में से एक है.
  • WHO के अनुसार दुनियाभर में 1.13 बिलियन लोगों को हाइपरटेंशन है. हाइपरटेंशन के मुख्य कारण में खराब खान-पान, व्यायाम न करना, शराब और तंबाकू का सेवन करना माना जाता है.
  • हाई ब्लड प्रेशर से बचने के लिए सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ लेना लाभकारी होता है.

16 मई 2023: सिक्किम का 48वां स्थापना दिवस, 1975 में भारत का 22वां राज्य बना था

प्रत्येक वर्ष 16 मई को सिक्किम स्थापना दिवस (Sikkim Statehood Day) मनाया जाता है. सिक्किम 1975 में इसी दिन भारतीय गणराज्य का 22वां राज्य बना था. इस वर्ष यानी 2023 में इस राज्य ने अपना 48वां स्थापना दिवस मनाया.

सिक्किम से संबंधित संवैधानिक तथ्य

भारतीय संविधान के 35वें संशोधन से सिक्किम को भारतीय गणराज्य में 22वें सह-राज्य के रूप में शामिल किया गया था. सिक्किम को पूर्ण राज्य का दर्जा 36वें संविधान संशोधन से दिया गया.

सिक्किम का संक्षिप्त इतिहास

  1. सिक्किम में राजशाही की स्थापना वर्ष 1642 में हुई थी. यहां पर चोग्याल वंश का शासन था. इसके बाद 1890 में ब्रिटिश इंडिया के अंतर्गत सिक्किम को ‘प्रोटेक्टोरेट स्टेट’ बनाया गया.
  2. भारत की स्वतंत्रता के समय वर्ष 1947 में सिक्किम की भारत के साथ संधि हुई, जिसके अंतर्गत सिक्किम की रक्षा, संचार और विदेश मामले भारत की ओर से देखा जाना तय हुआ.
  3. 1975 में हुए जनमत संग्रह के बाद इस राज्य का विलय भारत में हुआ और 16 मई 1975 को भारतीय गणराज्य का 22वां राज्य बना था.

सिक्किम: मुख्य तथ्य

  • अंगूठे के आकार का यह राज्य पश्चिम में नेपाल, उत्तर और पूर्व में चीनी तिब्बत क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व में भूटान से घिरा हुआ है. भारत का पश्चिम बंगाल राज्य इसके दक्षिण में है.
  • अंग्रेज़ी, नेपाली, लेप्चा, भूटिया, लिंबू तथा हिन्दी इसकी आधिकारिक भाषाएँ हैं, परन्तु शासकीय कार्य में अंग्रेज़ी का ही प्रयोग होता है.
  • हिन्दू धर्म और वज्रयान बौद्ध धर्म यहाँ के प्रमुख धर्म है.
  • सिक्किम की राजधानी और सबसे बड़ा शहर ‘गंगटोक’ है.
  • जनसंख्या के मामले में भारत का सबसे छोटा राज्य और क्षेत्रफल के मामले में गोआ के पश्चात दूसरा सबसे छोटा राज्य है.
  • इसका क्षेत्रफल 7,096 वर्ग किलोमीटर है.
  • सिक्किम का ‘राज्य पशु’ लाल पांडा, ‘राज्य पक्षी’ लाल तीतर, ‘राज्य फूल’ नोबल डेंड्रोबियम और ‘राज्य वृक्ष’ रोडोडेंड्रोन है.
  • सिक्किम भारत का पहला ऑर्गेनिक राज्य है. 2016 में, सिक्किम विश्व में पहला पूर्ण जैविक राज्य बना था.
  • काजी लेंडुप दोरजी भारतीय गणराज्य में शामिल हुए इस राज्य के पहले मुख्यमंत्री थे.
  • चीन के साथ भारत का सबसे पहला खुला जमीनी रास्ता ‘नाथू ला दर्रा’ सिक्किम में ही है.
  • सिक्किम में विश्व की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा भी है. यह एक विश्व धरोहर स्थल है.
  • तीस्ता नदी इस राज्य में बहने वाली प्रमुख नदी है. ल्होनक, लाचुंग और तालुंग तीस्ता की सहायक नदियाँ हैं. तीस्ता नदी ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी है.

16 मई: राष्ट्रीय डेंगू दिवस, विश्व कृषि-पर्यटन दिवस

प्रत्येक वर्ष 16 मई को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय डेंगू दिवस (National Dengue Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य डेंगू से बचाव के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना है. इस वर्ष यानी 2023 की थीम ‘समुदाय को डेंगू की जानकारी, लक्षणों की पहचान एवं बचाव के उपायों की जानकारी देना है.

डेंगू (Dengue) क्या है?

डेंगू एक विषाणु जनित (वायरल) रोग है. यह संक्रमित मादा एडीज मच्छर (Female Aedes Mosquito) के काटने से फैलता है. डेंगू का मच्छर पानी में पनपता है. यह मच्छर अधिकतर रोशनी में काटते हैं. बारिश होने के साथ देश में जुलाई से अक्टूबर के दौरान सबसे ज्यादा डेंगू फैलता है.

डेंगू होने पर व्यक्ति को तेज़ बुख़ार, शरीर में दर्द, आंखों में दर्द और त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण हो सकते हैं. डेंगू के कारण खून में प्लेटलेट कम हो जाती है.

विश्व कृषि-पर्यटन दिवस

प्रत्येक वर्ष 16 मई को विश्व कृषि-पर्यटन दिवस (World Agri-Tourism Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य कृषि और पर्यटन क्षेत्र को एकीकृत कर किसानों की आय में बढ़ोतरी करना है.

  • कृषि पर्यटन का आशय पर्यटन के उस रूप से है, जिसमें ग्रामीण संस्कृति को पर्यटक आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया जाता है. यह पारिस्थितिक पर्यटन के समान ही है, यद्यपि इसमें प्राकृतिक परिदृश्य के बजाय सांस्कृतिक परिदृश्य को शामिल किया जाता है.
  • महाराष्ट्र, देश में कृषि पर्यटन को विकसित करने और बढ़ावा देने वाला अग्रणी राज्य है. महाराष्ट्र में वर्ष 2005 में कृषि-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये कृषि पर्यटन विकास निगम (ATDC) का गठन किया गया था.

16 मई: अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस, पहला सफल लेजर ऑपरेशन की सालगिरह

प्रत्येक वर्ष 16 मई को ‘अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस’ (International Day of Light) मनाया जाता है. यह दिवस विज्ञान, संस्कृति कला, शिक्षा और सतत विकास, और औषधि, संचार और ऊर्जा के विविध क्षेत्र में प्रकाश की भूमिका के उपलक्ष्य में मनाया जाता है.

पहला सफल लेजर ऑपरेशन की सालगिरह

भौतिकशास्त्री और इंजीनियर थियोडोर मेमन (Theodore Maiman) द्वारा लेजर के पहले सफल लेजर ऑपरेशन की सालगिरह के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 16 मई को यह दिवस मनाया जाता है. पहला सफल लेजर ऑपरेशन थियोडोर मेमन द्वारा वर्ष 1960 में इसी दिन किया गया था.

अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस का इतिहास

7 नवंबर, 2017 को यूनेस्को (UNESCO) के सामान्य सभा में 16 मई को इस दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी. संपूर्ण विश्व में पहला ‘अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस’ 2018 में मनाया गया था. इस वर्ष यानी 2023 में अन्तर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस का छठा संस्करण मनाया गया.

15 मई 2023 को 28वां अन्तर्राष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 15 मई को संपूर्ण विश्व में ‘अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस’ (International Day of Families) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में परिवार की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाना है. इस वर्ष 15 मई 2023 को 28वां ‘अन्तर्राष्ट्रीय परिवार दिवस’ मनाया गया.

अन्तर्राष्ट्रीय परिवार दिवस का प्रतीक चिन्ह

अन्तर्राष्ट्रीय परिवार दिवस का प्रतीक चिन्ह एक हरे रंगा का एक गोल घेरा है जिसके अंदर घर बना हुआ है, जिसमें एक दिल बना हुआ है. जो समाज का केंद्र यानि परिवार को दर्शाता है. मतलब परिवार के बिना समाज अधूरा है.

अन्तर्राष्ट्रीय परिवार दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2023 में इस दिवस का मुख्य विषय (Theme)- ‘जनसांख्यिकी रुझान और परिवार’ (Demographic Trends and Families) है.

अन्तर्राष्ट्रीय परिवार दिवस की अधिकांश थीम बच्चों की शिक्षा, गरीबी, पारिवारिक संतुलन और सामाजिक मुद्दों को दुनिया भर के परिवारों की भलाई के बारे में जागरुकता फैलाने में मदद करती हैं.

अन्तर्राष्ट्रीय परिवार दिवस का इतिहास

वर्ष 1993 में संयुक्त राष्ट्र संघ के एक प्रस्ताव के द्वारा प्रतिवर्ष 15 मई को इस दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था. साल 1996 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया गया था. उसस वर्ष इस दिवस की थीम ‘परिवारः गरीबी और बेघरता के पहले पीड़ित’ था.

मई और अक्टूबर माह का दूसरा शनिवार: विश्व प्रवासी पक्षी दिवस

प्रत्येक वर्ष मई और अक्टूबर माह के दूसरे शनिवार को विश्व प्रवासी पक्षी दिवस (World Migratory Bird Day) मनाया जाता है. इस वर्ष यानी 2023 में यह दिवस 13 मई को मनाया गया. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण की आवश्यकता पर जागरूकता पैदा करना है. यह दिन प्रवासी पक्षियों को संरक्षित करने के लिए एक वैश्विक अभियान है.

विश्व प्रवासी पक्षी दिवस 20233 की थीम

इस वर्ष (मई 2023) के विश्व प्रवासी पक्षी दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘Water and its importance for Migratory Bird’ है.

विश्व प्रवासी पक्षी दिवस (WMBD) 2006 में शुरू किया गया था. इसका आयोजन Convention on Migratory Species, Environment for the Americas और African – Eurasian Migratory Waterbird Agreement द्वारा किया जाता है.

12 मई: अन्तर्राष्ट्रीय नर्स दिवस, फ्लोरेंस नाइटिंगल का जन्मदिन

प्रत्येक वर्ष 12 मई को दुनिया भर में अन्तर्राष्ट्रीय नर्स दिवस (International Nurses Day) मनाया जाता है. यह दिन समाज में नर्सों के योगदान को समर्पित होता है.

अन्तर्राष्ट्रीय नर्स दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2023 के अन्तर्राष्ट्रीय नर्स दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘हमारी नर्सें, हमारा भविष्य’ (Our Nurses, Our Future) है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2020 को नर्स और मिडवाइफ के अन्तर्राष्ट्रीय वर्ष (International Year of the Nurse and the Midwife) के रूप में घोषित किया था.

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस का इतिहास

अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस को पहली बार 1965 में इंटरनैशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज (ICN) द्वारा मनाया गया था. जनवरी 1974 से यह प्रत्येक वर्ष 12 मई को मनाया जाने लगा.

फ्लोरेंस नाइटिंगल का जन्मदिन

अन्तर्राष्ट्रीय नर्स दिवस आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिन पर मनाया जाता है. फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई, 1820 को इटली के फ्लोरेंस में हुआ था.

नाइटिंगल रात के समय जब वह मरीजों को देखने जातीं तो लालटेन हाथ में लेकर जाती थीं. इस वजह से सैनिकों ने उनको ‘लेडी विद लैंप’ (The Lady with the Lamp) कहना शुरू कर दिया.

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्‍कार

भारत में हर साल 12 मई को राष्‍ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्‍कार दिया जाता है. इसकी शुरुआत 1973 में भारत सरकार के परिवार एवं कल्‍याण मंत्रालय ने की थी. नर्सों की सराहनीय सेवा को मान्‍यता प्रदान करने के लिए राष्ट्रपति द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है. फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्‍कार में 50 हज़ार रुपए नकद, एक प्रशस्ति पत्र और मेडल दिया जाता है.

11 मई: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस, पोखरण परमाणु परीक्षण की वर्षगांठ

प्रत्येक वर्ष 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उपायों का स्‍मरण कर लोगों को जागरूक करना है. भारत ने 1998 में इसी दिन दूसरी बार सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किया था.

‘शक्ति’ की वर्षगांठ

भारत ने 11 मई 1998 को राजस्थान के पोकरण में सफलतापूर्वक तीन परमाणु परीक्षण किया था. इस परमाणु परीक्षण को ‘शक्ति’ नाम से जाना जाता है. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस ‘शक्ति’ की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है. भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण मई 1974 में किया था, जिसका कूट नाम ‘स्माइलिंग बुद्धा’ था.

11 मई को उस समय देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे. दो दिन बाद यानी 11 मई 1998 को देश में दो और सफल परमाणु परीक्षण हुआ. यह परमाणु बमों की 5 परीक्षणों की एक श्रृंखला थी जिसे पोकरण-II नाम से भी जाना जाता है. इस परीक्षण के साथ ही भारत दुनिया के उन छह देशों में शामिल हो गया जिनके पास परमाणु शक्ति है.

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2022 के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘स्कूल टू स्टार्टअप- इनोवेटिंग यंग माइंड्स टू इनोवेट’ (School to Startups- Igniting Young Minds to Innovate) था.

स्वदेशी विमान हंस

भारत के स्वदेशी विमान हंस ने 1998 में इसी दिन उड़ान भरी थी. हंस-3 को नैशनल एयरोस्पेस लैबरेटरीज द्वारा विकसित किया गया था. वह दो सीटों वाला हल्का सामान्य विमान था. उसका इस्तेमाल पायलटों को प्रशिक्षण देने, हवाई फोटोग्राफी, निगरानी और पर्यावरण से संबंधित परियोजनाओं के लिए होता है.

त्रिशूल मिसाइल

11 मई, 1998 को ही रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने त्रिशूल मिसाइल का आखिरी परीक्षण किया था. त्रिशूल यह छोटी दूरी की जमीन से हवा में मार करने वाला मिसाइल है. इस मिसाइल को भारत के एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम के तहत तैयार किया गया था. इसी परियोजना के तहत पृथ्वी, आकाश और अग्नि मिसाइलों को बनाया गया है.

9 मई 2023: गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर की 162वीं जयंती मनाई गयी

9 मई 2023 को गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर की 162वीं जयंती मनाई गयी. बंगाली कैलेंडर के हिसाब से टैगोर की जयंती 9 मई को पड़ती है. जार्जियन कैलेंडर के हिसाब से टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता के जोड़ासाँको ठाकुरबाड़ी में हुआ था. उनके पिता देवेन्द्रनाथ टैगोर और माता शारदा देवी थीं.

रविंद्रनाथ टैगोर: एक दृष्टि

  • रविंद्रनाथ टैगोर अकेले ऐसे भारतीय साहित्यकार हैं जिन्हें नोबेल पुरस्कार मिला है. उनकी काव्यरचना गीतांजलि के लिये उन्हे सन् 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था. वह नोबेल पुरस्कार पाने वाले प्रथम एशियाई और साहित्य में नोबेल पाने वाले पहले गैर यूरोपीय भी है.
  • वह दुनिया के अकेले ऐसे कवि हैं जिनकी रचनाएं दो देशों का राष्ट्रगान हैं– भारत का राष्ट्र-गान ‘जन गण मन’ और बाँग्लादेश का राष्ट्रीय गान ‘आमार सोनार बाँग्ला’.
  • सन 1921 में कृषि अर्थशास्त्री लियोनार्ड एमहर्स्ट के साथ मिलकर उन्होंने अपने आश्रम के पास ही ‘ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान’ की स्थापना की थी. बाद में इसका नाम बदलकर श्रीनिकेतन कर दिया गया. प्रकृति के सान्निध्य में पेड़ों, बगीचों और एक लाइब्रेरी के साथ टैगोर ने शान्ति-निकेतन की स्थापना की.
  • अंग्रेजी सरकार ने उन्हें 1915 में नाइटहुड प्रदान किया लेकिन 1919 के जलिआंवाला बाग़ हत्याकांड के बाद टैगोर ने इसे वापस कर दिया था.

इज़राइल में रवींद्रनाथ टैगोर पर एक सड़क का नाम

इज़राइल ने रवींद्रनाथ टैगोर की 159वीं जयंती पर तेल अवीव में एक सड़क का नाम देकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की थी. इजरायल ने इस सड़क का नाम टैगोर स्ट्रीट रखा है.