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14 नवंबर: विश्व मधुमेह दिवस, सर फ्रेडरिक बैंटिंग का जन्मदिन

प्रत्येक वर्ष 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस (World Diabetes Day) मनाया जाता है. दुनियाभर में तेजी से बढ़ती मधुमेह से जूझने और जागरुकता फैलाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है.

सर फ्रेडरिक बैंटिंग का जन्मदिन

यह दिवस सर फ्रेडरिक बैंटिंग के जन्मदिन पर मनाया जाता है. बैंटिंग ने 1922 में चार्ल्स बेस्ट के साथ इंसुलिन की खोज की थी.

विश्व मधुमेह दिवस 2022 की थीम

इस वर्ष यानी 2022 के विश्व मधुमेह दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘मधुमेह शिक्षा तक पहुंच’ (access to diabetes education) है.

विश्व मधुमेह दिवस मनाने का इतिहास

विश्व मधुमेह दिवस को अंतरराष्‍ट्रीय मधुमेह संघ (IDF) और विश्‍व स्वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) ने 1991 में शुरू किया गया था. यह दिन पहली बार 1991 में मनाया गया था. इस दिवस को 2006 में संयुक्त राष्ट्र का आधिकारिक दिवस घोषित किया गया.

क्या है मधुमेह?

मधुमेह मेटाबोलिक बीमारियों का एक समूह है, जिसमें खून में ग्लूकोज या ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है. ऐसा तब होता है, जब शरीर में इंसुलिन हार्मोन ठीक से न बने या शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के लिए ठीक से प्रतिक्रिया न दें.

मधुमेह के लक्षण: जिन मरीजों का ब्लड शुगर सामान्य से अधिक होता है वे अक्सर पॉलीयूरिया (बार-बार पेशाब आना) से परेशान रहते हैं. उन्हें प्यास (पॉलीडिप्सिया) और भूख (पॉलिफेजिया) ज्यादा लगती है.

मधुमेह पर नियन्त्रण: उचित व्यायाम, आहार और शरीर के वजन पर नियन्त्रण बनाए रखकर मधुमेह को नियन्त्रित रखा जा सकता है.

मधुमेह के दुष्प्रभाव: अगर मधुमेह पर ठीक से नियन्त्रण न रखा जाए तो मरीज में दिल, गुर्दे, आंखें, पैर एवं तंत्रिका संबंधी कई तरह की बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है.

14 नवम्बर: बाल दिवस, पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती

प्रत्येक वर्ष 14 नवम्बर को बाल दिवस (Children’s Day) के रूप में मनाया जाता है. भारत में बच्चों की शिक्षा, देखभाल और अधिकारों के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है.

बाल दिवस देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है. यह नेहरू के जन्मदिन पर बच्चों के प्रति उनके स्नेह के रूप में मनाया जाता है. जवाहर लाल नेहरु को वर्ष 1955 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था.

1964 से पहले भारत में प्रत्येक वर्ष 20 नवम्बर को बाल दिवस मनाया जाता था. यह बाल दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा निश्चित किया गया था. वर्ष 1964 में जवाहरलाल नेहरु की मृत्यु के बाद भारत में 14 नवम्बर को बाल दिवस के रूप में मनाने पर सहमति बनी.

12 नवम्‍बर: लोकसेवा प्रसारण दिवस

प्रत्येक वर्ष 12 नवम्‍बर को लोकसेवा प्रसारण दिवस (Public Service Broadcasting Day) मनाया जाता है. वर्ष 1947 में आज ही के दिन राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी एक बार आकाशवाणी (आल इंडिया रेडियो) भवन आये थे और इस स्‍मृति में प्रत्‍येक वर्ष 12 नवम्‍बर को यह दिवस मनाया जाता है.

महात्‍मा गांधी ने विभाजन के बाद हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अस्‍थाई रूप से आकर बसे विस्‍थापित लोगों को आकाशवाणी से संबोधित किया था.

भारत में 8 जून, 1936 को आकाशवाणी अस्तित्व में आया था. आकाशवाणी का आदर्श वाक्य ‘बहुजन हिताय बहुजन सुखाय’ है.

11 नवम्‍बर: राष्‍ट्रीय शिक्षा दिवस, मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती

प्रत्‍येक वर्ष 11 नवम्‍बर को भारत में राष्‍ट्रीय शिक्षा दिवस (National Education Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिवस स्‍वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर मनाया जाता है. देश की शिक्षा प्रणाली की आधारशिला रखने में उनका महत्‍वपूर्ण योगदान है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रुप में मनाये जाने का फैसला 11 सितंबर 2008 को किया था.

मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती

महान स्‍वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद् मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्म 11 नवम्‍बर 1888 को मक्का, सऊदी अरब में हुआ था. उन्होंने 1947 से 1958 तक स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया था.

शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की स्थापना की थी. उनका मुख्य लक्ष्य प्राइमरी शिक्षा को बढ़ाना था. 1992 में मौलाना अबुल कलाम आजाद को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. भारत की आजादी के बाद मौलाना अबुल कलाम ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की स्थापना की थी.

1912 में, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने मुसलमानों के बीच क्रांतिकारी रंगरूटों को बढ़ाने के लिए उर्दू में एक साप्ताहिक पत्रिका अल-हिलाल शुरू की थी. अल-हिलाल ने मॉर्ले-मिंटो सुधारों के बाद दो समुदायों के बीच खराब खून के बाद हिंदू-मुस्लिम एकता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

24 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है…»

10 नवम्बर: शांति व विकास के लिए विश्व विज्ञान दिवस

प्रत्येक वर्ष 10 नवम्बर को ‘शांति व विकास के लिए विश्व विज्ञान दिवस’ (World Science Day for Peace and Development) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हमारे दैनिक जीवन में विज्ञान के महत्व और प्रासंगिकता को रेखांकित करना है.

इस वर्ष यानी 2022 में इस दिवस का विषय (Theme) ‘सतत विकास के लिए बुनियादी विज्ञान’ (Basic Sciences for Sustainable Development) है.

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की सामान्य सभा ने वर्ष 2001 में इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी. इसे 2002 में पहली बार मनाया गया था.

विज्ञान में महिलाओं व बालिकाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस

प्रत्येक वर्ष 11 फरवरी को विज्ञान में महिलाओं व बालिकाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day of Women and Girls in Science) भी मनाया जाता है. संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस दिवस को 2015 से मनाया जा रहा है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालना है.

9 नवम्बर 2022: उत्तराखंड का 22वां स्‍थापना दिवस

प्रत्येक वर्ष 9 नवम्बर को उत्तराखंड अपना स्थापना दिवस (Uttarakhand Sthapna Diwas) मनाता है. वर्ष 2000 में इसी दिन उत्तराखंड अस्तित्‍व में आया था. इसके पहले यह उत्‍तर प्रदेश का हिस्सा था.

उत्तराखंड: मुख्य बिंदु

  • कई वर्षों तक चले आंदोलन के बाद 9 नवंबर 2000 को उत्तराखण्ड को सत्ताइसवें राज्य के रूप में भारत गणराज्य में शामिल किया गया था.
  • वर्ष 2000 से 2006 तक इसे उत्तरांचल के नाम से पुकारा जाता था, लेकिन जनवरी 2007 में स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इसका आधिकारिक नाम बदलकर उत्तराखण्ड कर दिया गया.
  • उत्तराखंड की सीमाएँ उत्तर में तिब्बत और पूर्व में नेपाल से लगी हैं. पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और दक्षिण में उत्तर प्रदेश इसकी सीमा से लगे राज्य हैं.
  • उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि कई प्राचीन धार्मिक स्थलों के साथ ही यह राज्य हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र मानी जाने वाली देश की सबसे बड़ी नदियों गंगा और यमुना का उद्गम स्थल है.

9 नवंबर: राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस

प्रत्येक वर्ष 9 नवंबर को राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस (National Legal Services Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए उचित निष्पक्ष और न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता फैलाना है.

मुख्य बिंदु

  • राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस (NLSD) की शुरुआत पहली बार 1995 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिये की गई थी.
  • कमजोर वर्गों को नि:शुल्क कानूनी सेवाएँ प्रदान करने के लिये राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (National Legal Services Authority-NALSA) का गठन किया गया है. भारत का मुख्य न्यायाधीश इसका मुख्य संरक्षक होता है.
  • संविधान के अनुच्छेद 39 A अवसर की समानता के आधार पर न्याय को बढ़ावा देने के लिये समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने का प्रावधान करता है. अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 22 (1), विधि के समक्ष समानता सुनिश्चित करने के लिये राज्य को बाध्य करता है.
  • NALSA महिलाओं, विकलांग व्यक्तियों, अनुसूचित जनजातियों (ST), बच्चों, अनुसूचित जातियों (SC), मानव तस्करी पीड़ितों के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के शिकार लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करता है.

8 नवंबर: विश्व रेडियोग्राफी दिवस

प्रत्येक वर्ष 8 नवंबर को विश्व रेडियोग्राफी दिवस (International Day of Radiology) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों के बीच रेडियोलॉजी के बारे में जागरूकता बढ़ाना है.

यह दिवस भौतिकी के वैज्ञानिक विल्हेम कॉनराड रॉन्टगन जिन्होंने एक्स-रे की खोज की थी, के जन्मदिन पर मनाया जाता है. वर्ष 1895 में आज के ही दिन रॉन्टगन ने एक्स-रे की खोज की थी.

रेडियोग्राफी स्वास्थ्य सेवा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह रोगियों की देखभाल करने में सहायता करता है. एक्स-रे लोगों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को खोजने में मदद करती हैं.

पहली बार विश्व रेडियोलॉजी दिवस 8 नवंबर 2012 को मनाया गया था. यूरोपियन सोसाइटी ऑफ रेडियोलॉजी (ESR), रेडियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RSNA) और अमेरिकन कॉलेज ऑफ रेडियोलॉजी (ACR) ने विश्व रेडियोलॉजी दिवस शुरू करने के लिए पहल की थी.

विश्व रेडियोग्राफी दिवस 2022 की थीम

इस वर्ष यानी 2021 का विश्व रेडियोग्राफी दिवस की थीम (मुख्य विषय) ‘रोगियों का समर्थन करने वाले रेडियोलॉजिस्ट और रेडियोग्राफर’ (Radiologists and Radiographers supporting patients) है.

7 नवंबर: राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 7 नवम्बर को ‘राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस’ (National Cancer Awareness Day) मनाया जाता है. कैंसर रोग, कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि के कारण होता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य उद्देश्‍य कैंसर के निदान, समय रहते पहचान और उपचार के महत्‍व पर प्रकाश डालना और जागरूकता बढ़ाना है.

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘7 नवंबर’ को ‘राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस’ के रूप में मनाये जाने का निर्णय 2014 में लिया था. पहला राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस 7 नवंबर 2014 को मनाया गया था.

इसके अलाबा प्रत्येक वर्ष 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) के रूप में मनाया जाता है.

डॉ. कमल रणदिवे को कैंसर पर उनके शोध के लिए जाना जाता है. वह भारतीय बायोमेडिकल शोधकर्ता थीं जिन्होंने कैंसर और वायरस के बीच सम्बन्ध पर शोध कार्य किया था. वे Indian Women Scientists’ Association (IWSA) की संस्थापक सदस्यों में से एक थीं. उन्होंने 1960 के दशक में मुंबई में Indian Cancer Research Centre में भारत की प्रथम टिश्यू कल्चर रिसर्च लेबोरेटरी की स्थापना की थी.

5 नवंबर: विश्व सुनामी जागरूकता दिवस

प्रत्येक वर्ष 5 नवंबर को दुनिया भर में ‘विश्व सुनामी जागरूकता दिवस’ (World Tsunami Awareness Day) मनाया जाता है. इस दिवस का उद्देश्य सुनामी के खतरों और इसके प्रभाव को कम करने हेतु चेतावनी प्रणालियों के बारे में जागरूक करना है.

विश्व सुनामी जागरूकता दिवस का लक्ष्य ‘सेंदाई सेवेन कैम्पेन’ (Sendai Seven Campaign) को बढ़ावा देना है, जो महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे में आपदा नुकसान को कम करने और बुनियादी सेवाओं के विघटन पर केंद्रित है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 5 नवंबर को इस दिवस के रूप में मनाने की घोषणा 2015 में की थी. पहला विश्व सुनामी जागरूकता दिवस 5 दिसंबर 2016 को मनाया गया था.

शब्द Tsunami (सुनामी) जापानी नाम है. “tsu” का अर्थ है बंदरगाह और “nami” का अर्थ है लहर. सुनामी बड़ी लहरें हैं जो समुद्र के किनारों पर उत्पन्न होती हैं जो मुख्य रूप से भूस्खलन या भूकंप से जुड़ी होती हैं.

गयाना के राष्‍ट्रपति 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में मुख्य अतिथि होंगे

गयाना के राष्ट्रपति डॉक्टर मोहम्‍मद इरफान अली 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में मुख्य अतिथि होंगे. यह सम्मेलन 8 से 10 जनवरी 2023 तक मध्य प्रदेश के इंदौर में होगा.

ऑस्‍ट्रेलिया की संसद सदस्य जैनेट मैस्‍करनहैंस 8 जनवरी 2023 को युवा प्रवासी भारतीय दिवस में मुख्य अतिथि होंगी.

इस सम्मेलन का विषय है “अमृतकाल में भारत के विकास में विश्वसनीय साझेदार भारतवंशी”.

प्रवासी भारतीय दिवस: एक दृष्टि

  • प्रवासी भारतीय दिवस प्रत्येक दो वर्ष में एक बार मनाया जाता है. विदेशों में रहने वाले भारतीयों को आपस में जोड़ने का, यह एक अनूठा मंच है.
  • यह दिवस 9 जनवरी को इसलिए मनाया जाता हैं क्योंकि 1915 में इसी दिन महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे.
  • भारत के विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को देखते हुए, वर्ष 2003 में पहले प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन किया गया था.
  • यह सम्मेलन प्रवासी भारतीयों के मुद्दों और चिंताओं पर चर्चा करने और विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान करने वाले प्रवासियों को सम्मानित करने का अवसर प्रदान करता है.

1 नवंबर: मध्य प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, केरल, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस

प्रत्येक वर्ष 1 नवंबर को मध्य प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, केरल, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ अपना स्थापना दिवस मनाते हैं. इन सभी राज्यों का गठन 1 नवंबर को ही हुआ था.

मध्य प्रदेश का गठन 1 नवंबर, 1956 को हुआ था. इसके गठन से पहले यह मध्य भारत में आता था. इस वर्ष 2022 में मध्य प्रदेश का 67वां स्थापना मनाया गया. मध्य भारत प्रांत की उस समय दो राजधानियां थीं. ग्वालियर शीतकालीन राजधानी और इंदौर ग्रीष्मकालीन राजधानी थी. मध्‍यप्रदेश के अस्तित्‍व में आने के साथ ही भोपाल को राजधानी बना दिया गया. डॉ. पटटाभि सीतारामैया मध्यप्रदेश के पहले राज्यपाल बने जबकि पंडित रविशंकर शुक्ल को पहला मुख्यमंत्री बनाया गया.

1 नवंबर 2000 को ही मध्य प्रदेश के कुछ भागों को अलग कर छत्तीसगढ़ नाम का एक नया राज्य अस्तित्व में आया था. इस वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ का 23वां स्थापना मनाया गया.

कर्नाटक का गठन 1 नवंबर, 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अधीन किया गया था. पहले यह मैसूर राज्य कहलाता था. 1973 में पुनर्नामकरण कर इसका नाम कर्नाटक कर दिया गया.

1 नवंबर, 1956 को आंध्र प्रदेश का निर्माण तत्कालीन आंध्र राज्य और हैदराबाद राज्य के विलय के साथ हुआ था. हालांकि साल 2014 में एक पृथक आंध्रप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बनने के बाद चंद्रबाबू नायडू ने 2 जून को अपना स्थापना दिवस मनाने का फैसला लिया था, लेकिन जगन सरकार ने स्थापना दिवस मनाने के लिए 1 नवंबर की तारीफ पुन: निश्चित की.

कर्नाटक, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा पंजाब, केरल और हरियाणा का भी गठन 1 नवंबर को है हुआ था. इस कारण ये राज्य भी अपना स्थापना दिवस 1 नवम्बर को मनाते हैं.