Tag Archive for: Important Days- November

नवंबर का तीसरा गुरुवार: विश्व फिलॉस्पी दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष नवंबर के तीसरे गुरुवार को विश्व फिलॉस्पी दिवस (World Philosophy Day) के रूप में मनाया जाता है. इस वर्ष यानी 2023 में यह 16 नवम्बर को यह दिवस मनाया गया. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य दर्शन के मूल्य को सामने लाना और मानव विचारों का विकास करना है.

विश्व फिलॉस्पी दिवस 2023 ‘बहुसांस्कृतिक विश्व में दार्शनिक चिंतन’ (Philosophical Reflection in a Multicultural World) थीम पर मनाया गया.

यूनेस्को ने इस दिवस को मनाने की घोषणा 2001 में की थी. पहला विश्व फिलॉस्पी दिवस साल 2002 में मनाया गया था. यूनस्कों की तरफ से कहा गया है कि इस दिन का मकसद लोगों को उनके विचार प्रकट करने के लिए प्रोत्साहित करना है. ताकी सभी संस्कृति के लोग एक दूसरे के विचारों की इज्जत करें और उस पर विश्वास करें.

15 नवम्बर: झारखंड स्‍थापना दिवस, बिरसा मुंडा की जयंती, जनजातीय गौरव दिवस

15 नवम्बर को झारखंड स्‍थापना दिवस (Jharkhand Foundation Day) के रूप में मनाया जाता है. इसी दिन सन् 2000 में बिहार के विभाजन से झारखंड को पृथक राज्‍य का दर्जा दिया गया था.

बिरसा मुंडा जयंती पर पृथक राज्‍य का दर्जा

झारखंड को पृथक राज्‍य का दर्जा बिरसा मुंडा की जयंती के मौके पर मिला था. अंग्रेजों की गोलियों के सामने तीर-कमान से लड़ने वाले बिरसा मुंडा का जन्‍म 15 नवंबर 1875 को हुआ था. उनके जन्‍मदिन को देश भर में बिरसा मुंडा जयंती (Birsa Munda Jayanti) के रूप में मनाया जाता है.

उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ अपनी जमीन और जंगलों पर कब्जा करने के लिए ‘उलगुलान’ (Great Tumult) नामक आंदोलन का नेतृत्व किया था. बिरसा मुंडा को 3 मार्च 1900 को ब्रिटिश सेना ने गिरफ्तार कर लिया था. 9 जून 1900 को रांची जेल में उनकी रहस्‍यमयी मौत हो गई. झारखंड के लोग बिरसा मुंडा को भगवान का अवतार मानते हैं.

जनजातीय गौरव दिवस

केन्‍द्र सरकार ने देश के इतिहास और संस्कृति में जनजातीय समुदाय के योगदान को देखते हुए 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को झारखंड के खुंटी जिले में तीसरे जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) विकास मिशन का शुभारंभ किए. चौबीस हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना से 220 जिलों के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को लाभ मिलेगा.

झारखंड में बिरसा न सिर्फ सामाजिक व राजनीतिक चेतना के प्रतीक हैं बल्कि वह धार्मिक चेतना के भी अग्रणी माने जाते हैं. बिरसा ने एक नए धर्म का सृजन किया जिसे ‘बिरसाइत धर्म’ कहा जाता है. झारखंड और बिहार में लोग उन्हें भगवान की तरह पूजते हैं.

बिरसा मुंडा: एक दृष्टि

बिरसा मुंडा का जन्म भी 15 नवंबर 1875 को झारखंड के खूंटी जिले के उलीहातू गांव में हुआ था. वह मुंडा जनजाति से संबंधित थे. मुंडा जनजाति ज्यादातर छोटा नागपुर के पाठारों में निवास करती है.

  • बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों और जमींदारों के खिलाफ एक सशक्त आदिवासी आंदोलन चलाया और अपने समाज में मौजूद कुछ कुरीतियों को भी हटाने का काम किया.
  • उन्होंने आदिवासियों के पिछड़ेपन का सबसे बड़ा कारण अंधविश्वास और अशिक्षा को माना. इसलिए बिरसा ने मुंडाओं के बीच फैली झाड़-फूंक आदि को बेकार बताना शुरू किया.
  • उन्होंने सफाई से रहने पर जोर दिया. यह भी बताया कि सफाई न रखने पर क्या नुकसान होता है. उन्होंने शिक्षा के महत्व को भी समझाया. उन्होंने अपने समाज के लोगों में राजनीतिक चेतना जगाने का काम भी किया.
  • बिरसा मुंडा ने लोगों को एकत्रित किया और 1 अक्टूबर 1894 को विद्रोह कर दिया. इन्होंने लगान माफी के लिए भी आंदोलन किया. लोगों ने बेगार करना बंद कर दिया. इससे उस इलाके का काम पूरी तरह ठप हो गया. अगले ही साल इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 2 साल की सजा हुई.
  • बिरसा के शिष्यों ने अकाल के वक्त भी लोगों की भरपूर सहायता की. इस काम ने उन्हें जीते ही महापुरुष का दर्जा दे दिया. उस दौर में लोग उन्हें ‘धरती बाबा’ कहकर पुकारने लगे.
  • बिरसा ने एक नए धर्म का सृजन किया जिसे ‘बिरसाइत धर्म’ कहा जाता है. झारखंड और बिहार में लोग उन्हें भगवान की तरह पूजते हैं.
  • बिरसा मुंडा को बड़ा खतरा मानते हुए अंग्रेजों ने उन्हें जेल में डाल दिया और स्लो पॉइजन दिया. इस वजह से वह 9 जून 1900 को 25 साल से भी कम उम्र में शहीद हो गए.

14 नवंबर: विश्व मधुमेह दिवस, सर फ्रेडरिक बैंटिंग का जन्मदिन

प्रत्येक वर्ष 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस (World Diabetes Day) मनाया जाता है. दुनियाभर में तेजी से बढ़ती मधुमेह से जूझने और जागरुकता फैलाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है.

सर फ्रेडरिक बैंटिंग का जन्मदिन

यह दिवस सर फ्रेडरिक बैंटिंग के जन्मदिन पर मनाया जाता है. बैंटिंग ने 1922 में चार्ल्स बेस्ट के साथ इंसुलिन की खोज की थी.

विश्व मधुमेह दिवस 2023 की थीम

वर्ष 2021-23 के विश्व मधुमेह दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘मधुमेह शिक्षा तक पहुंच’ (access to diabetes education) है.

विश्व मधुमेह दिवस मनाने का इतिहास

विश्व मधुमेह दिवस को अंतरराष्‍ट्रीय मधुमेह संघ (IDF) और विश्‍व स्वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) ने 1991 में शुरू किया गया था. यह दिन पहली बार 1991 में मनाया गया था. इस दिवस को 2006 में संयुक्त राष्ट्र का आधिकारिक दिवस घोषित किया गया.

क्या है मधुमेह?

मधुमेह मेटाबोलिक बीमारियों का एक समूह है, जिसमें खून में ग्लूकोज या ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है. ऐसा तब होता है, जब शरीर में इंसुलिन हार्मोन ठीक से न बने या शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के लिए ठीक से प्रतिक्रिया न दें.

मधुमेह के लक्षण: जिन मरीजों का ब्लड शुगर सामान्य से अधिक होता है वे अक्सर पॉलीयूरिया (बार-बार पेशाब आना) से परेशान रहते हैं. उन्हें प्यास (पॉलीडिप्सिया) और भूख (पॉलिफेजिया) ज्यादा लगती है.

मधुमेह पर नियन्त्रण: उचित व्यायाम, आहार और शरीर के वजन पर नियन्त्रण बनाए रखकर मधुमेह को नियन्त्रित रखा जा सकता है.

मधुमेह के दुष्प्रभाव: अगर मधुमेह पर ठीक से नियन्त्रण न रखा जाए तो मरीज में दिल, गुर्दे, आंखें, पैर एवं तंत्रिका संबंधी कई तरह की बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है.

14 नवम्बर: बाल दिवस, पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती

प्रत्येक वर्ष 14 नवम्बर को बाल दिवस (Children’s Day) के रूप में मनाया जाता है. भारत में बच्चों की शिक्षा, देखभाल और अधिकारों के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है.

बाल दिवस देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है. यह नेहरू के जन्मदिन पर बच्चों के प्रति उनके स्नेह के रूप में मनाया जाता है. जवाहर लाल नेहरु को वर्ष 1955 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था.

1964 से पहले भारत में प्रत्येक वर्ष 20 नवम्बर को बाल दिवस मनाया जाता था. यह बाल दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा निश्चित किया गया था. वर्ष 1964 में जवाहरलाल नेहरु की मृत्यु के बाद भारत में 14 नवम्बर को बाल दिवस के रूप में मनाने पर सहमति बनी.

12 नवम्‍बर: लोकसेवा प्रसारण दिवस

प्रत्येक वर्ष 12 नवम्‍बर को लोकसेवा प्रसारण दिवस (Public Service Broadcasting Day) मनाया जाता है. वर्ष 1947 में आज ही के दिन राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी एक बार आकाशवाणी (आल इंडिया रेडियो) भवन आये थे और इस स्‍मृति में यह दिवस मनाया जाता है.

महात्‍मा गांधी ने विभाजन के बाद हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अस्‍थाई रूप से आकर बसे विस्‍थापित लोगों को आकाशवाणी से संबोधित किया था.

भारत में 8 जून, 1936 को आकाशवाणी अस्तित्व में आया था. आकाशवाणी का आदर्श वाक्य ‘बहुजन हिताय बहुजन सुखाय’ है.

11 नवम्‍बर: राष्‍ट्रीय शिक्षा दिवस, मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती

प्रत्‍येक वर्ष 11 नवम्‍बर को भारत में राष्‍ट्रीय शिक्षा दिवस (National Education Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिवस स्‍वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर मनाया जाता है. देश की शिक्षा प्रणाली की आधारशिला रखने में उनका महत्‍वपूर्ण योगदान है. 11 सितंबर 2008 को केन्द्र सरकार ने अबुल कलाम आजाद की जयंती 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी.

मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती

महान स्‍वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद् मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्म 11 नवम्‍बर 1888 को मक्का, सऊदी अरब में हुआ था. उन्होंने 1947 से 1958 तक स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया था.

शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की स्थापना की थी. उनका मुख्य लक्ष्य प्राइमरी शिक्षा को बढ़ाना था. 1992 में मौलाना अबुल कलाम आजाद को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. भारत की आजादी के बाद मौलाना अबुल कलाम ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की स्थापना की थी.

1912 में, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने मुसलमानों के बीच क्रांतिकारी रंगरूटों को बढ़ाने के लिए उर्दू में एक साप्ताहिक पत्रिका अल-हिलाल शुरू की थी. अल-हिलाल ने मॉर्ले-मिंटो सुधारों के बाद दो समुदायों के बीच खराब खून के बाद हिंदू-मुस्लिम एकता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

24 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है…»

10 नवम्बर: शांति व विकास के लिए विश्व विज्ञान दिवस

प्रत्येक वर्ष 10 नवम्बर को ‘शांति व विकास के लिए विश्व विज्ञान दिवस’ (World Science Day for Peace and Development) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हमारे दैनिक जीवन में विज्ञान के महत्व और प्रासंगिकता को रेखांकित करना है.

इस वर्ष यानी 2023 में इस दिवस का विषय (Theme) ‘विज्ञान में विश्वास का निर्माण’ (Building Trust in Science) है.

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की सामान्य सभा ने वर्ष 2001 में इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी. इसे 2002 में पहली बार मनाया गया था.

विज्ञान में महिलाओं व बालिकाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस

प्रत्येक वर्ष 11 फरवरी को विज्ञान में महिलाओं व बालिकाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day of Women and Girls in Science) भी मनाया जाता है. संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस दिवस को 2015 से मनाया जा रहा है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालना है.

9 नवम्बर 2023: उत्तराखंड का 23वां स्‍थापना दिवस

प्रत्येक वर्ष 9 नवम्बर को उत्तराखंड अपना स्थापना दिवस (Uttarakhand Sthapna Diwas) मनाता है. वर्ष 2000 में इसी दिन उत्तराखंड अस्तित्‍व में आया था. इसके पहले यह उत्‍तर प्रदेश का हिस्सा था. 9 नवम्बर 2023 को उत्तराखण्ड ने अपना 23वां स्थापना दिवस मनाया.

राज्य स्थापना दिवस मनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गए थे. मुख्य आयोजन देहरादून में पुलिस लाइन्स में था जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शामिल हुई थीं.

उत्तराखंड: मुख्य बिंदु

  • कई वर्षों तक चले आंदोलन के बाद 9 नवंबर 2000 को उत्तराखण्ड को 27वें राज्य के रूप में भारत गणराज्य में शामिल किया गया था.
  • वर्ष 2000 से 2006 तक इसे उत्तरांचल के नाम से पुकारा जाता था, लेकिन जनवरी 2007 में स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इसका आधिकारिक नाम बदलकर उत्तराखण्ड कर दिया गया.
  • उत्तराखंड की सीमाएँ उत्तर में तिब्बत और पूर्व में नेपाल से लगी हैं. पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और दक्षिण में उत्तर प्रदेश इसकी सीमा से लगे राज्य हैं.
  • उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि कई प्राचीन धार्मिक स्थलों के साथ ही यह राज्य हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र मानी जाने वाली देश की सबसे बड़ी नदियों गंगा और यमुना का उद्गम स्थल है.

9 नवंबर: राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस

प्रत्येक वर्ष 9 नवंबर को राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस (National Legal Services Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए उचित निष्पक्ष और न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता फैलाना है.

मुख्य बिंदु

  • राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस (NLSD) की शुरुआत पहली बार 1995 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिये की गई थी.
  • कमजोर वर्गों को नि:शुल्क कानूनी सेवाएँ प्रदान करने के लिये राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (National Legal Services Authority-NALSA) का गठन किया गया है. भारत का मुख्य न्यायाधीश इसका मुख्य संरक्षक होता है.
  • संविधान के अनुच्छेद 39 A अवसर की समानता के आधार पर न्याय को बढ़ावा देने के लिये समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने का प्रावधान करता है. अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 22 (1), विधि के समक्ष समानता सुनिश्चित करने के लिये राज्य को बाध्य करता है.
  • NALSA महिलाओं, विकलांग व्यक्तियों, अनुसूचित जनजातियों (ST), बच्चों, अनुसूचित जातियों (SC), मानव तस्करी पीड़ितों के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के शिकार लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करता है.

निःशुल्क विधिक सेवाएँ प्रदान करने वाले विधिक सेवा संस्थान

राष्ट्रीय स्तर पर: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण
राज्य स्तर पर: राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण. इसकी अध्यक्षता राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा की जाती है जो इसका मुख्या संरक्षक भी होता है.
जिला स्तर पर: राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण. जिला न्यायाधीश इसका कार्यकारी अध्यक्ष होता है.
तालुका स्तर पर: तालुक विधिक सेवा प्राधिकरण. इसकी नेतृत्व वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश करता है.
उच्च न्यायालय: उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरण.
सर्वोच्च न्यायालय: सर्वोच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरण.

8 नवंबर: विश्व रेडियोग्राफी दिवस

प्रत्येक वर्ष 8 नवंबर को विश्व रेडियोग्राफी दिवस (International Day of Radiology) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों के बीच रेडियोलॉजी के बारे में जागरूकता बढ़ाना है.

मुख्य बिन्दु

  • यह दिवस भौतिकी के वैज्ञानिक विल्हेम कॉनराड रॉन्टगन जिन्होंने एक्स-रे की खोज की थी, के जन्मदिन पर मनाया जाता है. वर्ष 1895 में आज के ही दिन रॉन्टगन ने एक्स-रे की खोज की थी.
  • रेडियोग्राफी स्वास्थ्य सेवा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह रोगियों की देखभाल करने में सहायता करता है. एक्स-रे लोगों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को खोजने में मदद करती हैं.
  • पहली बार विश्व रेडियोलॉजी दिवस 8 नवंबर 2012 को मनाया गया था. यूरोपियन सोसाइटी ऑफ रेडियोलॉजी (ESR), रेडियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RSNA) और अमेरिकन कॉलेज ऑफ रेडियोलॉजी (ACR) ने विश्व रेडियोलॉजी दिवस शुरू करने के लिए पहल की थी.

विश्व रेडियोग्राफी दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2023 का विश्व रेडियोग्राफी दिवस की थीम (मुख्य विषय) ‘मरीज़ की सुरक्षा का जश्न मनाना’ (Celebrating patient safety) है.

7 नवंबर: राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 7 नवम्बर को ‘राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस’ (National Cancer Awareness Day) मनाया जाता है. कैंसर रोग, कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि के कारण होता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य उद्देश्‍य कैंसर के निदान, समय रहते पहचान और उपचार के महत्‍व पर प्रकाश डालना और जागरूकता बढ़ाना है.

मुख्य बिन्दु

  • भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘7 नवंबर’ को ‘राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस’ के रूप में मनाये जाने का निर्णय 2014 में लिया था. पहला राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस 7 नवंबर 2014 को मनाया गया था.
  • कैंसर जागरूकता दिवस 7 नवंबर को मनाने की खास वजह हैं. इस दिन नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक मैडम क्यूरी का जन्मदिन होता है. मैडम क्यूरी ने कैंसर से लड़ने में अहम योगदान दिया था.
  • इसके अलाबा प्रत्येक वर्ष 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) के रूप में मनाया जाता है.
  • डॉ. कमल रणदिवे को कैंसर पर उनके शोध के लिए जाना जाता है. वह भारतीय बायोमेडिकल शोधकर्ता थीं जिन्होंने कैंसर और वायरस के बीच सम्बन्ध पर शोध कार्य किया था. वे Indian Women Scientists’ Association (IWSA) की संस्थापक सदस्यों में से एक थीं. उन्होंने 1960 के दशक में मुंबई में Indian Cancer Research Centre में भारत की प्रथम टिश्यू कल्चर रिसर्च लेबोरेटरी की स्थापना की थी.

30 अक्तूबर से 5 नवंबर 2023: सतर्कता जागरूकता सप्‍ताह

केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग(CVC) प्रति वर्ष ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’ (Vigilance Awareness Week) का आयोजन करता है. इस वर्ष यानी 2023 में यह सप्ताह 30 अक्टूबर से 5 नवम्‍बर तक आयोजित किया गया था. इसका उद्देश्य लोगों के सहयोग से सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और सत्‍यनिष्‍ठा को बढ़ावा देना है.

सतर्कता जागरूकता सप्‍ताह 2023 का विषय- ‘भ्रष्टाचार को ना कहें, राष्ट्र के प्रति समर्पित रहें’ (Say No to corruption, Commit to the nation) रखा गया है.

केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC)
CVC एक शीर्ष भारतीय सरकारी निकाय है, जिसे 1964 में सरकारी भ्रष्टाचार पर अंकुस लगाने के लिए स्थापित किया गया था. इसे 2003 में संसद के एक अधिनियम द्वारा वैधानिक दर्जा दिया गया था. यह एक स्वायत्त निकाय है और किसी भी कार्यकारी प्राधिकरण के नियंत्रण से मुक्त है.