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9 नवम्बर 2024: उत्तराखंड का 24वां स्‍थापना दिवस

प्रत्येक वर्ष 9 नवम्बर को उत्तराखंड अपना स्थापना दिवस (Uttarakhand Sthapna Diwas) मनाता है. वर्ष 2000 में इसी दिन उत्तराखंड अस्तित्‍व में आया था. इसके पहले यह उत्‍तर प्रदेश का हिस्सा था. 9 नवम्बर 2024 को उत्तराखण्ड ने अपना 24वां स्थापना दिवस मनाया.

उत्तराखंड: मुख्य बिंदु

  • कई वर्षों तक चले आंदोलन के बाद 9 नवंबर 2000 को उत्तराखण्ड को 27वें राज्य के रूप में भारत गणराज्य में शामिल किया गया था.
  • वर्ष 2000 से 2006 तक इसे उत्तरांचल के नाम से पुकारा जाता था, लेकिन जनवरी 2007 में स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इसका आधिकारिक नाम बदलकर उत्तराखण्ड कर दिया गया.
  • उत्तराखंड की सीमाएँ उत्तर में तिब्बत और पूर्व में नेपाल से लगी हैं. पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और दक्षिण में उत्तर प्रदेश इसकी सीमा से लगे राज्य हैं.
  • उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि कई प्राचीन धार्मिक स्थलों के साथ ही यह राज्य हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र मानी जाने वाली देश की सबसे बड़ी नदियों गंगा और यमुना का उद्गम स्थल है.

7 नवंबर: राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 7 नवम्बर को ‘राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस’ (National Cancer Awareness Day) मनाया जाता है. कैंसर रोग, कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि के कारण होता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य उद्देश्‍य कैंसर के निदान, समय रहते पहचान और उपचार के महत्‍व पर प्रकाश डालना और जागरूकता बढ़ाना है.

मुख्य बिन्दु

  • भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘7 नवंबर’ को ‘राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस’ के रूप में मनाये जाने का निर्णय 2014 में लिया था. पहला राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस 7 नवंबर 2014 को मनाया गया था.
  • कैंसर जागरूकता दिवस 7 नवंबर को मनाने की खास वजह हैं. इस दिन नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक मैडम क्यूरी का जन्मदिन होता है. मैडम क्यूरी ने कैंसर से लड़ने में अहम योगदान दिया था.
  • इसके अलाबा प्रत्येक वर्ष 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) के रूप में मनाया जाता है.
  • डॉ. कमल रणदिवे को कैंसर पर उनके शोध के लिए जाना जाता है. वह भारतीय बायोमेडिकल शोधकर्ता थीं जिन्होंने कैंसर और वायरस के बीच सम्बन्ध पर शोध कार्य किया था. वे Indian Women Scientists’ Association (IWSA) की संस्थापक सदस्यों में से एक थीं. उन्होंने 1960 के दशक में मुंबई में Indian Cancer Research Centre में भारत की प्रथम टिश्यू कल्चर रिसर्च लेबोरेटरी की स्थापना की थी.

5 नवंबर: विश्व सुनामी जागरूकता दिवस

प्रत्येक वर्ष 5 नवंबर को दुनिया भर में ‘विश्व सुनामी जागरूकता दिवस’ (World Tsunami Awareness Day) मनाया जाता है. इस दिवस का उद्देश्य सुनामी के खतरों और इसके प्रभाव को कम करने हेतु चेतावनी प्रणालियों के बारे में जागरूक करना है.

विश्व सुनामी जागरूकता दिवस का लक्ष्य ‘सेंदाई सेवेन कैम्पेन’ (Sendai Seven Campaign) को बढ़ावा देना है, जो महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे में आपदा नुकसान को कम करने और बुनियादी सेवाओं के विघटन पर केंद्रित है.

शब्द Tsunami (सुनामी) जापानी नाम है. “tsu” का अर्थ है बंदरगाह और “nami” का अर्थ है लहर. सुनामी बड़ी लहरें हैं जो समुद्र के किनारों पर उत्पन्न होती हैं जो मुख्य रूप से भूस्खलन या भूकंप से जुड़ी होती हैं.

दिसंबर 2015 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सुनामी जोखिमों के संबंध में विश्वव्यापी समझ और कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए 5 नवंबर को विश्व सुनामी जागरूकता दिवस के रूप में घोषित किया था.

इस तिथि को इसकी ऐतिहासिक प्रासंगिकता के कारण चुना गया था, जो इनामुरा-नो-ही या ‘चावल के ढेरों को जलाने’ की जापानी कहानी से प्रेरित है.

1854 में जापान के तट पर आए शक्तिशाली भूकंप के बाद एक गांव के नेता ने सुनामी के आने के संकेत देखे. गांव वालों को सचेत करने और उन्हें ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहने के लिए उसने अपने कीमती चावल के गट्ठरों में आग लगा दी थी.

इस त्वरित सोच ने अनगिनत लोगों की जान बचाई, जिससे इनामुरा-नो-ही प्राकृतिक आपदाओं के सामने तैयारी और सामुदायिक सतर्कता के महत्व का एक स्थायी प्रतीक बन गया.

1 नवंबर: मध्य प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, केरल, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस

प्रत्येक वर्ष 1 नवंबर को मध्य प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, केरल, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ अपना स्थापना दिवस मनाते हैं. इन सभी राज्यों का गठन 1 नवंबर को ही हुआ था.

मध्य प्रदेश का गठन 1 नवंबर, 1956 को हुआ था. इसके गठन से पहले यह मध्य भारत में आता था. मध्य भारत प्रांत की उस समय दो राजधानियां थीं. ग्वालियर शीतकालीन राजधानी और इंदौर ग्रीष्मकालीन राजधानी थी.

मध्‍यप्रदेश के अस्तित्‍व में आने के साथ ही भोपाल को राजधानी बना दिया गया. डॉ. पटटाभि सीतारामैया मध्यप्रदेश के पहले राज्यपाल बने जबकि पंडित रविशंकर शुक्ल को पहला मुख्यमंत्री बनाया गया.

1 नवंबर 2000 को ही मध्य प्रदेश के कुछ भागों को अलग कर छत्तीसगढ़ नाम का एक नया राज्य अस्तित्व में आया था. इस वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ का 24वां स्थापना दिवस मनाया गया.

कर्नाटक का गठन 1 नवंबर, 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अधीन किया गया था. पहले यह मैसूर राज्य कहलाता था. 1973 में पुनर्नामकरण कर इसका नाम कर्नाटक कर दिया गया.

1 नवंबर, 1956 को आंध्र प्रदेश का निर्माण तत्कालीन आंध्र राज्य और हैदराबाद राज्य के विलय के साथ हुआ था. हालांकि साल 2014 में एक पृथक आंध्रप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बनने के बाद चंद्रबाबू नायडू ने 2 जून को अपना स्थापना दिवस मनाने का फैसला लिया था, लेकिन मुख्यमंत्री जगन रेड्डी सरकार ने स्थापना दिवस मनाने के लिए 1 नवंबर की तारीफ पुन: निश्चित की थी.

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर ने 1 नवंबर 2024 को अपना पांचवां स्थापना दिवस मनाया. जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत 31 अक्टूबर, 2019 को जम्मू कश्मीर राज्य दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख के रूप में पुनर्गठित हुआ था.

कर्नाटक, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा पंजाब, केरल और हरियाणा का भी गठन 1 नवंबर को है हुआ था. इस कारण ये राज्य भी अपना स्थापना दिवस 1 नवम्बर को मनाते हैं.

26 नवम्बर 2023: संविधान दिवस, भारतीय संविधान की 74वीं वर्षगांठ

प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ (Constitution Day) के रूप में मनाया जाता है. संविधान सभा द्वारा 1949 में इसी दिन भारतीय संविधान को मंजूरी दी गयी और 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया था. इस वर्ष यानी 2023 में हमारे संविधान को अंगीकार किए जाने की 74वीं वर्षगांठ है.

संविधान दिवस को संविधान निर्माता डॉं. भीमराव अंबेडकर को याद किया जाता है. डॉं. अंबेडकर संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे.

भारत सरकार ने 26 नवम्बर को संविधान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा 19 नवंबर 2015 को की थी. प्रधनमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुंबई में बीआर अम्बेडकर की ‘स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी मेमोरियल’ की आधारशिला रखने के दौरान इसकी घोषणा की थी. उनकी 125वीं जयंती वर्ष के रूप में 26 नवम्बर 2015 को पहली बार संविधान दिवस मनाया गया था.

भारतीय संविधान: एक दृष्टि

  • संविधान निर्माण के लिए 29 अगस्त 1947 को भारत के संविधान का मसौदा तैयार करनेवाली समिति की स्थापना की गई थी और इसके अध्यक्ष के तौर पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की नियुक्ति हुई थी.
  • संविधान सभा के 284 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए. दो दिन बाद इसे लागू किया गया था.
  • भारतीय संविधान को विश्व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है, जिसमें 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां शामिल हैं.
    यह हस्तलिखित संविधान है. इसे तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 17 दिन का वक्त लगा था.

25 नवंबर: अन्तर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस

प्रत्येक वर्ष 25 नवम्बर को महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिये अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day for the Elimination of Violence Against Women) मनाया जाता है. यह दिवस महिलाओं पर हो रही हिंसा को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है.

इस वर्ष यानी 2023. में अन्तर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘एकजुट! महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने के लिए सक्रियता’ (UNITE! Activism to end violence against women and girls) है.

घरेलू हिंसा, के साथ-साथ महिलाओं को बाहर भी कई बार शारीरिक और मानसिक यातनाएं झेलनी पड़ती हैं. इसी भेदभाव को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने 17 नवंबर 1999 को 25 नवंबर का दिन अन्तर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के रूप में घोषित किया था. वर्ष 2000 से हर साल 25 नवंबर को अन्तर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस मनाया जाने लगा.

24 नवम्बर: गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस

24 नवम्बर को सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस (Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas) था. सिखों के 8वें गुरु हरिकृष्ण राय जी की अकाल मृत्यु हो जाने की वजह से गुरु तेगबहादुर जी को गुरु बनाया गया था.

गुरु तेग बहादुर जी ने देश के अधिकांश भागों में गुरु नानक देवजी की शिक्षाओं का प्रचार किया था. गुरु तेग बहादुर जी ने 111 शबद और 15 रागों की रचना की थी और उनकी शिक्षाओं और रचनाओं को गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल किया गया है.

उन्‍होंने कमजोरों की सुरक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान करने और लालच पर काबू पाने के लिए अध्यात्मिकता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया.

1675 में इस्लाम कबूल नहीं करने पर मुगल शासक औरंगज़ेब के आदेश से गुरु तेग बहादुर जी को यातनाएं देने के बाद उनका सिर कलम कर दिया गया था.

औरंगज़ेब ने दिल्ली के चांदनी चौक पर गुरु साहिब के शीश को काटने का हुक्म दिया था और गुरु साहिब ने हंसते-हंसते अपना शीश कटाकर बलिदान दे दिया. इसलिए गुरु तेगबहादुरजी की याद में उनके शहीदी स्थल पर एक गुरुद्वारा स‍ाहिब बना है, जिसका नाम गुरुद्वारा शीश गंज साहिब है.

21 नवम्बर को विश्व टेलीविजन दिवस मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 21 नवम्बर को ‘विश्व टेलीविजन दिवस’ (World Television Day) मनाया जाता है. यह दिवस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सांस्कृतिक विविधता के स्तंभ का जश्न मनाने के उद्देश्य से मनाया जाता है.

संयुक्त राष्ट्र ने विश्व टेलीविजन दिवस मनाये जाने की शुरुआत 1996 में की थी. पहला विश्व टेलीविजन दिवस 21 नवंबर 1997 को मनाया गया था.

टेलीविजन के आविष्कारक जॉन लोगी बेयर्ड थे. बेयर्ड ने वर्ष 1924 में बक्से, बिस्किट के टिन, सिलाई की सुई, कार्ड और बिजली के पंखे से मोटर का इस्तेमाल कर पहला टेलीविजन बनाया था. टेलीविजन के रिमोट कंट्रोल का आविष्कार 1950 में यूजीन पोली ने किया था. मार्च 1954 में वेस्टिंगहाउस ने पहला कलर टीवी सेट बनाया.

विश्व टेलीविजन दिवस 2023 की थीम

संयुक्त राष्ट्र ने इस बार के विश्व टेलीविजन दिवस का थीम ‘पहुंच’ (Accessibility) घोषित किया गया है,जो टेलीविजन की उपलब्धता को हर व्यक्ति के लिए सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता पर जोर देता है.

भारत में टेलीविजन: मुख्य तथ्य

  1. भारत में पहला प्रसारण दिल्ली में 15 सितंबर 1959 में प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था. शुरू में इसका नाम ‘टेलिविजन इंडिया’ था, 1975 में इसका नाम बदलकर दूरदर्शन रखा गया. शुरू में इसे सिर्फ 7 शहरों में दिखाया जाता था.
  2. टीवी पर पहली बार कृषि दर्शन कार्यक्रम की शुरुआत 1966 में की गई. यह टीवी पर सबसे लंबे समय तक चलने वाला कार्यक्रम था.
  3. 1980 के दशक में इसका प्रसारण देश के सभी शहरों में किया जाने लगा. 15 अगस्त 1982 को पहली बार इसका रंगीन प्रसारण शुरू किया गया.
  4. 16 दिसबंर 2004 को डायरेक्ट टू होम (DTH) सर्विस शुरू हुई, इसने छोटे परदे की दुनिया में क्रांतिकारी बदला लाया.
  5. पहला प्राइवेट चैनल 2 अक्टूबर 1992 को जी टीवी आया था. जी टीवी नए कार्यक्रमों के साथ दर्शकों के सामने आया.

20 नवंबर: विश्व बाल दिवस

प्रत्येक वर्ष 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस (World Children’s Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य दुनिया भर में बच्चों के बीच जागरूकता और बच्चों के कल्याण के लिए काम करना है.

इस वर्ष यानी विश्व बाल दिवस 2023 की थीम: ‘हर बच्चे के लिए, हर अधिकार के लिए!’ (ForEveryChild, Every Right!) है.

पहला विश्व बाल दिवस 20 नवंबर 1954 को मनाया गया था. इस दिन बाल अधिकारों को अपनाया गया था. बाल अधिकारों को चार अलग-अलग भांगों में बांटा गया है- जीवन जीने का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, सहभागिता का अधिकार और विकास का अधिकार.

भारत में बाल दिवस 14 नवंबर को मनाया जाता है

भारत में बाल दिवस देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन यानी 14 नवंबर को मनाया जाता है. पंडित नेहरू बच्चों को बेहद प्यार करते थे और यही कारण है कि बाल दिवस उनकी जयंती के मौके पर मनाया जाता है.

19 नवंबर: विश्‍व शौचालय दिवस

प्रत्येक वर्ष 19 नवंबर को विश्‍व शौचालय दिवस (World Toilet Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस को मानाने का उद्देश्य शौचालय को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाना और स्‍वच्‍छता को वैश्विक विकास की प्राथमिकता बनाना है.

इस वर्ष यानी 2023 में विश्‍व शौचालय दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘तेजी से बदलाव’ (accelerating change) है.

विश्‍व शौचालय दिवस की स्‍थापना सिंगापुर के जैक सिम द्वारा 19 नवंबर 2001 में की गई थी. जैक से 2001 में वर्ल्‍ड टॉयलेट ऑर्गनाइजेशन की स्‍थापना की थी. हालांकि, 2013 में संयुक्‍त राष्‍ट्र संगठन द्वारा ऑ‍फिशियल तौर पर संयुक्‍त राष्‍ट्र विश्‍व शौचालय दिवस की घोषणा की गई.

मानव मल से जानलेवा बीमारियां फैलती हैं और इसके लिए शौचालय का प्रयोग जरूरी है. WHO की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में लगभग 360 करोड़ लोग टॉयलेट से वंचित हैं. इसे देखते हुए समावेशी विकास के लक्ष्‍यों के तहत वर्ष 2030 तक हर घर में शौचालय का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है.

16 नवंबर: अन्तर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस

प्रत्येक वर्ष 16 नवंबर को अन्तर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस (International Day for Tolerance) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य सहिष्णुता के प्रति लोगों में जागरूकता उत्पन्न करना है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1995 को संयुक्त राष्ट्र असहिष्णुता वर्ष घोषित किया था. 1996 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रत्येक वर्ष 16 नवंबर को अन्तर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस मनाने का निर्णय लिया था.

सहिष्णुता और अहिंसा को बढ़ावा देने के लिए ‘मदनजीत सिंह पुरस्कार’

यूनेस्को ने वर्ष 1995 में महात्मा गांधी की 125वीं जयंती के अवसर पर सहिष्णुता और अहिंसा को बढ़ावा देने के लिए ‘मदनजीत सिंह पुरस्कार’ की स्थापना की थी. यह पुरस्कार वैज्ञानिक, कलात्मक, सांस्कृतिक या संचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रत्येक 2 वर्ष में प्रदान किया जाता है.
मदनजीत सिंह भारतीय कलाकार, लेखक और पूर्व राजनयिक थे, जिन्होंने यूनेस्को सद्भावना राजदूत के रूप में सेवा की थी.

वर्ष 2022 में मदनजीत सिंह पुरस्कार फ्रांका मा-इह सुलेम योंग (Franca Ma-ih Sulem Yong) को दिया गया था. इस पुरस्कार में 1,00,000 अमरीकी डालर की पुरस्कार राशि शामिल है. इसका प्रबंधन यूनेस्को के सामाजिक और मानव विज्ञान क्षेत्र द्वारा किया जाता है.

16 नंवबर: राष्ट्रीय प्रेस दिवस

प्रत्येक वर्ष 16 नवम्बर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस (National Press Day) मनाया जाता है. राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य देश में आम लोगों को प्रेस के बारे में जागरूक करना और उनको प्रेस के नजदीक लाना है.

पत्रकारिता के ऊंचे आदर्श स्थापित करने व प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करने के उद्देश्य से 4 जुलाई 1966 को भारतीय प्रेस परिषद (PCI) की स्थापना की गई थी. लेकिन इस परिषद ने 16 दिसंबर 1966 से विधिवत तरीके से काम करना शुरू किया था.

तभी से प्रतिवर्ष 16 नवंबर को भारत में एक स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस की मौजूदगी के प्रतीक के तौर पर राष्ट्रीय प्रेस दिवस के रूप में मनाया जाता है.

प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभों कहा जाता है. अन्य तीन स्तंभ कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका हैं जहां कुछ चुनिंदा लोगों का समूह होता है.