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अमेरिका लगातार दूसरे साल भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार बना रहा

अमेरिका लगातार दूसरे साल 2019-20 में भी भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार बना रहा. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2019-20 में अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 88.75 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2018-19 में 87.96 अरब डॉलर था.

भारत-अमेरिका व्यापार अधिशेष भारत के पक्ष में

अमेरिका उन चुनिंदा देशों में एक है, जिनके साथ भारत का व्यापार अधिशेष है. आंकड़ों के अनुसार 2019-20 में दोनों देशों के बीच व्यापार अंतर बढ़कर 17.42 अरब डॉलर भारत के पक्ष में रहा. 2018-19 में अधिशेष 16.86 अरब डॉलर था.

भारत और चीन द्विपक्षीय व्यापार

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2019-20 में घटकर 81.87 अरब डॉलर रह गया, जो 2018-19 में 87.08 अरब डॉलर था. दोनों देशों के बीच व्यापार अंतर भी 53.57 अरब डॉलर से घटकर 48.66 अरब डॉलर रह गया.

अमेरिका 2018-19 में चीन को पीछे छोड़कर भारत का शीर्ष व्यापारिक साझेदार बन गया था. आंकड़ों के मुताबिक, चीन 2013-14 से 2017-18 तक भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था. चीन से पहले, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) देश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था.

प्रवासी मजदूरों के आजीविका के लिए गरीब कल्‍याण रोजगार अभियान की शुरूआत

प्रवासी मजदूरों और ग्रामीण लोगों को आजीविका के अवसर उपलब्‍ध कराने के लिए ‘गरीब कल्‍याण रोजगार अभियान’ (Garib Kalyan Rozgar Abhiyaan) की शुरूआत की गयी है. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 20 जून को बिहार के खगडि़या जिले में तेलिहार गांव से वीडियो कॉंफ्रेंस के माध्‍यम की. इस अभियान का उद्देश्‍य लोगों को घर के पास ही उनके कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्‍ध कराना है.

गरीब कल्‍याण रोजगार अभियान: मुख्य बिंदु

  • यह अभियान एक साथ छह राज्‍यों के 116 ऐसे जिलों में चलाया जाएगा जहां लौटे प्रवासी मजदूरों की संख्‍या 25 हजार से ज्‍यादा है. ये राज्य हैं- बिहार, उत्‍तर प्रदेश, झारखंड, ओडिसा, मध्‍य प्रदेश और राजस्‍थान. इन जिलों में यह अभियान सामान्‍य सेवा केंद्रों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्‍यम से चलाया जाएगा.
  • योजना को मिशन मोड में 125 दिनों में पूरा करने का लक्ष्‍य रखा गया है. इसके तहत प्रवासी मजदूरों को 25 विभिन्‍न प्रकार के रोजगार उपलब्‍ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी ढांचागत विकास पर ध्‍यान केंद्रित किया जाएगा.
  • गरीब कल्‍याण रोजगार अभियान के माध्‍यम से गरीब ग्रामीण जनता को उनके घर के पास ही रोजगार उपलब्‍ध कराए जाएंगे. इसके तहत 50 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
  • यह अभियान 12 विभिन्‍न मंत्रालयों और विभागों के समन्वित प्रयासों से शुरू किया गया है जिसमें ग्रामीण‍ विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन और राजमार्ग, खान, पेयजल और स्‍वच्‍छता, पर्यावरण, रेलवे, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, सीमा सड़क, दूरसंचार और कृषि मंत्रालय शामिल हैं.

फिच ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को ‘BBB-‘ पर बरकरार रखा

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch) ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग (Sovereign Credit rating) को ‘BBB-‘ पर बरकरार रखा है. फिच ने आठ साल में पहली बार भारतीय अर्थव्यवस्था का आउटलुक ‘स्थिर’ से घटाकर ‘नकारात्मक’ कर दिया है.
कोरोनावायरस के कारण दुनियाभर की अर्थव्यवस्था मंद पड़ी है. इससे विकसित और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग में बदलाव की संभावना बढ़ गई है. भारत भी इससे अछूता नहीं है.

Moody’s और S&P की रेटिंग

उल्लेखनीय है कि इससे पहले मूडीज (Moody’s) ने भारत की रेटिंग को Baa2 से घटा कर Baa3 कर दिया था. उसके बाद S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने लगातार 13वें साल भारत के लिए सबसे कम निवेश श्रेणी ‘BBB-‘ रेटिंग को बरकरार रखते हुए कहा था कि भारत की दीर्घकालिक वृद्धि दर के लिए जोखिम बढ़ रहे हैं.

GDP में 5 फीसदी गिरावट का अनुमान

फिच के मुताबिक चालू वित्त वर्ष (2020-21) में भारत की अर्थव्यवस्था में 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की जाएगी. उसने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आर्थिक गतिविधि पूरी तरह बंद रही. फिच के मुताबिक वित्त वर्ष 2021-22 में देश की GDP में 9.5 फीसदी की तेजी देखी जाएगी.

सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग क्या होती है?

विभिन्न देशों की उधार चुकाने की क्षमता के आधार पर सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग तय की जाती है. रेटिंग एजेंसियां इसके लिए इकॉनोमी, मार्केट और राजनीतिक जोखिम को आधार मानती हैं. एजेंसियां क्रेडिट किसी देश की रेटिंग तय करते समाया उस देश के मूलधन और ब्याज जुकाने की क्षमता पर फोकस करती हैं. यह रेटिंग यह बताती है कि एक देश भविष्य में अपनी देनदारियों को चुका सकेगा या नहीं?

सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग टॉप इन्वेस्टमेंट ग्रेड से लेकर जंक ग्रेड तक होती है. जंक ग्रेड को डिफॉल्ट श्रेणी में माना जाता है. सामान्य तौर पर इकॉनोमिक ग्रोथ, बाहरी कारण और सरकारी खजाने में ज्यादा बदलाव पर रेटिंग बदलती है.

मुख्य क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां

Standard & Poor’s (S&P), Fitch और Moody’s Investors सॉवरेन रेटिंग तय करने वाली विश्व की मुख्य एजेंसियां हैं.

S&P और फिच रेटिंग के लिए BBB+ को मानक रखती हैं, जबकि मूडीज का मानक Baa1 है. यह सबसे ऊंची रेटिंग है जो इन्वेस्टमेंट ग्रेड को दर्शाती है.

UNCTAD की ‘विश्व निवेश रिपोर्ट 2020’ जारी, 2019 में भारत में 51 अरब डालर का FDI

संयुक्त राष्ट्र के व्यापार एवं विकास सम्मेलन (UN Conference on Trade and Development-UNCTAD) ने 15 जून को ‘विश्व निवेश रिपोर्ट 2020’ (World Investment Report 2020) जारी की है. इस रिपोर्ट के अनुसार भारत 2019 में 51 अरब डालर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment) हासिल करने साथ वर्ष के दौरान दुनियाभर में नौवें नंबर पर रहा है.

भारत को वर्ष 2019 में 51 अरब डालर का विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त हुआ और वह वर्ष के दौरान दुनियाभर में अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पाने वाले देशों में नौवें नंबर पर रहा. विकासशील एशिया क्षेत्र में भारत सबसे ज्यादा FDI प्राप्त करने वाले शीर्ष पांच देशों में शामिल रहा.

वर्ष 2018 में भारत को 42 अरब डालर का FDI प्राप्त हुआ था. तब भारत FDI पाने वाले शीर्ष 20 देशों में 12वें स्थान पर रहा था.

2020 में 40 प्रतिशत गिरावट का अनुमान

रिपोर्ट में कहा गया है कि COVID-19 के चलते 2020 में दुनियाभर में FDI में 40 प्रतिशत तक गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है. यह गिरावट 2019 में हुये 1,540 अरब डालर के प्रवाह के मुकाबले आ सकती है.

यदि ऐसा होता है तो यह 2005 के बाद पहला अवसर होगा कि दुनिया के देशों में FDI पहली बार एक हजार अरब डालर के आंकड़े से नीचे आ जायेगा.

UNCTAD के इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में COVID-19 के बाद कमजोर लेकिन सकारात्मक आर्थिक वृद्धि हासिल होने और भारत के व्यापक बाजार देश के लिये निवेश आकर्षित करते रहेंगे.

NCDC की ‘सहकार मित्र योजना इंटर्नशिप कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया गया

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 12 जून को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (National Cooperative Development Cooperation- NCDC) की ‘सहकार मित्र: इंटर्नशिप कार्यक्रम पर योजना (Scheme on Internship Programme)’ का शुभारंभ किया. NCDC ने स्टार्ट-अप सहकारी उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए एक पूरक स्कीम भी शुरू की है.

यह योजना युवा पेशेवरों को पेड इंटर्नशिप के रूप में NCDC एवं सहकारिता के साथ काम करके व्यवहारिक रूप से काम करने एवं सीखने का अवसर प्रदान करेगी. सहकार मित्र, कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) की भूमिका निभाकर सहकारिता के माध्यम से व्यवसायिक शैक्षणिक संस्थानों के पेशेवरों को नेतृत्व एवं उद्यमशीलता को विकसित करने के लिए भी अवसर प्रदान करेगा.

इस योजना के तहत कृषि व संबद्ध क्षेत्र और IT में ग्रेजुएट इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए पात्र होंगे. कृषि, व्यापार, सहकारिता, वित्त, अंतरार्ष्ट्रीय व्यापार, वाणिज्य, ग्रामीण विकास, परियोजना प्रबंधन से MBA कर रहे या कर चुके युवा भी इसके योग्य होंगे.

NCDC ने सहकार मित्र पेड इंटर्नशिप कार्यक्रम हेतु फंड बनाया है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक इंटर्न को चार माह की अवधि के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त होगी.

MSME की मदद के लिए प्रधानमंत्री ने CHAMPIONS पोर्टल का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्यम (MSME) क्षेत्र की इकाइयों की मदद के लिए 1 जून को चैंपियंस (CHAMPIONS) पोर्टल का शुभारंभ किया. CHAMPIONS का पूरा नाम creation and harmonious application of modern processes for increasing the output and national strength है. यह पोर्टल टेक्नोलॉजी पर आधारित मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम है.

CHAMPIONS प्‍लेटफार्म पर देश में सभी MSME के लिए हर तरह के समाधान एक ही जगह उपलब्‍ध करायेगा. इस प्‍लेटफार्म पर MSME क्षेत्र से संबंधित फाइनेंस, कच्‍चे माल और सभी तरह की अनुमति के साथ शिकायतों का समाधान भी किया जा सकेगा.

CPGRAMS से जोड़ा गया है

यह देश का पहला ऐसा पोर्टल है जिसे भारत सरकार की मुख्य केन्द्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (Centralized Public Grievance Redress and Monitoring System) यानी ‘CPGRAMS’ से जोड़ा गया है. यानी अगर किसी ने सीपी ग्राम्स पर शिकायत कर दी तो ये सीधे CHAMPIONS पोर्टल पर आ जाएगी. पहले ये शिकायत मंत्रालयों को भेजी जाती थी जिसे मंत्रालय के सिस्टम पर कापी किया जाता था.

AI का इस्तेमाल करेगा

CHAMPIONS पोर्टल को आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग से लैस किया गया है. इससे कारोबारियों की शिकायत के बिना भी उनकी समस्या निपटाई जा सकेगी. उदाहरण के लिए अगर किसी एक क्षेत्र में एक ही तरह की समस्या ज्यादा हो रही है तो AI से ये समस्या चैंपियन्स पोर्टल पर दिखने लगेगी.

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि (PMSVANidhi) शुरू की गयी

सरकार ने रेहड़ी विक्रेताओं को सस्ते ब्याज पर ऋण प्रदान करने के लिए एक विशेष माइक्रो-क्रेडिट सुविधा ‘PMSVANidhi’ शुरू की है. यह निर्णय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 1 जून को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक लिया गया.

सरकार ने रेहड़ी विक्रेताओं को सस्ते ब्याज पर ऋण प्रदान करने के लिए एक विशेष माइक्रो-क्रेडिट सुविधा ‘प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि’ (PMSVANidhi) शुरू की है. यह योजना आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने शुरू की है. योजना के तहत 10,000 रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण का लाभ दिया गया है जिसे एक वर्ष में चुकाया जा सकता है.

विभिन्न क्षेत्रों संदर्भों में वेंडर, हॉकर, ठेले और रेहड़ी वाले सहित 50 लाख से अधिक लोगों को इस योजना से लाभ मिलने की संभावना है. सेवाओं में नाई की दुकानें, मोची, पान की दूकानें व कपड़े धोने की दुकानों को शामिल किया गया है.

न्यू डेवलपमेंट बैंक ने भारत के लिए एक अरब डॉलर के ऋण को मंजूरी दी

न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) ने कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी से लड़ने के लिए भारत को एक अरब (बिलियन) डॉलर ऋण देने की मंजूरी दी है. इस राशि का उपयोग इस महामारी से होने वाले मानवीय, सामाजिक और आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए किया जाएगा.

न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB): एक दृष्टि

  • न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB), BRICS समूह के देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) द्वारा स्थापित किया गया बैंक है. NDB का मुख्यालय शंघाई, चीन में है.
  • ब्राज़ील के फ़ोर्टालेज़ा में आयोजित छठे BRICS शिखर सम्मेलन, 2014 में 100 अरब डॉलर की शुरुआती अधिकृत पूंजी के साथ NDB की स्थापना का निर्णय किया गया था. इस धनराशि में सभी सदस्य देशों की बराबर-बराबर हिस्सेदारी है. भारत के केवी कामत NDB के पहले और वर्तमान अध्यक्ष हैं.

20 लाख करोड़ रुपये के ‘आत्मनिर्भर भारत पैकेज’ की घोषणा की गयी

वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने 13 मई को 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज (Atmanirbhar Bharat Package) का ब्यौरा दिया. यह राहत पैकेज देश के सकल घरेलू उत्पाद का 10 प्रतिशत है. इससे कुटीर उद्योग, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, मध्य वर्ग तथा उद्य़ोग जगत सहित विभिन्न वर्गों को लाभ मिलने की उम्मीद है.

प्रधानमंत्री का राष्‍ट्र को संबोधन

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने राष्‍ट्र को संबोधित करते हुए ‘आत्मनिर्भर भारत पैकेज’ की घोषणा की थी. इसकी घोषणा कोरोना वॉयरस महामारी को देखते हुए किया गया है.

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कोविड-19 के बाद आत्‍म निर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की बात कही थी. उन्होंने देशवासियों से लोकल Products खरीदने और उनके प्रचार करने का भी अनुरोध किया था. उन्‍होंने ज़ोर दिया कि भारत की आत्‍मनिर्भरता इन पांच स्तंभों पर खड़ा होगा:

  1. अर्थव्यवस्था, जो वृद्धिशील परिवर्तन नहीं, बल्कि लंबी छलांग सुनिश्चित करती है.
  2. बुनियादी ढांचा, जिसे भारत की पहचान बन जाना चाहिए.
  3. प्रणाली (सिस्‍टम), जो 21वीं सदी की प्रौद्योगिकी संचालित व्यवस्थाओं पर आधारित हो.
  4. उत्‍साहशील आबादी, जो आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है.
  5. मांग, जिसके तहत हमारी मांग एवं आपूर्ति श्रृंखला (सप्‍लाई-चेन) की ताकत का उपयोग पूरी क्षमता से किया जाना चाहिए.

आत्मनिर्भर भारत पैकेज के मुख्य बिंदु

  • यह राहत पैकेज 20 लाख करोड़ रुपये का है जो देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 10 प्रतिशत है. GDP के अनुपात में यह दुनिया का पांचवां बड़ा आर्थिक पै‍केज है.
  • पैकेज में MSME (Micro, Small and Medium Enterprises) और बिजनस के लिए 3 लाख करोड़ रुपये के कोलैटरल फ्री 100% ऑटोमैटिक लोन की घोषणा. दबाव वाले MSME को 20,000 करोड़ रुपये का (बिना गारंटी के) कर्ज दिया जाएगा. इससे 2 लाख MSME लाभान्वित होंगे.
  • एंप्लॉयी प्रविडेंट फंड (EPF) में योगदान की राशि को कम करने की घोषणा की गयी. अब तक बेसिक पे का 12 प्रतिशत एंप्लॉयर और 12 प्रतिशत एंप्लॉयी पीएफ फंड में जमा करता रहा है. अगले तीन महीने के लिए इसे घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया है. इससे 6750 करोड़ रुपये का लिक्विडिटी सपॉर्ट मिलेगा.
  • NBFC (नॉन बैंकिंग फाइनैंशल कंपनीज) को आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना के जरिये 45,000 करोड़ रुपये की नकदी उपलब्ध करायी जाएगी.
  • सरकार ने नाबार्ड के जरिए किसानों के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की आपात कार्यशील पूंजी कोष बनाने की भी घोषणा की.
  • सरकार और निजी संस्‍थाओं को आवास क्षेत्र में किफायती किराया आवास विकसित करने के लिए 70 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे. इससे रोजगार के साथ-साथ इस्‍पात, सीमेंट, परिवहन और निर्माण संबंधी अन्‍य सामग्री की मांग पैदा होगी.

CAIT ने खुदरा व्यापारियों के लिए ई-कामर्स मार्केट प्लेस ‘bharatemarket.in’ की शुरुआत की

कांफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने देश के सभी खुदरा व्यापारियों के लिए एक राष्ट्रीय ई-कामर्स मार्केट प्लेस की शुरुआत की है. यह ई-कामर्स मार्केट प्लेस ‘bharatemarket.in’ नाम के पोर्टल पर उपलब्ध होगा. इस मार्केटप्लेस में देश के सभी खुदरा व्यापारियों को लाने का लक्ष्य है.

इस पोर्टल से जुड़ने वाले व्यापारी इस मार्केटप्लेस के एक हिस्से के मालिक होंगे. पोर्टल का मिशन भारत की पारंपरिक स्व-संगठित व्यापारिक को डिजिटल तकनीक से जोड़ कर निर्माता से लेकर अंतिम उपभोक्ता तक सामान पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी.

इस पोर्टल पर बिकने वाले सामान पर कोई भी शुल्क नहीं लगेगा तथा व्यापारियों की ई-दुकाने बिना किसी शुल्क के बनाई जाएंगी. कोई भी उपभोक्ता अपने निकटतम रिटेलर से सामान खरीद सकेगा, जिसकी डिलीवरी तुरंत की जायेगी. अन्य पोर्टलों की अपेक्षा इस पोर्टल में सामान की गुणवत्ता, कीमत तथा डिलीवरी बहुत ही कम समय में होगी.

FDI पर भारत के नए प्रावधान, जानिए क्या है मामला?

सरकार ने प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नीति की 18 अप्रैल को समीक्षा की. इस समीक्षा में देश के वर्तमान FDI नीति में कई नए प्रावधान किये गये हैं. नीति के नए प्रावधानों का उद्देश्‍य कोविड-19 महामारी के बीच अनुकूल मौका देखते हुए भारतीय कंपनियों के विलय और अधिग्रहण की संभावनाओं को रोकना है.

FDI नीति के कई नए प्रावधान

  • नई नीति में यह स्‍पष्‍ट किया गया है कि भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाली FDI के कारण भारतीय कंपनियों के स्‍वामित्‍व के हस्तांतरण और किसी परिवर्तन के लिए भी सरकार का अनुमोदन आवश्‍यक होगा. यह नीति उन कंपनियों पर भी लागू होगी जिनके मालिक इन देशों के नागरिक हैं या ये कंपनियां इन देशों में स्थित हैं.
  • दरअसल, अभी तक रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, मीडिया, फार्मास्युटिकल्स और इंश्योरेंस सेक्टर को छोड़ कर अन्य क्षेत्रों में विदेशी निवेश (FDI) के लिए सरकार की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होती थी. अब सरकार ने नियम बनाया है कि भारत से जमीनी सीमाएं साक्षा करने वाले देशों से भारत में निवेश बिना सरकार की मंजूरी के नहीं होगा, चाहे वह किसी भी सेक्टर में हो.
  • पाकिस्तान के निवेशकों पर इस तरह की शर्त पहले से लागू है. पाकिस्तान का कोई नागरिक अथवा पाकिस्तान में बनी कोई भी कंपनी केवल सरकारी मंजूरी के जरिये ही प्रतिबंधित क्षेत्रों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में निवेश कर सकते हैं. रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, ऊर्जा और कुछ अन्य क्षेत्रों में विदेशी निवेश प्रतिबंधित है.

FDI के नए प्रावधानों से प्रभावित देश

भारत के साथ जमीनी सीमाएं साझा करने वाले देशों में चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमा और अफगानिस्तान शामिल हैं. सरकार के इस निर्णय से इन देशों से आने वाले विदेशी निवेश पर प्रभाव पड़ सकता है.

चीन की प्रतिक्रिया

FDI नीति में भारत द्वारा जोड़े गये नए प्रावधानों को चीनी दूतावास ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के गैर-भेदभाव वाले सिद्धान्त का उल्लंघन और मुक्त व्यापार के खिलाफ बताया है. चीनी ने कहा कि नई नीति G-20 समूह में निवेश के लिए एक स्वतंत्र, निष्पक्ष, गैर-भेदभावपूर्ण और पारदर्शी वातावरण के लिए बनी आम सहमति के भी खिलाफ है.

क्या है मामला?

चीन के केंद्रीय बैंक ‘पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना’ ने हाल ही में हाउसिंग लोन देने वाली भारतीय कंपनी HDFC लिमिटेड के 1.75 करोड़ शेयर खरीदे थे. ये शेयर तब ख़रीदे गये जब COVID-19 महामारी के कारण HDFC लिमिटेड के शेयरों में 32.29 फीसदी की गिरावट आई थी. इन निवेश के बाद अब HDFC लिमिटेड में चीनी केंद्रीय बैंक की हिस्सेदारी 1.01 प्रतिशत हो गई. चीन के इसी कदम के बाद भारत सतर्क हुआ है.

अर्थव्यवस्था में मजबूती के लिए RBI ने कई नियामक उपायों की घोषणा की

लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था पर बढ़े वित्तीय दबाव को कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कई नियामक उपायों की घोषणा की है. यह घोषणा RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 17 अप्रैल को की. इन उपायों से बाजार नकदी का प्रवाह बनाये रखने में मदद मिलेगी, बैंक ऋण सुविधा बढ़ेगी. वित्‍तीय दबाव कम होगा और बाजारों का औपचारिक संचालन हो सकेगा.

RBI के नियामक उपायों के मुख्य बिंदु

  • रिवर्स रैपो रेट को 4 प्रतिशत से घटाकर 3.75 प्रतिशत करने की घोषणा की. रैपोरेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
  • लघु और मध्‍यम उद्योगों के लिए पचास हजार करोड़ रुपये के पैकेज की भी घोषणा की.
  • बैंकों के फंसे कर्जों के लिए समाधान योजना की अवधि 90 दिन तक बढ़ा दी जायेगी.
  • गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनियों द्वारा रियल एस्‍टेट कंपनियों को दिये गये ऋणों पर अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा दिये जाने वाले लाभ के समान लाभ दिया जायेगा.
  • नाबार्ड, नेशनल हाउसिंग बैंक और सिडबी जैसे वित्तीय संस्थानों के पुन: वित्त पोषणा के लिए 50,000 करोड़ रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की.

वर्तमान दरें: एक दृष्टि

नीति रिपो दर4.40%
प्रत्‍यावर्तनीय रिपो दर3.75%
सीमांत स्‍थायी सुविधा दर4.65%
बैंक दर4.65%
CRR3%
SLR18.25%

क्या होता है रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट, सीआरआर और एसएलआर?