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15-21 नवंबर 2020: राष्ट्रीय नवजात सप्ताह

भारत में 15 नवंबर से 21 नवंबर 2020 तक राष्ट्रीय नवजात सप्ताह (National Newborn Week) मनाया गया. इसका उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में नवजात शिशु स्वास्थ्य के महत्व को सुदृढ़ करना था.

इस वर्ष राष्ट्रीय नवजात सप्ताह का विषय है ‘हर स्वास्थ्य केंद्र और हर जगह, हर नवजात शिशु के लिए गुणवत्ता, समानता, गरिमा’ था.

2014 में, भारत नवजात कार्य योजना (INAP) शुरू करने वाला पहला देश बना था, जो रोके न सकने वाली नवजातों की मौत और जन्म के समय मृत पाए जाने की समस्या को खत्म करने को लेकर ग्लोबल एवरी न्यूबोर्न एक्शन प्लान के अनुरूप है.

27 अक्टूबर से 2 नवम्‍बर: सतर्कता जागरूकता सप्‍ताह

केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग प्रति वर्ष ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’ (Vigilance Awareness Week) का आयोजन करता है. इस वर्ष यानी 2020 में यह सप्ताह 27 अक्टूबर से 2 नवम्‍बर तक आयोजित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य लोगों के सहयोग से सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और सत्‍यनिष्‍ठा को बढ़ावा देना है.

सतर्कता जागरूकता सप्‍ताह का विषय- ‘सतर्क भारत, समृद्ध भारत’ (Prosperous India, Vigilance India) रखा गया है. आयोग ने कहा है कि इस विषय से समाज के सभी वर्गों विशेषकर युवाओं को नैतिक आचरण का पता चलेगा और ईमानदार, भेदभाव रहित और भ्रष्‍टाचार मुक्‍त समाज बनाया जा सकेगा.

2-8 अक्टूबर 2020: राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह

2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक भारत में ‘राष्ट्रीय वन्य जीव सप्ताह’ (National Wildlife Week) मनाया था. यह प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है. इसका उद्देश्य वनस्पतियों और जीवों की सुरक्षा और संरक्षण देना है.

पहला वन्यजीव सप्ताह 1957 में मनाया गया था. इस वर्ष यानी 2020 में यह सप्ताह RoaR (Roar and Revive) थीम पर मनाया गया था.

भारतीय वन्यजीव बोर्ड का गठन

भारत के वन्यजीवों की रक्षा के दीर्घकालिक लक्ष्यों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 1952 में भारतीय वन्यजीव बोर्ड का गठन किया गया था. 1957 से पहले ‘वन्यजीव दिवस’ मनाया गया था जिसे बाद में ‘वन्यजीव सप्ताह’ कर दिया गया था.

4-10 अक्टूबर: विश्व अन्तरिक्ष सप्ताह, ‘स्पुतनिक-1’ के प्रक्षेपण के उपलक्ष्य में मनाया जाता है

प्रत्येक वर्ष 4 से 10 अक्टूबर को विश्व अन्तरिक्ष सप्ताह (World Space Week) के रूप में मनाया जाता है. यह अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एक अन्तर्राष्ट्रीय वार्षिक उत्सव है.

इस वर्ष यानी 2020 के विश्व अन्तरिक्ष सप्ताह का विषय ‘सैटलाइट्स इम्प्रूव लाइफ है’ है.

विश्व अन्तरिक्ष सप्ताह, विश्व के पहले मानव निर्मित उपग्रह स्पुतनिक-1 के प्रक्षेपण के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. स्पुतनिक-1 का प्रक्षेपण 4 अक्टूबर 1957 को तत्कालीन सोवियत संघ द्वारा किया गया था.

सितम्‍बर 2020: राष्‍ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया गया

सितम्‍बर 2020 का पूरा महीना राष्‍ट्रीय पोषण माह (National Nutrition Month) के रूप में मनाया गया था. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संपूर्ण पोषण के विचार को मूर्त रूप प्रदान करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है. इसका लक्ष्‍य 2022 तक कुपोषण को समाप्‍त करना है. इससे पहले पोषण माह सितंबर 2018 और 2019 में मनाया गया था.

1-7 अगस्त: विश्व स्तनपान सप्ताह से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष अगस्त के पहले सप्ताह में विश्व स्तनपान सप्ताह (World Breastfeeding Week- WBW) मनाया जाता है. इसका उद्देश्य स्तनपान को प्रोत्साहन तथा समर्थन देना है. स्तनपान, बच्चे के जीवन और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण व कम लागत वाला प्रयास है.

यह दिवस UNICEF, WHO और उनके सहयोगी संस्थाओं द्वारा मनाया जाता है. पहला विश्व स्तनपान सप्ताह 1992 में World Alliance for Breastfeeding Action (WABA) द्वारा मनाया गया था.

विश्व स्तनपान सप्ताह 2020 की थीम

इस वर्ष (2020) के स्तनपान सप्ताह की थीम (मुख्य विषय)- Support breastfeeding for a healthier planet है.

12-18 फरवरी: राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह, राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद का 62वां स्थापना दिवस

प्रत्येक वर्ष 12-18 फरवरी को ‘राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह’ मनाया जाता है. यह सप्ताह राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (National Productivity Council- NPC) द्वारा अपने स्थापना दिवस के अवसर पर मनाया जाता है. इस वर्ष 12 फरवरी, 2020 को NPC का 62वां स्थापना दिवस है. NPC अपने स्थापना दिवस को ‘उत्पादकता दिवस’ के रूप में मनाती है.

राष्ट्रीय उत्‍पादकता परिषद: एक दृष्टि

  • राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद, औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (DIPP) के अधीन एक राष्‍ट्रीय स्‍वायत्‍त संगठन है.
  • राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद का गठन भारतीय अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में उत्‍पादकता को प्रोत्साहन देने के लिये किया गया था. इसके अलावा NPC सरकार की उत्‍पादकता संवर्द्धन योजनाओं को भी कार्यान्‍वित करता है.
  • भारत सरकार ने वर्ष 1958 में एक पंजीकृत सोसाइटी के तौर पर इसकी स्‍थापना की थी. यह एक बहुपक्षीय, गैर-लाभकारी संगठन है.
  • NPC टोक्यो स्थित ‘एशियन प्रोडक्‍टिविटी आर्गेनाईज़ेशन’ (APO) के एक घटक के रुप में इसके कार्यक्रमों को भी कार्यान्‍वित करता है. APO एक अंतर-सरकारी निकाय है जिसका भारत एक संस्‍थापक सदस्‍य है.

WHO ने 2020 को अंतर्राष्ट्रीय नर्स व प्रसाविका वर्ष के रुप में मनाने का फैसला किया है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2020 को ‘नर्स और मिडवाइफ वर्ष’ (International Year of the Nurse and the Midwife) के रुप में मनाने का फैसला किया है. इसका उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में लगी महिलाओं को सम्मान देना और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संगठनों में उन्हें उच्च पद पर आगे बढ़ाना है.

WHO के एक आंकड़े के मुताबिक दुनिया की स्वास्थ्य सेवाओं में कुल कार्यरत लोगों में लगभग 70 फीसदी नर्स और मिडवाइफ ही होती हैं. भारत सहित दुनिया के जिन देशों में एकल स्वास्थ्यकर्मी के सेंटर चलते हैं, वहां इनकी संख्या 80 फीसदी से भी ऊपर है. रोगों के उपचार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी इन्ही के कंधों पर होती है. लेकिन इतनी महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद उनका वेतन, काम करने की परिस्थितियां और काम करने के घंटे बेहद निराशाजनक हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन: एक दृष्टि

WHO संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अनुषांगिक इकाई है. इसकी स्थापना 7 अप्रैल 1948 को की गयी थी. WHO का मुख्यालय स्विटजरलैंड के जेनेवा शहर में स्थित है. भारत WHO का सदस्य देश है.

फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्म का 200वां साल

  • 2020 फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्म (12 मई 1820) का 200वां साल है. इस कारण से भी इस वर्ष को नर्स और मिडवाइफ वर्ष के रूप में मनाए जाने का महत्व बढ़ गया है.
  • फ्लोरेंस नाइटिंगेल को दुनिया की पहली आधुनिक नर्स कहा जाता है. वे रात के समय अपने हाथों में एक लैंप लेकर रोगियों की सेवा किया करती थीं. इसीलिए उन्हें ‘दिये के साथ एक महिला’ या ‘The Lady With The Lamp’ कहा जाता था.
  • नाइटिंगेल के नाम पर अनेक देशों ने अपने यहां पुरस्कार घोषित कर रखे हैं. भारत ने 1973 में राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार की शुरुआत की थी जो पतिवर्ष दिया जाता है.

14 दिसम्बर: राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 14 दिसम्बर को विद्युत मंत्रालय के अधीनस्‍थ ऊर्जा दक्षता ब्‍यूरो (Bureau of Energy Efficiency- BEE) द्वारा ‘राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस’ (National Energy Conservation Day) मनाया जाता है. इसका उद्देश्‍य ऊर्जा दक्षता एवं संरक्षण में भारत की उपलब्धि‍यों को दर्शाना और जलवायु परिवर्तन में कमी की दिशा में प्रयास करना है.

राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण सप्‍ताह
ऊर्जा दक्षता एवं संरक्षण के महत्‍व के बारे में आम जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए ऊर्जा दक्षता ब्‍यूरो (BEE) 9 से 14 दिसम्‍बर 2019 तक ‘राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण सप्‍ताह’ मनाया गया.

ऊर्जा संरक्षण क्या है?
ऊर्जा संरक्षण से तात्पर्य, ऊर्जा का उपयोग कुशलता पूर्वक करना और अनावश्यक उपयोग को बंद करना है. कुशलता से ऊर्जा का उपयोग भविष्य के लिए बहुत आवश्यक है.

28 अक्टूबर से 2 नवम्‍बर: सतर्कता जागरूकता सप्‍ताह

केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग प्रति वर्ष ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’ (Vigilance Awareness Week) का आयोजन करता है. इस वर्ष यानी 2019 में यह सप्ताह 28 अक्टूबर से 2 नवम्‍बर तक आयोजित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य लोगों के सहयोग से सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और सत्‍यनिष्‍ठा को बढ़ावा देना है.

सतर्कता जागरूकता सप्‍ताह का विषय- ‘निष्‍ठावान जीवन शैली’ रखा गया है. आयोग ने कहा है कि इस विषय से समाज के सभी वर्गों विशेषकर युवाओं को नैतिक आचरण का पता चलेगा और ईमानदार, भेदभाव रहित और भ्रष्‍टाचार मुक्‍त समाज बनाया जा सकेगा.

4-10 अक्टूबर: विश्व अन्तरिक्ष सप्ताह, ‘स्पुतनिक-1’ के प्रक्षेपण के उपलक्ष्य में मनाया जाता है

प्रत्येक वर्ष 4 से 10 अक्टूबर को विश्व अन्तरिक्ष सप्ताह (World Space Week) के रूप में मनाया जाता है. यह अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एक अन्तर्राष्ट्रीय वार्षिक उत्सव है.

विश्व अन्तरिक्ष सप्ताह, विश्व के पहले मानव निर्मित उपग्रह स्पुतनिक-1 के प्रक्षेपण के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. स्पुतनिक-1 का प्रक्षेपण 4 अक्टूबर 1957 को तत्कालीन सोवियत संघ द्वारा किया गया था.

इस वर्ष यानी 2019 के विश्व अन्तरिक्ष सप्ताह का विषय “द मून: गेटवे टू द स्टार्स” है.

सितम्‍बर 2019: राष्‍ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है

सितम्‍बर 2019 का पूरा महीना राष्‍ट्रीय पोषण माह (National Nutrition Month) के रूप में मनाया जा रहा है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संपूर्ण पोषण के विचार को मूर्त रूप प्रदान करेगा, जिसका लक्ष्‍य 2022 तक कुपोषण को समाप्‍त करना है. इस वर्ष का विषय है – ‘पूरक आहार’ है.

केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्‍मृति ईरानी ने ने कहा है कि आगामी पोषण माह में पांच सूत्रों पर जोर दिया जायेगा. बच्‍चे के पहले हजार दिन, एनीमिया से हमारी लड़ाई, डायरिया से हमारी लड़ाई, पर्सनल हाईजीन, और पौष्टिक है क्‍या उसका ज्ञान परिवारों को देना.