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24-30 अप्रैल 2022: विश्व टीकाकरण सप्ताह के रूप में मनाया गया

प्रत्येक वर्ष अप्रैल माह के आखिरी सप्ताह को ‘विश्व टीकाकरण सप्ताह’ (World Immunization Week) के रूप में मनाया जाता है. इसका उद्देश्य हर व्यक्ति को टीका-निवारणीय रोगों के बारे में जागरुकता फैलाना और इन रोगों से बचाव करना है. पहली बार विश्व टीकाकरण सप्ताह 2012 में मनाया गया था.

इस वर्ष यानी 2022 के विश्व टीकाकरण सप्ताह का विषय (थीम) ‘सभी के लिए लंबा जीवन’ (Long Life for All) था.

टीका-निवारणीय रोग: मुख्य तथ्य

  • टीकाकरण, टीका-निवारणीय रोगों जैसे कि ग्रीवा संबंधी कैंसर, डिप्थीरिया, हेपेटाइटिस बी, खसरा, मम्प्स, पर्टुसिस (खांसी), निमोनिया, पोलियो, रोटावायरस अतिसार (डायरिया), रूबेला और टेटनस इत्यादि से होने वाली मृत्यु से सुरक्षित करता है.
  • वर्ष 1988 से पोलियो मामलों में 99% से ज्यादा की कमी आयी है. वर्तमान में तीन देशों (अफगानिस्तान, नाइजीरिया और पाकिस्तान) में पोलियो-स्थानिक हैं. पोलियो वर्ष 1988 में 125 देशों में था.
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2014 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था.
  • टीका (वैक्सीन) के दो भाग होते हैं- एंटीजन (antigen) और एडजुवेंट (adjuvant). एंटीजन बीमारी पैदा करने वाले परजीवी का एक टुकड़ा है. एडजुवेंट शरीर को खतरे के संकेत भेजता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को दृढ़ता से प्रतिक्रिया करने में मदद करता है.

भारत में टीकाकरण कार्यक्रम

मिशन इंद्रधनुष: भारत सरकार ने सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का संपूर्ण टीकाकरण कवरेज प्राप्त करने के लिए दिसंबर 2014 में ‘मिशन इंद्रधनुष’ का शुभारंभ किया था. मिशन इंद्रधनुष के बाद पूर्ण टीकाकरण कवरेज में प्रतिवर्ष वृद्धि 1% से बढकर 6.7% हो गयी.

तीव्र मिशन इंद्रधनुष (IMI): प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने टीकाकरण कार्यक्रम में तेज़ी लाने के लिए 8 अक्टूबर 2017 को तीव्र मिशन इंद्रधनुष का शुभारंभ किया. इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत सरकार का उद्देश्य दो वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक बच्चों और उन सभी गर्भवती महिलाओं तक पहुंचना है, जो नियमित रूप से टीकाकरण कार्यक्रम के तहत छूट गए हैं.

20 मार्च से 26 मार्च तक अंतर्राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य सप्ताह मनाया गया

20 मार्च से 26 मार्च तक अंतर्राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य सप्ताह (International Adolescent Health Week) मनाया गया. इसका उद्देश्य किशोरों को स्वयं उनके स्वास्थ्य और विकास के बारे में जागरूक बनाना तथा इस बारे में स्वयं निर्णय लेने में मदद करना था.

अंतर्राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य सप्ताह के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों, नीति निर्धारकों, प्रशासकों, समाचार माध्यमों, किशोरों और उनके समुदाय को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई गयी, ताकि वे अपनी किशोर अवस्था को सफल बना सके.

अंतर्राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य सप्ताह 2022 का विषय था – ‘ट्रांज़िशन’ यानी बच्चे से किशोरावस्था और किशोरावस्था से वयस्कावस्था में बदलाव.

वर्ष 2023 को अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मोटा अनाज वर्ष के रूप में घोषित किया गया है

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना के अन्‍तर्गत 11 करोड किसानों को लगभग एक लाख 75 हजार करोड रूपये दिये गये हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 को अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मोटा अनाज वर्ष के रूप में घोषित किया गया है.

रागी, ज्‍वार, बाजरा जैसे मोटे अनाजो का लंबे समय से उपभोग होता आ रहा है. मोटे अनाज के महत्‍व को मान्‍यता देते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2018 को मोटा अनाज वर्ष घोषित किया था, ताकि इनके उत्‍पादन को प्रोत्‍साहित किया जा सके.

मोटे अनाज की घरेलू और वैश्विक मांग पूरी करने तथा लोगों को पौष्टिक भोजन उपलब्‍ध कराने के लिए भारत सरकार ने संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा में वर्ष 2023 को अंतरराष्‍ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित करने के प्रस्‍ताव का अभियान चलाया था. भारत के प्रस्‍ताव का 72 देशों ने समर्थन किया और मार्च 2021 में संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को मोटा अनाज अंतरराष्‍ट्रीय वर्ष घोषित किया.

12-18 फरवरी: राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह, राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद का 64वां स्थापना दिवस

12 से 18 फरवरी को ‘राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह’ (National Productivity Week) मनाया गया था. इसका उद्देश्य भारत के सभी क्षेत्रों में उत्पादकता और गुणवत्ता जागरूकता को प्रोत्साहित करना और बढ़ावा देना है. यह सप्ताह राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) द्वारा अपने स्थापना दिवस के अवसर पर मनाया जाता है. 2022 के राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह का थीम “उत्पादकता के माध्यम से आत्मनिर्भरता” (Self-Reliance Through Productivity) है.

12 फरवरी: उत्पादकता दिवस
इस वर्ष 12 फरवरी, 2022 को NPC का 64वां स्थापना दिवस था. NPC अपने स्थापना दिवस को ‘उत्पादकता दिवस’ के रूप में मनाती है.

राष्ट्रीय उत्‍पादकता परिषद: एक दृष्टि

  • राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद, औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (DIPP) के अधीन एक राष्‍ट्रीय स्‍वायत्‍त संगठन है.
  • राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद का गठन भारतीय अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में उत्‍पादकता को प्रोत्साहन देने के लिये किया गया था. इसके अलावा NPC सरकार की उत्‍पादकता संवर्द्धन योजनाओं को भी कार्यान्‍वित करता है.
  • भारत सरकार ने वर्ष 1958 में एक पंजीकृत सोसाइटी के तौर पर इसकी स्‍थापना की थी. यह एक बहुपक्षीय, गैर-लाभकारी संगठन है.
  • NPC टोक्यो स्थित ‘एशियन प्रोडक्‍टिविटी आर्गेनाईज़ेशन’ (APO) के एक घटक के रुप में इसके कार्यक्रमों को भी कार्यान्‍वित करता है. APO एक अंतर-सरकारी निकाय है जिसका भारत एक संस्‍थापक सदस्‍य है.

26 अक्टूबर से 1 नवम्‍बर: सतर्कता जागरूकता सप्‍ताह

केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग(CVC) प्रति वर्ष ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’ (Vigilance Awareness Week) का आयोजन करता है. इस वर्ष यानी 2021 में यह सप्ताह 26 अक्टूबर से 1 नवम्‍बर तक आयोजित किया गया था. इसका उद्देश्य लोगों के सहयोग से सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और सत्‍यनिष्‍ठा को बढ़ावा देना है.

सतर्कता जागरूकता सप्‍ताह 2021 का विषय- ‘स्वतंत्र भारत @ 75: ईमानदारी के साथ आत्मनिर्भरता’ (Independent India @ 75: Self Reliance with Integrity) रखा गया है. आयोग ने कहा है कि इस विषय से समाज के सभी वर्गों विशेषकर युवाओं को नैतिक आचरण का पता चलेगा और ईमानदार, भेदभाव रहित और भ्रष्‍टाचार मुक्‍त समाज बनाया जा सकेगा.

केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC)
CVC एक शीर्ष भारतीय सरकारी निकाय है, जिसे 1964 में सरकारी भ्रष्टाचार पर अंकुस लगाने के लिए स्थापित किया गया था. इसे 2003 में संसद के एक अधिनियम द्वारा वैधानिक दर्जा दिया गया था. यह एक स्वायत्त निकाय है और किसी भी कार्यकारी प्राधिकरण के नियंत्रण से मुक्त है.

4-10 अक्टूबर: विश्व अन्तरिक्ष सप्ताह, ‘स्पुतनिक-1’ के प्रक्षेपण के उपलक्ष्य में मनाया जाता है

प्रत्येक वर्ष 4 से 10 अक्टूबर को विश्व अन्तरिक्ष सप्ताह (World Space Week) के रूप में मनाया जाता है. यह अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एक अन्तर्राष्ट्रीय वार्षिक उत्सव है.

इस वर्ष यानी 2021 के विश्व अन्तरिक्ष सप्ताह का विषय ‘अंतरिक्ष में महिलाएं’ (Women in Space) है.

विश्व अन्तरिक्ष सप्ताह, विश्व के पहले मानव निर्मित उपग्रह स्पुतनिक-1 के प्रक्षेपण के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. स्पुतनिक-1 का प्रक्षेपण 4 अक्टूबर 1957 को तत्कालीन सोवियत संघ द्वारा किया गया था.

1 से 30 सितंबर: राष्ट्रीय पोषण माह

1 से 30 सितंबर तक के माह को राष्ट्रीय पोषण माह (National Nutrition Month) के रूप में मनाया जा रहा है. इस दौरान कई स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिसमें सबसे प्रमुख है बच्चे का पोषण युक्त स्वास्थ्य. यह आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में मनाया जाएगा.

पोषण अभियान (POSHAN Abhiyaan)

पोषण अभियान गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली मां, बच्चों और किशोरियों के लिए पोषण संबंधी परिणामों में सुधार के लिए भारत सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है. यह अभियान अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 मार्च 2018 को शुरू किया गया था. पोषण (POSHAN) का पूर्ण रूप ‘Prime Minister’s Overarching Scheme for Holistic Nutrition’ है.

1-7 अगस्त: विश्व स्तनपान सप्ताह से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष अगस्त के पहले सप्ताह 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह (World Breastfeeding Week- WBW) मनाया जाता है. इसका उद्देश्य स्तनपान को प्रोत्साहन तथा समर्थन देना है. स्तनपान, बच्चे के जीवन और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण व कम लागत वाला प्रयास है.

यह दिवस UNICEF, WHO और उनके सहयोगी संस्थाओं द्वारा मनाया जाता है. पहला विश्व स्तनपान सप्ताह 1992 में World Alliance for Breastfeeding Action (WABA) द्वारा मनाया गया था.

विश्व स्तनपान सप्ताह 2021 की थीम

इस वर्ष (2021) के स्तनपान सप्ताह की थीम (मुख्य विषय)- “सुरक्षित स्तनपान: एक साझा जिम्मेदारी” है.

24-30 अप्रैल 2021: विश्व टीकाकरण सप्ताह के रूप में मनाया गया

प्रत्येक वर्ष अप्रैल माह के आखिरी सप्ताह को ‘विश्व टीकाकरण सप्ताह’ (World Immunization Week) के रूप में मनाया जाता है. इसका उद्देश्य हर व्यक्ति को टीका-निवारणीय रोगों के बारे में जागरुकता फैलाना और इन रोगों से बचाव करना है. पहली बार विश्व टीकाकरण सप्ताह 2012 में मनाया गया था.

इस वर्ष यानी 2021 के विश्व टीकाकरण सप्ताह का विषय (थीम) ‘Vaccines bring us closer’ था.

टीका-निवारणीय रोग: मुख्य तथ्य

  • टीकाकरण, टीका-निवारणीय रोगों जैसे कि ग्रीवा संबंधी कैंसर, डिप्थीरिया, हेपेटाइटिस बी, खसरा, मम्प्स, पर्टुसिस (खांसी), निमोनिया, पोलियो, रोटावायरस अतिसार (डायरिया), रूबेला और टेटनस इत्यादि से होने वाली मृत्यु से सुरक्षित करता है.
  • वर्ष 1988 से पोलियो मामलों में 99% से ज्यादा की कमी आयी है. वर्तमान में तीन देशों (अफगानिस्तान, नाइजीरिया और पाकिस्तान) में पोलियो-स्थानिक हैं. पोलियो वर्ष 1988 में 125 देशों में था.
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2014 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था.
  • टीका (वैक्सीन) के दो भाग होते हैं- एंटीजन (antigen) और एडजुवेंट (adjuvant). एंटीजन बीमारी पैदा करने वाले परजीवी का एक टुकड़ा है. एडजुवेंट शरीर को खतरे के संकेत भेजता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को दृढ़ता से प्रतिक्रिया करने में मदद करता है.

भारत में टीकाकरण कार्यक्रम

मिशन इंद्रधनुष: भारत सरकार ने सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का संपूर्ण टीकाकरण कवरेज प्राप्त करने के लिए दिसंबर 2014 में ‘मिशन इंद्रधनुष’ का शुभारंभ किया था. मिशन इंद्रधनुष के बाद पूर्ण टीकाकरण कवरेज में प्रतिवर्ष वृद्धि 1% से बढकर 6.7% हो गयी.

तीव्र मिशन इंद्रधनुष (IMI): प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने टीकाकरण कार्यक्रम में तेज़ी लाने के लिए 8 अक्टूबर 2017 को तीव्र मिशन इंद्रधनुष का शुभारंभ किया. इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत सरकार का उद्देश्य दो वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक बच्चों और उन सभी गर्भवती महिलाओं तक पहुंचना है, जो नियमित रूप से टीकाकरण कार्यक्रम के तहत छूट गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष घोषित किया

संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष (International Year of Millets) घोषित किया है. संयुक्त राष्ट्र ने यह घोषणा भारत की पहल पर किया है.

अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष: एक दृष्टि

  • ‘अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023’ का प्रस्ताव भारत ने बांग्लादेश, केन्या, नेपाल, नाइजीरिया, रूस और सेनेगल के साथ रखा था. इसका समर्थन 70 देशों ने किया. 193 सदस्यीय आम सभा ने सर्वसम्मति से इसकी स्वीकृति दे दी.
  • बाजरा स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है. अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष के दौरान विश्वभर में बाजरे के फायदे का प्रचार-प्रसार किया जाएगा. साथ ही जलवायु परिवर्तन के दौर में इसकी पैदावार को बढ़ावा दिया जाएगा.
  • प्रस्ताव के पारित होने के साथ ही भारत के स्थायी मिशन ने बाजरा से बने ‘मुरुक्कू’ का सभी सदस्यों में वितरण किया. यह नाश्ते में खाए जाने वाला एक भारतीय व्यंजन है.

12-18 फरवरी: राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह, राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद का 63वां स्थापना दिवस

12 से 18 फरवरी को ‘राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह’ (National Productivity Week) मनाया गया. यह सप्ताह राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (National Productivity Council- NPC) द्वारा अपने स्थापना दिवस के अवसर पर मनाया जाता है. इस वर्ष 12 फरवरी, 2021 को NPC का 63वां स्थापना दिवस था. NPC अपने स्थापना दिवस को ‘उत्पादकता दिवस’ के रूप में मनाती है.

राष्ट्रीय उत्‍पादकता परिषद: एक दृष्टि

  • राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद, औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (DIPP) के अधीन एक राष्‍ट्रीय स्‍वायत्‍त संगठन है.
  • राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद का गठन भारतीय अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में उत्‍पादकता को प्रोत्साहन देने के लिये किया गया था. इसके अलावा NPC सरकार की उत्‍पादकता संवर्द्धन योजनाओं को भी कार्यान्‍वित करता है.
  • भारत सरकार ने वर्ष 1958 में एक पंजीकृत सोसाइटी के तौर पर इसकी स्‍थापना की थी. यह एक बहुपक्षीय, गैर-लाभकारी संगठन है.
  • NPC टोक्यो स्थित ‘एशियन प्रोडक्‍टिविटी आर्गेनाईज़ेशन’ (APO) के एक घटक के रुप में इसके कार्यक्रमों को भी कार्यान्‍वित करता है. APO एक अंतर-सरकारी निकाय है जिसका भारत एक संस्‍थापक सदस्‍य है.

सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता लाने के लिए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ

भारत में 18 जनवरी से 17 फरवरी 2021 तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के रूप में मनाया जा रहा है. इसका शुभारंभ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में किया. इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता लाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है.

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में सड़क सुरक्षा पर एक फिल्म का उद्घाटन, वाघा बॉर्डर से कन्याकुमारी तक ‘राष्ट्रीय चैम्पियनशिप सुरक्षित गति प्रतियोगिता’ को झंडी दिखाकर रवाना करना और सड़क सुरक्षा के लिए पुरस्कार प्रदान करना शामिल है.