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18 जून: ऑटिस्टिक प्राइड डे, ऑटिज्म से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 18 जून को ‘ऑटिस्टिक प्राइड डे’ (Autistic Pride Day) मनाया जाता है. इसका उद्देश्य यह जागरुकता लाना है कि ऑटिज्म कोई रोग नहीं बल्कि स्नायु तंत्र का विकार है जिसके कारण व्यक्ति के व्यवहार और सामाजिक संपर्क में असंतुलन आ जाता है.

इस दिन को एक इंद्रधनुष अनंत प्रतीक द्वारा दर्शाया जाता है, जो ऑटिस्टिक लोगों की अनंत संभावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है.

इसके अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष 2 अप्रैल को ‘विश्व ऑटिज्म दिवस’ मनाया जाता है. यह संयुक्त राष्ट्र के 7 आधिकारिक स्वास्थ्य विशिष्ट दिनों में से एक है.

ऑटिज्म क्या है?

यह एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जो बातचीत और दूसरे लोगों से व्यवहार करने की क्षमता को सीमित कर देता है. हर एक बच्चे में इसके अलग-अलग लक्षण होते हैं. कुछ बच्चे बहुत जीनियस होते हैं. कुछ को सीखने-समझने में भी परेशानी होती है. 40 प्रतिशत ऑटिस्टिक बच्चे बोल नहीं पाते. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक 160 में से एक बच्चा ऑटिस्टिक है.

17 जून: विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 17 जून को ‘विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस’ (World Day to Combat Desertification and Drought) मनाया जाता है. इस दिवस का उद्देश्य अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग से बंजर और सूखे के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए जन जागरुकता को बढ़ावा देना है.

विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2023 में इस दिवस का मुख्य विषय (थीम)– ‘उसकी भूमि. उसके अधिकार’ (Her land. Her rights) है.

विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस का इतिहास

वर्ष 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मरुस्थलीकरण रोकथाम कन्वेंशन के कार्यान्वयन के लिए विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम और सूखा दिवस की घोषणा की थी. पहला विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस (WDCD) वर्ष 1995 से मनाया गया था.

मरुस्थलीकरण क्या है?

मरुस्थलीकरण जमीन के अनुपजाऊ हो जाने की प्रक्रिया है. जलवायु परिवर्तन तथा मानवीय गतिविधियों समेत अन्य कई कारणों से शुष्क, अर्द्ध-शुष्क और निर्जल अर्द्ध-नम इलाकों की जमीन मरुस्थल या रेगिस्तान में बदल जाती है. इससे जमीन की उत्पादन क्षमता में कमी और ह्रास होता है.

वर्तमान में समस्त विश्व के कुल क्षेत्रफल का 20 प्रतिशत मरुस्थलीय भूमि के रूप में है. जबकि सूखाग्रस्त भूमि कुल वैश्विक क्षेत्रफल का एक तिहाई है.

मरुस्थलीकरण भारत की प्रमुख समस्या

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मरुस्थलीकरण भारत की प्रमुख समस्या बनती जा रही है. भारत का 29.32 फीसदी क्षेत्र मरुस्थलीकरण से प्रभावित है. इसमें से 82 प्रतिशत हिस्सा केवल आठ राज्यों राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू एवं कश्मीर, कर्नाटक, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में हैं.

मरुस्थलीकरण से निवारण के उपाय

वनीकरण को प्रोत्साहन इस समस्या से निपटने में सहायक हो सकता है, कृषि में रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक उर्वरकों का प्रयोग सूखे को कम करता है. फसल चक्र को प्रभावी रूप से अपनाना और सिंचाई के नवीन और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना जैसे बूंद-बूंद सिंचाई, स्प्रिंकलर सिंचाई आदि.

15 जून: विश्व बुजुर्ग दुर्व्‍यवहार रोकथाम जागरूकता दिवस

प्रत्येक वर्ष 15 जून को दुनिया भर में ‘विश्व बुजुर्ग दुर्व्‍यवहार रोकथाम जागरूकता दिवस’ (World Elder Abuse Awareness Day) मनाया जाता है. यह दिवस बुजुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्‍यवहार की रोकथाम के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है.

इस वर्ष यानी 2023 में बुजुर्ग दुर्व्‍यवहार रोकथाम जागरूकता दिवस ‘क्लोजिंग द सर्कल: एड्रेसिंग जेंडर-बेस्ड वॉयलेंस’ (Closing the Circle: Addressing Gender-Based Violence) थीम पर मनाया गया.

संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2011 में इस दिवस को मान्यता दी थी. पहला ‘विश्व बुजुर्ग दुर्व्‍यवहार रोकथाम जागरूकता दिवस’ 15 जून 2012 को मनाया गया था.

16 जून: अंतर्राष्ट्रीय पारिवारिक प्रेषण दिवस

प्रत्येक वर्ष 16 जून को अंतर्राष्ट्रीय पारिवारिक प्रेषण दिवस (International Day of Family Remittances) मनाया जाता है. यह दिन विदेशों में रहने वाले प्रवासियों के प्रयासों को सम्मानित करने और प्रेषण को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है.

संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) की गवर्निंग काउंसिल द्वारा 16 जून को अंतर्राष्ट्रीय पारिवारिक प्रेषण दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा 2015 में की थी. 2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इसे स्वीकृत किया था.

विदेशों में रह रहे अप्रवासी द्वारा अपने देश में धन के हस्तांतरण को प्रेषण (remittance) कहा जाता है. यह अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विकासशील देशों के लिए सबसे बड़े वित्तीय प्रवाहों में से एक है.

14 जून: विश्व रक्तदान दिवस, नोबल प्राइज विजेता कार्ल लैंडस्टेनर की जयंती

प्रत्येक वर्ष 14 जून को ‘विश्व रक्तदान दिवस’ (World Blood Donor Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य सुरक्षित रक्त की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाना और रक्त-दाताओं के सुरक्षित जीवन-रक्षक रक्त के दान करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करते हुए आभार व्यक्त करना है.

विश्व रक्तदान दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2023 में विश्व रक्तदान दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘रक्त दो, प्लाज्मा दो, जीवन बांटो, बार-बार बांटो’ (Give blood, give plasma, share life, share often) है.

इतिहास: नोबल प्राइज विजेता कार्ल लैंडस्टेनर की जयंती

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने प्रत्येक वर्ष 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा 2004 में की थी. पहली बार विश्व रक्तदान दिवस 14 जून 2004 को मनाया गया था.

14 जून को नोबल प्राइज विजेता कार्ल लैंडस्टेनर की जयंती पर यह दिवस मनाया जाता है. कार्ल लैंडस्टेनर को ब्लड ग्रुप सिस्टम खोजने का श्रेय जाता है. ब्लड ग्रुप्स का पता लगाने के लिए कार्ल लैंडस्टेनर को 1930 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

WHO ने आठ वैश्विक स्वास्थ्य अभियान घोषित किया है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने विश्व रक्तदाता दिवस सहित आठ वैश्विक स्वास्थ्य अभियान घोषित किया है. अन्य स्वास्थ्य अभियानों में विश्व क्षय रोग दिवस (24 मार्च), विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल), विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल), विश्व टीकाकरण सप्ताह (अप्रैल का अंतिम सप्ताह), विश्व तंबाकू दिवस (31 मई), विश्व हेपेटाइटिस दिवस (28 जुलाई) और विश्व एड्स दिवस (1 दिसंबर) हैं.

13 जून: अंतरराष्ट्रीय एल्बिनिज्म जागरूकता दिवस

प्रत्येक वर्ष 13 जून को संपूर्ण विश्व में ‘अंतरराष्ट्रीय एल्बिनिज्म जागरूकता दिवस’ (International Albinism Awareness Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य एल्बिनिज्म (रंगहीनता) के शिकार लोगों से विश्व में होने वाले भेद-भाव के विरुद्ध जागरूकता फैलाना है.

अंतरराष्ट्रीय एल्बिनिज्म जागरूकता दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2023 में अंतरराष्ट्रीय एल्बिनिज्म जागरूकता दिवस की थीम (मुख्य विषय)- ‘समावेश शक्ति है’ (Inclusion is Strength) हैं.

इतिहास

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 13 जून को इस दिवस को मनाने की घोषणा 18 दिसंबर, 2014 को की थी. पहला अंतरराष्ट्रीय एल्बिनिज्म जागरूकता दिवस 13 जून 2015 को मनाया गया.

एल्बिनिज्म (Albinism) क्या है?

एल्बिनिज्म या रंगहीनता एक जन्मजात बीमारी है, जो त्वचा, बाल और आंखों में मेलानिन (Pigment Melanin) की कमी के कारण होता है. इससे प्रभावित लोगों की त्वचा पर सफ़ेद धब्बे होते हैं अथवा कई बार पूर्ण त्वचा ही सफ़ेद हो जाती है.

12 जून: विश्व बाल-श्रम निषेध दिवस

प्रत्येक वर्ष 12 जून को विश्व बालश्रम निषेध दिवस (World Day Against Child Labour) मनाया जाता है. बाल मज़दूरी (Child Labour) के खिलाफ जागरूकता फैलाने और 14 साल से कम उम्र के बच्‍चों को इस काम से निकालकर उन्‍हें शिक्षा दिलाने के उद्देश्‍य से यह दिवस मनाया जाता है.

विश्व बाल-श्रम निषेध दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2023 में ‘विश्व बाल-श्रम निषेध दिवस’ की थीम- ‘सभी के लिए सामाजिक न्याय। बाल श्रम खत्म करो!’ (Social Justice for All. End Child Labour!) है.

इतिहास

इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) ने विश्व बालश्रम निषेध दिवस की शुरुआत वर्ष 2002 में की थी. ILO के मुताबिक आज भी 152 मिलियन बच्चे मज़दूरी करते हैं. बाल मज़दूर हर क्षेत्र में मौजूद हैं, वहीं 10 में से 7 बच्चे खेतों में काम करते हैं.

भारत में बाल श्रम से संबंधित संवैधानिक प्रावधान और कानूनी प्रयास

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 45 के अनुसार देश में संविधान लागू होने के 10 साल के भीतर राज्य 14 वर्ष तक की उम्र के सभी बच्चों को मुफ़्त और अनिवार्य शिक्षा देने का प्रयास करेंगे.
  • बाल श्रम भारतीय संविधान के समवर्ती सूची (Concurrent List) का विषय है. इस सूची के अन्‍तर्गत दिए गए विषय पर केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारें कानून बना सकती हैं. परंतु कानून के विषय समान होने पर केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है.
  • बाल श्रम (निषेध व नियमन) कानून 1986 के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य के लिये अहितकर कार्य को निषिद्ध करता है. फैक्टरी कानून 1948, 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के नियोजन को निषिद्ध करता है.

8 जून: विश्व महासागर दिवस

प्रत्येक वर्ष 8 जून को विश्व महासागर दिवस (World Oceans Day) मनाया जाता है. महासागरों के महत्व को जानने, समझने और महासागरों में बढ़ते प्रदूषण के खतरों और उनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है.

विश्व महासागर दिवस 2023 की थीम

प्रति वर्ष विश्व महासागर दिवस की एक खास थीम (मुख्य विषय) रखी जाती है. इस वर्ष यानी 2023 में इस दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘ग्रह महासागर: ज्वार बदल रहे हैं’ (Planet Ocean: Tides are Changing) है.

विश्व महासागर दिवस का इतिहास

संयुक्त राष्ट्र संघ ने आधि‍कारिक तौर पर इस दिवस को मनाने की मान्यता वर्ष 2008 में दी थी. पहला विश्व महासागर दिवस 8 जून, 2009 को मनाया गया था.

7 जून 2023: पाँचवाँ विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 7 जून को ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ (World Food Safety Day) मनाया जाता है. यह दिवस खाद्य सुरक्षा, मानव स्वास्थ्य, आर्थिक समृद्धि, कृषि, बाजार पहुंच, पर्यटन और सतत विकास में योगदान की ओर ध्यान आकर्षित करने और कार्रवाई के लिए प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है.

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘खाद्य मानक जीवन सुरक्षित बनाते हैं’ (Food Standards Save Lives) है.

इतिहास

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2018 में खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के सहयोग से विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाये जाने की घोषणा की थी. पहला विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 7 जून 2019 को मनाया गया था. इस वर्ष पाँचवाँ विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया गया.

6 जून: संयुक्त राष्ट्र रूसी भाषा दिवस, रूसी कवि अलेक्सांद्र पुश्किन का जन्मदिन

प्रत्येक वर्ष 6 जून को संयुक्त राष्ट्र रूसी भाषा दिवस (UN Russian Language Day) मनाया जाता है. भाषा दिवस को मनाने का उद्देश्य बहु-भाषावाद तथा सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना है.

रूसी कवि अलेक्सांद्र पुश्किन का जन्मदिन

रूसी भाषा दिवस महान रूसी कवि अलेक्सांद्र पुश्किन के जन्मदिन पर मनाया जाता है. उन्हें आधुनिक रूसी साहित्य का जनक माना जाता है. पुश्किन की सबसे प्रसिद्ध कविता ‘ओड टू लिबर्टी’ (Ode to Liberty) है. संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने उनके जन्मदिन दिन को रूसी भाषा दिवस के तौर पर चुना.

संयुक्त राष्ट्र 6 आधिकारिक भाषाओं के लिए अलग-अलग दिवस

संयुक्त राष्ट्र भाषा दिवस का शुभारंभ यूनेस्को (UNESCO) द्वारा वर्ष 2010 में किया गया था. संयुक्त राष्ट्र के 6 आधिकारिक भाषाएं हैं. इन 6 आधिकारिक भाषाओं के लिए अलग-अलग दिवस निश्चित किये गये हैं:

  1. अरबी भाषा: 18 दिसम्बर
  2. चीनी भाषा: 20 अप्रैल
  3. अंग्रेजी भाषा: 23 अप्रैल
  4. स्पेनिश भाषा: 23 अप्रैल
  5. फ्रेंच भाषा: 20 अप्रैल
  6. रूसी भाषा: 6 जून

5 जून 2023: विश्व पर्यावरण दिवस की 50वीं वर्षगांठ

प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) मनाया जाता है. दुनियाभर में पर्यावरण के प्रति जागरूकता के लिए यह दिवस मनाया जाता है ताकि प्रकृति और पृथ्वी की रक्षा के लिए रचात्मक कदम उठाए जा सकें. वर्ष 2023 में विश्व पर्यावरण दिवस की 50वीं वर्षगांठ है.

उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष 5 जून को ही अवैध, गैरकानूनी और अनियमित मत्स्य पालन के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day for the Fight Against IUU Fishing) भी मनाया जाता है.

विश्व पर्यावरण दिवस 2023 की थीम

हर साल पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय UNEP द्वारा घोषित विशेष थीम पर फोकस करते हुए विश्व पर्यावरण दिवस मनाता है. इस साल यानी 2023 के विश्व पर्यावरण दिवस की थीम ‘बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन’ (BeatPlasticPollution) है.

विश्व पर्यावरण दिवस 2023 का मेजवान देश

हर साल विश्व पर्यावरण दिवस की मेज़बानी विश्व का एक अलग देश करता है, जहां औपचारिक समारोह आयोजित होते हैं. भारत ने पहली बार वर्ष 2018 के विश्व पर्यावरण दिवस समारोह की मेजवानी की थी. वर्ष 2023 में विश्व पर्यावरण दिवस की 50वीं वर्षगांठ है और इस वर्ष नीदरलैंड के साथ साझेदारी में कोटे डी आइवर इसकी मेजबानी कर रहा है.

विश्व पर्यावरण दिवस: मुख्य तथ्यों पर एक दृष्टि

  • पर्यावरण की समस्या पर पहला सम्मेलन साल 1972 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में आयोजित किया गया था. संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में 119 देशों ने भाग लिया था. साल 1973 से हर साल यह दिवस 5 जून को मनाया जाता है.
  • ग्लोबल वार्मिग, पिघलते ग्लेशियर, धरती का बढ़ता तापमान और वायु प्रदूषण के कारण बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण को कम करने के उपाय पर जोर दिया जा रहा है.

3 जून 2023: छठा विश्व साइकिल दिवस मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 3 जून को दुनियाभर में ‘विश्व साइकिल दिवस’ (World Bicycle Day) मनाया जाता है. यह दिवस परिवहन के एक सरल, किफायती, भरोसेमंद और पर्यावरण की सुरक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है.

विश्व साइकिल दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष ‘विश्व साइकिल दिवस 2023’ का मुख्य विषय (थीम) ‘एक सतत भविष्य के लिए एक साथ सवारी’ (Riding Together for a Sustainable Future) है.

इतिहास

संयुक्त राष्ट्र द्वारा पहला आधिकारिक विश्व साइकिल दिवस 3 जून, 2018 को मनाया गया था. इस प्रकार इस वर्ष यानी 2022 में पांचवां विश्व साइकिल दिवस मनाया गया.