Tag Archive for: Important Days-April

6 अप्रैल: विकास और शांति के लिए अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस

प्रत्येक वर्ष 6 अप्रैल को विकास और शांति के लिए अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस (International Day of Sport for Development and Peace) मनाया जाता है. किसी भी व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक विकास में खेलों का अहम योगदान होता है. अतः खेलों के प्रति लोगों में जागरुकता लाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस को मनाए जाने की पहली बार घोषणा अगस्त 2013 में की थी. इसके बाद 6 अप्रैल 2014 से अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की ओर से मान्यता मिलने के बाद इसे हर साल मनाया जा रहा है.

सबसे पहले 1896 को एथेंस (ग्रीस) में 6 अप्रैल के ही दिन पहले आधुनिक ओलंपिक खेलों का आयोजन किया गया था. इसीलिए 6 अप्रैल के दिन अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस को मनाया जाता है.

खेल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों में शामिल

2015 में, खेल को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों में शामिल किया गया था क्योंकि इसे सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए माना जाता है.

5 अप्रैल: राष्ट्रीय समुद्री दिवस

प्रत्येक वर्ष 5 अप्रैल को देशभर में ‘राष्ट्रीय समुद्री दिवस’ (National Maritime Day) मनाया जाता है. इस वर्ष (5 अप्रैल 2024 को) राष्ट्रीय समुद्री दिवस का 61वां संस्करण मनाया गया.

इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को भारतीय जहाजरानी उद्योग की गतिविधियों और देश की अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका से अवगत कराना है.

राष्ट्रीय समुद्री दिवस का इतिहास

5 अप्रैल, 1919 को पहला भारतीय जहाज मुंबई से ब्रिटेन की यात्रा पर निकला था. सिंधिया स्टीम नेवीगेशन कंपनी लिमिटेड का पहला स्टीम शिप ‘एसएस लॉयल्टी’ (SS Loyalty) मुंबई से लंदन की पहली समुद्री यात्रा पर रवाना हुआ था. इसकी याद में 1964 से हर साल 5 अप्रैल को राष्ट्रीय समुद्री दिवस मनाया जाने लगा.

विश्व समुद्री दिवस

प्रत्येक वर्ष सितंबर के अंतिम गुरूवार को अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा विश्व समुद्री दिवस (World Maritime Day) मनाया जाता है. मार्च 1978 में पहली बार विश्व समुद्री दिवस मनाया गया था.

4 अप्रैल: अन्तर्राष्ट्रीय खदान जागरूकता एवं खनन कार्य में सहायता दिवस

प्रत्येक वर्ष 4 अप्रैल को पूरे विश्व में ‘अंतरराष्ट्रीय खदान जागरूकता एवं खनन कार्य में सहायता दिवस’ (International Day for mine Awareness and Assistance in Mine Action- IMAD) मनाया जाता है. यह दिवस बारूदी सुरंगों (landmines) की वजह से पैदा हुए खतरे से सुरक्षा प्रदान करने, स्वास्थ्य और जीवन से सम्बंधित परेशानियों के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है.

IMAD का इतिहास

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने ‘अंतरराष्ट्रीय खदान जागरूकता एवं खनन कार्य में सहायता दिवस’ को प्रत्येक वर्ष एक दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा वर्ष 2005 में की थी. इस दिवस को पहली बार 4 अप्रैल 2006 को मनाया गया था.

2 अप्रैल: विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस

प्रत्येक वर्ष 2 अप्रैल को विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस (World Autism Awareness Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य ऑटिज्म से ग्रस्त लोगों को इससे लड़ने तथा इसका निदान करने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि वे समाज में अन्य लोगो की तरह पूर्ण और सार्थक जीवन जी सकें.

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2007 में 2 अप्रैल के दिन को विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस के रूप में घोषित किया था. पहला विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस 2 अप्रैल 2008 को मनाया गया था. नीले रंग को ऑटिज्म का प्रतीक माना गया है.

इस वर्ष यानी 20244 में विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस का विषय (थीम) ‘ऑटिस्टिक आवाजों को सशक्त बनाना’ (Empowering Autistic Voices) है.

ऑटिज्म (Autism): एक दृष्टि

  • ऑटिज्म एक आजीवन न्यूरोलॉजिकल विकार (disorder) है. इसके लक्षण जन्म से प्रथम तीन वर्षों में ही नज़र आने लगते. जिन बच्चों में यह रोग होता है उनका मानसिक विकास अन्य बच्चों से असामान्य होता है. यह जीवन-पर्यंत बना रहने वाला विकार है.
  • ऑटिज्म से ग्रसित व्यक्ति दूसरों से अलग स्वयं में खोया रहता है. ऑटिज्म के रोगी को मिर्गी के दौरे भी पड़ सकते हैं. यह बीमारी पूरी दुनिया में फैला हुआ है.

1 अप्रैल 2024: भारतीय रिजर्व बैंक का 90वां स्थापना दिवस

प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का स्थापना दिवस (RBI Foundation Day) मनाया जाता है. इसकी स्थापना इसी दिन 1935 में हुई थी. 1 अप्रैल 2024 को RBI का 90वां स्थापना दिवस था.

RBI की स्थापना

RBI की स्थापना भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल 1935 को हुई थी. प्रारंभ में RBI निजी स्वमित्व वाला था. 1949 में राष्ट्रीयकरण के बाद से इस पर भारत सरकार का पूर्ण स्वमित्व है. इसका केंद्रीय कार्यालय प्रारंभ में कोलकाता में स्थपित किया गया था जिसे 1937 में स्थायी रूप से मुंबई में स्थानांतरित किया गया. भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना से पहले, केंद्रीय बैंक के सभी कार्य इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा किया जाता था.

RBI के मुख्य कार्य

  • मौद्रिक नीति तैयार करना, उसका कार्यान्वयन और निगरानी करना.
  • वित्तीय प्रणाली का विनियमन और पर्यवेक्षण करना.
  • विदेशी मुद्रा का प्रबन्धन करना.
  • मुद्रा जारी करना, उसका विनिमय करना और परिचालन योग्य न रहने पर उन्हें नष्ट करना.
  • सरकार का बैंकर और बैंकों का बैंकर के रूप में काम करना.
  • साख नियन्त्रित करना.
  • मुद्रा के लेन-देन को नियंत्रित करना

केंद्रीय बोर्ड

रिजर्व बैंक का कामकाज केंद्रीय निदेशक बोर्ड द्वारा शासित होता है. भारत सरकार RBI अधिनियम के अनुसार इस बोर्ड को नियुक्‍त करती है. RBI केंद्रीय बोर्ड में एक गवर्नर और अधिकतम चार उप-गवर्नर होते हैं. यह नियुक्ति चार वर्षों के लिये होती है.

मुख्य तथ्य

बाबासाहेब आंबेडकर ने RBI की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी. बाबासाहेब ने बैंक की कार्यपद्धति हिल्टन यंग कमीशन के सामने रखा था. 1926 में ये कमीशन भारत में ‘रॉयल कमीशन ऑन इंडियन करेंसी एंड फिनांस’ के नाम से आया था. तब इसके सभी सदस्यों ने बाबासाहेब द्वारा लिखी गयी पुस्तक ‘दी प्राब्लम ऑफ दी रुपी – इट्स ओरीजन एंड इट्स सोल्यूशन’ (रुपया की समस्या – इसके मूल और इसके समाधान) की जोरदार वकालात की थी.

पूरे भारत में रिज़र्व बैंक के कुल 29 क्षेत्रीय कार्यालय हैं जिनमें से अधिकांश राज्यों की राजधानियों में स्थित हैं. शक्तिकांत दास भारतीय रिजर्व बैंक के वर्तमान गवर्नर हैं.

RBI का राष्ट्रीयकरण 1949 में हुआ और 1 जनवरी, 1949 से RBI ने सरकारी स्वामित्व वाले बैंक के रूप में काम करना शुरू किया.

24 अप्रैल: राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, पंचायती राज से संबंधित महत्त्वपूर्ण तथ्य

प्रत्येक वर्ष 24 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस’ (National Panchayati Raj Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिन देश में ज़मीनी स्‍तर पर सत्‍ता के विकेन्‍द्रीकरण के इतिहास में महत्त्वपूर्ण दिन माना जाता है. इसी दिन 1993 में भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम (73rd Amendment Act) 1992 के जरिए पंचायती राज व्‍यवस्‍था लागू हुई थी.

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस पंचायतीराज दिवस के अवसर पर जम्‍मू कश्‍मीर के सांबा जिले के पल्ली पंचायत में आयोजित समारोह में हिस्‍सा लिया.

पंचायती राज क्या है?

सिर्फ केंद्र या राज्य सरकार ही पूरे देश को चलाने में सक्षम नहीं हो सकती है. इसके लिए स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन की व्यवस्थ की गई है. इसी व्यवस्था को पंचायती राज का नाम दिया गया है.

त्रि-स्तरीय ढांचा

भारत में पंचायती राज त्रि-स्तरीय है. पंचायती राज में गांव के स्तर पर ग्राम सभा, ब्लॉक स्तर पर मंडल परिषद और जिला स्तर पर जिला परिषद होता है. इन संस्थानों के लिए सदस्यों का चुनाव होता है जो जमीनी स्तर पर शासन की बागडोर संभालते हैं.

भारत में पंचायती राज का इतिहास

भारत में प्राचीन काल से ही पंचायती राज व्यवस्था आस्तित्व में रही हैं. आधुनिक भारत में पहली बार तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राजस्थान के नागौर जिले के बगदरी गाँव में 2 अक्टूबर 1959 को पंचायती राज व्यवस्था लागू की थी. 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत साल 2010 से हुई थी.

पंचायती राज से संबंधित संवैधानिक तथ्य

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 40 में राज्यों को पंचायतों के गठन का निर्देश दिया गया हैं.
  • भारतीय संविधान के 73वें संशोधन विधेयक से देश में पंचायती राज संस्था को संवैधानिक मान्यता दी गयी है.
  • भारतीय संसद ने 1992 में इस संशोधन विधेयक को पारित किया था. यह संशोधन विधेयक 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ था.
  • 73वें संशोधन के द्वारा संविधान के अनुच्छेद 243 में पंचायतों की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है. इस संशोधन के द्वारा संविधान में 11वीं अनुसूची जोड़ी गयी, इसमें पंचायत के 29 विषयों को शामिल किया गया है.
  • 73वें संशोधन में एक त्रि-स्तरीय ढांचे की स्थापना (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति तथा जिला पंचायत) का प्रावधन किया गया है.

पंचायती राज संस्था अवधारणा के लिए गठित मुख्य समिति और सिफारिशें

  1. बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशें (1957)
  2. अशोक मेहता समिति की सिफारिशें (1977)
  3. पीवीके राव समिति (1985)
  4. डॉ एलऍम सिन्घवी समिति (1986)

23 अप्रैल: विश्व पुस्तक दिवस, अकरा को विश्व पुस्तक राजधानी 2022 नामित किया गया

प्रत्येक वर्ष 23 अप्रैल को ‘विश्व पुस्तक दिवस’ (World Book Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों के बीच किताब पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना है.

चूंकि किताबी दुनिया में कॉपीराइट एक अहम मुद्दा है, इसलिए विश्व पुस्तक दिवस पर इस पर भी जोर दिया जाता है. इसी वजह से दुनिया के कई हिस्सों में इसे ‘विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस’ (World Book and Copyright Day) के तौर पर भी मनाया जाता है.

ब्रिटेन और आयरलैंड में 23 अप्रैल को सेंट जॉर्ज दिवस होता है. इस वजह से वहां मार्च के पहले गुरुवार को विश्व पुस्तक दिवस मनाया जाता है.

विश्व पुस्तक राजधानी 2022

UNESCO प्रत्येक वर्ष विश्व पुस्तक राजधानी (World Book Capital) नामित करता है. यह पुस्तक राजधानी 23 अप्रैल से 1 वर्ष की अवधि के लिए रहती है. इस वर्ष घाना के अकरा (Accra, Ghana) को ‘विश्व पुस्तक राजधानी 2023’ के रूप में नामित किया गया है.

पुस्तक दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी वर्ष 2023 में विश्व पुस्तक दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘स्वदेशी भाषाएँ’ (Indigenous Languages) है.

विश्व पुस्तक दिवस का इतिहास

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने विश्व पुस्तक दिवस को प्रस्तावित किया था. पहला विश्व पुस्तक दिवस 23 अप्रैल, 1995 को मनाया गया था.

विश्व पुस्तक दिवस को 23 अप्रैल को मनाने का विचार स्पेन की एक परंपरा से आया. स्पेन में हर साल 23 अप्रैल को ‘रोज डे’ मनाया जाता है. इस दिन लोग प्यार के इजहार के तौर पर एक-दूसरे को फूल देते हैं.

1926 में जब स्पेन के विख्यात लेखक मिगेल डे सरवांटिस (Miguel de Cervantes) का निधन हुआ तो उस साल स्पेन के लोगों ने महान लेखक की याद में फूल की जगह किताबें बांटीं. स्पेन में यह परंपरा जारी रही जिससे ‘विश्व पुस्तक दिवस’ मनाने का विचार आया.

23 अप्रैल: संयुक्त राष्ट्र अंग्रेजी और स्पेनिश भाषा दिवस

प्रत्येक वर्ष 23 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र अंग्रेजी भाषा दिवस (UN English Language Day) मनाया जाता है. इसी दिन (23 अप्रैल को) संयुक्त राष्ट्र स्पेनिश भाषा दिवस भी मनाया जाता है. भाषा दिवस को मनाने का उद्देश्य बहु-भाषावाद तथा सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना है.

विलियम शेक्सपियर का जन्मदिन

23 अप्रैल को अंग्रेजी के मशहूर विलियम शेक्सपियर का जन्म हुआ था और उनकी मृत्यु भी इसी दिन हुई थी. इसलिए संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने 23 अप्रैल को अंग्रेजी भाषा दिवस के तौर पर चुना.

संयुक्त राष्ट्र 6 आधिकारिक भाषाओं के लिए अलग-अलग दिवस

संयुक्त राष्ट्र के 6 आधिकारिक भाषाएं हैं. इन 6 आधिकारिक भाषाओं के लिए अलग-अलग दिवस निश्चित किये गये हैं:

  1. अरबी भाषा: 18 दिसम्बर
  2. चीनी भाषा: 20 अप्रैल
  3. अंग्रेजी भाषा: 23 अप्रैल
  4. स्पेनिश भाषा: 23 अप्रैल
  5. फ़्रांसिसी भाषा: 20 अप्रैल
  6. रूसी भाषा: 6 जून

22 अप्रैल: पृथ्वी दिवस, हमारे ग्रह में निवेश करें थीम पर मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस (Earth Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य पर्यावरणीय सुरक्षा उपाय और पर्यावरण सुरक्षा के बारे में लोगों के बीच जागरुकता बढ़ाना है.

पृथ्वी दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2023 के पृथ्वी दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘हमारे ग्रह में निवेश करें’ (Invest In Our Planet) था.

पृथ्वी दिवस का इतिहास

1969 में यूनेस्‍को सम्‍मेलन में इस दिन को प्रस्‍तावित किया गया था. पहली बार, पृथ्वी दिवस 1970 में मनाया गया था. संयुक्त राष्ट्र ने 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा 2009 में की थी.

अमेरिका में पृथ्वी दिवस को ‘वृक्ष दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. अमेरिका के सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने 22 अप्रैल 1970 को इस कार्यक्रम को पर्यावरण शिक्षा के रूप में मनाने के लिये चुना था.

21 अप्रैल: सिविल सेवा दिवस

प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस (Civil Services Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिवस सिविल सेवकों को स्वयं को नागरिकों के लिए पुनर्समर्पित करने तथा अपनी वचनबद्धता को पुनर्सज्जित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है.

इसी दिन 1947 में पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने ‘आल इंडिया एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस ट्रेनिंग स्कूल’ के पहले बैच के अधिकारियों को दिल्ली के मेटकाफ़ हाउस में पहली बार संबोधित किया था. सरदार पटेल ने अपने संबोधन में सिविल सेवकों को ‘स्टील फ्रेम ऑफ इंडिया’ के रूप में संबोधित किया था.

भारत सरकार ने वर्ष 2006 से इस दिवस को मनाने का निर्णय लिया था. 21 अप्रैल 2023 को देश में 17वां सिविल सेवा दिवस मनाया गया.

लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार

सिविल सेवा दिवस पर देश के विभिन्न अधिकारियों को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार (Prime Minister’s Awards for Excellence in Public Administration) प्रदान किये जाते हैं.

पहले यह पुरस्‍कार अधिकारी के व्‍यक्तिगत कार्यों के आधार पर दिए जाते थे. लेकिन अब ये पुरस्‍कार विभिन्‍न जिलों के प्रमुख कार्यक्रमों के प्रदर्शन पर दिए जा रहे हैं.

19 अप्रैल: विश्व यकृत दिवस

प्रत्येक वर्ष 19 अप्रैल को विश्व यकृत दिवस (World Liver Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य यकृत संबंधित रोगों के बारे में जागरूकता फैलाना है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में लीवर की बीमारियां मृत्यु का 10वां सबसे आम कारण है.

यकृत (Liver): एक दृष्टि

  • यकृत मस्तिष्क के बाद शरीर का दूसरा सबसे जटिल अंग हैं. यह शरीर के पाचन तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
  • लीवर के प्रमुख कार्य- संक्रमणों से लड़ना, रक्त शर्करा (Blood Sugar) को नियमित करना, विषाक्त पदार्थों को निकालना, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना, रक्त के थक्के का निर्माण करना, पित्त रस का स्त्रावण करना है.
  • हेपेटाइटिस शब्द का उपयोग यकृत सूजन के लिए किया जाता हैं. यह वायरल संक्रमण या अल्कोहल जैसे हानिकारक पदार्थों के संपर्क में आने के कारण होता है.
  • हेपेटाइटिस लक्षण रहित और सीमित लक्षणों के साथ हो सकता है. इसमें प्राय: पीलिया, अत्यधिक थकान (भूख में कमी) और अस्वस्थता हो सकती है.

18 अप्रैल: विश्व धरोहर दिवस, भारत के 40 स्थानों को विश्व धरोहर का दर्जा

प्रत्येक वर्ष पूरे विश्व में 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस (World Heritage Day) के रूप में मनाया जाता है. इसका उद्देश्य सांस्कृतिक-ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासतों की विविधता का संक्षरण करना तथा स्मारकों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है.

विश्व धरोहर दिवस 2023 का विषय

इस वर्ष यानी 2023 के विश्व धरोहर दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘विरासत परिवर्तन’ (Heritage Changes) है.

इतिहास

International Council on Monuments and Sites (ICOMOS) ने 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस को मनाये जाने का प्रस्ताव यूनेस्को को दिया था. यूनेस्को ने 1983 में इस प्रस्ताव को अनुमोदित किया था.

धरोहर स्थल क्या है?

विश्व धरोहर या विरासत सांस्कृतिक महत्व और प्राकृतिक महत्व के वह स्थल होते है जो बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं. दुनियाभर में कुल 1052 विश्व धरोहर स्थल हैं जो बहुत ही महत्वपूर्ण हैं. इनमें से 814 सांस्कृति, 203 प्राकृतिक और 35 मिश्रित स्थल हैं.

यूनेस्को में शामिल भारत के धरोहर स्थल

यूनेस्को ने भारत में 40 स्थानों, शहर, इमारतों, गुफाओं आदि को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है. इनमें 32 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित धरोहर शामिल हैं. यूनेस्को में शामिल भारत के धरोहर स्थल इस प्रकार हैं:

क्रमांकविश्व विरासत स्थलवर्षसंबंधित राज्य
1.आगरा का किला1983उत्तर प्रदेश
2.अजंता की गुफाएं1983महाराष्ट्र
3.एलोरा की गुफाएं1983महाराष्ट्र
4.ताज महल1983उत्तर प्रदेश
5.महाबलीपुरम के स्मारक1984तमिलनाडु
6.सूर्य मंदिर1984ओड़िशा
7.मानस वन्यजीव अभ्यारण्य1985असम
8.काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान1985असम
9.केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान1985राजस्थान
10.गोवा के चर्च1986गोवा
11.फतेहपुर सीकरी1986उत्तर प्रदेश
12.हम्पी के स्मारक1986कर्नाटक
13.खजुराहो के मंदिर1986मध्य प्रदेश
14.एलीफेंटा की गुफाएं1987महाराष्ट्र
15.महान चोल मंदिर1987/ 2004तमिलनाडु
16.पट्टाकल के स्मारक1987कर्नाटक
17.सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान1987पश्चिम बंगाल
18.नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान व फूलों की घाटी1988/ 2005उत्तराखंड
19.सांची का स्तूप1989मध्य प्रदेश
20.हुमायूं का मक़बरा1993दिल्ली
21.क़ुतुब मीनार1993दिल्ली
22.भारत के पर्वतीय रेलवे (दार्जिलिंग/नीलगिरी/शिमला)1999/ 2005/ 2008पश्चिम बंगाल/ तमिलनाडु/ हिमाचल प्रदेश
23.महाबोधि मंदिर2002बिहार
24.भीमबेटका गुफ़ाएं2003मध्य प्रदेश
25.चंपानेर – पावागढ़ पार्क2004गुजरात
26.छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस2004महाराष्ट्र
27.लाल किला2007दिल्ली
28.जंतर-मंतर2010राजस्थान
29.पश्चिमी घाट2012गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल
30.राजस्थान के पहाड़ी किले2013राजस्थान
31.रानी की वाव2014गुजरात
32.ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान2014हिमाचल प्रदेश
33.नालंदा2016बिहार
34.कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान2016सिक्किम
35.ली कार्बुसियर के स्थापत्य कार्य2016चंडीगढ़
36.अहमदाबाद शहर2017गुजरात
37.विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको2018महाराष्ट्र
38.जयपुर2019राजस्थान
39.काकतीय रुद्रेश्‍वर मंदिर2021तेलंगाना
40.धोलावीरा2021गुजरात

भारतीय संविधान में प्रावधान

भारतीय संविधान ने धरोहरों को संभालने की व्यवस्था की है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51 के अनुसार ‘यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि यह अपनी समृद्ध मिश्रित सांस्कृतिक विरासत का सम्मान और संरक्षण करें’.

यूनेस्को (UNESCO): एक दृष्टि

  • यूनेस्को या UNESCO, संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (United Nations Educational Scientific and Cultural Organization) का संक्षिप्त रूप है.
  • यह संयुक्त राष्ट्र का एक घटक निकाय है. इसका कार्य शिक्षा, प्रकृति तथा समाज विज्ञान, संस्कृति तथा संचार के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना है.
  • UNESCO का गठन 4 नवंबर 1946 को हुआ था. इसका मुख्यालय फ्रांस के पेरिस में है. UNESCO के वर्तमान अध्यक्ष आंद्रे अजोले हैं.