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6 अगस्त: हिरोशिमा दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस (Hiroshima Day) और जापान में शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है. द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के दौरान जापान के हिरोशिमा पर इसी दिन में परमाणु बम गिराया गया था. इसे मानव इतिहास में काला दिन भी कहा जाता है. इसे दिवस के रूप में इसलिए मनाया जाता है, ताकि दुनिया इस तबाही से कुछ सीख ले.

हिरोशिमा दिवस: मुख्य तथ्यों पर एक दृष्टि

  • अमेरिका दुनिया का इकलौता देश है, जिसने मानव इतिहास में सबसे बड़ा नरसंहार करने वाले परमाणु बमों का इस्तेमाल किया है.
  • द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 को जपान के हिरोशिमा नामक नगर में ‘लिटिल बॉय’ नामक यूरेनियम गिराया था. यह बम उस समय का सबसे शक्तिशाली बम माना जाता था.
  • हिरोशिमा को तबाह करने के बाद अमेरिका ने 9 अगस्त 1945 को नागासाकी पर ‘फैट मैन’ नामक प्लूटोनियम बम गिराया.

29 अगस्त: राष्‍ट्रीय खेल दिवस (मेजर ध्यानचंद का जन्म-दिन)

प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस (National Sports Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिन सुप्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. उनका जन्म इसी दिन 1905 में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था.

राष्ट्रीय खेल दिवस के दिन देश के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है. इन सम्मान में राजीव गांधी खेल रत्न, ध्यानचंद पुरस्कार और द्रोणाचार्य पुरस्कारों के अलावा तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार आदि शामिल हैं.

मेजर ध्यानचंद: एक दृष्टि

  • मेजर ध्यानचंद ने भारत को ओलंपिक में 3 स्वर्ण पदक दिलवाए थे. भारत ने 1932 में 37 मैच में 338 गोल किए, जिसमें 133 गोल ध्यानचंद ने किए थे.
  • दूसरे विश्व युद्ध से पहले ध्यानचंद ने 1928 (एम्सटर्डम), 1932 (लॉस एंजिल्स) और 1936 (बर्लिन) में लगातार तीन ओलंपिक में भारत को हॉकी में स्वर्ण पदक दिलाए.
  • 1956 में ध्यानचंद को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया.

29 अगस्त: परमाणु परीक्षण के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस

प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को परमाणु परीक्षण के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day against Nuclear Tests) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य परमाणु हथियारों से होने वाले नुकसान एवं उनके दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरुक करना है.

2 दिसम्बर, 2009 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 29 अगस्त को परमाणु परीक्षण के खिलाफ अन्तर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित किया गया था. पहली बार यह दिवस वर्ष 2010 में मनाया गया था.

21 अगस्त: अंतर्राष्ट्रीय, आतंकवाद पीड़ित स्मृति एवं श्रद्धांजली दिवस

प्रत्येक वर्ष 21 अगस्त को ‘अंतर्राष्ट्रीय, आतंकवाद पीड़ित स्मृति एवं श्रद्धांजली दिवस’ (International Day of Remembrance and Tribute to the Victims of Terrorism) मनाया जाता है. आतंकवाद के शिकार हो गए और जीवित बचे लोगों की आवाज़ें सुनने और उन्हें अपनी आवाज़ बुलंद करने में सहयोग देने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है.

संयुक्त राष्ट्र ने इस दिवस को मनाये जाने की घोषणा 2017 में की थी. 21 अगस्त 2018 को पहला ‘अंतर्राष्ट्रीय, आतंकवाद पीड़ित स्मृति एवं श्रद्धांजली दिवस’ मनाया गया था. इस वर्ष यानी 2020 में तीसरा ‘अंतर्राष्ट्रीय, आतंकवाद पीड़ित स्मृति एवं श्रद्धांजली दिवस’ मनाया गया.

21 अगस्त: विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 21 अगस्त को ‘विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस’ (World Senior Citizen’s Day) मनाया जाता है. यह दिवस बुजुर्गों को सम्मान देने के उद्देश्य से मनाया जाता है.

विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस का इतिहास

विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस को आधिकारिक तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा स्थापित किया गया था. उन्होंने 19 अगस्त, 1988 को इस पर हस्ताक्षर किए थे, जिसे 21 अगस्त को वरिष्ठ नागरिक दिवस के रूप में प्रकट किया गया था. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 अगस्त को विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के रूप में मनाने की घोषणा 14 दिसंबर 1990 को की थी.

20 अगस्त 2020: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 76वीं जयंती (सद्भावना दिवस)

20 अगस्त 2020 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी 76वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया. यह दिन साम्प्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को बढावा देने के लिए ‘सद्भावना दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है.

श्री राजीव गांधी 1984 में माता इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद देश के छठे प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. वह 40 वर्ष की उम्र में भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने थे. उन्होंने 1989 तक प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की.

21 मई 1991 को लिट्टे उग्रवादियों द्वारा श्रीपेरंबदूर में उनकी हत्या कर दी गई थी. उन्हें 1991 में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत-रत्न से सम्मानित किया गया था.

15 अगस्त 2020: देशभर में 74वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया


देशभर में 15 अगस्त 2020 को 74वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक लालकिले की प्राचीर से सातवीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया.

नेशनल डिजिटल स्‍वास्‍थ्‍य मिशन का आरंभ

प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2020 से नेशनल डिजिटल स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के आरंभ की घोषणा की. इसके तहत प्रत्येक भारतीय को स्‍वास्‍थ्‍य पहचान पत्र दिया जायेगा. ये स्‍वास्‍थ्‍य पहचान पत्र प्रत्येक भारतीय के स्वास्थ्य खाते की तरह काम करेगी. इसमें जांच, रोग, डॉक्‍टरों की ओर से बताई गयी दवाइयां, जांच रिपोर्ट और संबंधित सूचना एक ही स्‍वास्‍थ्‍य पहचान पत्र पर दर्ज होगी.

आत्‍मनिर्भर भारत

भारत को आत्‍मनिर्भर बनना चाहिए और घरेलू तथा वैश्विक बाजार में उत्‍पादन के लिए अपने व्‍यापक प्राकृतिक संसाधनों का इस्‍तेमाल करना चाहिए. वोकल फॉर लोकल का आह्वान किया और कहा कि भारत को विश्‍व की जरूरतों से निपटने का प्रयास करना चाहिए.

नई साइबर सिक्यॉरिटी पॉलिसी

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में नई राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति का मसौदा तैयार कर लिया गया है. आने वाले समय में नई साइबर सिक्योरिटी नीति लाई जाएगी.

नेशनल कैडेड कोर का विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी ने नेशनल कैडेड कोर (NCC) के विस्तार की घोषणा की. उन्होंने देश को बताया कि अब NCC का विस्तार देश के 173 सीमाओं और तटीय जिलों तक सुनिश्चित किया जाएगा. इस अभियान के तहत करीब 1 लाख नए NCC कैडेट्स को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी.

प्रोजेक्ट लॉयन और डॉल्फिन

प्रधानमंत्री ने प्रोजेक्ट लॉयन और डॉल्फिन की घोषणा की. उन्होंने कहा कि अपनी बायोडायवर्सिटी के संरक्षण और संवर्धन के लिए भारत पूरी तरह संवेदनशील है. बीते कुछ समय में देश में शेर, बाघ की आबादी तेज गति से बढ़ी है. अब देश में हमारे एशियाई शेरों के लिए एक प्रोजेक्ट लॉयन की भी शुरूआत होने जा रही है. वहीं डॉल्फिन के संरक्षण के लिए भी प्रोजेक्ट चलाने की बात कही.

100 लाख करोड़ रुपए का नेशनल इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर पाइपलाइन प्रोजेक्‍ट

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरे देश को मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने की एक बहुत बड़ी योजना तैयार की गई है. इस पर देश 100 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. अलग-अलग सेक्टर्स के लगभग 7 हजार प्रोजेक्ट्स को चिन्हित भी किया जा चुका है. ये एक तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर में एक नई क्रांति की तरह होगा.

पड़ोसी नीति के विस्तार पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पड़ोसी देशों के साथ चाहे वो हमसे जमीन से जुड़े हों या समुद्र से, अपने संबंधों को हम सुरक्षा, विकास और विश्वास की साझेदारी के साथ जोड़ रहे हैं. आज पड़ोसी सिर्फ वो ही नहीं हैं जिनसे हमारी भौगोलिक सीमाएं मिलती हैं, बल्कि वे भी हैं जिनसे हमारे दिल मिलते हैं. आसियान देशों का विशेष महत्‍व है, जो कि भारत के समुद्री पड़ोसी देश हैं.

प्रदूषण के खिलाफ अभियान

प्रधानमंत्री ने शहरों से प्रदूषण खत्म करने की योजना की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि देश के 100 चुने हुये शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण के साथ एक विशेष अभियान पर भी काम हो रहा है.

प्रधानमंत्री के संबोधन के अन्य मुख्य बिंदु

  • पिछले वित्‍त वर्ष के दौरान देश में रिकॉर्ड विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश हुआ है और इसमें 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
  • देश के किसानों को आधुनिक ढांचागत सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक लाख करोड़ रूपये का कृषि अवसंरचना कोष बनाया गया है.
  • पिछले पांच वर्ष में दो लाख ग्राम पंचायत तक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क पहुंच चुका है. एक हज़ार दिन के अंदर देश के छह लाख गांवों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का काम पूरा कर लिया जाएगा.
  • जिस तरह सिक्किम ने जैविक राज्‍य के रूप में अपनी पहचान बनाई है, उसी तरह लद्दाख को कार्बन न्‍यूट्रल क्षेत्र बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं.
    अगले 1000 दिन में, लक्षद्वीप को सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ दिया जाएगा.

13 अगस्त: विश्व अंगदान दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 13 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस (World Organ Donation Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य सामान्य मनुष्य को मृत्यु के बाद अंगदान करने की प्रतिज्ञा दिलाने के लिए प्रोत्साहित करना हैं. जागरूकता की कमी के कारण, लोगों के मन में अंगदान के बारे में भय और मिथक विद्यमान हैं.

अंगदान में अंगदाता के अंगों जैसे कि हृदय, लीवर (यकृत), गुर्दे, आंत, फेफड़े, और अग्न्याशय का दान उसकी मृत्यु के पश्चात ज़रूरतमंद व्यक्ति में प्रत्यारोपित करने के लिए किया जाता है.

27 नवम्बर को राष्ट्रीय अंगदान दिवस मनाया जाता है

27 नवम्बर को भारत में राष्ट्रीय अंगदान दिवस मनाया जाता है. 27 नवम्बर 2019 को राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोट्टो) ने देश में 10वां अंगदान दिवस (10th Organ Donation Day) मनाया था.

भारत सरकार ने 1994 में ‘मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम’ पारित किया था. इस अधिनियम का उद्देश्य मानव अंग व्यापार को रोकना तथा मृत्यु के बाद अंगदान को बढ़ावा देना था. 2011 में इस अधिनियम में संशोधन किया गया था.

12 अगस्त: विश्‍व हाथी दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 12 अगस्त को विश्‍व हाथी दिवस (World Elephant Day) मनाया जाता है. इस दिवस का आयोजन हाथियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाता है.

एशियाई और अफ्रीकी हाथियों की घटती संख्‍या की ओर तत्‍काल ध्‍यान आकृष्‍ट करने के लिए यह दिवस 2012 से मनाया जा रहा है. वर्ष 2011 में ‘एलीफैंट रिइंट्रोडक्शन फाउंडेशन’ (Elephant Reintroduction Foundation) और कनाडाई फिल्म निर्माता पेट्रीसिया सिम्स एवं माइकल क्लार्क द्वारा विश्व हाथी दिवस की कल्पना की गई थी.

भारत में हाथियों का संरक्षण

एशियाई हाथी की तीन उप-प्रजातियाँ हैं: भारतीय, सुमात्रन तथा श्रीलंकन. भारत में हाथी को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (Wildlife (Protection) Act, 1972) की अनुसूची 1 में शामिल करते हुए भारतीय वन्यजीव कानून के तहत उच्चतम संभव संरक्षण प्रदान किया गया है. सरकार ने वर्ष 2011 में भारतीय हाथी को देश का राष्ट्रीय विरासत पशु घोषित किया था.

10 अगस्त: विश्‍व जैव ईंधन दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 10 अगस्‍त को ‘विश्‍व जैव ईंधन दिवस’ (World Biofuel Day) मनाया जाता है. इसका उद्देश्‍य पांरपरिक जीवाश्‍म ईंधनों के विकल्‍प के रूप में गैर-जीवाश्‍म ईंधनों के महत्‍व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है. जैव ईंधनों के विभिन्‍न फायदों में आयात निर्भरता में कमी, स्‍वच्‍छ पर्यावरण, किसानों को अतिरिक्‍त आमदनी और रोजगार सृजन शामिल हैं.

2020 में विश्‍व जैव ईंधन दिवस की थीम

भारत में इस वर्ष यानि 2020 में विश्‍व जैव ईंधन दिवस की थीम (मुख्य विषय) ‘Biofuels Towards Atmanirbhar Bharat’ है.

8 अगस्त 2020: ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 78वीं वर्षगांठ

8 अगस्त 2020 को ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ (अगस्त क्रांति दिवस) की 78वीं वर्षगांठ मनाई गयी. आज से 78 साल पहले 1942 में आज ही के दिन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने बंबई अधिवेशन में ‘भारत छोड़ो प्रस्ताव’ को मंजूरी दी थी, इससे स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए एक बड़े आंदोलन का मार्ग प्रशस्त हुआ था.

8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन खत्म करने का बिगुल बजाया था. इसकी नींव मुंबई के गोवलिआ टैंक, यानि की अगस्त क्रांति मैदान में रखी गयी थी. क्रिप्स मिशन की असफलता के बाद गांधी जी ने मुंबई में गोवालिया टैंक मैदान में अपने भाषण में ‘करो या मरो’ का आह्वान किया था.

भारत छोड़ो आंदोलन की घोषणा के एक दिन बाद ही महात्‍मा गांधी और अन्‍य कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था. बड़े नेताओं की गिरफ्तारी के दौरान जयप्रकाश नारायण और राममनोहर लोहिया जैसे दूसरे पंक्ति के नेताओं ने आंदोलन में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई.

प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं को अहमदनगर किले में कैद किया गया था

भारत छोड़ो आन्‍दोलन में महाराष्‍ट्र के अहमदनगर किले की विशेष भूमिका रही है. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बारह प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं को इसी किले में कैद कर रखा गया, जिनमें पंडित जवाहरलाल नेहरू भी शामिल थे. यहीं पर उन्होनें अपना लोकप्रिय ‘द डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ ग्रंथ लिखा. सन 2003 में, भारतीय पुरातत्वशास्त्र सर्वेक्षण ने अहमदनगर किले को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया.

गांधीजी को आगा खान पॅलेस में रखा गया था

भारत छोड़ो आन्‍दोलन का आरम्भ मुंबई में करने के पश्चात महात्मा गांधीजी को हिरासत में लेकर पुणे के आगा खान पॅलेस में रखा गया. उनके साथ उनकी पत्नी कस्तुरबा तथा उनके नीजी सचिव महादेव देसाई भी थे. इस दौरान कस्तुरबा तथा देसाई का यहीं पर देहान्त हुआ, उनकी समाधियां आगा खान पॅलेस में स्थित है.

7 अगस्त: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) मनाया जाता है. इस दिवस का उद्देश्य हथकरघा उद्योग के महत्व एवं आमतौर पर देश के सामाजिक आर्थिक योगदान में इसके महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना और हथकरघा को बढ़ावा देना, बुनकरों की आय को बढ़ाना और उनके गौरव में वृद्धि करना है.

हथकरघा दिवस मनाने के लिए 7 अगस्‍त का दिन भारतीय इतिहास में विशेष महत्‍व का होने के कारण चुना गया है. इसी दिन 1905 में स्‍वदेशी आंदोलन शुरू हुआ था. इसी दिन कोलकाता के टाउनहॉल में एक महा जनसभा में स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक रूप से शुरुआत की गई थी.

भारत सरकार ने इसी की याद में हर वर्ष 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में घोषित किया था. पहला राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2015 में मनाया गया था. 7 अगस्त 2020 को 6ठा राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया गया.