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पटवाई में देश का पहला अमृत सरोवर का उद्घाटन, जानिए क्या है मिशन अमृत सरोवर

उत्तर प्रदेश में रामपुर के पटवाई में देश का पहला अमृत सरोवर बनाया गया है. इसका उद्घाटन केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एवं राज्यसभा में उपनेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 13 मई को किया था. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पटवाई स्थित एक तालाब को अमृत सरोवर के रूप में सजाया-संवारा गया है.

क्या है मिशन अमृत सरोवर?

  • ‘मिशन अमृत सरोवर’ जल संरक्षण के लिए केंद्र सरकार की अनूठी योजना है. इस मिशन के तहत देश के प्रत्येक जिले में 75 सरोवरों का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है. आजादी का अमृत महोत्सव के तहत इन तालाबों का निर्माण 15 अगस्त 2023 तक पूरा किया जाना है.
  • जल संरक्षण के लिए इस अनूठी योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी. जिस पर अमल के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय को नोडल मंत्रालय नामित किया गया है. केंद्र के साथ अमृत सरोवरों के निर्माण में राज्य व जिला प्रशासन की सक्रिय हिस्सेदारी होगी.
  • लक्ष्य को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए इसमें ग्रामीण विकास, जलशक्ति, पंचायती राज, वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन, भूसंसाधन, पेयजल व स्वच्छता मंत्रालयों के अलावा तकनीकी पार्टनर के रूप में भाष्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फार स्पेस एप्लीकेशन एंड जियो इन्फार्मेटिक्स को शामिल किया गया है.
  • सरोवरों के लिए मानक निर्धारित कर दिए गए हैं. इस मिशन के तहत 50,000 जल निकाय बनाए जाएंगे. इसके तहत एक एकड़ अथवा इससे अधिक जमीन पर तालाबों की खोदाई की जानी है. इसकी गहराई तीन मीटर तय की गई है, ताकि इसमें कम से कम 10 हजार क्यूबिक मीटर जल भंडारण हो सके.

मानचित्रण योजना ‘स्वामित्व’ के दो वर्ष पूरे, जानिए क्या है स्वामित्व योजना

ग्रामीण आबादी सर्वेक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत प्रौद्योगिकी के माध्यम से मानचित्रण योजना ‘स्वामित्व’ के दो वर्ष पूरे हो गये. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल 2020 को इस योजना का शुभारंभ किया था.

स्‍वामित्‍व (SVAMITVA) योजना: एक दृष्टि

  • SVAMITVA, Survey of villages and mapping with improvised technology in village areas का संक्षिप्त रूप है.
  • भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर लोगों के पास उनकी संपत्ति के स्वामित्व के दस्तावेज नहीं हैं. अंग्रेजों के समय से ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनों का बंदोबस्त होता आया है. यही बंदोबस्त ग्राम विवाद का मुख्य कारण होता है. स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का मालिकाना प्रमाण-पत्र (संपत्ति कार्ड) दिया जाएगा.
  • यह केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय की योजना है. पहली बार इस योजना के तहत भूस्वामियों के वास्तविक संपत्तियों का मानचित्रण करने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है.
  • स्वामित्व योजना पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है और इसमें देश के लगभग 6.62 लाख गांव को शामिल किया गया है. इस योजना के तहत अब तक 36.68 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित किये जा चुके हैं और 1.31 लाख गांव में ड्रोन सर्वेक्षण का काम पूरा हो गया है.
  • इस योजना के माध्यम से गांव के लोग भी शहरी क्षेत्रों की तरह अपने संपत्ति कार्ड के जरिये वित्तीय संस्थाओं के ऋण सुविधा का लाभ उठा सकते हैं.

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान को 2025-26 तक जारी रखने की स्‍वीकृति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्यसमिति ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (Rashtriya Gram Swaraj Abhiyan) योजना को 2025-26 तक जारी रखने की स्‍वीकृति दी है. अब यह योजना 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2026 तक जारी रहेगी. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस योजना का विस्तार किया जाएगा.

मुख्य बिंदु

  • यह निर्णय पंचायती राज संस्थानों की शासन क्षमता विकसित करने के लिए लिया गया है. इस निर्णय से सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी.
  • इस योजना के माध्‍यम से 2.78 लाख रूरल लोकल बॉडीज को सस्‍टेनेबल डेवलपमेंट गोल्‍स के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने में सुविधा मिलेगी.
  • इस योजना के अंतर्गत 1.36 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका हैं और आगे अब 1.65 करोड़ लोगों को और प्रशिक्षित किया जायेगा.
  • नई तकनीक को भी कैपेसिटी बिल्डिंग और ट्रेनिंग से जोड़ा जायेगा और कैपेसिटी बिल्डिंग और ट्रेनिंग के लक्ष्‍य के पूर्ण होने पर उनको इन्‍सेन्‍टेवाइज करने का काम भी किया जाएगा.
  • इस योजना पर 5911 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा. इसमें केंद्र का हिस्सा 3700 करोड़ रुपये और राज्य का हिस्सा 2211 करोड़ रुपये होगा.

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के सात वर्ष पूरे, जानिए क्या है मुद्रा योजना

8 अप्रैल 2022 को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के सात वर्ष पूरे हो गये. प्रधानमत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आठ अप्रैल 2015 को इस योजना का शुभारम्‍भ किया था.

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY): एक दृष्टि

  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का उद्देश्‍य गैर-निगमित और गैर-कृषि, लघु या सूक्ष्‍म उद्यमों को दस लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराना है.
  • योजना की शुरुआत से अब तक कुल 18.60 लाख करोड़ रूपये के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं. अब तक 34.42 करोड से अधिक उद्यमियों को यह ऋण दिया गया है, इनमें से 68 प्रतिशत ऋण महिला उद्यमियों को दिए गए हैं. लगभग 22 प्रतिशत ऋण नए उद्यमियों को दिया गया है.
  • इस योजना से छोटे कारो‍बार के लिए अनुकूल माहौल बनाने में मदद मिली है और बिल्‍कुल निचले स्‍तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार अवसर सृजित हुए हैं.

प्रधानमंत्री ने वाराणसी में आयुष्मान भारत बुनियादी ढांचा मिशन का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री ने 25 अक्तूबर को वाराणसी में आयुष्मान भारत बुनियादी ढांचा मिशन (Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission) का शुभारंभ किया था. इस मिशन का उद्देश्‍य अगले पांच वर्ष में स्‍वास्‍थ्‍य नेटवर्क को मजबूत करना है. इस परियोजना की कुल लागत 64.180 हजार करोड रुपये है.

आयुष्मान भारत बुनियादी ढांचा मिशन: मुख्य बिंदु

  • इसके माध्यम से आने वाले चार-पांच सालों में देश के गांव से लेकर ब्‍लॉक, जिला, रीजनल और नेशनल लेवल तक क्रिटिकल हेल्‍थ केयर नेटवर्क को सशक्‍त किया जायेगा. अंतर्गत गांवों और शहरों में स्‍वास्‍थ्‍य तथा अरोग्‍य केंद्र खोले जाएंगे जहां फ्री मेडिकल कंसलटेशन, फ्री टेस्‍ट, फ्री दवा, ऐसी सुविधायें भी मिलेंगी.
  • इस मिशन से देश के स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में विभिन्‍न कमियों को दूर किया जा सकेगा और यह निदान तथा उपचार के लिए व्‍यापक सुविधाएं उपलब्‍ध कराएगा. गंभीर बिमारियों के लिए 600 जिलों में 30 हजार नए बिस्‍तर जोडे जायेंगे
  • आयुष्मान भारत हेल्‍थ इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर मिशन के तीन बड़े पहलू हैं. पहला, डायगनिस्टिक और ट्रीटमेंट के लिये विस्तृत सुविधाओं के निर्माण से जुड़ा है.

कोविड महामारी में अनाथ हुए बच्चों की मदद के लिए ‘प्रधानमंत्री केयर्स बाल-योजना’

कोविड महामारी में अनाथ हुए बच्चों की मदद के लिए प्रधानमंत्री केयर्स बाल-योजना की घोषणा की गयी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 29 मई को इस योजना के अंतर्गत कई कल्याणकारी कदमों को मंजूरी दी. इन बच्चों को निशुल्क शिक्षा और 23 वर्ष की आयु होने पर दस लाख रुपये दिए जाएंगे.

योजना के मुख्य बिंदु

  • वे सभी बच्चे, जो अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता महामारी के कारण खो चुके हैं, उन सभी की प्रधानमंत्री केयर्स बाल-योजना के जरिये मदद की जाएगी.
  • प्रत्‍येक बच्‍चे के लिये 10 लाख रुपये का एक विशेष कोष बनाया जायेगा. इस कोष में 18 वर्ष की आयु तक पीएम केयर्स फंड द्वारा योगदान दिया जायेगा. लाभार्थी बच्‍चों को 18 वर्ष की आयु से 23 वर्ष पूर्ण होने तक पांच वर्ष के लिये मासिक सहायता धनराशि दी जायेगी.
  • 23 वर्ष की आयु प्राप्‍त करने पर लाभार्थी को उसके पेशेवर या व्‍यक्तिगत उपयोग के लिये 10 लाख रुपये की पूरी राशि हस्‍तांतरित कर दी जायेगी.
  • दस वर्ष से कम आयु के बच्‍चों को केन्‍द्रीय विद्यालयों या निजी विद्यालयों में प्रवेश दिया जायेगा. जबकि 11 से 18 वर्ष की आयु के बच्‍चों को सैनिक्‍स विद्यालयों या नवोदय सहित अन्‍य आवासीय विद्यालयों में शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान किया गया है.
  • सभी लाभार्थी बच्‍चों का पांच लाख रूपये स्‍वास्‍थ्‍य बीमा भी आयुष्‍मान भारत योजना के अन्‍तर्गत कराया जायेगा. जिसके प्रीमियम का भुगतान पीएम केयर्स फंड द्वारा किया जाना है.

देश के 6 राज्यों में लाइट हाउस परियोजनाओं की आधारशिला रखी गयी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जनवरी को छह राज्यों में लाइट हाउस परियोजनाओं (LHPs) की आधारशिला रखी. केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने शहरी कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए छह राज्यों मध्यप्रदेश में इंदौर, गुजरात में राजकोट, तमिलनाडु में चेन्नई, झारखंड में रांची, त्रिपुरा में अगरतला और उत्तरप्रदेश में लखनऊ को लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत आवास बनाने के लिए चुना है.

आधारशिला के इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने ASHA-India (Affordable Sustainable Housing Accelerators) के विजेताओं की भी घोषणा की. साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के क्रियान्वयन के लिए उत्कृष्टता का वार्षिक पुरस्कार भी दिया.

इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने नवप्रर्वतक निर्माण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नए पाठ्यक्रम की भी शुरुआत की. इस पाठ्यक्रम का नाम ‘NAVARITIH’ (New, Affordable, Validated, Research Innovation Technologies for Indian Housing) रखा गया है.

लाइट हाउस परियोजना क्या है?

लाइट हाउस परियोजना का उद्देश्य गरीबों को शहरों में सस्ती दरों पर आवास मुहैया करवाना है. यह वैश्विक आवास निर्माण प्रौद्योगिकी चुनौती-भारत (Global Housing Technology Challenge-India) के तहत किया जा रहा है.

प्रधानमंत्री का संकल्प है कि 2022 तक हर गरीब के पास अपना मकान हो. वहीं लाइट हाउस परियोजना के तहत चुनी गई जगहों पर प्रत्येक जगह में एक हजार से ज्यादा घर बनाए जाएंगे. इस परियोजना के तहत सस्ते और मजबूत मकान बनाए जाते हैं. इस योजना में निर्माण कार्य से वक्त की बचत होती है और लागत कम आती है. इसके तहत बने मकान भूकंपरोधी होते हैं.

प्रधानमंत्री मत्‍स्‍य संपदा योजना का शुभारंभ किया गया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 10 सितम्बर को डिजिटल माध्यम से ‘प्रधानमंत्री मत्‍स्‍य संपदा योजना’ का उद्घाटन किया. उन्‍होंने ई-गोपाला ऐप की भी शुरूआत की. इसका उद्देश्‍य मत्‍स्‍य पालन, मत्‍स्‍य बीज में व्‍यापक बेहतरी, संबंधित बाजार और सूचना पोर्टल की व्‍यवस्‍था करना है. इस ऐप को किसान सीधे तौर पर इस्‍तेमाल कर सकते हैं. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने बिहार में मत्‍स्‍य पालन और पशुपालन क्षेत्रों से संबंधित अनेक कार्यक्रमों की शुरूआत की.

प्रधानमंत्री मत्‍स्‍य संपदा योजना पर 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि निवेश की जायेगी. अब तक मत्‍स्‍य पालन क्षेत्र में निवेश की जाने वाली ये सबसे बड़ी राशि है. इसका उद्देश्‍य वर्ष 2024-25 तक अतिरिक्‍त 70 लाख टन मछली उत्‍पादन बढ़ाना है.

प्रधानमंत्री ने मणिपुर जल आपूर्ति परियोजना की आधारशिला रखी

प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 23 जुलाई को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये ‘मणिपुर जल आपूर्ति परियोजना’ की आधारशिला रखी. यह परियोजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गयी ‘जल जीवन मिशन’ के तहत पूरा किया जायेगा.
सरकार ने मणिपुर के 1185 बस्तियों में पीने का पानी उपलब्‍ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के तहत तीन हजार करोड़ धन उपलब्‍ध कराया है. इन बस्तियों में 1.42 लाख से अधिक घर हैं.

जल जीवन मिशन: एक दृष्टि

  • केन्‍द्र सरकार ने 2024 तक ग्रामीण भारत के हर घर में सुरक्षित, पर्याप्‍त और साफ पेयजल उपलब्‍ध कराने के लिए जल जीवन मिशन की शुरूआत की है.
  • यह मिशन पानी के लिए सामुदायिक दृष्टिकोण पर आधारित है. मिशन के मुख्‍य घटक सूचना, शिक्षा और संचार हैं.
  • इसमें पानी के लिए जन आन्‍दोलन की पहल की गई है त‍ाकि उसे प्रत्‍येक व्‍यक्ति की प्राथमिकता बनाया जा सके.
  • भारत में करीब 19 करोड़ घर हैं, लेकिन केवल 24 प्रतिशत घरों में ही पाइप के जरिये स्‍वच्‍छ जल उपलब्‍ध है. जल जीवन मिशन के तहत करीब 15 करोड़ घरों में पाइप से पानी पहुंचाया जायेगा.

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत नवाचार चुनौती का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में स्तरीय ऐप विकसित करने के लिये ‘आत्मनिर्भर भारत नवाचार चुनौती’ (AatmaNirbhar Bharat Innovate Challenge) का शुभारंभ किया है. इसका उद्देश्य स्टार्ट-अप और तकनीकी क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना तथा भारतीय ऐप निर्माताओं और नवाचारों को प्रोत्साहित करना है.

मुख्य बिंदु

  • प्रधानमंत्री ने लोगों और प्रौद्योगिकी से जुड़े समुदाय से आत्मनिर्भर भारत नवाचार चुनौती में भाग लेने का आग्रह किया. यह चुनौती दो स्तरों पर आयोजित होगी- मौजूदा ऐप का संवर्धन और नये ऐप का विकास.
  • ई-लर्निंग, वर्क फ्रॉम होम, गेमिंग, बिज़नस, मनोरंजन, कार्यालय संबंधी कार्य और सोशल नेटवर्किंग के लिये मौजूदा ऐप को बढ़ावा देने और नये ऐप विकसित करने के लिये सरकार आवश्यक सहयोग उपलब्ध करेगी.
  • इस चुनौती के नतीजे मौजूदा ऐप को बेहतर बनाने और लक्ष्य प्राप्त करने में मदद करेंगे. भारतीय ऐप्स में विश्व स्तरीय बनने की क्षमता है.
  • उन्होंने कहा कि भारत और विश्व की अनेक समस्‍याओं के समाधान के लिये नये ऐप विकसित किये जाने की असीम संभावना है.
  • भारत के पास प्रौद्योगिकी और स्टार्ट-अप के अनुकूल पारिस्थितिकीय तंत्र है और इनके लिये भारतीय बाजारों में भी अपार क्षमता है.

प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना का नवम्‍बर तक के लिए विस्‍तार किया गया

प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना का नवम्‍बर 2020 तक के लिए विस्‍तार किया गया है. इसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 30 जून को राष्‍ट्र को सम्‍बोधित करते हुए किया.

प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना के तहत देशभर में 80 करोड जरूरतमंद लोगों को अब नवम्‍बर 2020 तक मुफ्त राशन दिया जायेगा.

प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना

इस योजना के अंतर्गत गरीब परिवारों के हर सदस्‍य को हर महीने पांच किलोग्राम गेहूं या चावल और एक किलोग्राम चना मुफ्त उपलब्‍ध कराया जाता है. इस योजना को नवम्‍बर तक बढ़ाने पर सरकार को 90 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च करनी होगी. कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बाद इस योजना शुरू की गयी थी.

प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु

  • पिछले तीन महीनों में करीब बीस करोड़ गरीब लोगों के जनधन खातों में 31 हजार करोड रुपए अंतरित किए गए हैं.
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत नौ करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपए भेजे गए हैं.
  • गरीबों को रोजगार उपलब्‍ध कराने के लिए चलाए जा रहे प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण रोजगार अभियान पर 50 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं.
  • आज देश एक-राष्‍ट्र, एक-राशन कार्ड की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे रोजगार के लिए एक राज्‍य से दूसरे राज्‍य में जाने वाले गरीब मजदूरों को बड़ा फायदा होगा.

प्रधानमंत्री स्‍वामित्‍व योजना की शुरूआत की, जानिए क्या है यह योजना

पंचायत राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ‘स्वामित्व योजना’ की घोषणा की है. इस योजना का उद्देश्य संपत्ति को लेकर भ्रम और झगड़े को खत्म करना है. इससे गांव में विकास योजनाओं को शुरू करने में मदद मिलेगी.

प्रधानमंत्री ने छह राज्‍यों- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड में प्रायोगिक तौर पर ‘स्‍वामित्‍व योजना’ की शुरूआत की.

क्या है स्‍वामित्‍व योजना?

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया गया कि भारत की 60% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है. ज्यादातर लोगों के पास उनकी संपत्ति के स्वामित्व के दस्तावेज नहीं हैं. अंग्रेजों के समय से ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनों का बंदोबस्त होता आया है. यही बंदोबस्त ग्राम विवाद का मुख्य कारण होता है. स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक मिल जाएगा. इसके बाद फिर किसी भी प्रकार का विवाद नहीं होगा.

स्‍वामित्‍व योजना के मुख्य बिंदु

  • इसके तहत देश के सभी गांवों में ड्रोन के माध्यम से गांव की हर संपत्ति की मानचित्रण किया जायेगा. इसके बाद गांव के लोगों को उस संपत्ति का मालिकाना प्रमाण-पत्र दिया जाएगा.
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में नियोजन तथा राजस्‍व संग्रह को सुचारू बनाने और संपदा अधिकारों पर स्‍पष्‍टता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. इससे संपत्ति संबंधित विवादों के समाधान में भी सहायता मिलेगी.
  • संपत्ति का मालिकाना प्रमाण-पत्र मिलने से शहरों की तरह गांवों में भी बैंकों से आसानी से ऋण लिए जा सकेगा. इसके लिए ग्रामीणों से न्यूनतम डॉक्युमेंट मांगे जाएंगे.