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महाराष्‍ट्र के उपमुख्‍यमंत्री अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित पवार का एक विमान दुर्घटना में 28 जनवरी 2026 को निधन हो गया.

  • उनका निजी चार्टर्ड विमान (Bombardier Learjet 45) बारामती एयरपोर्ट (पुणे जिला) पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
  • इस दुर्घटना में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी 5 लोगों की मृत्यु हो गई. अन्य मृतकों में दो पायलट (कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक), उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) और एक फ्लाइट अटेंडेंट शामिल हैं.
  • लैंडिंग के वक्त खराब दृश्यता के कारण विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन से टकराकर आग के गोले में बदल गया.
  • महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में तीन दिन (28 से 30 जनवरी) के राजकीय शोक की घोषणा की है. इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा.
  • लगभग चार दशकों के राजनीतिक करियर में अजित पवार छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे. वे महाराष्ट्र राज्य ओलंपिक संघ के भी लंबे समय तक अध्यक्ष रहे.

शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का निधन

  • जाने-माने शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का 2 अक्तूबर 2025 को निधन हो गया है. वे 89 वर्ष के थे. पद्म विभूषण से सम्मानित मिश्र भारतीय शास्त्रीय संगीत के एक सशक्त अवतार थे.
  • पंडित छन्नूलाल मिश्र मुख्यतः शास्त्रीय गायक थे और स्वर-मंडल भी बजाते थे, जो एक तार वाला वाद्य यंत्र है जो सितार जैसा दिखता है.
  • उनका मुख्य पेशा हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत था, जहाँ वे ख़याल, ठुमरी और भजन जैसी विधाओं के प्रसिद्ध गायक थे. उन्हें पूरब अंग ठुमरी का प्रमुख गायक माना जाता है.

छन्नूलाल मिश्र: संक्षिप्त परिचय

  • पंडित छन्नूलाल मिश्र का जन्म 3 अगस्त 1936 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हुआ था.
  • उनके पिता पंडित बद्री प्रसाद मिश्र भी अच्छे गायक थे. छन्नूलाल जी ने संगीत की शुरुआती शिक्षा अपने पिता से ही ली.
  • इसके बाद वे उस्ताद अब्दुल गनी खान से सीखने गए, जो कि किराना घराने के जाने-माने उस्ताद थे. पद्मभूषण ठाकुर जयदेव सिंह ने उन्हें परंपरागत तरीके से संगीत की शिक्षा और मार्गदर्शन दिया.
  • उन्होंने प्रकाश झा की फिल्म आरक्षण (2011) में शंकर-एहसान-लॉय के लिए ‘सांस अलबेली’ गाया था जो काफी चर्चित रहा था.

भारतीय मूल के दिग्‍गज ब्रिटिश कारोबारी स्‍वराज पॉल का निधन

  • भारतीय मूल के दिग्‍गज ब्रिटिश कारोबारी स्‍वराज पॉल का 21 अगस्त को 94 वर्ष की आयु में लंदन में निधन हो गया. वह ब्रिटेन स्थित कपारो ग्रुप के संस्थापक थे.
  • कपारो ग्रुप एक मिसलेनियस बिजनेस यूनिट है. यह मुख्य रूप से मूल्यवर्धित इस्पात और विशिष्ट इंजीनियरिंग उत्पादों के डिजाइन, निर्माण, विपणन एवं वितरण का कम करती है.
  • स्‍वराज पॉल ने जालंधर में हाई स्कूल की शिक्षा और 1949 में पंजाब यूनिवर्सिटी से साइंस में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी. आगे की पढ़ाई के लिए वे अमेरिका चले गए थे.
  • मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर वह भारत लौट आए. अपने फैमिली बिजनेस एपीजे सुरेंद्र ग्रुप में शामिल हो गए.
  • 1966 में अपनी बेटी अंबिका का ‘ल्यूकेमिया’ का इलाज कराने के लिए वह ब्रिटेन गए. दुर्भाग्यवश चार साल की उम्र में उनकी बेटी का निधन हो गया.
  • 1968 में लंदन में मुख्यालय के साथ कपारो की नींव रखी. इसका कारोबार एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है.

वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. एमआर श्रीनिवासन का निधन

  • भारत के वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक डा. एमआर श्रीनिवासन का 20 मई को को 95 वर्ष की उम्र में ऊटी में निधन हो गया.
  • श्रीनिवासन को भारत के परमाणु कार्यक्रमों के जनक कहे जाने वाले महान वैज्ञानिक डा. होमी जहांगीर भाभा के साथ काम करने का अवसर मिला था.
  • डॉ. भाभा के साथ डा. श्रीनिवासन ने भारत के पहले परमाणु अनुसंधान रिएक्टर ‘अप्सरा’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
  • डा. श्रीनिवासन परमाणु ऊर्जा आयोग (एईसी) के अध्यक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के सचिव भी रहे. वह भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के संस्थापक अध्यक्ष थे.
  • वह 1996 से 1998 तक भारत सरकार के योजना आयोग के सदस्य रहे, जहाँ उन्होंने ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विभागों का कार्यभार संभाला.
  • वे 2002 से 2004 तक और फिर 2006 से 2008 तक भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य भी रहे
  • भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री (1984), पद्म भूषण (1990) और पद्म विभूषण (2015) से सम्मानित किया गया.

प्रसिद्ध खगोल वैज्ञानिक डॉ. जयंत नार्लीकर का निधन

  • प्रसिद्ध खगोल वैज्ञानिक, लेखक और विज्ञान संचारक डॉ. जयंत विष्णु नार्लीकर का 20 मई को 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया.
  • डॉ. जयंत नार्लीकर ने खगोल विज्ञान के लिए एक ठोस आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. ‘बिग बैंग थ्योरी’ पर काम करते हुए, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ के ब्रह्मांड विज्ञान आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया.
  • डॉ. जयंत नार्लीकर को पद्म भूषण (1965), पद्म विभूषण (2004), महाराष्ट्र भूषण (2011) और कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया.
  • उन्होंने विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए ‘वायरस’, ‘यक्ष का उपहार’, ‘अरस्तू का संदेश’ और ‘ब्रह्मांड के सात आश्चर्य’ जैसी मराठी-अंग्रेजी पुस्तकें लिखीं.

इसाइयों के सर्वोच्‍च पादरी पोप फ्रांसिस का निधन, जानिए कैसे होता है नए पोप का चुनाव

  • इसाइयों के सर्वोच्‍च पादरी पोप फ्रांसिस का 21 अप्रैल को 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया.
  • अर्जेंटीना के कार्डिनल बर्गोग्लियो को 2013 में पोप चुना गया था. उन्होंने पोप फ्रांसिस का नाम अपना लिया था.
  • पोप फ्रांसिस रोमन कैथोलिकों के नेता के रूप में चुने जाने वाले पहले लैटिन अमेरिकी कार्डिनल थे.
  • पोप फ्रांसिस से पहले, सीरिया में जन्मे ग्रेगरी III (741 ईस्वी में मृत्यु) पोप के रूप में चुने जाने वाले अंतिम गैर-यूरोपीय थे.
  • पोप फ्रांसिस को सेंट मैरी मेजर के बेसिलिका में दफनाया गया. वे एक सदी से भी अधिक समय में वेटिकन के बाहर दफन होने वाले पहले पोप हैं.
  • बेसिलिका एक तरह का चर्च होता है जिसे रोमन कैथोलिक चर्च, विशेष रूप से वेटिकन द्वारा विशेष महत्व और विशेषाधिकार दिए गए हैं.

पोप क्या होता है?

रोमन कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धर्म गुरु, रोम के बिशप एवं वैटिकन के राज्याध्यक्ष को पोप कहते हैं. सेंट पीटर, जो ईसा मसीह के 12 शिष्यों में से एक थे, को रोमन कैथोलिक चर्च द्वारा पहला पोप माना जाता है.

नए पोप का चुनाव: एक दृष्टि

  • कार्डिनल्स कॉलेज नए पोप का चुनाव करेगा. इस कॉलेज में कैथोलिक चर्च के सबसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं. कार्डिनल्स कॉलेज के सदस्यों को पोप द्वारा नियुक्त किया जाता है.
  • 80 वर्ष से अधिक आयु के सदस्य नए कार्डिनल के चुनाव में मतदान करने के पात्र नहीं होते हैं. वर्तमान में, कार्डिनल्स कॉलेज में 252 कार्डिनल शामिल हैं जिनमें से 138 नए पोप के लिए मतदान करने के पात्र हैं.
  • मतदान के प्रत्येक दौर के बाद, मतपत्र जला दिए जाते हैं. यदि इससे काला धुआँ निकलता है, तो पोप नहीं चुना जाता है. यदि सफेद धुआँ निकलता है, तो यह नए पोप के चुनाव का संकेत देता है.

प्रख्यात कथक नृत्यांगना कुमुदिनी लाखिया का निधन

  • प्रख्यात कथक नृत्यांगना कुमुदिनी लाखिया का 12 अप्रैल 2025 को अहमदाबाद में निधन हो गया. वे 95 वर्ष की थीं.
  • कुमुदिनी लाखिया जिन्हें प्यार से कुमीबेन कहा जाता था,  कथक में नई अवधारणाएँ पेश करने के लिए जानी जाति थीं. उन्होंने कथक में नई तकनीकें और भाव विकसित किए जिससे शास्त्रीय नृत्य शैली में बदलाव आया.
  • उन्होंने शुरुआत में जयपुर घराने के पंडित सुंदर प्रसाद से प्रशिक्षण लिया था. बाद में, उन्होंने लखनऊ घराने के पंडित शंभू महाराज से नृत्य सीखा और पंडित बिरजू महाराज के साथ काम किया.
  • उन्होंने 1964 में अहमदाबाद में कदम्ब नृत्य और संगीत केंद्र की स्थापना की और कथक में नर्तकियों की एक पीढ़ी को प्रशिक्षित किया.
  • कुमदिनी लाखिया एक मशहूर नृत्य निर्देशिका भी थीं. उन्होंने,गोपी कृष्ण के साथ मिलकर फिल्म  ‘उमराव जान’ में अभिनेत्री रेखा को निर्देशित किया था.
  • कुमुदिनी लाखिया को 2025 में पद्म विभूषण, 2010 में पद्म भूषण और 1987 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था. 2022-03 में उन्हें मध्य प्रदेश सरकार का प्रतिष्ठित कालिदास सम्मान दिया गया था.

कथक नृत्य: एक दृष्टि

  • कथक, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त आठ शास्त्रीय नृत्यों में से एक है. अन्य नृत्य हैं कुचिपुड़ी (आंध्र प्रदेश), भरतनाट्यम (तमिलनाडु), मणिपुरी (मणिपुर), सत्रिया (असम), ओडिसी (ओडिशा), मोहिनीअट्टम और कथकली (केरल).
  • कथक, उत्तर भारत का शास्त्रीय नृत्य है. यह कहानी कहने की अवधारणा पर आधारित है. नर्तक नृत्य के माध्यम से कहानी सुनाते हैं.
  • कथक के तीन मुख्य घराने हैं- अवध, जयपुर और बनारस. अवध (अवध) के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह ने कथक के लखनऊ घराने की स्थापना की.
  • कथक के सबसे प्रसिद्ध समकालीन प्रतिपादक पंडित बिरजू महाराज हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन

  • भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 26 दिसम्बर को नई दिल्ली में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया.
  • उन्होंने 2004 से 2014 तक भारत के 13वें प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया. प्रधानमंत्री नरसिम्‍हा राव के मंत्रिमंडल में (वर्ष 1991 से 1996 तक) वित्त मंत्री भी थे.
  • उन्होंने मुख्य आर्थिक सलाहकार, आरबीआई गवर्नर, वित्त सचिव और योजना आयोग के उपाध्यक्ष सहित प्रमुख आर्थिक पदों पर कार्य किया था.
  • डॉ. मनमोहन सिंह 33 साल तक सेवा देने के बाद इस साल अप्रैल में राज्यसभा से सेवानिवृत्त हुए थे.
  • वर्ष 1991 में प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के नेतृत्व वाली सरकार में वित्त मंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह भारत के आर्थिक उदारीकरण के प्रमुख प्रणेता माने जाते हैं.
  • डॉ. सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के गाह गांव में हुआ था.

लोकप्रिय गायिका शारदा सिन्हा का निधन

प्रसिद्ध लोक गायिका और ‘बिहार कोकिला’ के नाम से प्रसिद्ध शारदा सिन्हा का 5 नवंबर 2024 को निधन हो गया. वह 72 वर्ष की थीं. शारदा सिन्हा बीते 6 साल से मल्टीपल मायलोमा (Multiple Myeloma) से जूझ रही थीं. मल्टीपल मायलोमा एक प्रकार का रक्त कैंसर होता है.

  • 1970 के दशक से शारदा सिन्हा के शानदार करियर ने भोजपुरी, मैथिली और हिंदी लोक संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई. उन्हें 2018 में पद्म भूषण और क्षेत्रीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
  • शारदा सिन्हा का जन्म बिहार के सुपौल में हुआ था. उन्होंने अपने गायन करियर की शुरुआत 1971 में आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) से की थी.
  • छठ के महान त्योहार, विवाह गीत और बिहार के विशिष्ट अनुष्ठानों पर आधारित भोजपुरी, मैथिली और मगधी बोली में गाए गए उनके लोकप्रिय गीतों के कारण उन्हें ‘बिहार कोकिला’ के नाम से पुकारा जाने लगा.
  • शारदा सिन्हा ने गिरमिटिया मजदूरों के जीवन के बारे में भी गाया जो मॉरीशस, सेशेल्स, फिजी और अन्य स्थानों में बहुत लोकप्रिय हुआ.
  • गिरमिटिया वे मजदूर हैं जो ब्रिटिश शासन के दौरान फिजी, मॉरीशस, सेशेल्स आदि ब्रिटिश उपनिवेशों के गन्ने के खेतो में काम करने के लिए भारत से चले गए थे. यह भारतीय मजदूर मुख्यतः वर्तमान बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से थे.
  • शारदा सिन्हा ने हिंदी फिल्मों में ‘मैंने प्यार किया’ में ‘काहे तो से सजना’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर 2’ में ‘तार बिजली’ और ‘चारफुटिया छोकरे’ में ‘कौन सी नगरिया’ जैसे गाने भी गाए.

प्रख्यात उद्योगपति, पद्म विभूषण रतन नवल टाटा का निधन

प्रख्यात उद्योगपति रतन नवल टाटा (Ratan Naval Tata) का 9 अक्तूबर को निधन हो गया. वे 86 वर्ष के थे. रतन टाटा ने टाटा ग्रुप को 30 सालों तक लीड किया. वह टाटा संस के चेयरमैन भी रहे. उन्हें 7 अक्टूबर 2024 को ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था.

  • रतन नवल टाटा का जन्म 28 दिसंबर, 1937 को सूनू और नवल टाटा के घर हुआ था. उन्होंने मुंबई में स्कूल में पढ़ाई की. अमेरिका के कॉर्नेल विश्वविद्यालय से उन्होंने वास्तुकला और संरचनात्मक इंजीनियरिंग का अध्ययन किया.
  • जमशेदजी टाटा ने महाराष्ट्र में एक कपास मिल की स्थापना करके टाटा समूह की स्थापना की थी. टाटा समूह एक विविध व्यवसाय समूह है जो स्टील, सीमेंट, कपड़ा, पनबिजली, कृषि उपकरण, ट्रक, लोकोमोटिव, सॉफ्टवेयर, आतिथ्य क्षेत्र आदि में व्यवसाय करता है.
  • 1991 में जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा (जेआरडी टाटा) की मृत्यु के बाद रतन टाटा को टाटा संस के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था.
  • उनके कार्यकाल के दौरान, टाटा समूह ने लंदन स्थित टेटली टी (2000), एंग्लो-डच स्टील निर्माता कोरस ग्रुप (2007), और 2008 में अमेरिकी फोर्ड मोटर कंपनी से विशिष्ट ब्रिटिश कार ब्रांड जगुआर और लैंड रोवर का अधिग्रहण किया.

रतन टाटा को दिये गए कुछ महत्वपूर्ण पुरस्कार/सम्मान इस प्रकार हैं:

  • 2008 में पद्म विभूषण (भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार)
  • 2000 में पद्म भूषण (भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार)
  • 2023 में उद्योग रत्न (महाराष्ट्र सरकार)
  • 2021 में असम बैभव (असम सरकार)

विदेशी पुरस्कार

  • 2009 में मानद नाइट ग्रैंड क्रॉस ऑफ़ द ऑर्डर ऑफ़ द ब्रिटिश एम्पायर (यूनाइटेड किंगडम द्वारा)
  • 2016 में कमांडर ऑफ़ द लीजन ऑफ़ ऑनर (फ्रांस सरकार)
  • 2012 में ग्रैंड कॉर्डन ऑफ़ द ऑर्डर ऑफ़ द राइजिंग सन (जापान सरकार)
  • 2023 में ऑर्डर ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया के मानद अधिकारी (ऑस्ट्रेलियाई सरकार)
  • 2009 में इतालवी गणराज्य के ऑर्डर ऑफ मेरिट के ग्रैंड ऑफिसर (इटली)
  • 2004 में उरुग्वे की ओरिएंटल गणराज्य का पदक (उरुग्वे सरकार)

शास्‍त्रीय नर्तकी यामिनी कृष्‍णमूर्ति का निधन

भरतनाट्यम कलाकार डॉ यामिनी कृष्‍णमूर्ति का 3 अगस्त को निधन हो गया. वे 84 वर्ष की थीं. उन्हें भरतनाट्यम के अलावा कुचिपुड़ी डांस फॉर्म में भी महारत हासिल थी.

  • भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रति उनका समर्पण और उनकी उत्कृष्टता ने कई पीढ़ियों को प्रेरित करने के साथ देश के सांस्कृतिक परिदृश्‍य पर अमिट छाप छोडी है.
  • आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली में जन्मीं यामिनी कृष्णमूर्ति का पालन-पोषण तमिलनाडु के चिदंबरम में हुआ था.
  • कुचिपुड़ी डांस स्टाइल में वह ‘मशाल वाहक’ के रूप में जानी-जाती थीं. साल 1968 में उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण (2001) और 2016 में पद्म विभूषण से नवाजा गया था.

पूर्व क्रिकेटर और भारतीय टीम के पूर्व कोच अंशुमन गायकवाड का वडोदरा में निधन.

पूर्व क्रिकेटर और भारतीय टीम के पूर्व कोच अंशुमन गायकवाड का 31 जुलाई 2024 को वडोदरा में निधन हो गया. वह 71 वर्ष के थे और ब्लड कैंसर से पीड़ित थे.

  • अंशुमन गायकवाड़ ने 1974 में कोलकाता के ईडन गार्डन स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला और 1984-85 में ईडन गार्डन में ही आखिरी टेस्ट मैच इंग्लैंड के खिलाफ खेला था.
  • उन्होंने भारत के लिए 40 टेस्ट और 15 एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (वनडे) खेले. उन्होंने टेस्ट में 1985 रन बनाए, जिसमें 1982-83 श्रृंखला में जालंधर में पाकिस्तान के खिलाफ 201 रन का उनका उच्चतम स्कोर था.
  • अंशुमन गायकवाड़ ने 1997 से 2000 के बीच दो कार्यकालों में भारतीय पुरुष क्रिकेट के कोच के रूप में कार्य किया.
  • 2018 में, बीसीसीआई ने उन्हें सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया था. यह बीसीसीआई द्वारा किसी पूर्व भारतीय क्रिकेटर को दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है.
  • 2023 में उनकी आत्मकथा ‘गट्स एमिड ब्लडबाथ’ रिलीज हुई थी.