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सितम्बर माह का अंतिम बृहस्पतिवार: विश्व समुद्री दिवस

प्रत्येक वर्ष सितम्बर माह के अंतिम बृहस्पतिवार को “विश्व समुद्री दिवस” (World Maritime Day) के रूप में मनाया जाता है. इस वर्ष यानी 2022 में यह दिवस 29 सितम्बर को मनाया गया. इस दिवस के मनाने के उद्देश्य समुद्री सुरक्षा तथा समुद्री उद्योग पर प्रकाश डालना है.

विश्व समुद्री दिवस 2022 की थीम

इस वर्ष विश्व समुद्री दिवस का विषय (थीम) ‘हरित शिपिंग के लिए नई प्रौद्योगिकियां’ (New technologies for greener shipping) है.

पहली बार इस दिवस को 1978 में मनाया गया था. यह दिवस अंतरराष्ट्रीय सामुद्रिक संगठन (IMO) द्वारा मनाया जाता है. IMO की स्थापना संयुक्त राष्ट्र की एक विशिष्ट एजेंसी के रूप में वर्ष 1959 में हुई थी. इसका मुख्यालय लंदन में है.

विश्व का लगभग 80% व्यापार समुद्र के माध्यम से होता है. यह कम लागत वाला परिवहन प्रदान करता है और इस प्रकार सतत समुद्री विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है.

29 सितम्बर: विश्व हृदय दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 29 सितम्बर को विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने के उद्देश्य हृदय संबंधी समस्याओं से बचने के लिए विभिन्न उपायों पर जागरूकता फैलाना है.

विश्व हृदय दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 2000 में की गई थी. तब यह तय किया गया था कि हर साल सितंबर माह के अंतिम रविवार को विश्व हृदय दिवस मनाया जाएगा, लेकिन 2014 में इसके लिए 29 सितंबर की तारीख तय कर दी गई.

विश्व हृदय दिवस 2022 का विषय (थीम) “यूज हार्ट फॉर एवरी हार्ट” (Use Heart for Every Heart) है.

28 सितम्बर: भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की जयंती

28 सितम्बर को क्रांतिकारी स्‍वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह को उनकी जयंती पर नमन किया गया. भगत सिंह को शहीद-ए-आज़म के नाम से भी जाना जाता है. उनके पिताजी का नाम किशन सिंह तथा उनकी माता जी का नाम विद्यावती था.

भगत सिंह: एक दृष्टि

  • भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को लायलपुर जिले के बंगा में हुआ था. यह मौजूदा पाकिस्तान का हिस्सा है. 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह पर अमिट छाप छोड़ा.
  • भगत सिंह महात्मा गांधी द्वारा चलाए जा रहे अहिंसा आंदोलन और भारतीय नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्य थे. लेकिन जब 1921 में हुए चौरा-चौरा हत्याकांड के बाद गांधीजी ने हिंसा में शामिल सत्याग्रहियों का साथ नहीं दिया. इस घटना के बाद भगत सिंह का गांधी जी से मतभेद हो गया. इसके बाद अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन में भगत सिंह चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में बने गदर दल में शामिल हो गए.
  • 9 अगस्त, 1925 को सरकारी खजाने को लूटने की घटना में भी उन्होंने अपनी भूमिका निभाई थी. यह घटना इतिहास में काकोरी कांड नाम से मशहूर है. इसमें उनके साथ रामप्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद जैसे कई क्रांतिकारी शामिल थे.
  • भगत सिंह ने राजगुरु के साथ मिलकर 17 दिसंबर 1928 को लाहौर में सहायक पुलिस अधीक्षक रहे अंग्रेज जेपी सांडर्स की हत्या कर दी थी. इस हत्या को अंजाम देने में चंद्रशेखर आजाद ने उनकी पूरी मदद की.
  • अंग्रेजों की सरकार को ‘नींद से जगाने के लिए’ उन्होंने 8 अप्रैल 1929 को सेंट्रल असेंबली के सभागार में बम और पर्चे फेंके थे. इस घटना में भगत सिंह के साथ क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त भी शामिल थे.
  • लाहौर षड़यंत्र केस में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को फांसी की सजा सुनाई गई और बटुकेश्वर दत्त को आजीवन कारावास दिया गया. भगत सिंह को 23 मार्च, 1931 की शाम सात बजे सुखदेव और राजगुरू के साथ फांसी पर लटका दिया गया. तीनों ने हंसते-हंसते देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया.

भगत सिंह का लेखन और संपादन

भगत सिंह एक अच्छे वक्ता, पाठक, लेखक और पत्रकार भी थे. उन्होंने कई पत्र-पत्रिकाओं के लिए लिखा और संपादन भी किया. उन्होंने ‘अकाली’ और ‘कीर्ति’ दो अखबारों का संपादन भी किया. उनकी कृतियों के कई संकलन भी प्रकाशित हुए. उनमें ‘एक शहीद की जेल नोटबुक, सरदार भगत सिंह : पत्र और दस्तावेज, भगत सिंह के संपूर्ण दस्तावेज प्रमुख हैं.

28 सितंबर: सूचना की सार्वभौमिक पहुंच के लिए अन्तर्राष्ट्रीय दिवस

प्रत्येक वर्ष 28 सितम्बर को सूचना की सार्वभौमिक पहुंच के लिए अन्तर्राष्ट्रीय दिवस (International Day for Universal Access to Information- IDUAI) मनाया जाता है. सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच का अर्थ है कि सभी को जानकारी मांगने, प्राप्त करने और प्रदान करने का अधिकार.

इस वर्ष यानी 2022 में IDUAI की थीम (मुख्य विषय) ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ई-गवर्नेंस और सूचना तक पहुंच’ (Artificial Intelligence, e-Governance and Access to Information) है.

UNESCO (The United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization) ने नवम्बर 2015 में इसे एक दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की थी. पहला IDUAI 28 सितंबर 2016 को मनाया गया था.

28 सितम्बर: विश्व रेबीज़ दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 28 सितम्बर को विश्व रेबीज़ दिवस (World Rabies Day) मनाया जाता है. इस दिवस के मनाने का उद्देश्य रेबीज बीमारी की रोकथाम के बारे में लोगों को जागरूकता फैलाना है.

विश्व रेबीज़ दिवस 2022 की थीम

इस वर्ष यानी 2022 में ‘विश्व रेबीज़ दिवस’ की थीम (मुख्य विषय) ‘रेबीज: वन हेल्थ, जीरो डेथ्स’ (Rabies: One Health, Zero Deaths) है.

लुई पाश्चर ने रेबीज टीका विकसित विकसित किया था

यह दिवस फ्रांस के प्रसिद्ध रसायनज्ञ और सूक्ष्म जीवविज्ञानी लुई पाश्चर की पूण्यतिथि के अवसर पर मनाया जाता है. लुई पाश्चर ने पहला रेबीज टीका विकसित विकसित किया था.

रेबीज क्या है?

रेबीज एक वायरस जनित बीमारी है, जो आमतौर पर जानवरों के काटने से फैलता है. यह एक खतरनाक बीमारी है क्योंकि इसके लक्षण बहुत देर में दिखने शुरू होते हैं. रेबीज के लक्षण दिखने तक इलाज का समय आमतौर पर निकल चुका होता है.

27 सितम्बर: विश्व पर्यटन दिवस से संबंधित जानकारी

प्रत्येक वर्ष के 27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism Day) मनाया जाता है. आज के ही दिन 1980 में विश्‍व पर्यटन संगठन (United Nations World Tourism Organization- UNWTO) का संविधान लागू हुआ था. यह दिवस पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है.

पर्यटन दिवस 2022 का मेजबान देश

संयुक्त राष्ट्र ने बाली, इंडोनेशिया (Bali, Indonesia) को इस वर्ष यानि 2022 में पर्यटन दिवस का मेजबान देश चुना है. भारत को 2019 में पर्यटन दिवस का मेजबान देश चुना गया था जिसमें भारत ने पहली बार विश्‍व पर्यटन दिवस का अधिकृत आयोजन किया था.

पर्यटन दिवस 2022 की थीम

पर्यटन दिवस 2022 का मुख्य विषय (थीम)- ‘पर्यटन पर पुनर्विचार’ (Rethinking Tourism) है.

पर्यटन दिवस: एक दृष्टि

  • विश्व पर्यटन संगठन का अधिनियम इसी दिन से अस्तित्व में आया था.
  • वर्ष 2019 में विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या एक अरब 20 करोड़ से अधिक थी जो कि वर्ष 2030 तक यह संख्या एक अरब 80 करोड़ हो जाने का अनुमान है.
  • भारत के पर्यटन की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में करीब 6 फीसदी भागीदारी है.
  • भारत सरकार अपने 7,500 किलोमीटर लंबे तटीय क्षेत्र के साथ ‘क्रूज टूरिज्म’ को बढ़ावा देने की नीति पर जोर दे रही है.

26 सितम्बर: परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन हेतु अंतर्राष्ट्रीय दिवस

प्रत्येक वर्ष 26 सितम्बर को परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन हेतु अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day for the Total Elimination of Nuclear Weapons) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य वैश्विक परमाणु हथियार परीक्षणों के प्रभावों के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना और एक सुरक्षित दुनिया को प्राप्त करने के लिए एक कदम के रूप में परमाणु परीक्षणों पर प्रतिबंध लगाने की वकालत करना है.

यह दिवस जनता और उनके नेताओं को ऐसे हथियारों को खत्म करने के वास्तविक लाभों और उन्हें बनाए रखने की सामाजिक और आर्थिक लागतों के बारे में शिक्षित करने का अवसर प्रदान करता है.

संयुक्त राष्ट्र ने दिसम्बर परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन हेतु अंतर्राष्ट्रीय दिवस की घोषणा 2013 में की थी. 26 सितंबर 2014 में पहली बार यह दिवस मनाया गया था. संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) के अनुसार, वर्तमान में विश्व में लगभग 15,000 परमाणु हथियार हैं.

24 सितम्बर 2022: हरिजन सेवक संघ का 90वां स्थापना दिवस मनाया गया

24 सितम्बर को 2022 को हरिजन सेवक संघ का 90वां स्थापना दिवस मनाया गया. इस अवसर पर नई दिल्ली में सद्भावना सम्मेलन का आयोजन किया गया था. इस सम्मेलन में उपराष्‍ट्रपति जगदीप धनखड सहित संगठन के देशभर से एक हजार से अधिक कार्यकर्ता ने भाग लिया.

मुख्य बिन्दु

  • राष्‍ट्रपिता महात्मा गांधी ने 1932 में हरिजन सेवक संघ की स्थापना की थी. इसका उद्देश्य अस्पृश्यता मिटाने तथा जाति, पंथ, लिंग और वर्ण आधारित सभी प्रकार के अन्याय, तिरस्कार और भेदभाव मुक्त समाज बनाना था.
  • पूना समझौते के बाद दलितों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सन 1932 में गांधी ने इस अखिल भारतीय संगठन की नींव रखी.
  • दिल्ली के किंग्सवे कैंप में स्थित इसका मुख्यालय छुआछूत के खिलाफ लड़ाई का प्रमुख केंद्र था. 1930 से 1940 के बीच बापू ने उनका एक लंबा समय यहाँ बीता.

23 सितम्बर: अन्तर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस से संबंधित जानकारी

प्रत्येक वर्ष 23 सितम्बर को अन्तर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस (International Day of Sign Languages) मनाया जाता है. जो लोग सुन या बोल नहीं सकते उनके हाथों, चेहरे और शरीर के हाव-भाव से बातचीत की भाषा को सांकेतिक भाषा (Sign Language) कहा जाता है.

अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस-2022 का विषय (थीम)– ‘सांकेतिक भाषा हमें एकजुट करते हैं!’ (Sign Languages Unite Us!) है.

इस दिवस को मनाए जाने का प्रस्ताव विश्व बधिर संघ (World Federation of the Deaf) ने रखा था. सांकेतिक भाषा के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 23 सितम्बर 2018 को सांकेतिक भाषा दिवस घोषित किया था. 2018 में पहली बार यह दिवस मनाया गया था.

21 सितम्बर: अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 21 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस (International Day of Peace) मनाया जाता है. इस दिन को शांति के लिए समर्पित किया गया है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और झगड़ों पर विराम लगाना और शांति के आदर्शों को बढाना है.

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस 2022 का मुख्य विषय (थीम) ‘जातिवाद खत्म करो. शांति का निर्माण करें.’ (End racism. Build peace.) है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा में वर्ष 1981 में अन्तर्राष्ट्रीय शांति दिवस का प्रस्ताव रखा गया था. शुरुआत में इस दिन को सितंबर के तीसरे मंगलवार को बनाने के लिए तय किय गया था, इसके बाद 2001 में इसको बदलकर 21 सितंबर को तय किया गया. पहला अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस 1981 में मनाया गया था.

17 सितम्बर को हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाया गया

17 सितम्बर को ‘हैदराबाद मुक्ति दिवस’ (Hyderabad Mukti Divas) मनाया गया. यह दिवस हैदराबाद रियासत के भारतीय संघ में ऐतिहासिक विलय के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. आज ही के दिन 1948 में निजाम के दमनकारी शासन का अंत हुआ था. ‘ऑपरेशन पोलो’ के नाम से प्रसिद्ध यह दिवस पुलिस कार्रवाई का द्योतक है.

इस वर्ष यानी 2022 में तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में 17 सितम्बर से एक वर्ष के लिए ‘हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह’ मनाया जा रहा है.

हैदराबाद मुक्ति दिवस: मुख्य बिंदु

  • 1947 में शेष भारत के स्वतंत्र होने के बाद भी, हैदराबाद राज्य के लोगों को स्वाधीनता के लिए और 13 महीने की प्रतीक्षा करनी पड़ी थी.
  • तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने हैदराबाद राज्य के भारतीय संघ में विलय को वास्तविकता बना दिया. यह तभी संभव हुआ जब भारतीय सेना ने निजाम शासन और उनकी निजी सेना के राजाकारों के खिलाफ पांच दिनों तक पुलिस कार्रवाई की.
  • अभियान के अंत में आसफ जाह वंश के अंतिम निज़ाम, मीर उस्मान अली खान ने 1948 में आज ही के दिन विलय समझौते पर हस्ताक्षर किये.

16 सितम्बर: ओजोन परत संरक्षण दिवस से संबंधित महत्त्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 16 सितम्बर को विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस (International Day for the Preservation of the Ozone Layer) मनाया जाता है. इस दिवस के मनाने का उद्देश्य पूरे विश्व में इसके प्रति लोगों में जागरूकता लाना है.

23 जनवरी, 1995 को संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा में 16 सितंबर को अन्तर्राष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था.

वर्ष 2022 का थीम

इस वर्ष यानी 2022 के ओज़ोन परत संरक्षण दिवस का थीम ‘Montreal Protocol@35’ (मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल@35) है.

ओजोन क्या है?

ओजोन एक हल्के नीले रंग की गैस होती है. इस गैस की परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाती है. ओजोन परत सामान्यत: धरातल से 10 किलोमीटर से 50 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच पाई जाती है.

ओजोन परत की खोज साल 1913 में फ्रांस के वैज्ञानिक फैबरी चार्ल्स और हेनरी बुसोन ने की थी. इस गैस में आक्सीजन के तीन परमाणु (O3) होते हैं. यह सूर्य से निकलने वाली पराबैंगनी किरणों के लिए एक अच्छे फिल्टर का काम करती है.

पराबैगनी किरणों (अल्ट्रा वायलेट रेडिएशन) की बढ़ती मात्रा से चर्म कैंसर, मोतियाबिंद के अलावा शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है. यही नहीं, इसका असर जैविक विविधता पर भी पड़ता है और कई फसलें नष्ट हो सकती हैं.