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8 मई: विश्व रेडक्रास दिवस, जॉन हेनरी डिनैंट का जन्मदिन

प्रत्येक वर्ष 8 मई को ‘विश्व रेडक्रॉस दिवस’ (Red Cross Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिन उन लोगों को समर्पित है जो भोजन की कमी, विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं और युद्ध सहित किसी महामारी से पीड़ित होते हैं.

इस वर्ष यानी 2022 में विश्व रेडक्रॉस दिवस का मुख्य विषय (theme) ‘BeHumanKind’ है.

रेडक्रॉस के संस्थापक जॉन हेनरी डिनैंट का जन्मदिन

विश्व रेडक्रास दिवस रेडक्रॉस के संस्थापक और शान्ति के लिए पहले नोबल पुरस्कार विजेता जॉन हेनरी डिनैंट के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. जॉन हेनरी का जन्म 8 मई, 1828 को हुआ था. साल 1901 में हेनरी डिनैंट को उनके मानव सेवा के कार्यों के लिए पहला नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

रेड क्रॉस (ICRC): एक दृष्टि

  • रेड क्रॉस के पूरा नाम ‘इंटरनैशनल कमिटी ऑफ द रेड क्रॉस’ (ICRC) है. इसकी स्थापना 1863 में हुई थी. इसका मुख्यालय जिनीवा स्विटजरलैंड में है. सफेद पट्टी पर लाल रंग का क्रॉस का चिन्ह इस संस्था का निशान है.
  • यह संगठन सशस्त्र हिंसा और युद्ध में पीड़ित लोगों एवं युद्धबंदियों के लिए काम करती है. यह उन कानूनों को प्रोत्साहित करती है जिससे युद्ध पीड़ितों की सुरक्षा होती है.
  • ICRC को दुनिया भर की सरकारों के अलावा नैशनल रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसायटीज की ओर से फंडिंग मिलती है.
  • रेड क्रॉस संस्था ने विश्व का पहला ब्लड बैंक अमेरिका में 1937 को खोला था. यह थैलेसीमिया, कैंसर, एनीमिया, एड्स जैसी घातक बीमारियों के रोगियों की यह संस्था मदद करती है.

रेड क्रॉस की स्थापना

फरवरी, 1863 में जिनेवा में एक अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था. इस सम्मेलन में International Committee for Relief to the Wounded के नाम से एक कमिटी का गठन किया गया. बाद में इसका नाम International Committee of the Red Cross (ICRC) हो गया. गुस्तावे इसके पहले अध्यक्ष बने.

7 मई 2022: विश्व एथलेटिक्स दिवस

7 मई 2022 को विश्व एथलेटिक्स दिवस (World Athletics Day) मनाया गया था. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य एथलेटिक्स में युवाओं को भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित करना है.

इस दिवस की तिथि प्रत्येक वर्ष IAAF (International Amateur Athletic Federation) द्वारा निर्धारित की जाती है. इसे सामान्यतः मई महीने में ही मनाया जाता है.

इस वर्ष यानी 2022 में विश्व एथलेटिक्स दिवस की तिथि 7 मई निर्धारित की गयी थी. पहला विश्व एथलेटिक्स दिवस 1996 में मनाया गया था.

एथलेटिक्स क्या है?

एथलेटिक्स मुख्यत: दौड़ने, कूदने, फेंकने और चलने की प्रतियोगिताओं का विशेष संग्रह है. इसके अंतर्गत सामान्य तौर पर ट्रैक और फील्ड, रोड रनिंग, क्रॉस कंट्री रनिंग और रेस वॉकिंग प्रतियोगिताओं को सम्मिलित किया जाता है.

IAAF: एक दृष्टि

IAAF (International Amateur Athletic Federation) फील्ड एथलेटिक्स और ट्रैक के खेल के लिए विश्व शासी निकाय है. इसकी स्थापना 1912 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में हुई थी.

5 मई: विश्व स्वच्छता दिवस, 2022 की थीम, संबंधित जानकारी

प्रत्येक वर्ष 5 मई को ‘विश्व स्वच्छता दिवस’ (World Hygiene Day) मनाया जाता है. इस दिवस को ‘विश्व हाथ स्वच्छता दिवस’ (World Hand Hygiene Day) के नाम से भी जाना जाता है.

इस दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नेतृत्व में एक वैश्विक अभियान चलाया जाता है. इस अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और स्वास्थ्य देखभाल को प्रोत्साहित करना होता है.

WHO के मुताबिक, अस्पतालों और अन्य स्थानों पर बैक्टीरिया के संचरण को रोकने के लिए हाथों को साफ रखना सबसे महत्वपूर्ण और जरूरी उपाय है. सिर्फ हाथों को साफ रखने से ही कई संक्रमणों को रोका जा सकता है.

विश्व स्वच्छता दिवस 2022 की थीम

इस वर्ष यानी 2022 में विश्व स्वच्छता दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘सुरक्षा के लिए एकजुट हों: अपने हाथ साफ करें’ (Unite for safety: clean your hands) है.

इस साल अधिकतर देश ‘COVID-19’ बिमारी का सामना कर रहे हैं. इस थीम का चुनाव इस बिमारी की रोक-थाम में जागरूकता बढाने के लिए किया गया है.

5 मई: अंतरराष्ट्रीय मिडवाइफ दिवस

प्रत्येक वर्ष 5 मई को ‘अंतरराष्ट्रीय मिडवाइफ दिवस’ (International Midwives’ Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान महिला का ख्याल रखने वाली मिडवाइफ के समर्पण को सम्मान देना है. इंटरनेशनल कंफेडरेशन ऑफ मिडवाइव्स ने इस दिवस की शुरुआत 1992 में की थी.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ताजा रिपोर्ट के अनुसार हर दिन करीब 800 महिलाएं और 8,000 नवजात शिशु गर्भावस्था, जन्म के दौरान या उसके तुरंत बाद होने वाली ऐसी दिक्कतों के कारण मारे जाते हैं, जिनसे उन्हें बचाया जा सकता था.

अंतरराष्ट्रीय मिडवाइफ दिवस 2022 की थीम

इस वर्ष यानी 2022 के अंतरराष्ट्रीय मिडवाइफ दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘100 साल की प्रगति’ (100 years of progress) है.

मिडवाइफ क्या है?

गर्भावस्था के दौरान महिला और जन्म के बाद कुछ दिनों तक बच्चे का पूरा ख्याल रखने वाली महिलाओं को ‘मिडवाइफ’ (Midwife) नाम दिया गया है.

4 मई: अन्तर्राष्ट्रीय अग्निशमन दिवस

प्रत्येक वर्ष 4 मई को दुनिया भर में अन्तर्राष्ट्रीय अग्निशमन दिवस (International Firefighters’ Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य उन फायर फाइटरों को सम्मान देना है, जो अपनी जान दांव पर लगाकर लोगों और वन्य जीवों की जान आग से बचाते हैं.

इस दिन यूरोप में दोपहर के समय 30 सेकंड तक फायर बिग्रेड के सायरन बजाए जाते हैं. इसके बाद एक मिनट के लिए मौन रखा जाता है, जिसमें फायर फायटरों को सम्मान और धन्यवाद दिया जाता है.

अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस का प्रतीक

अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस का प्रतीक ‘लाल और नीले रंग के दो रिबन’ हैं. जिसमें लाल रंग आग को, और नीला रंग पानी को दर्शाता है.

अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस का इतिहास

अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस को पहली बार 1999 में मनाया गया था, जब ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया स्थित लिंटन की झाड़ियों में आग लगी थी. इस आग को बुझाने गई टीम के पांच सदस्यों की झुलसकर मौत हो गई थी.

अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस के रूप में 4 मई को चुने जाने का मुख्य वजह संत फ्लोरिन (Saint Florian) हैं, जो कि एक संत और फायर फाइटर थे. संत फ्लोरिन की मृत्यु 4 मई को हुई थी. संत फ्लोरिन रोमन बटालियन के कमांडिंग फायरफाइटर्स में से एक था. उन्होंने प्राचीन रोम में एक पूरा जलता हुआ गाँव बचा लिया था.

मई माह का प्रथम मंगलवार: विश्‍व अस्थमा दिवस

प्रत्येक वर्ष मई माह के पहले मंगलवार को ‘विश्‍व अस्थमा दिवस’ (World Asthma Day) मनाया जाता है. इस वर्ष यानी 2022 में यह दिवस 3 मई को मनाया गया. अस्थमा के प्रति जागरूकता एवं शिक्षा हेतु यह दिवस संपूर्ण विश्व में मनाया जाता है.

विश्व अस्थमा दिवस 2022 का विषय

विश्व अस्थमा दिवस 2022 का मुख्य विषय (थीम)- ‘अस्थमा देखभाल में अंतराल बंद करना’ (Closing Gaps in Asthma Care) है.

विश्‍व अस्थमा दिवस का इतिहास

इस दिवस का आयोजन Global Initiative for Asthma (GINA) द्वारा किया जाता है. पहली बार विश्व अस्थमा दिवस वर्ष 1998 में स्पेन के बार्सिलोना में आयोजित पहली विश्व अस्थमा बैठक में मनाया गया था.

अस्थमा क्या है?

अस्थमा को दमा के तौर पर भी जाना जाता है. यह फेफड़ों के वायुमार्ग में सूजन-संबंधी एक लंबे समय तक रहने वाला रोग है. अस्थमा के मरीज को सांस लेने में परेशानी होती है, बहुत ही जल्द सांस फूल जाता है. अस्थमा के सामान्य लक्षणों में घरघराहट, खांसी, सीने में जकड़न और सांस की तकलीफ शामिल हैं.

3 मई: विश्‍व प्रेस स्‍वतंत्रता दिवस

प्रत्येक वर्ष 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस (World Press Freedom Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य दुनिया भर में प्रेस की स्वतंत्रता का मूल्यांकन करना और मीडिया की स्वतंत्रता की रक्षा तथा ड्यूटी के दौरान हमले में जान गंवाने वाले पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित करना है.

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2022 का विषय

इस वर्ष यानी 2022 में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘डिजिटल घेरे में पत्रकारिता’ (Journalism under digital siege) है.

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का इतिहास

1991 में यूनेस्को की सिफारिश के बाद, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने दिसंबर 1993 में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की घोषणा की थी.

प्रेस स्वतंत्रता: मुख्य तथ्य

भारत में एक लोकतान्त्रिक देश है, यहाँ प्रेस (मीडिया) को पूर्ण स्‍वतंत्रता है. भारत में प्रेस की स्वतंत्रता भारतीय संविधान के अनुच्छेद-19 में भारतीयों को दिए गए अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार से सुनिश्चित होती है.

1 मई: अंतर्राष्‍ट्रीय श्रमिक दिवस

प्रत्येक वर्ष 1 मई को अंतर्राष्‍ट्रीय श्रमिक दिवस (International Workers’ Day) के रूप में मनाया जाता है. इसे मई दिवस (May Day) या मजदूर दिवस (Labour Day) के रूप में भी जाना जाता है. इस दिन को मनाने का उद्देश्‍य पूरे विश्‍व में आर्थिक और सामाजिक अधिकारों को प्राप्‍त करने में श्रमिकों के समर्पण के प्रति आभार व्‍यक्‍त करना है.

मजदूर दिवस का इतिहास

अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मज़दूर दिवस मनाने की शुरुआत 1 मई, 1886 को हुई थी. उस दिन अमरीका के मजदूर संघों ने मिलकर निश्चय किया कि वे रोज़ाना 8 घंटे से ज्यादा काम नहीं करेंगे. इसके लिए मज़दूर संघों ने हड़ताल की. इस दौरान शिकागो की हेमार्केट में बम विस्फोट के बाद पुलिस की गोलीबारी में कई मज़दूरों की जान गई.

1889 में अन्तर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में घोषणा की गई कि हेमार्केट में मारे गये निर्दोष लोगों की याद में 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाएगा और इस दिन सभी कामगारों तथा श्रमिकों का अवकाश रहेगा.

भारत के सन्दर्भ में मजदूर दिवस

भारत में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिन्दुस्तान ने 1 मई, 1923 को इसकी शुरूआत की थी. हालांकि उस समय इसे मद्रास दिवस के रूप में मनाया जाता था लेकिन अब दुनिया के अन्य देशों की तरह इसे मई दिवस के रूप में ही मनाया जाता है.

1 मई 2022: महाराष्ट्र और गुजरात का 62वां स्थापना दिवस

महाराष्ट्र और गुजरात, प्रत्येक वर्ष 1 मई को अपना स्थापना दिवस (Maharashtra Day and Gujarat Day) मनाते हैं. 1960 में इसी दिन मराठी एवं गुजराती भाषियों के बीच संघर्ष के कारण बम्बई राज्य (बांबे स्टेट) का बंटवारा करके महाराष्ट्र एवं गुजरात नामक दो राज्यों की स्थापना की गई थी. इस वर्ष यानी 2022 में दोनों राज्यों ने 62वां स्थापना दिवस मनाया.

भारत के संसद ने बांबे स्टेट को गुजरात और महाराष्ट्र में विभाजित करने के लिए ‘बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम 1960’ पारित किया था. यह अधिनियम 1 मई 1960 को लागू हुआ था. अधिनियम के तहत जहाँ लोग गुजराती और कच्छी बोलते थे उस क्षेत्र में गुजरात का गठन किया गया. दूसरे क्षेत्र का नाम महाराष्ट्र रखा गया था जहां लोग कोंकणी और मराठी बोलते थे.

भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन

  1. 1960 से महाराष्ट्र एवं गुजरात ‘बांबे स्टेट’ का हिस्सा हुआ करते थे. बॉम्बे में मराठी और गुजराती दोनों भाषाएं बोली जाती थीं. धीरे-धीरे दोनों भाषाओं के लोगों के बीच अलग राज्य की मांग उठने लगी.
  2. 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत कई राज्यों का गठन किया गया. इस अधिनियम के अंतर्गत तेलुगु बोलने वालों को आंध्र प्रदेश, कन्नड़ भाषी लोगों के लिए कर्नाटक राज्य बना, वहीं मलयालम बोलने वालों के लिए केरल और तमिल भाषी लोगों के लिए तमिलनाडु बना.
  3. 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम में बॉम्बे के मराठी और गुजराती लोगों को अलग राज्य नहीं मिला. गुजराती और मराठी लोगों ने अलग राज्य की मांग के लिए बॉम्बे में आंदोलन करना शुरू कर दिया.
  4. 1 मई 1960 को बॉम्बे को बांटकर दो राज्य महाराष्ट्र और गुजरात बना दिए गए. अब दोनों राज्य बॉम्बे को अपने राज्य का हिस्सा बनाना चाहते थे. काफी खींचातान के बाद बॉम्बे को महाराष्ट्र की राजधानी बना दिया गया.

मई माह का प्रथम रविवार: विश्व हास्य दिवस

प्रत्येक वर्ष मई महीने के पहले रविवार को ‘विश्व हास्य दिवस’ (World Laughter Day) मनाया जाता है. इस वर्ष यानी 2022 में यह दिवस 1 मई को मनाया गया. विश्व हास्य दिवस का आरंभ संसार में शांति की स्थापना और भाई-चारे और सदभाव के उद्देश्य से हुई.

विश्व हास्य दिवस की शुरुआत डॉ. मदन कटारिया ने 11 जनवरी 1998 को मुंबई में की थी. मदन कटारिया विश्व हास्य-योग आंदोलन के संस्थापक थे.

हास्य-योग के अनुसार, हास्य सकारात्मक और शक्तिशाली भावना है जिसमें व्यक्ति को ऊर्जावान और संसार को शांतिपर्ण बनाने के सभी तत्व उपस्थित रहते हैं. यह व्यक्ति के विद्युत-चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित करता है और व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है.

31 मई: विश्व तंबाकू निषेध दिवस Commit to Quit थीम पर मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 31 मई को ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ (World No-Tobacco Day) मनाया जाता है. इस दिवस के मानाने का उद्देश्य देश और दुनिया भर में तंबाकू से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दे कर लोगों को जागरूक करना है.

विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2021 की थीम

WHO ने इस वर्ष यानी 2021 में इस दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘Commit to Quit’ रखा था.

विश्व तंबाकू निषेध दिवस का इतिहास

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में मनाने की घोषणा वर्ष 1987 में की थी. दरअसल, तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों की वजह से मृत्युदर में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए साल WHO ने इसे एक महामारी घोषित किया.

WHO ने पहली बार 7 अप्रैल 1988 को अपनी स्थापना की वर्षगांठ पर विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया था. बाद में इसके लिए एक तारीख ’31 मई’ निर्धारित की गई.

30 मई: गोवा स्थापना दिवस

प्रत्येक वर्ष 30 मई को गोवा अपना स्थापना दिवस (Goa Statehood Day) मनाता है. यह दिवस गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. 1987 में इसी दिन गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था.

भारतीय संसद ने 1963 में 12वें संविधान संशोधन पारित कर गोवा को भारत में आधिकारिक रूप से शामिल किया था. इस संविधान संशोधन के द्वारा गोवा, दमन व दिउ तथा दादरा व नगर हवेली को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया था. 30 मई 1987 को गोवा को दमन व दिउ से अलग करके गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया था. गोवा देश का 25वां राज्य बना था.

गोवा मुक्ति दिवस

भारत के आजाद होने के 14 साल बाद तक भी गोवा पुर्तगाली शासन के अधीन रहा. 19 दिसंबर, 1961 को गोवा को पुर्तगालियों से आजाद कराया गया था. इस उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष 19 दिसंबर को गोवा में मुक्ति दिवस (Annexation of Goa) मनाया जाता है.

गोवा से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • गोवा क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा और जनसंख्या के हिसाब से चौथा सबसे छोटा राज्य है.
  • गोवा पहले पुर्तगाल का एक उपनिवेश था. पुर्तगालियों ने गोवा पर लगभग 450 सालों तक शासन किया.
  • इस शहर पर मार्च 1510 में अलफांसो-द-अल्बुकर्क के नेतृत्व में पुर्तगालियों का आक्रमण हुआ.
    1815 से 1947 तक गोवा में अंग्रेजों का शासन रहा.
  • आजादी के समय अंग्रेजों की दोहरी नीति व पुर्तगाल के दबाव के कारण गोवा पुर्तगाल को हस्तांतरित कर दिया गया.
  • भारतीय सेना ने 2 दिसंबर को ‘गोवा मुक्ति’ अभियान शुरू कर दिया. वायु सेना ने 8 और 9 दिसंबर को पुर्तगालियों के ठिकाने पर अचूक बमबारी की.
  • इस तरह 19 दिसंबर, 1961 को तत्कालीन पुर्तगाली गवर्नर मैन्यू वासलो डे सिल्वा ने भारत के सामने समर्पण समझौते पर दस्तखत कर दिए.
  • गोवा में चुनाव हुए और 20 दिसंबर, 1962 को श्री दयानंद भंडारकर गोवा के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री बने.
  • वर्ष 1967 में वहां जनमत संग्रह हुआ और गोवा के लोगों ने केंद्र शासित प्रदेश के रूप में रहना पसंद किया.
  • बाद में 30 मई, 1987 को गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया गया और इस प्रकार गोवा भारतीय गणराज्य का 25वां राज्य बना.