Tag Archive for: Environment

क्रिकेटर रोहित शर्मा ने विलुप्त हो रहे इस जानवर के संरक्षण के लिए अभियान शुरू किया

भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा ने विलुप्त हो रहे जानवर गैंडों (Rhinoceros) के संरक्षण के लिए एक अभियान शुरू किया है. रोहित शर्मा ‘WWF India’ और ‘एनीमल प्लैनेट’ के साथ मिलकर एक सींग वाले गैंडों के संरक्षण के लिए इस अभियान पर कार्य करेंगे. रोहित ने खुद को इसके लिए ‘Rohit4Rhinos’ अभियान से जोड़ा है.

गैंडों का यह संरक्षण अभियान 22 सितंबर को विश्व राइनो दिवस (World Rhino Day) पर शुरू किया जाएगा. रोहित ‘WWF India’ में राइनो संरक्षण के लिए ब्रांड एंबेसडर हैं.


पर्यावरण मंत्रालय ने वनीकरण के लिए CAMPA को 47,436 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने CAMPA (Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority) को 47,436 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है. यह राशि वनीकरण को बढ़ावा देने और देश के हरित उद्देश्यों की प्राप्ति को प्रोत्‍साहन देने के लिए दिया गया है. केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने 29 अगस्त को इसकी घोषणा की.

जिन महत्वपूर्ण गतिविधियों पर इस धन का उपयोग किया जाएगा उनमें – क्षतिपूरक वनीकरण, जलग्रहण क्षेत्र का उपचार, वन्यजीव प्रबंधन, वनों में लगने वाली आग की रोकथाम, वन में मृदा एवं आद्रता संरक्षण कार्य, वन्‍य जीव पर्यावास में सुधार, जैव विविधता और जैव संसाधनों का प्रबन्‍धन, वानिकी में अनुसंधान कार्य आदि शामिल हैं.

हस्तांतरित की जा रही धनराशि राज्य के बजट के अतिरिक्त होगी. सभी राज्य इस धनराशि का उपयोग वन और वृक्षों का आवरण बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्‍तर पर निर्धारित योगदान (NDC) के उद्देश्‍यों की पूर्ति के लिए वानिकी कार्यकलापों में करेंगे. इससे वर्ष 2030 तक 2.5 से 3 बिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड के समान अतिरिक्त कार्बन सिंक (यानी वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण) होगा.


प्‍लास्टिक कचरे से डीजल बनाने वाले संयंत्र का देहरादून में उद्घाटन

भारतीय पेट्रोलियम संस्थान ने प्‍लास्टिक कचरे से डीजल बनाने वाले संयंत्र उत्‍तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थापित किया है. केन्‍द्रीय विज्ञान और टेक्‍नोलाजी मंत्री डॉक्‍टर हर्षवर्धन ने 27 अगस्त को मुख्‍यमंत्री त्रिवेन्‍द्र सिंह रावत के साथ इस संयंत्र का संयुक्‍त रूप से उद्घाटन किया.

एक टन क्षमता का यह प्‍लांट वर्षों की सफलतापूर्वक की गई रिसर्च के परिणामस्‍वरूप देहरादून के IIT के कैम्‍पस में लगाया गया है. संस्‍थान ने विमानों के लिए जैव ईंधन बनाने के बाद प्‍लास्टिक से डीजल बनाने में यह कामयाबी हासिल की है.

भारतीय पेट्रोलियम संस्थान, वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR) की प्रयोगशाला है. इस संस्थान का कार्य पेट्रोकेमिकल, पेट्रोलियम रिफाइनिंग इत्यादि प्रक्रियाओं पर रिसर्च करना है.

10 अगस्त: विश्‍व जैव ईंधन दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 10 अगस्‍त को ‘विश्‍व जैव ईंधन दिवस’ मनाया जाता है. इसका उद्देश्‍य पांरपरिक जीवाश्‍म ईंधनों के विकल्‍प के रूप में गैर-जीवाश्‍म ईंधनों के महत्‍व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है. जैव ईंधनों के विभिन्‍न फायदों में आयात निर्भरता में कमी, स्‍वच्‍छ पर्यावरण, किसानों को अतिरिक्‍त आमदनी और रोजगार सृजन शामिल हैं. इस वर्ष यानि 2019 में विश्‍व जैव ईंधन दिवस का विषय (थीम) ‘इस्‍तेमाल किये गये खाद्य तेल से जैव ईंधन का उत्‍पादन करना’ है.

इस्‍तेमाल किये गये खाद्य तेल से ‘जैव ईंधन’ का उत्‍पादन करना
भारत में खाद्य तेल (कुकिंग ऑयल) का उपयोग विभिन्‍न चीजों को तलने-भुनने के लिए किया जाता है. ये प्रयुक्‍त खाद्य तेल (Used Cooking Oil- UCO) या तो पूरी तरह से नष्‍ट नहीं होता है अथवा पर्यावरण अनुकूल ढंग से इसका निस्‍तारण नहीं हो पाता है, जिससे नालियां और सीवरेज प्रणालियां जाम हो जाती हैं. भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में जैव ईंधनों पर जारी राष्‍ट्रीय नीति में UCO से जैव ईंधन (बायोफ्यूल) का उत्‍पादन करने की परिकल्‍पना की गई है.

मौजूदा समय में भारत में हर महीने लगभग 850 करोड़ लीटर हाई स्‍पीड डीजल (HSD) की खपत होती है. ‘जैव ईंधन पर राष्‍ट्रीय नीति 2018’ में वर्ष 2030 तक HSD में 5 प्रतिशत जैव डीजल (बायोडीजल) को मिश्रित करने के लक्ष्‍य की परिकल्‍पना की गई है. मिश्रित करने के इस लक्ष्‍य की प्राप्ति के लिए हर वर्ष 500 करोड़ लीटर जैव डीजल की जरूरत है.

भारत में लगभग 22.7 mmtpa (2700 करोड़ लीटर) कुकिंग ऑयल का उपयोग होता है, जिनमें से 1.2 mmtpa (140 करोड़ लीटर) UCO को बल्‍क उपभोक्‍ताओं जैसे कि होटलों, रेस्‍तरां, कैंटीन इत्‍यादि से प्राप्‍त किया जा सकता है. इससे हर वर्ष तकरीबन 110 करोड़ लीटर जैव डीजल की प्राप्ति होगी.