भारतीय नौसेना के बेड़े में INS एंड्रोथ पनडुब्बी रोधी युद्धपोत शामिल हुआ

  • भारतीय नौसेना के बेड़े में 15 सितम्बर को एक स्वदेश निर्मित पनडुब्बी रोधी युद्धपोत (Anti-submarine Warship) को शामिल किया गया था. इस युद्धपोत का नाम है INS एंड्रोथ (INS Androth).
  • ‘एंड्रोथ’ उथले जल में संचालित आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों (ASW-SWC) में से दूसरा युद्धपोत है. इसका निर्माण कोलकाता के ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स’ (GRSE) द्वारा किया गया है.

एंड्रोथ नाम

  • एंड्रोथ नाम का रणनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व है क्योंकि यह लक्षद्वीप द्वीपसमूह के ‘एंड्रोथ’ द्वीप से लिया गया है, जो भारत की अपने विशाल समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है.

INS एंड्रोथ: एक दृष्टि

  • लगभग 77 मीटर लंबा यह युद्धपोत भारतीय नौसेना का सबसे बड़ा युद्धपोत हैं. यह ‘डीजल इंजन-वॉटरजेट’ से संचालित है, जो अत्याधुनिक हल्के ‘टॉरपीडो’ और स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्ध रॉकेटों से लैस हैं.
  • INS एंड्रोथ का निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने किया है. यह 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से बना है.
  • यह GRSE द्वारा निर्मित किए जा रहे आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों (ASW-SWC) में से दूसरा है. पहला, ‘INS अर्नाला’, 08 मई 2025 को भारतीय नौसेना को सौंपा गया था.