डेली कर्रेंट अफेयर्स
नया पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए कस्तूरीरंगन समिति का गठन
केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों, शुरूआती बाल्यावस्था, अध्यापक और वयस्क शिक्षा के लिए नया स्कूली पाठ्यक्रम तैयार करने को लेकर 12 सदस्यीय एक समिति का गठन किया है. यह समिति भारत में स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम, पाठ्य पुस्तक और शिक्षण प्रथाओं के लिए एक दिशानिर्देश के रूप में कार्य करेगा
के कस्तूरीरंगन समिति के अध्यक्ष
इसरो के पूर्व प्रमुख और वरिष्ठ वैज्ञानिक के कस्तूरीरंगन को इन चार राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा (national curriculum frameworks – NCFs) को विकसित करने वाले समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) मसौदा समिति के भी अध्यक्ष भी थे.
अन्य सदस्य: राष्ट्रीय शिक्षा योजना एवं प्रशासन संस्थान के चांसलर महेश चंद्र पंत, नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद शर्मा, जामिया मिलिया इस्लामिया की कुलपति नजमा अख्तर, आंध्र प्रदेश के केन्द्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति टीवी कट्टिमणि, आईआईएम जम्मू के अध्यक्ष मिलिंद कांबले और आईआईटी गांधीनगर के अतिथि प्रोफेसर मिशेल दनिनो, बठिंडा में पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय कुलाधिपति जगबीर सिंह, भारतीय मूल के अमेरिकी गणितज्ञ मंजुल भार्गव, प्रशिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता एमके श्रीधर, ‘लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन’ (एलएलएफ) के संस्थापक निदेशक धीर झिंगरान, और एकस्टेप फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं सीईओ शंकर मारुवाड़ा इस पैनल में शामिल हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैश्विक वायु गुणवत्ता मानदंडों में संशोधन किया
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नए वैश्विक वायु गुणवत्ता मानदंड (AQGs) जारी किया है. यह वर्ष 2005 के बाद से WHO का वायु गुणवत्ता मानदंडों में पहला संशोधन है.
इन दिशा-निर्देशों के तहत WHO ने प्रदूषकों के अनुशंसित स्तर को और कम कर दिया है, जिन्हें मानव स्वास्थ्य के लिये सुरक्षित माना जा सकता है. इन दिशा-निर्देशों का लक्ष्य सभी देशों के लिये अनुशंसित वायु गुणवत्ता स्तर प्राप्त करना है.
नए दिशा-निर्देश:
- WHO के नए दिशा-निर्देश उन 6 प्रदूषकों के लिये वायु गुणवत्ता के स्तर की अनुशंसा करते हैं, जिनके कारण स्वास्थ्य पर सबसे अधिक जोखिम उत्पन्न होता है.
- इन 6 प्रदूषकों में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5 और 10), ओज़ोन (O₃), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) शामिल हैं.
- WHO ने पीएम 2.5 सहित कई प्रदूषकों के लिए स्वीकार्य सीमा कम कर दी है. अब, पीएम 2.5 सांद्रता 15μg/m³ से नीचे रहनी चाहिए. नई सीमा के अनुसार, औसत वार्षिक PM2.5 सांद्रता 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए.
मानव स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण का प्रभाव:
- WHO के अनुसार, प्रत्येक वर्ष वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से 7 मिलियन लोगों की मृत्यु समय से पूर्व हो जाती है और इसके परिणामस्वरूप लोगों के जीवन के लाखों स्वस्थ वर्षों का नुकसान होता है.
- बच्चों में इसके अनेक प्रभाव दिखाई देते हैं, जैसे- फेफड़ों की वृद्धि और कार्य में कमी, श्वसन प्रणाली में संक्रमण, अस्थमा आदि.
- वयस्कों में हृदय रोग और स्ट्रोक बाह्य वायु प्रदूषण के कारण समय से पूर्व मृत्यु के सबसे सामान्य कारण हैं तथा मधुमेह और तंत्रिका तंत्र का कमज़ोर होना या न्यूरोडीजेनेरेटिव (Neurodegenerative) स्थितियों जैसे अन्य प्रभावों के प्रमाण भी सामने आ रहे हैं.
C-295 परिवहन विमान की खरीदारी को मंजूरी, एयरबस-टाटा के सहयोग से निर्माण
रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए सी-295 परिवहन विमान खरीदने के लिए स्पेन के एयरबस डिफेंस एंड स्पेस (Airbus Defence and Space, Spain) के साथ एक समझौते को मंजूरी दी है. यह सौदा करीब 20,000 करोड़ रुपये का है जिसके तहत 56 सी-295 परिवहन विमान खरीदा जाना है.
मुख्य बिंदु
- सौदे के तहत, अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के 48 महीनों के भीतर स्पेन के एयरबस डिफेंस एंड स्पेस द्वारा उड़ान भरने की स्थिति वाले 16 विमान उपलब्ध कराए जाएंगे.
- अन्य 40 विमानों को भारत में ही 10 वर्षों के भीतर तैयार किया जाएगा. इसके लिए एयरबस डिफेंस ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम लिमिटेड (TASL) के साथ पार्टनरशिप की है. इस डील की खास बात ये है कि भारत में पहली बार किसी प्राइवेट कंपनी की तरफ से मिलिट्री एयरक्राफ्ट का निर्माण किया जाएगा.
- C-295 MW विमान 5-10 टन क्षमता वाला परिवहन विमान है. यह अपनी तरह की पहली परियोजना है जिसमें एक निजी कंपनी द्वारा भारत में सैन्य विमान का निर्माण किया जाएगा.
- अभी इंडियन एयरफोर्स ट्रांसपोर्ट के लिए Avro-748 विमान का इस्तेमाल करती है. एयरबस से खरीदे गए विमान इसको रिप्लेस करेगा.
रक्षा मंत्रालय ने 118 अर्जुन Mk-1A मुख्य युद्धक टैंक को खरीदने की मंजूरी दी
भारतीय रक्षा मंत्रालय ने अर्जुन Mk-1A मुख्य युद्धक टैंक के 118 यूनिट को खरीदने की मंजूरी दी. 7,523 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण चेन्नई स्थित हैवी व्हीकल फैक्ट्री (Heavy Vehicles Factory) में किया जाएगा.
अर्जुन टैंक पूरी तरह से भारत में निर्मित है. इस टैंक को DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं के साथ कॉम्बैट व्हीकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (CVRDE) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है.
अर्जुन Mk-1A
- यह टैंक अर्जुन Mk -1 का ही एक अपग्रेडेड वर्जन है. यह दिन और रात की परिस्थितियों में काम कर सकता है और स्थिर और गतिशील दोनों तरीकों से लक्ष्य पर निशाना साध सकता है.
- इस टैंक में अत्याधुनिक ट्रांसमिशन सिस्टम लगाया गया है. जिससे टैंक के अंदर बैठा गनर सीधे कंट्रोल सेंटर से जुड़ सकता है. इसमें स्वदेशी 120 MM कैलिबर की गन भी लगी हुई है.
- इस टैंक के बाहरी हिस्से में रिएक्टिव ऑर्मर लगे हुए हैं. जो दुश्मन के किसी भी मिसाइल या रॉकेट के प्रभाव को अपने ऊपर झेलकर कम कर सकते हैं.
- इस टैंक में रसायनिक हमलों से बचने के लिए भी कई सेंसर लगाए गए हैं. जिससे अंदर बैठे क्रू मेंबर बाहरी हमले से सुरक्षित रह सकते हैं.
देश-दुनिया: एक संक्षिप्त दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र का डेलीडोज
एक लाख 12 हजार करोड रुपए का प्रत्यक्ष कर संग्रह
केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था सुधार के पथ पर है. देश में प्रति महीने औसतन एक लाख ग्यारह हजार करोड रुपए का जीएसटी और एक लाख 12 हजार करोड रुपए का प्रत्यक्ष कर संग्रह हो रहा है.
ऑटोमोबील्स क्षेत्र के लिए PLI को अधिसूचित किया गया
केंद्र सरकार ने ऑटोमोबील्स क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI) को अधिसूचित कर दिया है. इसे वित्त वर्ष 2022-23 से आगामी पांच वर्ष में क्रियान्वित किया जाएगा. इस दौरान ये क्षेत्र 42 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक नया निवेश भी आकर्षित करेगा.
बैंक जमा पर RBI ने डाटा जारी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने “Deposits with Scheduled Commercial Banks – March 2021” डाटा जारी किया है. इस डाटा के अनुसार, 2020-21 के दौरान बैंक जमा में साल-दर-साल 11.9% की वृद्धि हुई है, जबकि 2019-20 में यह 8.8% थी. मार्च 2021 में चालू खाता और बचत खाता (CASA) जमाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 43.7% हो गई, जो 2020 में 41.7% थी.
प्रधानमंत्री डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 सितंबर, 2021 को देश भर में प्रधानमंत्री डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (PM-DHM) की शुरुआत करेंगे. PM-DHM योजना पूरे भारत में स्वास्थ्य सेवा वितरण की प्रभावशीलता, दक्षता और पारदर्शिता में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के उद्देश्य से शुरू की जाएगी.
