डेली कर्रेंट अफेयर्स
32वां ओलम्पियाड खेल 2020 टोक्यो में आयोजित किया जा रहा है
टोक्यो ओलंपिक 2020 (32वां ओलम्पियाड के खेल) का आयोजना 23 जुलाई से 8 अगस्त 2021 के बीच टोक्यो, जापान में किया जा रहा है. इन खेलों का उद्घाटन 23 जुलाई को जापान की राजधानी टोक्यो में नव-निर्मित नेशनल स्टेडियम में किया जायेगा. पढ़ें पूरा आलेख…»
प्रधानमंत्री ने सोमवार डिजिटल भुगतान समाधान e-RUPI की शुरुआत की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2 अगस्त को ई-रुपी (e-RUPI) डिजिटल भुगतान समाधान की शुरुआत की. यह पर्सन और पर्पज स्पेसिफिक डिजिटल पेमेंट सॉल्युशन (Digital Payment Solution) है. इसके जरिए सबसे पहले मुंबई की एक निवासी ने कोविड 19 वैक्सिनेशन सेंटर पर पेमेंट किया.
ई-रुपी के जरिए भुगतान कुछ ही मिनटों में कैशलेस तरीके से और सुगमतापूर्वक हुआ. यह RBI द्वारा स्वीकृत इलेक्ट्रॉनिक वाउचर है. इसे किसी विशिष्ट सेवा के भुगतान के लिए लाभार्थी को जारी किया जाता है.
ई-रुपी क्या है और कैसे काम करता है?
ई-रुपी डिजिटल भुगतान का एक साधन है. इसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अपने UPI प्लेटफॉर्म पर वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से विकसित किया गया है.
ई-रुपी में एक क्यूआर कोड या SMS स्ट्रिंग-आधारित ई-वाउचर लाभार्थियों के मोबाइल पर पहुंचाया जाता है. भुगतान करने के लिए इस क्यूआर कोड को स्कैन किया जा जाता है. लाभार्थी के वेरिफिकेशन के लिए एक कोड लाभार्थी के मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है. वेरिफिकेशन होने पर वाउचर रिडीम हो जाएगा और तुरंत भुगतान हो जाता है.
इस नॉन-ट्रांसफरेबल इलेक्ट्रॉनिक वाउचर का इस्तेमाल वही लाभार्थी कर सकता है, जिसके लिए इसे जारी किया गया है.
सरकारी संस्थाएं, कॉरपोरेट या कोई भी सेवा प्रायोजक अपने पार्टनर बैंक की मदद से ईरुपी वाउचर जनरेट कर सकते हैं.
कहां हो सकता है इस्तेमाल
कल्याणकारी सेवाओं की लीक-प्रूफ डिलीवरी सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी पहल होने की उम्मीद है. इसका उपयोग मातृ एवं बाल कल्याण योजनाओं के तहत दवा व न्यूट्रीशनल सपोर्ट उपलब्ध कराने वाली स्कीम्स, टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत ड्रग्स व डायग्नॉस्टिक्स, उर्वरक सब्सिडी आदि जैसी योजनाओं के तहत सेवाएं देने के लिए भी किया जा सकता है.
शुरुआती चरण में यह योजना हेल्थ सेक्टर से जुड़े बेनिफिट में लागू की जा रही है. कोई संस्था अगर 100 गरीबों का निजी अस्पताल में वैक्सिनेशन कराना चाहती है तो वह उन 100 गरीबों को ईरुपी वाउचर दे सकती है. इस वाउचर से सुनिश्चित होगा कि ईरुपी के जरिए जारी किए गए अमाउंट का इस्तेमाल वैक्सीन लगवाने में ही हो, किसी अन्य काम में नहीं.
म्यांमार के सैन्य तानाशाह मिन आंग हलिंग ने खुद को देश का नया प्रधानमंत्री घोषित किया
म्यांमार के सैन्य तानाशाह मिन आंग हलिंग (Min Aung Hlaing) ने खुद को देश का नया प्रधानमंत्री घोषित किया है. म्यांमार की सेना ने फरवरी 2021 आंग सांग सू की के नेतृत्व वाली देश के लोकतांत्रित सरकार को अपदस्थ कर दिया था. इतना ही नहीं, सेना ने सु की को नजरबंद कर दिया, जबकि बाकी नेताओं में से कई को जेल में डाल दिया था. तब से ही म्यांमार में सैन्य शासन के खिलाफ लगातार हिंसक विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है.
तख्तापलट के बाद सैन्य शासन ने सू की के ऊपर कई तरह के आरोप लगाए हैं. अवैध रूप से वॉकी-टॉकी रेडियो रखने और कोरोना वायरस प्रोटोकॉल तोड़ने के आरोप में आंग सांग सू की के खिलाफ कोर्ट का ट्रायल शुरू किया गया है.
2023 तक म्यांमार से आपातकाल हटाने का वादा
1 अगस्त को टेलिविजन पर दिए गए संदेश में जनरल मिन आंग हलिंग ने अपने वादे को दोहराया कि दो साल के भीतर 2023 तक देश में चुनाव कराए जाएंगे और संकट के राजनीतिक समाधान के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ सहयोग करेंगे. उन्होंने इस अवधि में बहुदलीय चुनाव कराने का वादा किया.
म्यांमार सेना ने किया था तख्तापलट
एक फरवरी 2021 को आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार का तख्ता पलट करने के बाद आपातकाल की घोषणा की गई थी. सैन्य अधिकारियों ने अपनी इस कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा था कि सैन्य प्रमुखता वाले 2008 के संविधान में ऐसा करने की अनुमति है. सेना का दावा है कि सू की की पार्टी को पिछले साल आम चुनाव में भारी जीत फर्जीवाड़े से मिली. हालांकि, सेना ने अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया है.
परिषद की जगह लेगी कार्यवाहक सरकार
मिन आंग हलिंग ने राज्य प्रशासन परिषद (SAC) की अध्यक्षता की जो तख्तापलट के ठीक बाद बनाई गई थी. यही परिषद 1 फरवरी से म्यांमार का शासन चला रही थी. अब कार्यवाहक सरकार इस परिषद की जगह लेगी और देश की बागडोर संभालेगी. मिन आंग हलिंग ने यह भी कहा कि उनका प्रशासन एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) द्वारा नामित किसी भी विशेष दूत के साथ काम करेगा.
SII के अध्यक्ष डॉ. सायरस पूनावाला को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के अध्यक्ष डॉ. सायरस पूनावाला को 2021 के लिए प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. उन्हें कोविड-19 महामारी के दौरान उनके काम के लिए सम्मानित किया जाएगा, जिसमें उन्होंने कोविशील्ड टीका बनाकर कई लोगों की जिंदगियों को बचाने में मदद की.
पूनावाला कोविड-19 रोधी टीका निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के अध्यक्ष हैं. उनके नेतृत्व में दुनिया को रिकॉर्ड वक्त में कोविशील्ड टीके की करोड़ों खुराक मिल पायी. पूनावाला अलग-अलग टीकों को किफायती दामों पर बनाने में अग्रणी रहे हैं.
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार
पुरस्कार के तौर पर एक लाख रुपये का नकद इनाम और एक स्मृति चिह्न दिया जाएगा. यह पुरस्कार हर साल एक अगस्त को लोकमान्य तिलक की पुण्यतिथि पर दिया जाता है लेकिन महामारी के कारण इस बार तारीख बदल दी गयी है.
यह पुरस्कार पहली बार वर्ष 1983 में प्रदान किया गया था. इस पुरस्कार के विजेताओं में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, डॉ. मनमोहन सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी, इंफोसिस के संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शामिल हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र UNSC में समुद्री सुरक्षा पर खुली चर्चा की अध्यक्षता करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 अगस्त को डिजिटल माध्यम से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) में समुद्री सुरक्षा पर खुली चर्चा की अध्यक्षता करेंगे. यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में खुली चर्चा की अध्यक्षता करेंगे.
भारत अगस्त 2021 महीने के लिए सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है. भारत एक जनवरी 2021 से दो साल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का अस्थायी सदस्य है. सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्य के रूप में भारत का यह सातवां कार्यकाल है. गैर-स्थायी सदस्य के रूप में भारत के लिए यह पहला अध्यक्षपद है.
अपनी 15 देशों के UNSC के अध्यक्षता के दौरान, भारत तीन प्रमुख क्षेत्रों – समुद्री सुरक्षा, शांति स्थापना और आतंकवाद विरोधी में उच्च स्तरीय हस्ताक्षर कार्यक्रम आयोजित करेगा.
देश-दुनिया: एक संक्षिप्त दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र का डेलीडोज
डेटा सुरक्षा को लेकर लक्ज़मबर्ग में अमेज़न पर 746 मिलियन यूरो का जुर्माना लगया
लक्ज़मबर्ग के अधिकारियों ने डेटा गोपनीयता को लेकर ऑनलाइन रिटेलर अमेज़न पर 746 मिलियन यूरो (880 मिलियन डॉलर) का जुर्माना लगाया है. यह जुर्माना यूरोपीय संघ के डेटा सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के आरोपों पर लगाया गया है.
G20 संस्कृति मंत्रियों की पहली बैठक
G20 देशों के संस्कृति मंत्रियों की पहली बैठक 29 और 30 जुलाई को रोम में आयोजित की गई थी. इस बैठक की अध्यक्षता वर्तमान अध्यक्ष देश दुनिया की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के संस्कृति मंत्रियों और 40 उच्च स्तरीय सांस्कृतिक प्रतिनिधिमंडलों ने इस बैठक में भाग लिया. बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने किया.
वाइस एडमिरल एसएन घोरमडे नौसेना के नए उप-प्रमुख बने
वाइस एडमिरल एसएन घोरमडे नौसेना के नये उप-प्रमुख नियुक्त किये गये हैं. उन्होंने जी अशोक कुमार से डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ का पदभार ग्रहण किया, जो सेवानिवृत्त हो गये हैं.
सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक पारित
लोकसभा ने सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक (General Insurance Business Nationalisation Amendment Bill) को ध्वनि मत से पारित कर यह विधेयक सरकार को राज्य के स्वामित्व वाली सामान्य बीमा कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम करने और आवश्यक संसाधन उत्पन्न करने की अनुमति देगा. यह सार्वजनिक क्षेत्र के सामान्य बीमाकर्ताओं को नवीन उत्पादों को डिजाइन करने में भी मदद करेगा.
दीपक दास ने लेखा महानियंत्रक के रूप में पदभार ग्रहण किया
दीपक दास ने लेखा महानियंत्रक (CGA) के रूप में पदभार ग्रहण किया है. सीजीए का कार्यभार संभालने से पहले, श्री दास ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) में प्रधान मुख्य लेखा नियंत्रक के रूप में कार्य किया. 1986 बैच के भारतीय सिविल लेखा सेवा अधिकारी दीपक दास, CGA का पद संभालने वाले 25वें अधिकारी हैं.
