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पेगासस जासूसी आरोप, जानिए क्या है पेगासस और कैसे काम करता है
हाल के दिनों में पेगासस जासूसी (Pegasus Spyware) आरोप चर्चा में है. एक वैश्विक सहयोगी जांच परियोजना से पता चला है कि इजरायली कंपनी, एनएसओ ग्रुप (NSO Group) के पेगासस स्पाइवेयर से भारत में 300 से अधिक मोबाइल नंबरों को टारगेट किया गया, जिसमें वर्तमान सरकार के दो मंत्री, तीन विपक्षी नेता, एक जज, कई पत्रकार और व्यवसायी शामिल हैं. सरकार ने इन आरोपों को आधारहीन बताया है.
हालाँकि, डेटाबेस में फोन नंबर की मौजूदगी मात्र इस बात की पुष्टि नहीं करती है कि संबंधित डिवाइस पेगासस से संक्रमित हुए या सिर्फ हैक करने का प्रयास किया गया.
पेगासस क्या है?
पेगासस इजराइल के एनएसओ ग्रुप (NSO Group) द्वारा विकसित एक स्पाइवेयर (spyware) मोबाइल App है. यह App लोगों के फोन के जरिए उनकी जासूसी करते हैं. पेगासस एक लिंक भेजता है और यदि उपयोगकर्ता लिंक पर क्लिक करता है, तो उसके फोन पर पेगासस इंस्टॉल हो जाता है.
एक बार पेगासस इंस्टॉल हो जाने के बाद यह उस मोबाइल के मैसेजिंग ऐप से पासवर्ड, संपर्क सूची, कैलेंडर ईवेंट, टेक्स्ट संदेश और लाइव वॉयस कॉल सहित उपयोगकर्ता के निजी डेटा को चुरा सकता है. फोन के आसपास की सभी गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए फोन कैमरा और माइक्रोफोन को भी चालू किया जा सकता है.
जेफ बेजोस ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा पूरी की
दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति जेफ बेजोस (Jeff Bezos) ने 20 जुलाई को अपनी अंतरिक्ष यात्रा पूरी की. वह सिर्फ 11 मिनट के भीतर अंतरिक्ष की यात्रा कर धरती पर लौट आए. उनके साथ 3 और यात्री थे. इनमें एक उनके भाई मार्क, 82 साल की वैली फंक और 18 साल के ओलिवर डेमेन शामिल थे.
मुख्य बिंदु
- जेफ बेजोस ने यह अंतरिक्ष यात्रा अपनी स्पेस कंपनी ‘ब्लू ओरिजिन’ (Blue Origin) के स्पेसशिप ‘न्यू शेपर्ड’ (New Shepard) और कैप्सूल के माध्यम से की. यह न्यू शेपर्ड रॉकेट की कुल 16वीं उड़ान और अंतरिक्ष यात्रियों के साथ पहली उड़ान थी. न्यू शेपर्ड पूरी तरह स्वचालित रॉकेट विमान है, जिसे भीतर से नहीं चलाया जा सकता.
- ‘न्यू शेपर्ड’ स्पेसशिप को बनाने में भारतीय संजल गावंडे ने अहम भूमिका निभाई है. 30 वर्षीय संजल गावंडे महाराष्ट्र के एक छोटे से शहर कल्याण की रहने वाली हैं.
- जेफ बेजोस अमेजन संस्थापक हैं. वह दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं. जेफ बेजोस की कुल दौलत 206 बिलियन डॉलर के करीब है.
- 11 जुलाई को अमेरिकी अंतरक्षि यान कंपनी वर्जिन गैलेक्टिक (Virgin Galactic) के रिचर्ड ब्रेनसन सहित छह लोगों ने अंतरिक्ष की यात्रा की थी. इन्हीं छह लोगों में भारतीय मूल की सिरिशा बांदला का नाम भी शामिल था.
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने अपने आदर्श वाक्य को परिवर्तित किया
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने ओलंपिक के आदर्श वाक्य को “Citius, Altius, Fortius” से बदलकर “Citius, Altius, Fortius, Communiter” करने का निर्णय किया है. यह निर्णय कोविड-19 महामारी के समय दुनिया भर में एकजुटता दिखाने के लिए किया गया है. अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के संस्थापक पियरे डी कूपर्टिन के सुझाव पर इसे परिवर्तित किया गया है.
“Citius, Altius, Fortius” तीन लेटिन शब्दों से बना था जिसका अर्थ “Faster, Higher, Stronger” है. अब इसमें एक और लेटिन शब्द ‘Communiter’ को जोड़ा गया है, जिसका अर्थ ‘Together’ (एकजुट) होता है.
IOC ने 2020 टोक्यो ओलंपिक (2020 Tokyo Olympics) शुरू होने के ठीक पहले अपने आदर्श वाक्य में परिवर्तन किया है. 2020 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक 23 जुलाई से 8 अगस्त 2021 तक जापान के टोक्यो में आयोजित किया जाएगा. यह मूल रूप से वर्ष 2020 में आयोजित होने वाला था, लेकिन COVID-19 महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था.
रूस ने S-500 वायु रक्षा मिसाइल सिस्टम का परीक्षण किया
रूस ने S-500 वायु रक्षा मिसाइल सिस्टम (air defence missile systems) का हाल ही में परीक्षण कर इसका लाइव वीडियो जारी किया था. यह वीडियो दक्षिणी रूस में अस्त्रखान के पास कपुस्टिन यार (Kapustin Yar) में शूट किया गया है. इस दौरान एस-500 वायु रक्षा प्रणाली की मिसाइल ने अपने लक्ष्य एक दूसरी बैलिस्टिक मिसाइल को पलक झपकते मार गिराया.
एस-500 मिसाइल सिस्टम के लगभग सभी टेस्ट पूरे किए जा चुके हैं और इसे जल्द ही रूसी सेना में कमीशन करने की प्लानिंग की जा रही है.
S-500: मुख्य बिंदु
- एस-500 मिसाइल सिस्टम की अधिकमत रेंज 595 किलोमीटर होगी. एस-500 सिस्टम की मिसाइलें फिक्स्ड साइलो में पैक रहती हैं.
- इस सिस्टम के मिसाइलों को BAZ ट्रक की चेसिस पर 10 x10 ट्रांसपोर्टर-ईरेक्टर-लॉन्चर पर लगाया गया है. इससे इन मिसाइलों को एक जगह से दूसरी जगह आसानी से और कम समय में तैनात किया जा सकता है.
- एस-500 मिसाइल प्रणाली में वोरोनिश लॉन्ग रेंज अर्ली वॉर्निंग रडार लगाया गया है. लंबी दूरी तक नजर रखने वाला यह अर्ली वॉर्निंग रडार इस मिसाइल रक्षा प्रणाली की रीढ़ है जिनका प्रमुख लक्ष्य दुश्मन के टॉरगेट को सटीकता से मापना और उसकी जानकारी ऑपरेटर तक पहुंचाना है.
- S-500 डिफेंस सिस्टम को S-400 के आधार पर ही विकसित किया गया है. S-500 डिफेंस सिस्टम में 77N6 मिसाइल सीरीज के अलावा कई अन्य मिसाइलें भी तैनात हैं.
- इस मिसाइल सिस्टम को दुश्मन के किसी भी तरह से हथियार, हाइपरसोनिक एयरक्राफ्ट और मिसाइलों को मार गिराने के लिए बनाया गया है. S-500 को शुरू से ही बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ-साथ दुश्मनों के लड़ाकू विमानों, क्रूज मिसाइलों सहित सभी प्रकार के हवाई खतरों से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है.
चीन में मैग्लेव ट्रेन परिवहन प्रणाली की सार्वजनिक तौर पर शुरुआत
चीन ने नई मैग्लेव ट्रेन परिवहन प्रणाली की सार्वजनिक तौर पर शुरुआत की है. यह शुरुआत चीन के तटीय शहर किंगदाओ से हुई है. चीन में द्रुत गति की मैग्लेव ट्रेन परियोजना की शुरुआत अक्टूबर, 2016 में हुई थी. 600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की इस ट्रेन का प्रोटोटाइप 2019 में बनाया गया था. इसका सफल परीक्षण जून, 2020 में हुआ था.
मैग्लेव ट्रेन: मुख्य बिंदु
- इस ट्रेन की चाल 600 किलोमीटर प्रति है जिसमें 10 डिब्बे लगाए जा सकते हैं. प्रत्येक की क्षमता 100 यात्रियों की होगी.
- इस ट्रेन के जरिए बीजिंग से शंघाई पहुंचने में केवल 2.5 घंटे लगेंगे. दोनों शहरों के बीच 1,000 किमी की दूरी है. अभी प्लेन से इसमें 3 घंटे और हाई-स्पीड रेल से 5.5 घंटे लगते हैं.
- देश की सबसे तेज स्पीड की ट्रेन मैग्लेव 2003 में चलनी शुरू हो गई थी. इसकी अधिकतम स्पीड 431 किलोमीटर प्रति घंटा है और यह शंघाई पुडोन्ग एयरपोर्ट को शंघाई के पूर्वी सिरे पर लॉन्गयाग रोड से जोड़ती है.
क्या है यह टेक्नोलॉजी
मैग्लेव यानी मैगनेटिक लेविटेशन. इन तेज रफ्तार रेलगाड़ियों में पहिए चाहिए, एक्सल, बियरिंग आदि नहीं होते हैं. परंपरागत ट्रेनों की तरह मैग्लेव रेल के पहिये रेल ट्रैक के संपर्क में नहीं आते हैं.
यह उच्च तापमान सुपरकंडक्टिंग (HTS) पावर पर चलती है जिससे लगता है कि यह चुंबकीय ट्रैक्स पर तैर रही हो. जापान और जर्मनी जैसे देश भी मैग्लेव नेटवर्क बनाने में जुटे हैं.
यह पटरियों के बजाय हवा में चलती है. इस वजह से इसमें ऊर्जा की बहुत कम खपत होती है और परिचालन लागत भी बहुत कम होती है.
भारत में मैग्लेव ट्रेन
भारत में मैग्लेव ट्रेन का के लिए सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी बीएचईएल ने स्विटजरलैंड की कंपनी SwissRapide AG के साथ समझौता किया है. SwissRapide AG को Maglev Rail परियोजनाओं में विशेषज्ञता हासिल है. बीएचईएल पिछले पांच दशकों से रेलवे के विकास में साझेदार है.
20 जुलाई: अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस
प्रत्येक वर्ष 20 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस (International Chess Day) मनाया जाता है. शतरंज, खेलों के इतिहास में सबसे प्राचीन और सबसे लोकप्रिय होने के कारण यह राष्ट्रों के बीच निष्पक्षता, समानता, आपसी सम्मान और समझ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है.
1924 में इसी दिन इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (FIDE) की स्थापना हुई थी. इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस के रूप में मनाने का विचार यूनेस्को (UNESCO) द्वारा प्रस्तावित किया गया था. संयुक्त राष्ट्र ने आधिकारिक तौर पर एक दिवस के रूप में मनाने की मान्यता 2019 में दी थी.
शतरंज: एक दृष्टि
- शतरंज का आविष्कार भारत में पांचवीं शताब्दी में किया गया था. इसे मूल रूप से ‘चतुरंग’ नाम दिया गया था.
- पहला आधुनिक शतरंज टूर्नामेंट 1851 में लंदन में आयोजित किया गया था और जर्मन एडॉल्फ एंडरसन ने जीता था.
- विश्व शतरंज संघ (FIDE) की स्थापना 20 जुलाई, 1924 को हुई थी.
देश-दुनिया: एक संक्षिप्त दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र का डेलीडोज
20 जुलाई: मून लैंडिंग डे
20 जुलाई को मून लैंडिंग डे था. 20 जुलाई, 1969 को मनुष्य ने चंद्रमा पर पहली बार कदम रखे थे. कमांडर नील आर्मस्ट्रोंग, बज़ आल्ड्रिन और माइकल कोलिंस अपोलो – 11 से चंद्रमा पर गए थे जिनमें आल्ड्रिन और आर्मस्ट्रोंग ने चंद्रमा की सतह पर कदम रखे थे. चंद्रमा पर मनुष्य के पहले कदम की वर्षगांठ के सम्मान में तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति रिचर्ड निकसन ने 1971 में हर वर्ष इस दिन को राष्ट्रीय चंद्रमा दिवस मनाने की घोषणा की थी.
भारत दुनिया में पांचवें सबसे बड़े विदेशी मुद्रा भंडार वाला देश
चीन, जापान, स्विटजरलैंड और रूस के बाद भारत दुनिया में पांचवें सबसे बड़े विदेशी मुद्रा भंडार वाले देश के रूप में उभरा है. लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 25 जून को देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 609 अरब डॉलर था.
