Tag Archive for: Quad

वॉशिंगटन डीसी में क्‍वाड विदेश मंत्रियों की बैठक

  • क्‍वाड विदेश मंत्रियों की बैठक 1-2 जुलाई को अमरीका के वॉशिंगटन डीसी में आयोजित की गई थी. बैठक की मेजबानी अमरीका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की थी.
  • बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने किया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अतिरिक्त ऑस्‍ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉंग और जापान के विदेश मंत्री इवाया ताकेशी बैठक में भाग लिए.

बैठक के मुख्य बिदु

  • क्‍वाड संगठन के विदेश मंत्री 21 जनवरी 2025 को विदेश मंत्रियों की पिछली बैठक में हुए विचार-विमर्श को आगे बढाया गया.
  • क्‍वाड देश दुर्लभ खनिज (rare earth elements) सप्लाई शृंखला के क्षेत्र में सहयोग करेंगे. ये खनिज रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
  • दुर्लभ खनिज बाज़ार में चीन का दब-दबा है और उसकी वैश्विक बाजार हिस्सेदारी 80% से अधिक है.
  • इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए, क्वाड पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर पार्टनरशिप शुरू की जाएगी.
  • क्वाड विदेश मंत्रियों ने कश्मीर के पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की.

क्वाड क्या है?

  • क्वाड (QUAD) का पूरा नाम Quadrilateral Security Dialogue (QSD) है. यह ‘भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान’ का चतुष्कोणीय गठबंधन है. यह चीन के साथ भू-रणनीतिक चिंताओं के मद्देनजर गठित की गयी है.
  • जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा भारत के परामर्श से 2007 में ‘क्वाड’ की शुरुआत की थी. 2008 में ऑस्ट्रेलिया द्वारा इस ग्रुप से बाहर आने के कारण यह संगठन शिथिल पड़ गया था, लेकिन बाद में वह पुन: इस वार्ता में शामिल हो गया.
  • 2017 में, इस अनौपचारिक समूह को पुनर्जीवित किया गया ताकि एशिया में चीन के आक्रामक उदय को संतुलित किया जा सके.
  • क्‍वाड संगठन का उद्देश्‍य इस क्षेत्र में वैध और महत्‍वपूर्ण हित रखने वाले सभी देशों की सुरक्षा और उनके आर्थिक सरोकारों का ध्‍यान रखना है.
  • क्वाड का विजन ‘free and open Indo-Pacific (FOIP)’ और पूर्व और दक्षिण चीन समुद्र में एक नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था है.

क्‍वाड देशों ने अपना पहला समुद्री पर्यवेक्षण मिशन शुरू किया

  • क्‍वाड देशों (भारत, जापान, अमरीका और ऑस्‍ट्रेलिया) के तटरक्षकों ने पहला क्‍वाड समुद्री पर्यवेक्षण मिशन (First Sea Observer Mission) शुरू किया है. यह मिशन चारों क्वाड देशों के तटरक्षक बलों की एक साझा समुद्री तैनाती है.
  • क्‍वाड देशों के बीच कार्य संचालन समन्वय में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा. इसका उद्देश्य इस क्षेत्र में संयुक्त तत्परता, जागरूकता और अंतर संचालकता बढ़ाना है.
  • सितम्‍बर 2024 में क्‍वाड नेताओं के शिखर सम्‍मलेन में इस अभियान का निर्णय लिया गया था. इसका लक्ष्य मुक्‍त, समावेशी और नियम आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्‍चित करना है.
  • क्‍वाड पर्यवेक्षण पहल समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए भावी क्‍वाड तटरक्षक तालमेल की आधारभूमि‍ तैयार करेगा.

विलमिंग्टन घोषणा

  • विलमिंग्टन घोषणा के तहत संचालित होगा इस मिशन में महिला अधिकारी सहित प्रत्येक देश के दो अधिकारी शामिल होंगे.
  • विलमिंग्टन घोषणापत्र क्वाड राष्ट्रों के नेताओं द्वारा सितंबर 2023 में विलमिंग्टन, डेलावेयर में उनकी बैठक के दौरान दिए गए संयुक्त बयान को संदर्भित करता है. यह घोषणा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के आक्रामक व्यवहार के संबंध में थी.

‘क्वाड’ क्या है?

  • ‘क्वाड’ (QUAD) का पूरा नाम Quadrilateral Security Dialogue (QSD) है. यह ‘भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान’ का चतुष्कोणीय गठबंधन है. यह चीन के साथ भू-रणनीतिक चिंताओं के मद्देनजर गठित की गयी है.
  • जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा भारत के परामर्श से 2007 में ‘क्वाड’ की शुरुआत की थी. 2008 में ऑस्ट्रेलिया द्वारा इस ग्रुप से बाहर आने के कारण यह संगठन शिथिल पड़ गया था, लेकिन बाद में वह पुन: इस वार्ता में शामिल हो गया.
  • 2017 में, इस अनौपचारिक समूह को पुनर्जीवित किया गया ताकि एशिया में चीन के आक्रामक उदय को संतुलित किया जा सके.
  • क्‍वाड संगठन का उद्देश्‍य इस क्षेत्र में वैध और महत्‍वपूर्ण हित रखने वाले सभी देशों की सुरक्षा और उनके आर्थिक सरोकारों का ध्‍यान रखना है.
  • क्वाड का विजन ‘free and open Indo-Pacific (FOIP)’ और पूर्व और दक्षिण चीन समुद्र में एक नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था है.

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अमेरिकी यात्रा: डेलवेयर में 6ठा क्वाड शिखर सम्मेलन

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 21 से 23 सितम्बर तक अमेरिका की यात्रा पर थे. वे 6ठे क्वाड शिखर सम्मेलन (6th Quad Summit) 2024 में भाग लेने के मुख्य प्रयोजन से वहाँ गए थे. यह सम्मेलन अमरीका के डेलवेयर में आयोजित किया गया था.

क्वाड शिखर सम्मेलन 2024

  • 6ठा क्वाड शिखर सम्मेलन 21 सितमबर को डेलवेयर के विल्मिंगटन में आयोजित किया गया. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूएस राष्ट्रपति जो बिडेन, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानी और जापानी प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा शामिल थे.
  • क्वाड नेताओं ने अगले वर्ष ‘क्वाड-एट-सी शिप ऑब्जर्वर मिशन’ शुरू करने की भी बात कही. जिसका उद्देश्य परस्पर सहयोग में सुधार करना और समुद्री सुरक्षा को बढ़ाना है.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, मुक्त और समावेशी बनाना क्वाड देशों की साझा प्राथमिकता है.
  • 7वां क्वाड शिखर सम्मेलन (7th Quad Summit) 2025 भारत में आयोजित होगा.

क्वाड कैंसर मूनशॉट

क्वाड इंडो-पसिफिक क्षेत्र में कैंसर से होने वाली मौतों की संख्या कम करने के लिए एक सामूहिक कोशिश के तहत क्वाड कैंसर मूनशॉट लॉन्च किया गया. शुरुआत में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर पर फोकस किया जाएगा. क्वाड कैंसर मूनशॉट से आने वाले दशकों में कई जानें बचा लिए जाने की उम्मीद है.

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए नई क्षेत्रीय समुद्री पहल (MAITRI)

भारत, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए नई क्षेत्रीय समुद्री पहल (MAITRI) के उद्घाटन संगोष्ठी की मेजबानी करेगा. पहली MAITRI कार्यशाला 2025 में भारत द्वारा आयोजित की जाएगी. MAITRI पहल, हाल ही में संपन्न क्वाड समूह की छठी शिखर स्तरीय बैठक के प्रमुख परिणामों में से एक थी.

इस पहल का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाते हुए अंतर-संचालन और समुद्री सुरक्षा में सुधार करना है.

सबमिट ऑफ़ द फ्यूचर

  • प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा के तीसरे दिन न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘सबमिट ऑफ़ द फ्यूचर’ को संबोधित किया था. इसका विषय था बेहतर कल के लिए बहुपक्षीय समाधान.
  • इस सम्मेलन के पांच स्तंभों में शामिल है- सतत विकास, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार, युवा और भावी पीढ़ियां और वैश्विक शासन में परिवर्तन.

द्विपक्षीय बैठक

  • इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कई द्विपक्षीय बैठक की. 21 सितम्बर को प्रधानमंत्री मोदी ने अमरीकी राष्ट्रपति जो. बाइडन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. श्री बाइडेन ने इसका आयोजन डेलवेयर में अपने आवास पर किया.
  • प्रधानमंत्री ने अमरीका के डेलवेयर में, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ द्विपक्षीय बैठक की.
  • प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत के युवराज शेख-सबाह-अल-खालिद-अल-सबाह के साथ भी बातचीत की. दोनों नेताओं ने औषधि, खाद्य प्रसंस्‍करण, टेक्‍नोलॉजी, ऊर्जा और अन्‍य क्षेत्रों में भारत और कुवैत के संबंधों में नई जान डालने के उपायों पर विचार किया.
  • इसके बाद प्रधानमंत्री ने फलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्‍बास के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. श्री मोदी ने गजा में मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता प्रकट की और फलिस्‍तीन के लोगों को भारत की निरंतर सहायता का संकल्‍प दोहराया.

सेमीकंडक्टर विनिर्माण

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत में नया सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के बारे में ऐतिहासिक समझौते का स्वागत किया है.
  • प्रस्तावित सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक संवेदन, संचार और विद्युत इलेट्रॉनिक्स, नई पीढी के दूरसंचार और हरित ऊर्जा एप्लिकेशन्‍स पर ध्‍यान केन्द्रित करेगा.
  • भारत-अमरीका सेमीकंडक्‍टर विनिर्माण के क्षेत्र में यह अपनी तरह का पहला समझौता है.
  • यह पहला मौका है जब अमरीकी सेना ने भारत के इन उच्‍च तकनीकों के साथ साझेदारी करने की सहमति जताई है.
  • राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से इसे काफी अहम माना जा रहा है क्‍योंकि इसे आधुनिक युद्ध लड़ने में मदद मिलेगी.

क्वाड देशों का दूसरा शिखर सम्मेलन तोक्यो में आयोजित किया गया

क्वाड देशों (भारत, अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और जापान) का दूसरा शिखर सम्मेलन (QUAD Leaders Summit) 2022 जापान के तोक्यो 24 मई को आयोजित किया गया था. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के प्रयोजन से 23-24 मई को जापान की यात्रा पर थे.

क्वाड शिखर सम्मेलन 2022: मुख्य बिंदु

  • इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंटनी अल्बनीजी और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने भाग लिया. सम्मेलन में नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास और आपसी हित के मौजूदा वैश्विक मुद्दों के बारे में विचार-विमर्श हुआ.
  • क्वाड नेताओं ने मुक्त, खुले और समावेशी हिंद- प्रशांत क्षेत्र तथा संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोहरायी. उन्होंने हिंद- प्रशांत क्षेत्र और यूरोप में संघर्ष के घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया.
  • क्वाड नेताओं ने व्यापक विचार-विमर्श में आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के सभी रूपों की एक स्वर से कड़ी निंदा की. उन्होंने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों की साजिश पर मुंबई और पठानकोट आतंकी हमले सहित विभिन्न आतंकी हमलों की कड़ी निंदा की.
  • इस सम्मेलन में क्वाड फेलोशिप (QUAD Fellowship)  नाम से एक छात्रवृत्ति कार्यक्रम शुरू किया गया. हर साल, यह फेलोशिप अमेरिका में प्रमुख विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) विश्वविद्यालयों में उच्च अध्ययन और डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने के लिए प्रत्येक क्वाड देश के 25 छात्रों को प्रायोजित करेगी.
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस सम्मेलन के इतर कई द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लिया. उन्होंने अमरीका के राष्ट्रपति जो. बाइडेन, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंटनी अल्बनीजी के साथ द्विपक्षीय बैठकें की.

‘क्वाड’ क्या है?

  • ‘क्वाड’ (QUAD) का पूरा नाम Quadrilateral Security Dialogue (QSD) है. यह ‘भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान’ का चतुष्कोणीय गठबंधन है. यह चीन के साथ भू-रणनीतिक चिंताओं के मद्देनजर गठित की गयी है.
  • जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा भारत के परामर्श से 2007 में ‘क्वाड’ की शुरुआत की थी. 2008 में ऑस्ट्रेलिया द्वारा इस ग्रुप से बाहर आने के कारण यह संगठन शिथिल पड़ गया था, लेकिन बाद में वह पुन: इस वार्ता में शामिल हो गया.
  • 2017 में, इस अनौपचारिक समूह को पुनर्जीवित किया गया ताकि एशिया में चीन के आक्रामक उदय को संतुलित किया जा सके.
  • क्‍वाड संगठन का उद्देश्‍य इस क्षेत्र में वैध और महत्‍वपूर्ण हित रखने वाले सभी देशों की सुरक्षा और उनके आर्थिक सरोकारों का ध्‍यान रखना है.
  • क्वाड का विजन ‘free and open Indo-Pacific (FOIP)’ और पूर्व और दक्षिण चीन समुद्र में एक नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था है.

क्वाड नेताओं का वर्चुअल शिखर सम्मेलन

क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) नेताओं का वर्चुअल शिखर सम्मेलन 3 मार्च को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया था. इस बैठक में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा ने हिस्‍सा लिया.

मुख्य बिंदु

  • इस बैठक में यूक्रेन के घटनाक्रम पर चर्चा की गई, जिसमें इसके मानवीय प्रभाव पर भी विचार-विमर्श किया गया. प्रधानमंत्री ने बातचीत और कूटनीति का मार्ग अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया.
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि क्वाड को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के अपने मूल उद्देश्य पर केंद्रित रहना चाहिए. उन्‍होंने मानवीयता और आपदा राहत, ऋण सहयोग बनाए रखने, आपूर्ति श्रृंखला, स्वच्छ ऊर्जा, कनेक्टिविटी और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में क्वाड के भीतर सहयोग के ठोस और व्यावहारिक रूपों का आह्वान किया.
  • नेताओं ने आपसी संपर्क और जापान में आगामी शिखर सम्मेलन के महत्वाकांक्षी एजेंडा की दिशा में काम करने पर सहमति व्यक्त की.

अमरीका, जापान, भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के संगठन के विदेश मंत्रियों की न्‍यूयॉर्क में पहली बैठक

अमरीका, जापान, भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के संगठन (Quad) के विदेश मंत्रियों की 26 सितम्बर को न्‍यूयॉर्क में पहली बैठक हुई. बैठक में मुक्‍त हिंद प्रशांत क्षेत्र पर चर्चा हुई.

विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर, जापान के विदेश मंत्री तोशीमित्‍शु मोतेगी, अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और ऑस्‍ट्रलिया के विदेश मंत्री मैरिस पेने ने हिंद प्रशांत क्षेत्र के कार्यनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया.

अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि बैठक में हिंद प्रशात क्षेत्र को मुक्‍त बनाने, उत्‍तर कोरिया के परमाणु हथियार खत्‍म करने और क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई.