Tag Archive for: Important Days- June

17 जून: विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 17 जून को दुनियाभर में ‘विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस’ (World Day to Combat Desertification and Drought) मनाया जाता है. इस दिवस का उद्देश्य अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग से बंजर और सूखे के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए जन जागरुकता को बढ़ावा देना है.

विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस 2020 की थीम

इस वर्ष यानी 2020 में इस दिवस का मुख्य विषय (थीम)– ‘Restoration. Land. Recovery.’ है.

विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस का इतिहास

वर्ष 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मरुस्थलीकरण रोकथाम कन्वेंशन के कार्यान्वयन के लिए विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम और सूखा दिवस की घोषणा की थी. पहला विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस (WDCD) वर्ष 1995 से मनाया गया था.

मरुस्थलीकरण क्या है?

मरुस्थलीकरण जमीन के अनुपजाऊ हो जाने की प्रक्रिया है. जलवायु परिवर्तन तथा मानवीय गतिविधियों समेत अन्य कई कारणों से शुष्क, अर्द्ध-शुष्क और निर्जल अर्द्ध-नम इलाकों की जमीन मरुस्थल या रेगिस्तान में बदल जाती है. इससे जमीन की उत्पादन क्षमता में कमी और ह्रास होता है.

वर्तमान में समस्त विश्व के कुल क्षेत्रफल का 20 प्रतिशत मरुस्थलीय भूमि के रूप में है. जबकि सूखाग्रस्त भूमि कुल वैश्विक क्षेत्रफल का एक तिहाई है.

मरुस्थलीकरण भारत की प्रमुख समस्या

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मरुस्थलीकरण भारत की प्रमुख समस्या बनती जा रही है. भारत का 29.32 फीसदी क्षेत्र मरुस्थलीकरण से प्रभावित है. इसमें से 82 प्रतिशत हिस्सा केवल आठ राज्यों राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू एवं कश्मीर, कर्नाटक, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में हैं.

मरुस्थलीकरण से निवारण के उपाय

वनीकरण को प्रोत्साहन इस समस्या से निपटने में सहायक हो सकता है, कृषि में रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक उर्वरकों का प्रयोग सूखे को कम करता है. फसल चक्र को प्रभावी रूप से अपनाना और सिंचाई के नवीन और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना जैसे बूंद-बूंद सिंचाई, स्प्रिंकलर सिंचाई आदि.

14 जून: विश्व रक्तदान दिवस, नोबल प्राइज विजेता कार्ल लैंडस्टेनर की जयंती

प्रत्येक वर्ष 14 जून को ‘विश्व रक्तदान दिवस’ (World Blood Donor Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य सुरक्षित रक्त की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाना और रक्त-दाताओं के सुरक्षित जीवन-रक्षक रक्त के दान करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करते हुए आभार व्यक्त करना है.

विश्व रक्तदान दिवस 2021 की थीम

इस वर्ष यानी 2021 में विश्व रक्तदान दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘Give blood and keep the world beating’ है.

इतिहास: नोबल प्राइज विजेता कार्ल लैंडस्टेनर की जयंती

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने प्रत्येक वर्ष 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा 2004 में की थी. पहली बार विश्व रक्तदान दिवस 14 जून 2004 को मनाया गया था.

14 जून को नोबल प्राइज विजेता कार्ल लैंडस्टेनर की जयंती पर यह दिवस मनाया जाता है. कार्ल लैंडस्टेनर को ब्लड ग्रुप सिस्टम खोजने का श्रेय जाता है. ब्लड ग्रुप्स का पता लगाने के लिए कार्ल लैंडस्टेनर को 1930 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

WHO ने आठ वैश्विक स्वास्थ्य अभियान घोषित किया है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने विश्व रक्तदाता दिवस सहित आठ वैश्विक स्वास्थ्य अभियान घोषित किया है. अन्य स्वास्थ्य अभियानों में विश्व क्षय रोग दिवस (24 मार्च), विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल), विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल), विश्व टीकाकरण सप्ताह (अप्रैल का अंतिम सप्ताह), विश्व तंबाकू दिवस (31 मई), विश्व हेपेटाइटिस दिवस (28 जुलाई) और विश्व एड्स दिवस (1 दिसंबर) हैं.

13 जून: अंतरराष्ट्रीय एल्बिनिज्म जागरूकता दिवस

प्रत्येक वर्ष 13 जून को संपूर्ण विश्व में ‘अंतरराष्ट्रीय एल्बिनिज्म जागरूकता दिवस’ (International Albinism Awareness Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य एल्बिनिज्म (रंगहीनता) के शिकार लोगों से विश्व में होने वाले भेद-भाव के विरुद्ध जागरूकता फैलाना है.

अंतरराष्ट्रीय एल्बिनिज्म जागरूकता दिवस 2021 की थीम

इस वर्ष यानी 2021 में अंतरराष्ट्रीय एल्बिनिज्म जागरूकता दिवस की थीम (मुख्य विषय)- ‘#StrengthBeyondAllOdds’ हैं.

इतिहास

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 13 जून को इस दिवस को मनाने की घोषणा 18 दिसंबर, 2014 को की थी. पहला अंतरराष्ट्रीय एल्बिनिज्म जागरूकता दिवस 13 जून 2015 को मनाया गया.

एल्बिनिज्म (Albinism) क्या है?

एल्बिनिज्म या रंगहीनता एक जन्मजात बीमारी है, जो त्वचा, बाल और आंखों में मेलानिन (Pigment Melanin) की कमी के कारण होता है. इससे प्रभावित लोगों की त्वचा पर सफ़ेद धब्बे होते हैं अथवा कई बार पूर्ण त्वचा ही सफ़ेद हो जाती है.

12 जून: विश्व बाल-श्रम निषेध दिवस

प्रत्येक वर्ष 12 जून को विश्व बालश्रम निषेध दिवस (World Day Against Child Labour) मनाया जाता है. बाल मज़दूरी (Child Labour) के खिलाफ जागरूकता फैलाने और 14 साल से कम उम्र के बच्‍चों को इस काम से निकालकर उन्‍हें शिक्षा दिलाने के उद्देश्‍य से यह दिवस मनाया जाता है.

विश्व बाल-श्रम निषेध दिवस 2021 की थीम

इस वर्ष यानी 2021 में ‘विश्व बाल-श्रम निषेध दिवस’ की थीम- ‘अभी कार्रवाई करें: बाल श्रम समाप्त करें’ है.

इतिहास

इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) ने विश्व बालश्रम निषेध दिवस की शुरुआत वर्ष 2002 में की थी. ILO के मुताबिक आज भी 152 मिलियन बच्चे मज़दूरी करते हैं. बाल मज़दूर हर क्षेत्र में मौजूद हैं, वहीं 10 में से 7 बच्चे खेतों में काम करते हैं.

भारत में बाल श्रम से संबंधित संवैधानिक प्रावधान और कानूनी प्रयास

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 45 के अनुसार देश में संविधान लागू होने के 10 साल के भीतर राज्य 14 वर्ष तक की उम्र के सभी बच्चों को मुफ़्त और अनिवार्य शिक्षा देने का प्रयास करेंगे.
  • बाल श्रम भारतीय संविधान के समवर्ती सूची (Concurrent List) का विषय है. इस सूची के अन्‍तर्गत दिए गए विषय पर केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारें कानून बना सकती हैं. परंतु कानून के विषय समान होने पर केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है.
  • बाल श्रम (निषेध व नियमन) कानून 1986 के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य के लिये अहितकर कार्य को निषिद्ध करता है. फैक्टरी कानून 1948, 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के नियोजन को निषिद्ध करता है.

8 जून: विश्व महासागर दिवस

प्रत्येक वर्ष 8 जून को विश्व महासागर दिवस (World Oceans Day) मनाया जाता है. महासागरों के महत्व को जानने, समझने और महासागरों में बढ़ते प्रदूषण के खतरों और उनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है.

विश्व महासागर दिवस 2021 की थीम

प्रति वर्ष विश्व महासागर दिवस की एक खास थीम (मुख्य विषय) रखी जाती है. इस वर्ष यानी 2021 में इस दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘The Ocean: Life and Livelihoods’ है.

विश्व महासागर दिवस का इतिहास

संयुक्त राष्ट्र संघ ने आधि‍कारिक तौर पर इस दिवस को मनाने की मान्यता वर्ष 2008 में दी थी. पहला विश्व महासागर दिवस 8 जून, 2009 को मनाया गया था.

प्लास्टिक कचरे पर जागरूकता अभियान की शुरूआत

पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने विश्व महासागर दिवस 2021 पर प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन और सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पादों के उन्मूलन के विषय पर जागरूकता अभियान की शुरूआत की. यह अभियान दो माह तक चलेगा.

7 जून 2020: तीसरा विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 7 जून को पूरे विश्व में ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ (World Food Safety Day) मनाया जाता है. यह दिवस खाद्य सुरक्षा, मानव स्वास्थ्य, आर्थिक समृद्धि, कृषि, बाजार पहुंच, पर्यटन और सतत विकास में योगदान की ओर ध्यान आकर्षित करने और कार्रवाई के लिए प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है.

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 2021 की थीम

इस वर्ष विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘Safe food today for a healthy tomorrow’ है.

इतिहास

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2018 में खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के सहयोग से विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाये जाने की घोषणा की थी. पहला विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 7 जून 2019 को मनाया गया था. इस वर्ष तीसरा विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया गया.

6 जून: संयुक्त राष्ट्र रूसी भाषा दिवस, रूसी कवि अलेक्सांद्र पुश्किन का जन्मदिन

प्रत्येक वर्ष 6 जून को संयुक्त राष्ट्र रूसी भाषा दिवस (UN Russian Language Day) मनाया जाता है. भाषा दिवस को मनाने का उद्देश्य बहु-भाषावाद तथा सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना है.

रूसी कवि अलेक्सांद्र पुश्किन का जन्मदिन

रूसी भाषा दिवस महान रूसी कवि अलेक्सांद्र पुश्किन के जन्मदिन पर मनाया जाता है. उन्हें आधुनिक रूसी साहित्य का जनक माना जाता है. पुश्किन की सबसे प्रसिद्ध कविता ‘ओड टू लिबर्टी’ (Ode to Liberty) है. संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने उनके जन्मदिन दिन को रूसी भाषा दिवस के तौर पर चुना.

संयुक्त राष्ट्र 6 आधिकारिक भाषाओं के लिए अलग-अलग दिवस

संयुक्त राष्ट्र भाषा दिवस का शुभारंभ वर्ष 2010 में किया गया था. संयुक्त राष्ट्र के 6 आधिकारिक भाषाएं हैं. इन 6 आधिकारिक भाषाओं के लिए अलग-अलग दिवस निश्चित किये गये हैं:

  1. अरबी भाषा: 18 दिसम्बर
  2. चीनी भाषा: 20 अप्रैल
  3. अंग्रेजी भाषा: 23 अप्रैल
  4. स्पेनिश भाषा: 23 अप्रैल
  5. फ़्रांसिसी भाषा: 20 अप्रैल
  6. रूसी भाषा: 6 जून

5 जून: विश्व पर्यावरण दिवस पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण थीम के साथ मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) मनाया जाता है. दुनियाभर में पर्यावरण के प्रति जागरूकता के लिए यह दिवस मनाया जाता है ताकि प्रकृति और पृथ्वी की रक्षा के लिए रचात्मक कदम उठाए जा सकें.

उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष 5 जून को ही अवैध, गैरकानूनी और अनियमित मत्स्य पालन के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day for the Fight Against IUU Fishing) भी मनाया जाता है.

विश्व पर्यावरण दिवस 2020 की थीम

हर साल पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय UNEP द्वारा घोषित विशेष थीम पर फोकस करते हुए विश्व पर्यावरण दिवस मनाता है. पिछले वर्षों के थीम में जैव विविधता, वायु प्रदूषण, प्लास्टिक प्रदूषण जैसे विषयों पर चर्चा शामिल है.

इस साल यानी 2021 के विश्व पर्यावरण दिवस की थीम ‘पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण’ (Ecosystem Restoration) है. विश्व पर्यावरण दिवस 2021 पर, संयुक्त राष्ट्र पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण पर अपना संयुक्त राष्ट्र दशक भी शुरू करेगा.

विश्व पर्यावरण दिवस 2021 का मेजवान देश

हर साल विश्व पर्यावरण दिवस की मेज़बानी विश्व का एक अलग देश करता है, जहां औपचारिक समारोह आयोजित होते हैं. भारत ने पहली बार वर्ष 2018 के विश्व पर्यावरण दिवस समारोह की मेजवानी की थी.

इस साल के विश्व पर्यावरण दिवस का वैश्विक मेजबान पाकिस्तान है. इससे पहले, 2020 में इसकी मेजबानी कोलंबिया ने की थी.

विश्व पर्यावरण दिवस: मुख्य तथ्यों पर एक दृष्टि

  • पर्यावरण की समस्या पर पहला सम्मेलन साल 1972 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में आयोजित किया गया था. संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में 119 देशों ने भाग लिया था. साल 1972 से हर साल यह दिवस 5 जून को मनाया जाता है.
  • ग्लोबल वार्मिग, पिघलते ग्लेशियर, धरती का बढ़ता तापमान और वायु प्रदूषण के कारण बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण औऱ वायु प्रदूषण को कम करने के उपाय पर जोर दिया जा रहा है.

‘नगर वन’ कार्यक्रम की शुरुआत

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर ‘नगर वन’ कार्यक्रम की शुरुआत की. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की 8% जैव विविधता का संरक्षण करने में सक्षम है.

नगर वन कार्यक्रम का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में पूरे भारत में 200 शहरी वन विकसित करना है, जिसमें लोगों की भागीदारी और वन विभाग, नगर निकायों, गैर सरकारी संगठनों, निगमों और स्थानीय नागरिकों के बीच समन्वय स्थापित करना शामिल है.

3 जून 2021: चौथा विश्व साइकिल दिवस मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 3 जून को दुनियाभर में ‘विश्व साइकिल दिवस’ (World Bicycle Day) मनाया जाता है. यह दिवस परिवहन के एक सरल, किफायती, भरोसेमंद और पर्यावरण की सुरक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है.

विश्व साइकिल दिवस 2021 की थीम

इस वर्ष ‘वर्ल्ड बाइसिकल डे 2021’ का मुख्य विषय (थीम) ‘Uniqueness, versatility, and longevity of the bicycle as a simple, sustainable, economical, and reliable mode of transportation’ है.

इतिहास

संयुक्त राष्ट्र द्वारा पहला आधिकारिक विश्व साइकिल दिवस 3 जून, 2018 को मनाया गया था. इस प्रकार इस वर्ष यानी 2021 में चौथा विश्व साइकिल दिवस मनाया गया.

2 जून 2020: तेलंगाना का सातवां स्‍थापना दिवस मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 2 जून को तेलंगाना राज्य अपना स्‍थापना दिवस (Telangana Formation day) मनाता है. वर्ष 2014 में इसी दिन आंध्रप्रदेश का विभाजन कर तेलंगाना भारत का 29वाँ राज्य बना था. इस वर्ष यानी 2021 में तेलंगाना ने अपना सातवां स्‍थापना दिवस मनाया. तेलंगाना के गठन के बाद के. चंद्रशेखर राव राज्य के पहले मुख्यमंत्री और ईएसएल नरसिम्हन राज्य के पहले राज्यपाल हैं.

तेलंगाना राज्य: एक दृष्टि

तेलंगाना, दक्षिणी भारत में स्थित भारत का एक राज्य है. ‘तेलंगाना’ शब्द का अर्थ है- ‘तेलुगूभाषियों की भूमि’.
2014 में संसद की मंजूरी के बाद आन्ध्र प्रदेश राज्य से अलग होकर तेलंगाना औपचारिक तौर पर भारत का 29वाँ राज्य था.
विभाजन के समय हैदराबाद को दस साल के लिए तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की संयुक्त राजधानी बनाया गया था.

1 जून: वैश्विक अभिभावक दिवस

प्रत्येक वर्ष 1 जून को वैश्विक अभिभावक दिवस (Global Day of Parents) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उदेश्य माता-पिता के प्रति सम्‍मान प्रकट करना है. इस दिन बच्चों के प्रति अभिभावकों की प्रतिबद्धता और कर्तव्‍यों की सराहना की जाती है.

वैश्विक अभिभावक दिवस 2021 की थीम

इस वर्ष वैश्विक अभिभावक दिवस 2021 का मुख्य विषय (थीम)- ‘दुनिया भर में सभी अपने माता-पिता की सराहना करें’ (appreciate all parents throughout the world) है.

इतिहास

वर्ष 2012 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में पहली जून को इस दिवस को मनाने की घोषणा की गई थी.

1 जून: विश्व दुग्ध दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस (World Milk Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिवस आर्थिक विकास, आजीविका और पोषण में दुग्ध उत्पादों के महत्वपूर्ण योगदान के प्रति लोगों में जागरुकता फ़ैलाने के लिए मनाया जाता है. इस दिन दुनिया भर में विभिन्न अभियानों और रैलियों के द्वारा दूध के महत्ता के बारे में लोगों के बीच जागरूकता फैलाया जाता है.

विश्व दूध दिवस 2021 की थीम

इस वर्ष यानी 2021 के विश्व दूध दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘sustainability in the dairy sector with messages on nutrition’ है.

दूध में पाए जाने वाले मुख्य पोषक तत्व

दूध में कैल्सियम, मैगनिशियम, जिंक, फॉसफोरस, ऑयोडीन, आइरन, पोटेशियम, फोलेट्स, विटामिन A, विटामिन D, राइबोफ्लेविन, विटामिन B12, प्रोटीन, वसा आदि मौजूद होता है.

विश्व दुग्ध दिवस का इतिहास

विश्व दुग्ध दिवस को मनाये जाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने किया था. पूरे विश्व में पहली बार विश्व दुग्ध दिवस 2001 में मनाया गया था.

खाद्य व कृषि संगठन (FAO)

FAO की स्थापना 16 अक्टूबर, 1945 को की गयी थी. इसका मुख्यालय इटली के रोम में है. संयुक्त राष्ट्र के सभी 194 सदस्य FAO के भी सदस्य हैं. यह संयुक्त राष्ट्र आर्थिक व सामजिक परिषद् के अधीन कार्य करती है.

26 नवंबर को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जाता है

भारत में 26 नवंबर को वर्गीज कुरियन के जन्मदिन पर राष्ट्रीय दुग्ध दिवस (National Milk Day) मनाता है. कुरियन को भारत में दुग्ध क्रांति के जनक के रूप में जाना जाता है. देश में दूध के उत्पादन में वृद्धि के लिए 1970 में उनके नेतृत्व में ऑपरेशन फ्लड (Operation Flood) शुरू किया गया था.