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3 जून 2024: 7वां विश्व साइकिल दिवस मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 3 जून को दुनियाभर में ‘विश्व साइकिल दिवस’ (World Bicycle Day) मनाया जाता है. यह दिवस परिवहन के एक सरल, किफायती, भरोसेमंद और पर्यावरण की सुरक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है.

विश्व साइकिल दिवस 2024 की थीम

इस वर्ष ‘विश्व साइकिल दिवस 2024’ का मुख्य विषय (थीम) ‘साइकिल चलाने के माध्यम से स्वास्थ्य, समानता और स्थिरता को बढ़ावा देना’ (Promoting Health, Equity, and Sustainability through Cycling) है.

इतिहास

संयुक्त राष्ट्र द्वारा पहला आधिकारिक विश्व साइकिल दिवस 3 जून, 2018 को मनाया गया था. इस प्रकार इस वर्ष यानी 2024 में 7वां विश्व साइकिल दिवस मनाया गया.

2 जून 2024: तेलंगाना का 10वां स्‍थापना दिवस मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 2 जून को तेलंगाना राज्य अपना स्‍थापना दिवस (Telangana Formation day) मनाता है. वर्ष 2014 में इसी दिन आंध्रप्रदेश का विभाजन कर तेलंगाना भारत का 29वाँ राज्य बना था. इस वर्ष यानी 2024 में तेलंगाना ने अपना 10वां स्‍थापना दिवस मनाया.

तेलंगाना राज्य: एक दृष्टि

  • तेलंगाना, दक्षिणी भारत में स्थित भारत का एक राज्य है. ‘तेलंगाना’ शब्द का अर्थ है- ‘तेलुगूभाषियों की भूमि’.
  • 2014 में संसद की मंजूरी के बाद आन्ध्र प्रदेश राज्य से अलग होकर तेलंगाना औपचारिक तौर पर भारत का 29वाँ राज्य था.
  • विभाजन के समय हैदराबाद को दस साल के लिए तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की संयुक्त राजधानी बनाया गया था.
  • के. चंद्रशेखर राव तेलंगाना के पहले और वर्तमान मुख्यमंत्री है. ईएसएल नरसिम्हन इस राज्य के प्रथम राज्यपाल और डॉ. तमिलसई सौंदर्यराजन वर्तमान राज्यपाल हैं.

1 जून: विश्व दुग्ध दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस (World Milk Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिवस आर्थिक विकास, आजीविका और पोषण में दुग्ध उत्पादों के महत्वपूर्ण योगदान के प्रति लोगों में जागरुकता फ़ैलाने के लिए मनाया जाता है. इस दिन दुनिया भर में विभिन्न अभियानों और रैलियों के द्वारा दूध के महत्ता के बारे में लोगों के बीच जागरूकता फैलाया जाता है.

विश्व दूध दिवस 2024 की थीम

इस वर्ष यानी 2024 के विश्व दूध दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘डेयरी और लोगों को स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करने में इसकी भूमिका’ (dairy (milk and other milk products) and its role in giving people the nutrients they need to stay healthy) है.

दूध में पाए जाने वाले मुख्य पोषक तत्व

दूध में कैल्सियम, मैगनिशियम, जिंक, फॉसफोरस, ऑयोडीन, आइरन, पोटेशियम, फोलेट्स, विटामिन A, विटामिन D, राइबोफ्लेविन, विटामिन B12, प्रोटीन, वसा आदि मौजूद होता है.

विश्व दुग्ध दिवस का इतिहास

विश्व दुग्ध दिवस को मनाये जाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने किया था. पूरे विश्व में पहली बार विश्व दुग्ध दिवस 2001 में मनाया गया था.

खाद्य व कृषि संगठन (FAO)

FAO की स्थापना 16 अक्टूबर, 1945 को की गयी थी. इसका मुख्यालय इटली के रोम में है. संयुक्त राष्ट्र के सभी 194 सदस्य FAO के भी सदस्य हैं. यह संयुक्त राष्ट्र आर्थिक व सामजिक परिषद् के अधीन कार्य करती है.

26 नवंबर को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जाता है

भारत में 26 नवंबर को वर्गीज कुरियन के जन्मदिन पर राष्ट्रीय दुग्ध दिवस (National Milk Day) मनाता है. कुरियन को भारत में दुग्ध क्रांति के जनक के रूप में जाना जाता है. देश में दूध के उत्पादन में वृद्धि के लिए 1970 में उनके नेतृत्व में ऑपरेशन फ्लड (Operation Flood) शुरू किया गया था.

30 जून: अंतर्राष्‍ट्रीय एस्‍टॉरायड दिवस

प्रत्येक वर्ष 30 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस (International Asteroid Day) मनाया जाता है. क्षुद्रग्रह (एस्‍टॉरायड) सूर्य की परिक्रमा करने वाले छोटे चट्टानी पिंड हैं जिन्‍हें अक्‍सर सूक्ष्‍म उपग्रह भी कहा जाता है. नासा के अनुसार इस समय लगभग 10.97 लाख ज्ञात एस्‍टॉरायड हैं.

यह दिवस 30 जून, 1908 को साइबेरिया में तुंगुस्‍का नदी के निकट क्षुद्रग्रह के अब तक के सबसे घातक घटना की वर्षगांठ पर आयोजित किया जाता है. यह मानव इतिहास में दर्ज सबसे बड़ा ज्ञात विस्फोट है. यह असर इतना व्‍यापक था कि 2150 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में लगभग आठ करोड पेड नष्ट हो गए थे.

2016 में संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा ने इसे लेकर जागरूकता लाने के लिए प्रस्‍ताव स्‍वीकार कर 30 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस घोषित किया था.

क्षुद्रग्रह (एस्टॉरायड) क्या है?

क्षुद्रग्रह ब्रह्माण्ड में विचरण कर रहे एक खगोलिय पिंड हैं. यह आकार में ग्रहो से छोटे और उल्का पिंडो से बड़े होते हैं. वे ज्यादातर मंगल और बृहस्पति की के बीच पाए जाते हैं जिसे क्षुद्रग्रह बेल्ट कहा जाता है. एस्टॉरायड को छोटे ग्रहों के रूप में समझा जा सकता है जो सौर मंडल के जन्म के समय विकसित नहीं हो पाए.

29 जून: राष्‍ट्रीय सांख्यिकी दिवस, पीसी महालानोबिस की जंयती

प्रत्येक वर्ष 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस (National Statistics Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य सामाजिक आर्थिक योजना में सांख्यिकी की भूमिका तथा देश के विकास में नीति नियमन विशेष रूप से युवा पीढ़ी में जागरुकता लाना है.

सांख्यिकी दिवस 2023 की थीम

29 जून 2023 को 16वां सांख्यिकी दिवस मनाया गया. सांख्यिकी दिवस 2023 का मुख्य विषय (थीम)- ‘सतत विकास लक्ष्यों की निगरानी के लिए राज्य संकेतक ढांचे को राष्ट्रीय संकेतक ढांचे के साथ संरेखित करना’ (Alignment of State Indicator Framework with National Indicator Framework for Monitoring Sustainable Development Goals) है.

पीसी महालानोबिस की जंयती

यह दिवस प्रख्यात सांख्यिकीविद प्रोफेसर प्रशान्त चन्द्र महालनोबिस की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है. उनका जन्म 29 जून 1893 को कोलकाता में हुआ था. उन्होंने सांख्यिकी में महत्वपूर्ण योगदान दिया था. इसी को ध्यान में रखते हुए 2007 में उनकी जन्मतिथि के अवसर पर हर वर्ष 29 जून का दिन राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया था.

पीसी महालानोबिस: एक दृष्टि

  • प्रशांत चंद्र महालनोबिस बंगाली साइंटिस्ट और अप्लाइड स्टैटिस्टीशन थे. उन्हें पॉप्युलेशन स्टडीज की सांख्यिकी माप ‘महालनोबिस डिस्टेंस’ (Mahalanobis distance) देने के लिए जाना जाता है.
  • वह स्वतंत्र भारत के पहले योजना आयोग (1956-61) के सदस्य भी थे. महालनोबिस ने कोलकाता में भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) की स्थापना की थी. उनके इस योगदान के कारण उन्हें भारत में मॉडर्न स्टैटिस्टिक्स का जनक माना जाता है.
  • महालनोबिस को उनके द्वारा विकसित सैंपल सर्वे के लिए याद किया जाता है. इस विधि के अंतर्गत किसी बड़े जनसमूह से लिए गए नमूने सर्वेक्षण में शामिल किए जाते हैं और फिर उससे प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर विस्तृत योजनाओं को आकार दिया जाता है.
  • उन्होंने द्वितीय पंचवर्षीय योजना के लिए दो-सेक्टर इनपुट-आउटपुट मॉडल दिया, जिसे बाद में नेहरू-महालनोबिस मॉडल के रूप में जाना जाने लगा.
  • उन्हें देश के द्वितीय सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से वेल्डन मेमोरियल, फैलो ऑफ द रॉयल सोसाइटी, लंदन से सम्मानित किया जा चुका है.

27 जून: अन्तर्राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम दिवस

प्रत्येक वर्ष 27 जून को अन्तर्राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम दिवस (Micro, Small and Medium Sized Enterprises – MSME Day) मनाया जाता है. सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा सभी के लिए नवोन्मेषण एवं स्थायी कार्य को बढ़ावा देने में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम आकार के उद्यमों बढावा देने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है.

MSME दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2023 के MSME दिवस की थीम ‘इंडिया@100 के लिए भविष्य के लिए तैयार MSME’ (Future-ready MSMEs for India@100) है.

इतिहास

संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने प्रतिवर्ष 27 जून को इस दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा 2017 में थी. पहली बार MSME दिवस 27 जून 2017 को मनाया गया था. इस वर्ष यानी 2021 में छठा MSME दिवस मनाया गया.

26 जून: अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्करी निरोध दिवस

प्रत्येक वर्ष 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्करी निरोध दिवस (International Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking) मनाया जाता है. मादक पदार्थों के सेवन की रोकथाम पर आधारित जागरूकता के लिए यह दिवस मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग के साथ-साथ मादक पदार्थों के अवैध व्यापार के खिलाफ लड़ाई के लिए जागरूकता बढ़ाना भी है.

थीम 2023

अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्करी निरोध दिवस 2023 का मुख्य विषय (थीम)- ‘लोग पहले: कलंक और भेदभाव को समाप्त करना, रोकथाम को मजबूत करना’ (People First: Ending Stigma and Discrimination, Strengthening Prevention) है.

इतिहास

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UGNA) द्वारा 26 जून को ‘अन्तर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्करी निरोध दिवस’ के रूप में मनाये जाने की घोषणा 1987 में थी.

23 जून: संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस, अंतर्राष्‍ट्रीय ओलिम्पिक दिवस, अन्तर्राष्ट्रीय विधवा दिवस

प्रत्येक वर्ष 23 जून को ‘संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस’ (United Nations Public Service Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों में सार्वजनिक सेवा के मूल्य और गुणों के बारे में जागरूक करना है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष ‘23 जून’ को संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा दिसंबर 2002 में की थी.

इस दिन संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा पुरस्कार प्रदान किया जाता है. यह पुरस्कार लोक सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाने वाला अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित पुरस्कार है.

भारत में सिविल सेवा दिवस प्रतिवर्ष 21 अप्रैल को मनाया जाता है.


23 जून: अंतर्राष्‍ट्रीय ओलिम्पिक दिवस

प्रत्येक वर्ष 23 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय ओलिम्पिक दिवस (International Olympic Day) मनाया जाता है. यह दिवस पूरे विश्‍व में किसी भी भेद-भाव को दरकिनार करते हुए विभिन्‍न खेलों में सहभागिता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है.

इस वर्ष यानी 2023 में इस दिवस का थीम ‘Let’s Move’ था.

पेरिस में 23 जून 1894 को आयोजित आधुनिक ओलिम्पिक खेलों की शुरूआत के उपलक्ष्य में यह दिन मनाया जाता है. अंतर्राष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति ने सभी राष्ट्रीय ओलिम्पिक समितियों (NOC) को ओलिम्पिक दिवस आयोजित करने की सिफारिश 1978 में की थी. इसका उद्देश्य ओलिम्पिक कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करना है.

अन्तर्राष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति: एक दृष्टि

अन्तर्राष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति (IOC) की स्थापना 23 जून 1894 को पियरे डी कुबरटिन और डेमेत्रियोस विकेलस ने की थी. इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के लॉसेन में है. यह ओलिम्पिक खेलों के आयोजन के लिए एक नियामक संस्था है.


23 जून: अन्तर्राष्ट्रीय विधवा दिवस

प्रत्येक वर्ष 23 जून को अन्तर्राष्ट्रीय विधवा दिवस (International Widows Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिवस विधवा महिलाओं की समस्याओं के प्रति समाज में जागरुकता फ़ैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है. इस वर्ष का थीम ‘अदृश्य महिलाएं, अदृश्य समस्याएं’ (Invisible Women, Invisible Problems) था.

संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा ने 23 जून को अन्तर्राष्ट्रीय विधवा दिवस घोषित किया था. संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसकी घोषणा 2010 में की थी.

21 जून 2023: नौवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया

21 जून 2023 को नौवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) मनाया गया. इस दिवस का उद्देश्य योग के लाभ के बारे में जागरूकता फैलाना है.

नौवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2023:  एक दृष्टि

  • 9वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का राष्ट्रीय कार्यक्रम जबलपुर में आयोजित किया गया था. उपराष्‍ट्रपति जगदीप धनखड़ मुख्य इस समारोह के मुख्य अतिथि थे.
  • इस वर्ष का विषय है ‘योगा फॉर वसुधैव कुटुम्बकम’ यानि ‘एक विश्व-एक परिवार’ के रूप में सबके कल्याण के लिए योग था.
  • अमेरिका की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने न्‍यूयॉर्क स्थित संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय में योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व किया.
  • मध्य प्रदेश में राज्य के 51 पुरातात्विक स्थलों पर सामूहिक योग सत्र का आयोजन किया गया था.
  • उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव क्षेत्रों पर भी योग देखने को मिला.  आर्कटिक में भारतीय अनुसंधान बेस ‘हिमाद्रि’ तथा अंटार्कटिका में भारतीय अनुसंधान बेस ‘भारती’ में योग आयोजित किया गया.

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास

  • 21 जून को को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस में मनाने की पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सितम्बर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण से की थी.
  • 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली. पहला अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया.
  • 21 जून वर्ष को सबसे लंबा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है. इसी कारण इस दिन को योग दिवस के रूप में चुना गया.

21 जून: विश्व संगीत दिवस, विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस

विश्व संगीत दिवस

प्रत्येक वर्ष 21 जून को विश्व संगीत दिवस (World Music Day) मनाया जाता है. इस दिवस का उद्देश्य लोगों को संगीत के प्रति जागरूक करना है ताकि लोगों का विश्वास संगीत से न उठे.

विश्व संगीत दिवस को ‘फेटे डी ला म्यूजिक’ (Fête de la Musique) के नाम से भी जाना जाता है. इसका अर्थ म्यूजिक फेस्टिवल है.

विश्व संगीत दिवस की शुरुआत सन 1982 में फ्रांस में हुई थी जिसका श्रेय तात्कालिक सांस्कृतिक मंत्री श्री जैक लो को जाता है.


21 जून: विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 21 जून को ही ‘विश्व हाइड्रोग्राफी डे’ (World Hydrography Day) मनाया जाता है. यह दिवस हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और जल के महत्व को प्रचारित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है.

यह दिवस एक वार्षिक उत्सव के रूप में अंतरराष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संगठन (International Hydrographic Organization) द्वारा अपनाया गया था.

हाइड्रोग्राफी क्या है?
हाइड्रोग्राफी पृथ्वी पर मौजूद नदी, झील तालाब और समुद्र के जलभंडार का विवरण देता है. इसका प्रमुख उद्देश्य नेविगेशन (जहाज और नाव के संचालन) में सुबिधा के लिए डेटा उपलब्ध करना है.

20 जून: विश्‍व शरणार्थी दिवस

प्रत्येक वर्ष 20 जून को विश्‍व शरणार्थी दिवस (World Refugee Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य शरणार्थियों के संघर्ष और योगदान को याद करना है.

विश्‍व शरणार्थी दिवस 2023 की थीम

इस वर्ष यानी 2023 में विश्‍व शरणार्थी दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘उम्मीद है घर से दूर’ (hope away from home) है.

विश्‍व शरणार्थी दिवस का इतिहास

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने प्रत्येक वर्ष विश्व शरणार्थी दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा 2000 में की थी. इसे दिवस घोषित करने से पहले 20 जून को कई देशों में अफ्रीकी शरणार्थी दिवस औपचारिक रूप से मनाया गया था.

शरणार्थी (Refugee) क्या है?

शरणार्थी यानि शरण में उपस्थित असहाय, लाचार, निराश्रय तथा रक्षा चाहने वाले व्यक्ति या उनके समूह को कहते हैं. इस प्रकार वह व्यक्ति विशेष या उनका समूह जो किसी भी कारणवश अपना घरबार या देश छोड़कर अन्यत्र के शरणांगत हो जाता है, वह शरणार्थी कहलाता है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के अनुसार, विश्व में सबसे अधिक (6.6 मिलियन, 68%) शरणार्थी सीरिया से हैं. इसके बाद वेनेजुएला (3.7 मिलियन), अफगानिस्तान (2.7 मिलियन), दक्षिण सूडान (2.2 मिलियन) और म्यांमार (1.1 मिलियन) देशों से हैं.

19 जून: विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस

प्रत्येक वर्ष 19 जून को विश्व सिकल सेल दिवस (World Sickle Cell Day) मनाया जाता है. यह दिन सिकल सेल रोग, इसके उपचार के उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और दुनिया भर में इस रोग पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए मनाया जाता है.

इतिहास

संयुक्त राष्ट्र ने हर वर्ष 19 जून को विश्व सिकल सेल दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा वर्ष 2008 में की थी. पहला विश्व सिकल सेल दिवस वर्ष 2009 में मनाया गया था.

सिकल सेल रोग क्या है?

  • सिकल सेल रोग (SCD) एनीमिया (रक्ताल्पता) लाल रक्त कणिकाएं (RBC) की एक प्रमुख वंशानुगत असामान्यता है.
  • सामान्य अवस्था में RBC गोलाकार होती है और उनका जीवनकाल 120 दिन तक होता है. परन्तु सिकल सेल रोग में RBC का आकार अर्धचंद्र/हंसिया (sickle) की तरह होता है और इनका जीवनकाल मात्र 10-20 तक ही होता है.
  • ये असामान्य आकार की RBC कठोर और चिपचिपी हो जाती हैं और रक्त वाहिकाओं में फंस जाती हैं, जिससे शरीर के कई हिस्सों में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह कम या रुक जाता है.
  • यह RBC के जीवन काल को भी कम करता है तथा एनीमिया का कारण बनता है, जिसे सिकल सेल एनीमिया (रक्ताल्पता) के नाम से जाना जाता है. इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को बार-बार ब्लड ट्रांसफ्यूज़न की ज़रुरत पड़ती है.