डेली कर्रेंट अफेयर्स
7-9 मई 2026
NITI आयोग ने ‘सतत विकास लक्ष्य (SDG) रिपोर्ट 2026’ का मसौदा साझा किया
- नीति आयोग (NITI Aayog) ने 7 मई 2026 को ‘सतत विकास लक्ष्य (SDG) भारत सूचकांक 2025-26’ का मसौदा (Draft) साझा किया है.
- यह सूचकांक भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रगति को मापने का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना है.
- भारत का समग्र SDG स्कोर 2023-24 के 71 से बढ़कर 2026 के ड्राफ्ट में 74 हो गया है.
- SDG स्कोर में यह सुधार मुख्य रूप से SDG 7 (सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा) और SDG 11 (सतत शहर और समुदाय) में किए गए कार्यों के कारण हुआ है.
- यह SDG भारत सूचकांक 2025-26′ का मसौदा है, इस रिपोर्ट का अंतिम संस्करण जून 2026 तक जारी होने की उम्मीद है.
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग
| श्रेणी | शीर्ष राज्य/के केंद्र शासित प्रदेश |
| शीर्ष राज्य | केरल (प्रथम), इसके बाद उत्तराखंड और तमिलनाडु. |
| शीर्ष केंद्र शासित प्रदेश | चंडीगढ़ ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है. |
| सबसे तेज़ सुधार | उत्तर प्रदेश और बिहार ने ‘गरीबी उन्मूलन’ और ‘स्वच्छ जल’ (SDG 1 और 6) में सबसे अधिक सुधार दर्ज किया है. |
प्रमुख लक्ष्यों (Goals) पर प्रदर्शन
- SDG 7 (सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा): इसमें भारत का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है, जिसका कारण ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि है.
- SDG 13 (जलवायु कार्रवाई): इस क्षेत्र में स्कोर में गिरावट देखी गई है, जो बढ़ते वैश्विक तापमान और चरम मौसम की घटनाओं (जैसे हालिया सौर तूफान और चक्रवात) के प्रभाव को दर्शाता है.
- SDG 5 (लैंगिक समानता): इसमें सुधार की गति अभी भी धीमी बनी हुई है, जिस पर नीति आयोग ने विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया है.
SDG भारत सूचकांक: एक दृष्टि
- नीति आयोग द्वारा पहला SDG इंडिया इंडेक्स दिसंबर 2018 में लॉन्च किया गया था.
- इसका मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के 2030 के 17 सतत विकास लक्ष्य (SDG) को स्थानीय स्तर पर प्राप्त करना.
- यह सूचकांक सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI), संयुक्त राष्ट्र भारत और वैश्विक मानकों के समन्वय में तैयार किया जाता है.
वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा
- वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम (To Lam) 5 से 7 मई तक भारत यात्रा पर थे. अप्रैल 2026 में राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा थी.
- यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत और वियतनाम अपनी ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) की 10वीं वर्षगांठ मना रहे हैं.
- इस साझेदारी को 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान अपग्रेड किया गया था.
- राष्ट्रपति तो लाम ने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत बिहार के बोधगया से की. यहाँ उन्होंने पवित्र ‘महाबोधि मंदिर’ के दर्शन किए.
- हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी उच्च स्तरीय वार्ता हुई, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए.
- ये समझौते डिजिटल प्रौद्योगिकी, दुर्लभ मृदा तत्व, चिकित्सा उत्पाद विनियमन, सार्वजनिक क्षेत्र लेखापरीक्षा, डिजिटल भुगतान प्रणाली और संस्कृति तथा पर्यटन के क्षेत्र में हुए.
- उन्होंने मुंबई में ‘भारत-वियतनाम बिजनेस फोरम’ में प्रमुख भाषण दिया और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया.
- प्रधानमंत्री मोदी ने वियतनाम के राष्ट्रपति को नमो 108 कमल, पीतल की बुद्ध प्रतिमा और बनारसी सिल्क भेंट कीं.
सऊदी अरब ने अपने सैन्य क्षेत्र तक अमरीकी पहुंच पर रोक लगाई
सऊदी अरब ने अमेरिकी सेना को अपने हवाई क्षेत्र और सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने से अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है. यह विवाद मुख्य रूप से अमेरिका द्वारा शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ (Project Freedom) को लेकर उत्पन्न हुआ था.
विवाद का मूल कारण
- फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद, ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को लगभग बंद कर दिया था. इससे वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया.
- इस जलमार्ग को दोबारा खोलने और वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसैन्य एस्कॉर्ट मिशन ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ की घोषणा की थी.
- सऊदी अरब और अन्य खाड़ी सहयोगियों को ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को लेकर भरोसे में नहीं लिया गया था.
- सऊदी अरब को डर था कि अमेरिका के इस कदम के जवाब में ईरान और उसके सहयोगी सीधे तौर पर खाड़ी देशों के तेल संयंत्रों और बुनियादी ढांचे पर हमला कर सकते हैं.
- सऊदी अरब युद्ध को भड़काने के बजाय पाकिस्तान जैसे देशों की मध्यस्थता के माध्यम से कूटनीतिक समाधान चाहता था.
रोक का प्रभाव
- चूंकि अमेरिकी जहाजों को आसमान से सुरक्षा देने के लिए लड़ाकू विमानों का उड़ान भरना जरूरी था, इसलिए सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र के बिना यह ऑपरेशन संभव नहीं था.
- इसके परिणामस्वरूप, ऑपरेशन शुरू होने के मात्र 36 घंटे बाद ही राष्ट्रपति ट्रंप को ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को मजबूरन रोकना पड़ा.
अमेरिकी न्यायालय ने दस प्रतिशत के नए वैश्विक टैरिफ को गैर कानूनी बताया
अमेरिका के ‘अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय’ (US Court of International Trade) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 10% वैश्विक टैरिफ को अवैध और कानून के अधिकार क्षेत्र से बाहर घोषित कर दिया है.
10% वैश्विक टैरिफ क्या था?
- फरवरी 2026 में, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा पहले लगाए गए एक व्यापक टैरिफ (आयात शुल्क) को खारिज कर दिया था.
- सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले से बचने के लिए, ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में आयात होने वाले दुनिया भर के लगभग सभी उत्पादों पर 10% का एक नया नए वैश्विक टैरिफ लगा दिया था. इसमें भारत सहित सभी व्यापारिक भागीदार देश प्रभावित हुए थे.
न्यायालय का फैसला
- ट्रंप प्रशासन ने यह 10% टैरिफ ‘1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122’ का हवाला देते हुए लगाया था.
- इस धारा के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को बिना संसद की मंजूरी के अधिकतम 15% तक टैरिफ लगाने का अधिकार है, लेकिन यह केवल तभी लगाया जा सकता है जब देश में ‘गंभीर भुगतान संतुलन घाटा’ जैसी आपातकालीन स्थिति हो.
- तीन जजों की बेंच ने 2-1 के बहुमत से फैसला सुनाया कि वर्तमान में अमेरिका में ऐसा कोई संकट नहीं है जो इस कानून के इस्तेमाल को सही ठहरा सके.
- न्यायालय मानना है कि प्रशासन ने संसद द्वारा दी गई शक्तियों का उल्लंघन किया है.
- न्यायालय ने याचिकाकर्ता कंपनियों से 10% शुल्क वसूलना बंद करने और अब तक लिए गए टैक्स को वापस करने का आदेश दिया है.
- न्यायालय ने फिलहाल यह राहत केवल उन कंपनियों को मिली है जिन्होंने मुकदमा दायर किया था. अन्य आयातकों पर यह टैरिफ तब तक लागू रहेगा जब तक इस पर आगे की कानूनी कार्यवाही नहीं हो जाती.
- अमेरिकी सरकार इस फैसले के खिलाफ अब ‘यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स’ और संभवतः दोबारा सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी.
पश्चिम बंगाल विधानसभा को औपचारिक रूप से भंग कर दिया गया
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने 7 मई को राज्य की विधानसभा को औपचारिक रूप से भंग कर दिया.
संवैधानिक प्रावधान
- राज्यपाल ने यह कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए की है.
- यह अनुच्छेद राज्यपाल को राज्य विधानसभा का सत्रावसान करने या उसे भंग करने का अधिकार देता है.
भंग करने का तात्कालिक कारण
- पश्चिम बंगाल में हाल ही में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए थे. इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जिससे राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ है.
- आम तौर पर निवर्तमान मुख्यमंत्री चुनाव परिणाम आने के बाद अपना इस्तीफा सौंप देते हैं. हालांकि, निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था.
- नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए राज्यपाल ने सीधे विधानसभा भंग करने की अधिसूचना जारी कर दी.
- विधानसभा भंग होने के साथ ही पिछली सरकार का कार्यकाल आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है.
गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती
- 7 मई 2026 को देशभर में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती मनाई गई.
- टैगोर एशिया के पहले व्यक्ति थे जिन्हें 1913 में ‘गीतांजलि’ के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था.
- हाल ही में यूनेस्को (UNESCO) द्वारा शांतिनिकेतन को विश्व धरोहर घोषित किए जाने के बाद यह जयंती और भी विशेष हो गई है.
विश्व एथलेटिक्स दिवस 2026
- हर साल 7 मई को खेलों के प्रति युवाओं को जागरूक करने के लिए विश्व एथलेटिक्स दिवस मनाया जाता है.
- 2026 की थीम: ‘Athletics for All – Leave No One Behind’ (सभी के लिए एथलेटिक्स – किसी को पीछे न छोड़ें).
- इस अवसर पर भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) ने जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की है.
बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 7 मई को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया.
- पटना के गांधी मैदान में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने बत्तीस मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
- मंत्रिमंडल में अब भाजपा के 15, जनता दल यूनाईटेड के 13, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के 2 और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा से 1-1 मंत्री हैं.
- शपथ लेने वाले मंत्रियों में जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार भी शामिल है.
राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 दिल्ली में आयोजित होगा
- राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 का आयोजन दिल्ली में किया जाएगा. यह प्रतियोगिता 27 जुलाई से 2 अगस्त तक त्यागराज स्टेडियम में खेली जाएगी.
- यह प्रतियोगिता दिल्ली सरकार और टेबल टेनिस महासंघ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जाएगी.
- इसमें 35 से अधिक देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे. जिसमें इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, सिंगापुर, स्कॉटलैंड, वेल्स, नाइजीरिया, केन्या, जमैका और त्रिनिदाद तथा टोबैगो जैसे देशों के खिलाड़ी शामिल होंगे.
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ
- देश में 7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मनाई गई.
- पिछले वर्ष 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के नौ ठिकानों पर हवाई हमले किए गए थे. इन हमलों में सैकड़ों आतंकी मारे गए थे.
- यह कार्रवाई पिछले वर्ष 22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर हुए पाकिस्तान प्रायोजित बर्बर आतंकी हमले का भारत की ओर से करारा जवाब थी.
- इस भारी क्षति से आहत होकर पाकिस्तान को युद्धविराम का सहारा लेने के लिए विवश होना पड़ा.
सऊदी अरब द्वारा अमेरिकी सेना को हवाई क्षेत्र की अनुमति
- सऊदी अरब और कुवैत ने अमेरिकी सेना को अपने सैन्य ठिकानों और हवाई क्षेत्र के उपयोग पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है.
- यह प्रतिबंध होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए शुरू किए गए अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के कारण हुए तनाव के बाद लगाया गया था.
सीमा सड़क संगठन (BRO) का 67वां स्थापना दिवस
- 7 मई 2026 को सीमा सड़क संगठन (Border Roads Organisation) ने अपना 67वां स्थापना दिवस मनाया.
- BRO की स्थापना 7 मई 1960 में की गई थी. यह पूरी तरह से रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है.
- यह भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों और मित्र पड़ोसी देशों (जैसे भूटान, म्यांमार, अफगानिस्तान) में सड़क नेटवर्क का विकास और रखरखाव करता है.
- BRO के महानिदेशक (DG) का पद लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारी के पास होता है. इसका ध्येय वाक्य ;श्रमेण सर्वम् साध्यम्; (कठिन परिश्रम से सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है) है.
