यूपीएससी, एसएससी, बैंक, रेलवे सहित केंद्र एबं राज्य सरकारों द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए उपयोगी.
दुर्लभ बीमारियों पर नई दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन
देश में दुर्लभ बीमारियों पर एक विशेष राष्ट्रीय सम्मेलन (National Conference on Rare Diseases) का आयोजन 5-6 मई को नई दिल्ली में किया गया था.
इसका मुख्य उद्देश्य देश में दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और अनुसंधान को बेहतर बनाना था.
इस सम्मेलन का आयोजन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से किया गया था.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, ऐसी बीमारी जो प्रति 1,000 व्यक्तियों में 1 या उससे कम लोगों को प्रभावित करती है, उसे दुर्लभ बीमारी माना जाता है. स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA), गौचर रोग, सिस्टिक फाइब्रोसिस और पोम्पे रोग आदि.
इनमें से लगभग 80% दुर्लभ बीमारियाँ आनुवंशिक (Genetic) होती हैं. दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए बनाई जाने वाली दवाओं को ‘ऑर्फन ड्रग्स’ कहा जाता है.
भारत सरकार ने इसके लिए 2021 में राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति (NPRD 2021) लागू की थी.
इस नीति के तहत, दुर्लभ बीमारी से पीड़ित किसी भी मरीज को ‘राष्ट्रीय आरोग्य निधि’ (RAN) के माध्यम से इलाज के लिए 50 लाख रुपये तक की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है.
भारत और जमैका के बीच समझौते
भारत और कैरेबियाई देश जमैका ने द्विपक्षीय व्यापार और तकनीकी संबंधों को और मजबूत करने के लिए 3 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं.
ये समझौते विदेश मंत्री एस जयशंकर और भारत की यात्रा पर आए जमैका की विदेश मंत्री कामिना जॉनसन स्मिथ के बीच हुए.
ये समझौते- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) साझाकरण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (CEP) और विदेशी सेवा संस्थानों (FSI) के बीच सहयोग से संबंधित हैं.
दो नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को कैबिनेट की मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) के तहत दो नए सेमीकंडक्टर निर्माण प्रोजेक्ट्स को अंतिम मंजूरी दी है.
इन दोनों परियोजनाओं में कुल मिलाकर लगभग ₹3,936 करोड़ का निवेश किया जाएगा.
ये दोनों ही मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स गुजरात के धोलेरा और सूरत में स्थापित की जाएंगी.
धोलेरा यूनिट गैलियम नाइट्राइड (GaN) तकनीक पर आधारित भारत की पहली कमर्शियल मिनी/माइक्रो-LED डिस्प्ले फैसिलिटी होगी. सूरत यूनिट एक आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली होगी.
इन दोनों नई मंजूरियों के साथ, अब ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) के तहत देश में स्वीकृत कुल परियोजनाओं की संख्या बढ़कर 12 हो गई है.
दो भारतीय पत्रकारों को पुलित्ज़र पुरस्कार 2026
पुलित्ज़र पुरस्कार 2026 की घोषणा 4 मई 2026 को की गई थी. दो भारतीय पत्रकारों, आनंद आर. के. और सुपर्णा शर्मा को ‘इलस्ट्रेटेड रिपोर्टिंग एंड कमेंट्री’ श्रेणी में इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
उन्होंने ‘द कोस्टल साइलेंस’ (The Coastal Silence) नामक एक विस्तृत ग्राफिक रिपोर्टिंग श्रृंखला के लिए यह पुरस्कार जीता है.
सार्वजनिक सेवा श्रेणी को पुलित्ज़र का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है. 2026 में इस श्रेणी का पुलित्ज़र सम्मान ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ को (वैश्विक संघर्षों के दौरान मानवाधिकारों के उल्लंघन की रिपोर्टिंग के लिए) दिया गया है.
पुलित्ज़र पुरस्कार की शुरुआत 1917 में अमेरिकी समाचार पत्र प्रकाशक जोसेफ पुलित्ज़र की वसीयत के प्रावधानों के अनुसार की गई थी.
यह पुरस्कार अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी (Columbia University) द्वारा प्रशासित किया जाता है.
सार्वजनिक सेवा श्रेणी के विजेता को एक स्वर्ण पदक मिलता है, जबकि अन्य श्रेणियों के विजेताओं को 15,000 डॉलर का नकद पुरस्कार दिया जाता है.
गोविंद बिहारी लाल पुलित्ज़र के पहले (1937) भारतीय विजेता थे. पुलित्ज़र पुरस्कार को अक्सर पत्रकारिता का नोबेल भी कहा जाता है.
चीन ने दुनिया की पहली डायरेक्ट कोल फ्यूल सेल विकसित की
चीन ने दुनिया की पहली जीरो-कार्बन एमिशन ‘डायरेक्ट कोल फ्यूल सेल’ (कोयला आधारित बैटरी) विकसित करने में सफलता प्राप्त की है.
इसे ‘डायरेक्ट कोल फ्यूल सेल’ (DCFC) कहा जाता है. पारंपरिक बिजली संयंत्रों के विपरीत, जहाँ कोयले को जलाकर ऊष्मा पैदा की जाती है और फिर टरबाइन घुमाया जाता है.
यह ‘बैटरी’ कोयले की रासायनिक ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में बदल देती है. इस प्रक्रिया के माध्यम से कार्बन परमाणुओं से सीधे इलेक्ट्रॉन प्राप्त किए जाते हैं.
पारंपरिक कोयला बिजली संयंत्रों की दक्षता आमतौर पर 30% से 40% होती है. इसके विपरीत, यह कोल बैटरी 60% से 80% तक की दक्षता प्रदान कर सकती है.
दो भारतीय संरक्षणवादियों को व्हिटली अवार्ड (ग्रीन ऑस्कर) 2026
वर्ष 2026 का व्हिटली अवार्ड (ग्रीन ऑस्कर) दो भारतीय संरक्षणवादियों परवीन शेख और बरखा सुब्बा को दिया गया है.
उन्हें वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है. ग्रीन ऑस्कर उपनाम से जाना जाने वाले यह पुरस्कार यूके (UK) स्थित चैरिटी ‘व्हिटली फंड फॉर नेचर’ (WFN) द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाता है.
प्रत्येक विजेता को संरक्षण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए £50,000 (लगभग ₹52 लाख) की राशि प्रदान की जाती है.
यह पुरस्कार ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) के उन संरक्षणवादियों को दिया जाता है जो वन्यजीवों और पर्यावरण की रक्षा के लिए समुदायों के साथ मिलकर काम करते हैं.
परवीन ने हिमालयी भेड़ियों के संरक्षण के लिए यह पुरस्कार जीता है. बरखा सुब्बा को पूर्वी हिमालय के उभयचरों (मेंढक और टोड) के संरक्षण के लिए सम्मानित किया गया है.
व्हिटली अवार्ड पाने वाले पहले भारतीय डॉ. चरुदत्त मिश्रा (2005) थे, जिन्हें ‘स्नो लेपर्ड’ (हिम तेंदुआ) के संरक्षण के लिए यह पुरस्कार मिला था.
तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 2026
तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 15 और 16 मई 2026 को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो (Oslo) में आयोजित किया जाएगा.
यह भारत और उत्तरी यूरोपीय देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सम्मेलन है.
इसमें भारत और 5 नॉर्डिक देश (डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन) भाग लेंगे.
इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई 2026 तक यूरोप के चार देशों (नॉर्वे, नीदरलैंड, स्वीडन और इटली) की कूटनीतिक यात्रा पर रहेंगे.
प्रथम भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम, स्वीडन में हुआ था. भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश (अमेरिका के अलावा) है जिसके साथ नॉर्डिक देशों का यह सामूहिक ‘शिखर सम्मेलन’ प्रारूप है.
यह मंच भारत को वैश्विक स्तर पर एक ‘प्रमुख शक्ति’ के रूप में अपनी छवि मजबूत करने में मदद करता है.
अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल NCLT के नए अध्यक्ष नियुक्त
केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल को राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है.
उन्होंने मुख्य न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) रामलिंगम सुधाकर का स्थान लिया है.
NCLT भारत में कंपनियों से संबंधित विवादों और मुकदमों का निपटारा करने वाला एक अर्ध-न्यायिक निकाय (Quasi-judicial body) है.
इसकी स्थापना 1 जून 2016 को वी. बालकृष्ण इराडी समिति की सिफारिशों के आधार पर की गई थी.
इसका गठन कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 408 के तहत किया गया था.
NCLT, कंपनी विवाद, दिवाला और दिवालियापन, विलय और अधिग्रहण इत्यादि से संबंधित मामलों की सुनवाई करता है.
यदि कोई पक्ष NCLT के फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) में अपील कर सकता है.
NCLAT के फैसले के खिलाफ अंतिम अपील सीधे भारत के सर्वोच्च न्यायालय में की जाती है.
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण का शुभारंभ
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओडिशा के रायगड़ा से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण का आधिकारिक शुभारंभ किया.
इस चरण के तहत उन शेष 25,000 असंबद्ध बस्तियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. PMGSY ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत केंद्र प्रायोजित योजना है.
इसका मुख्य उद्देश्य देश के सभी असंबद्ध ग्रामीण बसावटों को हर मौसम में काम करने वाली ‘पक्की सड़कों’ से जोड़ना है. PMGSY के पहले चरण की शुरुआत 25 दिसंबर 2000 (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में) हुई थी.
इसका दूसरा चरण 2013 में और तीसरा चरण 2019 में शुरू हुआ था.
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या में वृद्धि का प्रस्ताव
केंद्रीय कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत क्षमता 33 से बढ़ाकर 37 (मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
इससे संबंधित विधेयक के संसद में पारित होने के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित कुल न्यायाधीशों की संख्या 38 हो जाएगी.
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124 में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना, गठन और जजों की संख्या का उल्लेख किया गया है.
इस अनुच्छेद के अनुसार जजों की संख्या बढ़ाने का एकमात्र अधिकार भारतीय संसद के पास है.
1950 में जब संविधान लागू हुआ था, तब सुप्रीम कोर्ट में कुल जजों की संख्या मुख्य न्यायाधीश सहित 8 थी.
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के लिए आखिरी बार अगस्त 2019 में संसद द्वारा विधेयक पारित किया गया था. तब जजों की संख्या 30 से बढ़ाकर 33 (मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) की गई थी.
पद्म डोरी पहल: भारत की एक अनूठी वस्त्र परियोजना
पहल भारत की एक अनूठी और टिकाऊ वस्त्र (Sustainable Textile) परियोजना ‘पद्म डोरी’ (Padma Doree), का आधिकारिक अनावरण मई 2026 की शुरुआत में किया गया था.
यह पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के तहत ‘पूर्वोत्तर हस्तशिल्प और हथकरघा विकास निगम’ (NEHHDC) द्वारा शुरू की गई एक योजना है.
यह पहल पूर्वोत्तर भारत के एरी रेशम (Eri Silk) को मध्य प्रदेश राज्य की प्रसिद्ध ‘चंदेरी बुनाई’ परंपरा के साथ जोड़ती है.
एरी रेशम को ‘अहिंसा रेशम’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें कीड़ों को मारा नहीं जाता.
‘महेंद्रगिरि’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया
स्वदेश निर्मित स्टेल्थ युद्धपोत ‘महेंद्रगिरि’ मई 2026 की शुरुआत में भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया.
इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा किया गया है.
यह भारतीय नौसेना के स्वदेशी ‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत बनाया गया 7वां और अंतिम फ्रिगेट (युद्धपोत) है.
इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 7 जहाज बनाए गए हैं, जिनमें से 4 का निर्माण MDL (मुंबई) ने और 3 का निर्माण GRSE (कोलकाता) ने किया है.
इसका नाम ओडिशा स्थित पूर्वी घाट की एक प्रमुख पर्वत चोटी ‘महेंद्रगिरि’ के नाम पर रखा गया है.
यह एक ‘स्टेल्थ’ (Stealth) फ्रिगेट है, जिसका अर्थ है कि इसकी बाहरी बनावट ऐसी है कि यह दुश्मन के रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आता है.
भारतीय सेना ने नागस्त्र-1 का सफल परीक्षण किया
भारतीय सेना ने मई 2026 के शुरुआत में स्वदेशी ‘आत्मघाती ड्रोन’ (Kamikaze Drone) ‘नागस्त्र-1’ (Nagastra-1) का सफल परीक्षण किया था.
यह परीक्षण लद्दाख की नुब्रा घाटी (उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्र में, चीन सीमा के पास) में किया गया.
यह 100 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के ट्रेनिंग कैंप और लॉन्चपैड को सटीकता से तबाह करने में सक्षम है.
इस स्वदेशी ड्रोन को नागपुर स्थित ‘इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड’ (EEL) द्वारा विकसित किया गया है, जो ‘सोलर इंडस्ट्रीज’ की एक सहायक कंपनी है.
NCB का ऑपरेशन व्हाइट स्ट्राइक
मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध की गई एक बड़ी कार्रवाई के लिए ‘ऑपरेशन व्हाइट स्ट्राइक’ हाल ही में चर्चा में रहा था.
यह नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा मई 2026 की शुरुआत में चलाया गया एक बड़ा मादक पदार्थ विरोधी अभियान है.
यह छापेमारी महाराष्ट्र के मुंबई और ठाणे क्षेत्र में की गई.
इसका मुख्य उद्देश्य भारत के लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय कोकीन तस्करी सिंडिकेट को ध्वस्त करना था.
RSF का विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक 2026
‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ (RSF) द्वारा जारी ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक’ (World Press Freedom Index) 2026 में भारत 180 देशों में 157वें स्थान पर है.
भारत 2026 के सूचकांक में 151वें स्थान पर था. RSF एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी और गैर-सरकारी संगठन (International NGO) है.
इसका मुख्यालय पेरिस में है. RSF को संयुक्त राष्ट्र (UN) में सलाहकार का दर्जा भी प्राप्त है.
यह दुनिया भर में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा, सूचना के अधिकार और पत्रकारों की सुरक्षा पर कार्य करता है.
प्रसार भारती के नए अध्यक्ष
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने प्रख्यात गीतकार और लेखक प्रसून जोशी को प्रसार भारती का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है.
उन्होंने नवनीत कुमार सहगल जिन्होंने दिसंबर 2025 में इस पद से इस्तीफा दे दिया था, का स्थान लिया है.
प्रसून जोशी इससे पहले 2017 से 2026 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष थे.