भारतीय संसद ने ‘विनियोग विधेयक 2026’ सफलतापूर्वक पारित किया
भारतीय संसद ने ‘विनियोग विधेयक 2026’ (Appropriation Bill 2026) को हाल ही में सफलतापूर्वक पारित किया है. लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद, 17 मार्च 2026 को राज्यसभा ने भी चर्चा के बाद इसे वापस लोकसभा को वापस भेज दिया, जिससे बजटीय प्रक्रिया का एक बेहद अहम चरण पूरा हो गया.
विनियोग विधेयक क्या होता है?
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 114 के अनुसार, संसद की कानूनी मंजूरी के बिना सरकार ‘भारत की संचित निधि’ (Consolidated Fund of India) से धन नहीं निकाल सकती. विनियोग विधेयक ही सरकार को यह धन निकालने का कानूनी अधिकार देता है.
- इसे संविधान के अनुच्छेद 110 के तहत एक ‘धन विधेयक’ (Money Bill) माना जाता है. इसलिए इस पर असली शक्ति लोकसभा के पास होती है. राज्यसभा इसमें न तो कोई संशोधन कर सकती है और न ही इसे रोक सकती है (उसे 14 दिन के भीतर इसे लौटाना होता है).
विधेयक के प्रमुख आंकड़े और प्रावधान
- यह विधेयक मुख्य रूप से वर्तमान वित्तीय वर्ष (2025-26) की सेवाओं और अतिरिक्त खर्चों के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों (Supplementary Demands for Grants) को मंजूरी देता है.
- इस विधेयक में संसद ने सरकार को संचित निधि से लगभग ₹2.81 लाख करोड़ का सकल अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति दी है.
- रबी की फसल के लिए अतिरिक्त आयात की जरूरत पड़ने की स्थिति से निपटने के लिए विधेयक में ₹19,230 करोड़ की उर्वरक सब्सिडी का भी प्रावधान रखा गया है.
