आंध्र प्रदेश में नई जनसंख्या नीति विधानसभा में पेश किया गया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में ‘जनसंख्या प्रबंधन नीति’ (Population Management Policy) का ड्राफ्ट विधानसभा में पेश किया है.
इस नीति का मुख्य उद्देश्य ‘जनसंख्या नियंत्रण’ की पुरानी सोच को बदलकर ‘जनसंख्या देखभाल’ (Population Care) पर ध्यान केंद्रित करना और राज्य में युवा आबादी को बढ़ाना है. इसे 1 अप्रैल 2026 से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है.
नई नीति की प्रमुख विशेषताएं
- दूसरे या तीसरे बच्चे को जन्म देने वाले परिवार को प्रसव के समय ‘पोषण-शिक्षा-सुरक्षा पैकेज’ के तहत ₹25,000 की एक मुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
- तीसरे बच्चे के लिए पहले 5 वर्षों तक हर महीने ₹1,000 की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी.
- तीसरे बच्चे को 18 वर्ष की आयु तक सरकारी या आवासीय विद्यालयों में बिल्कुल मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी.
- तीसरे बच्चे के जन्म पर माताओं को 12 महीने (1 वर्ष) का विशेष मातृत्व अवकाश देने का प्रस्ताव है.
- पिताओं के लिए भी 2 महीने की विशेष छुट्टी का प्रावधान किया गया है.
इस नई नीति की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- 1993 में आंध्र प्रदेश की कुल प्रजनन दर 3.0 थी, जो अब खतरनाक रूप से गिरकर 1.5 पर आ गई है. जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने के लिए यह दर कम से कम 2.1 होनी चाहिए.
- सरकार को चिंता है कि यदि जन्म दर इसी तरह गिरती रही, तो 2047 तक राज्य की 23% आबादी बुजुर्ग हो जाएगी. इससे भविष्य में अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए ‘युवा कार्यबल’ की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है.
