60वां ज्ञानपीठ पुरस्कार आर. वैरामुथु को प्रदान किया जाएगा

वर्ष 2025 के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार की घोषणा 14 मार्च 2026 को की गई. यह 60वां ज्ञानपीठ पुरस्कार (60th Jnanpith Award) है जो प्रसिद्ध तमिल कवि, गीतकार और उपन्यासकार आर. वैरामुथु को प्रदान किया जाएगा.

आर. वैरामुथु के बारे में

  • तमिलनाडु के वैरामुथु तमिल साहित्य के सबसे प्रभावशाली रचनाकारों में से एक हैं. उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं. उनकी कविताओं और रचनाओं में ग्रामीण जीवन, विस्थापन का दर्द और सामाजिक सरोकारों का बेहद गहराई से वर्णन मिलता है.
  • प्रमुख रचनाएँ: उनकी सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में कल्लिकाट्टू इतिहासम, करुवाची काव्यम, तन्नी देसम और मूनराम उलगप पोर (तीसरा विश्व युद्ध) शामिल हैं.
  • दिग्गज गीतकार: साहित्य के अलावा वे तमिल सिनेमा के एक बेहद लोकप्रिय और दिग्गज गीतकार भी हैं, जिन्होंने अब तक 8,000 से अधिक गीत लिखे हैं.
  • अन्य प्रमुख सम्मान: उन्हें अपने उपन्यास कल्लिकाट्टू इतिहासम के लिए 2003 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और 7 बार ‘सर्वश्रेष्ठ गीतकार’ का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त हुआ है.
  • भारत सरकार उन्हें कला और साहित्य के क्षेत्र में पद्म श्री (2003) और पद्म भूषण (2014) से भी सम्मानित कर चुकी है.

ज्ञानपीठ पाने वाले तीसरे तमिल लेखक

  • आर. वैरामुथु ज्ञानपीठ सम्मान पाने वाले तीसरे तमिल लेखक बन गए हैं. उनसे पहले यह सम्मान अखिलन (1975) और डी. जयकांतन (2002) को मिला था.
  • यह पहली बार है जब किसी तमिल लेखक को मुख्य रूप से उनकी ‘कविताओं’ (Poetry) के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

ज्ञानपीठ पुरस्कार: एक दृष्टि

  • ज्ञानपीठ पुरस्कार भारत का सर्वोच्च और सबसे पुराना साहित्यिक पुरस्कार है. इस पुरस्कार की शुरुआत 1961 में ‘भारतीय ज्ञानपीठ’ द्वारा की गई थी.
  • पहला ज्ञानपीठ पुरस्कार 1965 में मलयालम लेखक जी. शंकर कुरुप को मिला था.
  • इस सम्मान के तहत विजेता को ₹11 लाख नकद, एक प्रशस्ति पत्र और ज्ञान की देवी वाग्देवी (सरस्वती) की एक सुंदर कांस्य प्रतिमा प्रदान की जाती है.
  • यह पुरस्कार भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं और अंग्रेजी (2013 से शामिल) में उत्कृष्ट आजीवन साहित्यिक योगदान के लिए केवल भारतीय नागरिकों को दिया जाता है.
  • 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार (2024 के लिए) हिंदी के प्रसिद्ध लेखक विनोद कुमार शुक्ल को दिया गया था.