मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ को बाफ्टा पुरस्कार दिया गया
मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ (Boong) को 79वें बाफ्टा (BAFTA) अवार्ड्स 2026 समारोह में ‘बाल और पारिवारिक फिल्म श्रेणी’ (Best Children’s and Family Film) का प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया गया है. ‘बूंग’ इस श्रेणी में बाफ्टा जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है.
मुख्य बिन्दु
- इस फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है. यह उनकी पहली फीचर फिल्म (डेब्यू) है. इससे पहले वे ‘लक्ष्य’ और ‘पीके’ जैसी बॉलीवुड फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर रह चुकी हैं.
- बॉलीवुड के दिग्गज प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट (फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी) ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है, जो क्षेत्रीय कहानियों को वैश्विक मंच पर ले जाने की एक बड़ी पहल है.
- फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में गुगुन किपगेन (बूंग), बाला हिजाम (माँ) और विक्रम कोचर शामिल हैं.
फिल्म की कहानी
- फिल्म ‘बूंग’ एक ‘कमिंग-ऑफ-एज’ (Coming-of-age) ड्रामा है, जो मणिपुर के एक छोटे से गाँव और म्यांमार सीमा (मोरेह) के आसपास सेट है.
- कहानी बूंग नाम के एक छोटे और मासूम स्कूली बच्चे के इर्द-गिर्द घूमती है. वह अपनी सिंगल माँ (मंदाकिनी) को एक सरप्राइज गिफ्ट देना चाहता है. उसके बाल मन में आता है कि अपनी माँ के लिए सबसे अच्छा तोहफा उसके लापता पिता को वापस घर लाना होगा.
- इसी कोशिश में वह अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ पिता की तलाश में निकल पड़ता है. इस सफर में वह मणिपुर सीमा पर मौजूद नस्लीय तनाव और जीवन की कठोर सच्चाइयों का सामना करता है, जो उसके बचपन के नजरिए को पूरी तरह बदल कर रख देती हैं.
