सूर्यास्त्र: भारत का पहला स्वदेशी यूनिवर्सल मल्टी-कैलिबर
भारतीय सेना ने सूर्यास्त्र (Suryastra) रॉकेट सिस्टम के खरीद के लिए निजी रक्षा निर्माता ‘NIBE Limited’ के साथ ₹293 करोड़ का अनुबंध किया है. यह भारत का पहला स्वदेशी यूनिवर्सल मल्टी-कैलिबर रॉकेट लॉन्चर है, जिसकी मारक क्षमता 150 से 300 किमी तक है.
सूर्यास्त्र की मुख्य विशेषताएं: एक दृष्टि
- सूर्यास्त्र भारत का पहला स्वदेशी यूनिवर्सल मल्टी-कैलिबर (Universal Multi-Calibre) लंबी दूरी का रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है.
- यह 300 किमी की दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम है. यह पहली बार है जब भारत में 300 किमी रेंज वाला रॉकेट लॉन्चर स्वदेशी रूप से बनाया जा रहा है.
- इसका CEP (Circular Error Probable) 5 मीटर से भी कम है. इसका मतलब है कि यह अपने लक्ष्य को अचूक सटीकता के साथ नष्ट कर सकता है.
- यह एक ‘यूनिवर्सल’ लॉन्चर है, यानी यह 122mm, 160mm और 306mm जैसे विभिन्न कैलिबर के रॉकेट दाग सकता है.
- यह प्रणाली 100 किमी तक की रेंज में ‘कामिकेज़ ड्रोन’ या लोइटरिंग म्यूनिशन (जैसे SkyStriker) भी लॉन्च कर सकती है, जो हवा में रहकर लक्ष्य की पहचान करते हैं और फिर उसे तबाह कर देते हैं.
- इसे BEML के 6×6 हाई-मोबिलिटी ट्रक पर लगाया गया है, जिससे यह ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर तेजी से चल सकता है और ‘शूट एंड स्कूट’ (फायर करने के तुरंत बाद जगह बदलना) तकनीक का उपयोग कर दुश्मन के जवाबी हमले से बच सकता है.
- इसे पुणे स्थित निजी रक्षा कंपनी NIBE Limited ने विकसित किया है. इसके लिए इजराइल की प्रसिद्ध रक्षा कंपनी Elbit Systems के साथ तकनीकी सहयोग किया गया है.
- यह इजराइल के PULS (Precise & Universal Launching System) तकनीक पर आधारित है.
- हालांकि भारत के पास ‘पिनका’ रॉकेट सिस्टम है, लेकिन सूर्यास्त्र की 300 किमी की रेंज और मल्टी-कैलिबर क्षमता इसे और अधिक घातक बनाती है.
