भारत का पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत भारतीय तटरक्षक बल में शामिल

भारतीय तटरक्षक बल ने पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत (Pollution Control Vessel) ‘ICGS समुद्र प्रताप’ को अपने बेडे में शामिल किया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 5 जनवरी 26 को गोवा में इस पोत का शुभारंभ किया.

ICGS समुद्र प्रताप: एक दृष्टि

  • समुद्र प्रताप भारत की पहली स्‍वदेशी रूप से डिजाइन की गई प्रदूषण नियंत्रण पोत है. इसका निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) द्वारा किया गया है.
  • इसमें समुद्र में फैले तेल को साफ करने के लिए अत्याधुनिक ‘बूम’ (Booms) और ‘स्किमर्स’ (Skimmers) लगे हैं. जहाज में तेल के नमूनों का विश्लेषण करने के लिए एक आधुनिक प्रयोगशाला भी मौजूद है.
  • यह भारतीय तटरक्षक (कोस्‍टगार्ड) ट्रीट की अबतक की सबसे बड़ी यह पोत है. यह जहाज लगभग 2,500 टन विस्थापन क्षमता वाला है और उन्नत रडार और संचार प्रणालियों से लैस है.
  • यह पोत समुद्री प्रदूषण नियंत्रण तथा तलाश और बचाव कार्यों में मदद करेगा और देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र की रक्षा सुनिश्चित करेगा.
  • प्रदूषण नियंत्रण के मामले में भारतीय तटरक्षक बल (ICG) भारत की ‘केंद्रीय समन्वय प्राधिकरण’  है. इसका मतलब है कि भारत के समुद्री क्षेत्रों में तेल रिसाव जैसी किसी भी बड़ी घटना से निपटने की मुख्य जिम्मेदारी ICG की ही होती है.

सामरिक महत्व

  • भारत के पास 7,500 किमी से अधिक लंबी तटरेखा है. तेल रिसाव जैसी आपदाओं के समय यह जहाज समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र (Marine Ecosystem) को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
  • यह विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में प्रदूषण की निगरानी और नियंत्रण के लिए तटरक्षक बल की क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा.
  • इस पर एक चेतक या ध्रुव हेलीकॉप्टर के संचालन के लिए एक हैंगर और हेलीपैड की सुविधा है, जिससे हवाई निगरानी आसान हो जाती है.