वेनेजुएला संकट: अमेरिकी सेना ने एक बड़ा ऑपरेशन संचालित किया

अमेरिका ने 3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला में ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ (Operation Absolute Resolve) नाम से एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की थी. इस घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है.

ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर अमेरिकी विशेष बलों (Delta Force और Special Ops) ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में एक गुप्त और तीव्र सैन्य अभियान ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ चलाया.
  • अमेरिकी वायुसेना ने काराकास और उत्तरी वेनेजुएला के सैन्य ठिकानों पर बमबारी की. अमेरिकी बलों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के निवास पर हमला कर उन्हें और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया.
  • मादुरो के पकड़े जाने के बाद वर्तमान में अंतरिम व्यवस्था के तहत  नेतृत्व डेल्सी रोड्रिग्ज संभाल रहे हैं. वह वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति थीं.

अमेरिका में मुकदमे

  • निकोलस मादुरो को विमान से न्यूयॉर्क (अमेरिका) ले जाया गया, जहाँ उन पर ‘नार्को-टेररिज्म’ (नशीली दवाओं के आतंकवाद) और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मुकदमे चलाए जा रहे हैं.
  • 5 जनवरी 2026 को उन्होंने अदालत में खुद को निर्दोष बताया है.

वेनेजुएला संकट की पृष्ठभूमि

  • वेनेजुएला में संकट कोई नया नहीं है, यह पिछले एक दशक से गहरा रहा है. दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार होने के बावजूद, कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के कारण यहाँ की अर्थव्यवस्था तबाह हो गई. यहाँ हाइपर-इन्फ्लेशन (अत्यधिक महंगाई) के कारण लोगों के पास खाने और दवाइयों की भारी कमी हो गई है.
  • 2024 के चुनावों के बाद मादुरो की जीत पर धांधली के आरोप लगे, जिसे अमेरिका और कई पश्चिमी देशों ने अवैध घोषित कर दिया था.
  • अमेरिका ने मादुरो सरकार पर दबाव बनाने के लिए उसके तेल निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे, जिससे वेनेजुएला की आय का मुख्य स्रोत बंद हो गया.

अमेरिका की कार्रवाई का कारण

  • अमेरिका का आरोप है कि मादुरो ‘कार्टेल डी लॉस सोल्स’ (Cartel de los Soles) नामक नशीली दवाओं के गिरोह के प्रमुख हैं, जो अमेरिका में फेंटानिल और कोकीन की तस्करी करते हैं.
  • अमेरिका वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करना और वहां के बुनियादी ढांचे को अमेरिकी कंपनियों की मदद से सुधारना चाहता है.
  • अमेरिका वेनेजुएला में रूस, चीन और ईरान के बढ़ते प्रभाव को कम करना चाहता है.

भारत का रुख

  • भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की है. भारत ने स्पष्ट किया है कि वह वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है और सभी पक्षों से बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है.
  • भारत के वेनेजुएला के साथ पुराने ऊर्जा संबंध (तेल आयात) रहे हैं, इसलिए भारत इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है.