राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 वितरित किए
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 23 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 वितरित किए. पुरस्कार की घोषणा: गृह मंत्रालय और विज्ञान मंत्रालयों द्वारा 26 अक्टूबर 2025 को की गई थी. इस वर्ष कुल 24 वैज्ञानिकों और नवाचारों को चार श्रेणियों में सम्मानित किया गया है.
मुख्य विजेताओं की सूची
- विज्ञान रत्न (Vigyan Ratna)
- यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आजीवन उपलब्धि के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है.
- यह सम्मान प्रसिद्ध खगोल भौतिक विज्ञानी प्रो. जयंत विष्णु नार्लीकर (मरणोपरांत) को ब्रह्मांड विज्ञान (Cosmology) में उनके योगदान और ‘हॉयल-नार्लीकर सिद्धांत’ के लिए दिया गया है.
- विज्ञान श्री (Vigyan Shri)
- विशिष्ट योगदान के लिए 8 वैज्ञानिकों को यह पुरस्कार दिया गया:
- डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह: कृषि विज्ञान (गेहूं की उन्नत किस्मों के विकास के लिए).
- डॉ. यूसुफ मोहम्मद शेख: परमाणु ऊर्जा.
- डॉ. के. थंगराज: जैविक विज्ञान (जीनोमिक्स और स्वास्थ्य शोध).
- प्रो. प्रदीप थलप्पिल: रसायन विज्ञान (नैनो-टेक्नोलॉजी और स्वच्छ पानी के समाधान के लिए).
- प्रो. अनिरुद्ध भालचंद्र पंडित: इंजीनियरिंग विज्ञान.
- डॉ. एस. वेंकट मोहन: पर्यावरण विज्ञान (वेस्ट-टू-एनर्जी नवाचारों के लिए).
- प्रो. महान एम.जे.: गणित और कंप्यूटर विज्ञान.
- श्री जयन एन.: अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी.
- विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर (Vigyan Yuva-SSB)
- यह 45 वर्ष से कम आयु के प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिकों को दिया जाता है. इस वर्ष 14 युवाओं को यह पुरस्कार मिला, जिनमें कुछ प्रमुख नाम हैं:
- डॉ. दीपा आगाशे और श्री देबरका सेनगुप्ता (जैविक विज्ञान)
- डॉ. दिब्येंदु दास (रसायन विज्ञान – एकमात्र विजेता)
- प्रो. अमित कुमार अग्रवाल और प्रो. सुरुहद श्रीकांत मोरे (भौतिकी)
- श्री अंकुर गर्ग (अंतरिक्ष विज्ञान)
- डॉ. सुरेश कुमार (चिकित्सा)
- विज्ञान टीम (Vigyan Team)
- टीम सीएसआईआर-अरोमा मिशन (CSIR Aroma Mission) को भारत में ‘बैंगनी क्रांति’ (Purple Revolution) लाने और लैवेंडर की खेती के माध्यम से कृषि-उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार: एक दृष्टि
- राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Science and Technology) द्वारा आयोजित और प्रदान किए जाते हैं.
- विजेताओं का चयन एक उच्च स्तरीय समिति करती है जिसे ‘राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार समिति’ (RVPC) कहा जाता है. इस समिति की अध्यक्षता भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) करते हैं.
- राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार ‘पद्म पुरस्कारों’ की तर्ज पर दिए जाते हैं और इनमें कोई नकद राशि शामिल नहीं होती है, बल्कि एक पदक और प्रमाण पत्र दिया जाता है.
- यह भारत के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और नवप्रवर्तकों के उल्लेखनीय और प्रेरक योगदान को मान्यता देता है.
