प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की ओमान की यात्रा

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 15 से 18 दिसम्बर 2025 तक तीन देशों जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्रा पर थे. इस यात्रा के अंतिम चरण में श्री मोदी 17-18 दिसंबर को ओमान की आधिकारिक यात्रा पर थे.

द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य बिन्दु

  • प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान के सुल्‍तान हैथम इब्‍न तारिक के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. इस वार्ता में दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौतों/दस्तावेजों पर सहमति बनी.
  • दोनों पक्षों ने समुद्री सहयोग, उच्च शिक्षा, कृषि, बाजरा की खेती और ओमान चैंबर आफ कमर्स एंड इंडस्ट्री और भारतीय उद्योग परिसंघ के बीच समझौता सहित छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए.
  • ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया जैसे नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर चर्चा हुई.
  • दोनों देशों ने द्विपक्षीय रक्षा अभ्यास और खुफिया जानकारी साझा करने पर जोर दिया.

ऐतिहासिक व्यापारिक समझौता (CEPA)

  • इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर करना रहा.
  • यह खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों में UAE के बाद भारत का दूसरा ऐसा समझौता है. ओमान के लिए USA के बाद दूसरा द्विपक्षीय व्यापार समझौता है.
  • इससे भारतीय उत्पादों (जैसे कपड़ा, रत्न-आभूषण, इंजीनियरिंग सामान) के लिए ओमान के 98 प्रतिशत से अधिक बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच सुनिश्चित हुई है.

ओमान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने मस्‍कत में प्रधानमंत्री मोदी को ओमान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ (प्रथम श्रेणी) से सम्मानित किया. यह सम्मान उन्हें भारत-ओमान संबंधों को मजबूत करने और उनके दूरदर्शी नेतृत्व के लिए दिया गया.

भारत-ओमान संबंध

  • भारत और ओमान के बीच राजनयिक संबंध 1955 में स्थापित हुए थे, जिन्हें 2008 में ‘रणनीतिक साझेदारी’ (Strategic Partnership) में बदल दिया गया.
  • ओमान खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में भारत का सबसे पुराना और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार है.
  • भारत ओमान का दूसरा सबसे बड़ा आयात स्रोत और गैर-तेल निर्यात के लिए तीसरा सबसे बड़ा बाजार है. वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 10.6 बिलियन डॉलर रहा.
  • भारत मुख्य रूप से उर्वरक (यूरिया), पेट्रोलियम उत्पाद और रसायन आयात करता है. वहीं, भारत से अनाज, कपड़ा, मशीनरी, रत्न-आभूषण और चाय-मसाले निर्यात किए जाते हैं.
  • ओमान पहला खाड़ी देश है जिसके साथ भारत ने औपचारिक रक्षा समझौते किए हैं. ओमान ने भारत को डुकम बंदरगाह तक रणनीतिक पहुंच प्रदान की है, जो हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहायता कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.