प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जॉर्डन की यात्रा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 से 18 दिसम्बर 2025 तक तीन देशों जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्रा पर थे. यात्रा के पहले चरण में श्री मोदी जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल-हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर जॉर्डन गए थे. यह यात्रा भारत और जॉर्डन के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुई.
द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य बिन्दु
- प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अब्दुल्ला द्वितीय के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. इस वार्ता में दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को अगले 5 वर्षों में 5 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा.
- यात्रा के दौरान 5 प्रमुख समझौतों/सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर किए गए. ये समझौते तकनीकी सहयोग, जल संरक्षण और प्रबंधन में सहयोग, और वर्ष 2025-2029 के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम के नवीनीकरण के क्षेत्र में हुए.
- जॉर्डन के पेत्रा (Petra) और भारत की एलोरा (Ellora) गुफाओं के बीच ‘ट्विनिंग’ (Twinning) समझौता हुआ.
- जॉर्डन भारत को फॉस्फेट और पोटाश की आपूर्ति करने वाला एक प्रमुख देश है. इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर सहमति बनी.
- भारत के UPI और जॉर्डन के डिजिटल भुगतान सिस्टम के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई.
भारत-जॉर्डन संबंध
- भारत और जॉर्डन के बीच राजनयिक संबंध 1950 में स्थापित हुए थे. जॉर्डन, भारत के लिए अरब जगत में एक संतुलित और संयमित आवाज के रूप में महत्वपूर्ण है.
- भारत, जॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है. वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 2.3 से 2.8 बिलियन डॉलर के बीच रहा.
- भारत जॉर्डन से मुख्य रूप से फॉस्फेट और पोटाश (उर्वरक) का आयात करता है. बदले में, भारत वहां खाद्य उत्पाद (अनाज, मांस), पेट्रोलियम उत्पाद और इंजीनियरिंग सामान निर्यात करता है.
- जॉर्डन में भारतीय कंपनियों ने कपड़ा और उर्वरक क्षेत्र में लगभग 1.5 बिलियन डॉलर का निवेश किया है.
- दोनों देशों की सेनाएं प्रशिक्षण और रक्षा प्रदर्शनियों (जैसे SOFEX) में भाग लेती हैं. साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी दोनों देश खुफिया जानकारी साझा करते हैं.
- अम्मान में भारत की मदद से एक ‘IT सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया गया है, जिसमें भारत द्वारा निर्मित PARAM Shavak सुपरकंप्यूटर लगाया गया है.
- वर्तमान में बड़ी संख्या में जॉर्डन के छात्र भारतीय विश्वविद्यालयों से स्नातक कर रहे हैं. भारत, जॉर्डन के छात्रों को ITEC और ICCR छात्रवृत्ति प्रदान करता है.
