अगली पीढ़ी की आकाश मिसाइल ‘आकाश–एनजी’ प्रणाली का परीक्षण
भारत ने 25 दिसंबर 2025 को अगली पीढ़ी की आकाश मिसाइल ‘आकाश-एनजी’ (Akash New Generation) मिसाइल प्रणाली का एक और सफल परीक्षण किया. यह परीक्षण भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से किया.
यह परीक्षण विशेष रूप से अत्यधिक ऊंचाई पर तेजी से आते हुए दुश्मन के लक्ष्यों को नष्ट करने की क्षमता जांचने के लिए किया गया था.
आकाश-एनजी की विशेषताएं
- यह मिसाइल पुरानी ‘आकाश’ मिसाइल का पूरी तरह से नया और आधुनिक संस्करण है.
- यह 70 से 80 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य को भेद सकती है (पुरानी आकाश की रेंज 25-30 किमी थी).
- यह मैक 2.5 से 3 (ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना तेज) की रफ्तार से उड़ती है.
- इसमें पुरानी आकाश के ‘राजेंद्र’ रडार की अपेक्षा आधुनिक ‘मल्टी-फंक्शन रडार’ लगे हैं.
- यह पुरानी मिसाइल की तुलना में बहुत हल्की और छोटी है, जिससे इसे किसी भी ट्रक या मोबाइल लॉन्चर से कहीं भी ले जाना आसान है.
- इसमें डुअल-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर का उपयोग किया गया है, जो इसे उड़ान के अंतिम क्षणों में भी जबरदस्त रफ्तार देता है.
- यह प्रणाली एक साथ कई दिशाओं से आने वाले दुश्मन के विमानों, ड्रोनों या क्रूज मिसाइलों को ट्रैक कर सकती है और उन पर हमला कर सकती है.
- भारत पहले ही ‘आकाश’ मिसाइल का निर्यात आर्मेनिया जैसे देशों को कर रहा है. ‘आकाश-एनजी’ की सफलता के बाद कई अन्य देशों ने भी इसमें रुचि दिखाई है.
