डेली कर्रेंट अफेयर्स
भारत को 2024-26 के लिए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का अध्यक्ष चुना गया
भारत को 2024 से 2026 तक दो वर्ष के कार्यकाल के लिए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के अध्यक्ष और फ्रांस को सह-अध्यक्ष के रूप में चुना गया है. नई दिल्ली में 3-6 नवंबर 2024 तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन सभा के सातवें सत्र में यह फैसला लिया गया.
मुख्य बिन्दु
- भारत को नए दो साल के कार्यकाल के लिए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के अध्यक्ष के रूप में फिर से निर्विरोध चुना गया.
- अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन को चार क्षेत्रीय समूहों में विभाजित किया गया है: अफ्रीका, एशिया-प्रशांत, यूरोप और अन्य, और लैटिन अमेरिका और कैरेबियन.
- दो उपाध्यक्ष इन क्षेत्रीय समूहों का प्रतिनिधित्व करते हैं, और 2024-26 के लिए नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष इस प्रकार हैं:
- अफ़्रीका क्षेत्र के उपाध्यक्ष- घाना और सेशेल्स
- एशिया-प्रशांत क्षेत्र के उपाध्यक्ष- ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका
- यूरोप और अन्य क्षेत्र के उपाध्यक्ष- जर्मनी और इटली
- लैटिन अमेरिका और कैरेबियन- ग्रेनाडा और सूरीनाम.
- महानिदेशक—भारत के आशीष खन्ना को चार साल (2024-28) के कार्यकाल के लिए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के तीसरे महानिदेशक के रूप में चुना गया. वह एक अन्य भारतीय डॉ. अजय माथुर का स्थान लेंगे.
- इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) असेंबली की सातवीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई थी. इसमें 103 सदस्य देशों और 17 हस्ताक्षरकर्ता देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
पहला एशियाई बौद्ध शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित हुआ
पहला एशियाई बौद्ध शिखर सम्मेलन 5 और 6 नवंबर 2024 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि थीं. सम्मेलन का विषय ‘एशिया को मजबूत बनाने में बुद्ध धम्म की भूमिका’ था.
मुख्य बिन्दु
- सम्मेलन का उद्देश्य एशिया भर में संघ नेताओं, विद्वानों, विशेषज्ञों को एक साथ लाना ताकि बौद्ध समुदाय के सामने आने वाली समकालीन चुनौतियों का समाधान किया जा सके.
- सम्मेलन का आयोजन भारत सरकार के केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के सहयोग से किया गया था.
- बौद्ध धर्म की उत्पत्ति भारत में छठी ईसा पूर्व में हुई थी. नेपाल के लुंबिनी में जन्मे राजकुमार सिद्धार्थ ने बिहार के बोधगया में ज्ञान प्राप्त किया और उत्तर प्रदेश के सारनाथ में धम्म की मौलिक अवधारणाओं का प्रचार करना शुरू किया, जिसे धम्म चक्र प्रवर्तन कहा जाता है.
- बौद्ध धर्म भारत से श्रीलंका, दक्षिण पूर्व एशिया, चीन, तिब्बत, जापान और मध्य एशिया में फैल गया.
- पहला वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन, अप्रैल 2023 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था और इसका उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था.
- साझा बौद्ध विरासत पर पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा मार्च 2023 में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के सहयोग से आयोजित किया गया था. यह शंघाई सहयोग संगठन की भारतीय अध्यक्षता के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था.
- अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ, बौद्ध निकायों का एक वैश्विक छत्र संगठन है जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में है. अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में बौद्ध विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देना है.
लोकप्रिय गायिका शारदा सिन्हा का निधन
प्रसिद्ध लोक गायिका और ‘बिहार कोकिला’ के नाम से प्रसिद्ध शारदा सिन्हा का 5 नवंबर 2024 को निधन हो गया. वह 72 वर्ष की थीं. शारदा सिन्हा बीते 6 साल से मल्टीपल मायलोमा (Multiple Myeloma) से जूझ रही थीं. मल्टीपल मायलोमा एक प्रकार का रक्त कैंसर होता है.
- 1970 के दशक से शारदा सिन्हा के शानदार करियर ने भोजपुरी, मैथिली और हिंदी लोक संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई. उन्हें 2018 में पद्म भूषण और क्षेत्रीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
- शारदा सिन्हा का जन्म बिहार के सुपौल में हुआ था. उन्होंने अपने गायन करियर की शुरुआत 1971 में आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) से की थी.
- छठ के महान त्योहार, विवाह गीत और बिहार के विशिष्ट अनुष्ठानों पर आधारित भोजपुरी, मैथिली और मगधी बोली में गाए गए उनके लोकप्रिय गीतों के कारण उन्हें ‘बिहार कोकिला’ के नाम से पुकारा जाने लगा.
- शारदा सिन्हा ने गिरमिटिया मजदूरों के जीवन के बारे में भी गाया जो मॉरीशस, सेशेल्स, फिजी और अन्य स्थानों में बहुत लोकप्रिय हुआ.
- गिरमिटिया वे मजदूर हैं जो ब्रिटिश शासन के दौरान फिजी, मॉरीशस, सेशेल्स आदि ब्रिटिश उपनिवेशों के गन्ने के खेतो में काम करने के लिए भारत से चले गए थे. यह भारतीय मजदूर मुख्यतः वर्तमान बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से थे.
- शारदा सिन्हा ने हिंदी फिल्मों में ‘मैंने प्यार किया’ में ‘काहे तो से सजना’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर 2’ में ‘तार बिजली’ और ‘चारफुटिया छोकरे’ में ‘कौन सी नगरिया’ जैसे गाने भी गाए.
28 अक्तूबर से 3 नवंबर 2024: सतर्कता जागरूकता सप्ताह
केन्द्रीय सतर्कता आयोग (CVC) प्रति वर्ष ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’ (Vigilance Awareness Week) का आयोजन करता है. इस वर्ष यानी 2024 में यह सप्ताह 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक आयोजित किया गया था. इसका उद्देश्य लोगों के सहयोग से सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और सत्यनिष्ठा को बढ़ावा देना है.
सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2024 का विषय- ‘सत्यनिष्ठा की संस्कृति से राष्ट्र की समृद्धि’ रखा गया है.
केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC)
CVC एक शीर्ष भारतीय सरकारी निकाय है, जिसे 1964 में सरकारी भ्रष्टाचार पर अंकुस लगाने के लिए स्थापित किया गया था. इसे 2003 में संसद के एक अधिनियम द्वारा वैधानिक दर्जा दिया गया था. यह एक स्वायत्त निकाय है और किसी भी कार्यकारी प्राधिकरण के नियंत्रण से मुक्त है.
5 नवंबर: विश्व सुनामी जागरूकता दिवस
प्रत्येक वर्ष 5 नवंबर को दुनिया भर में ‘विश्व सुनामी जागरूकता दिवस’ (World Tsunami Awareness Day) मनाया जाता है. इस दिवस का उद्देश्य सुनामी के खतरों और इसके प्रभाव को कम करने हेतु चेतावनी प्रणालियों के बारे में जागरूक करना है.
- विश्व सुनामी जागरूकता दिवस का लक्ष्य ‘सेंदाई सेवेन कैम्पेन’ (Sendai Seven Campaign) को बढ़ावा देना है, जो महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे में आपदा नुकसान को कम करने और बुनियादी सेवाओं के विघटन पर केंद्रित है.
- शब्द Tsunami (सुनामी) जापानी नाम है. “tsu” का अर्थ है बंदरगाह और “nami” का अर्थ है लहर. सुनामी बड़ी लहरें हैं जो समुद्र के किनारों पर उत्पन्न होती हैं जो मुख्य रूप से भूस्खलन या भूकंप से जुड़ी होती हैं.
- दिसंबर 2015 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सुनामी जोखिमों के संबंध में विश्वव्यापी समझ और कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए 5 नवंबर को विश्व सुनामी जागरूकता दिवस के रूप में घोषित किया था.
देश-दुनिया: एक संक्षिप्त दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र का डेलीडोज
भारत-वियतनाम अभ्यास ‘विनबैक्स2024’ का 5वां संस्करण अंबाला में शुरू
भारत-वियतनाम द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘विनबैक्स 2024’ का 5वां संस्करण 4 से 23 नवंबर तक अंबाला, हरियाणा में आयोजित किया जा रहा है. भारत और वियतनाम के बीच विनबैक्स सैन्य अभ्यास 2018 में शुरू हुआ था. इस अभ्यास का चौथा संस्करण 10-21 दिसंबर 2023 तक वियतनाम में आयोजित किया गया था.
मनदीप जांगड़ा ने BWF का सुपर फेदरवेट विश्व खिताब जीता
पेशेवर मुक्केबाज मनदीप जांगड़ा ने ब्रिटिश मुक्केबाज कोनोर मैकिन्टोश को हराकर वर्ल्ड बॉक्सिंग फेडरेशन (BWF) का सुपर फेदरवेट विश्व खिताब जीता. फाइनल मुकाबला केमैन आइलैंड्स में आयोजित किया गया था. मनदीप जांगड़ा ने 2013 एशियाई चैम्पियनशिप और 2014 ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था. 2015 में भारत सरकार ने मनदीप को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया.
स्वदेश निर्मित अस्मि मशीन पिस्तौल को भारतीय सेना में शामिल किया गया
भारतीय सेना की उत्तरी कमान ने स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित अस्मि मशीन पिस्तौल को सफलतापूर्वक शामिल किया है. अस्मि मशीन पिस्तौल का निर्माण हैदराबाद स्थित लोकेश मशीन लिमिटेड द्वारा किया गया है. भारतीय सेना के कर्नल प्रसाद बंसोड़ ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ साझेदारी में इस हथियार को डिजाइन किया है.
