डेली कर्रेंट अफेयर्स
इसरो के GSAT-N2 उपग्रह को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के GSAT-N2 सैटेलाइट (कृत्रिम उपग्रह) को 19 नवंबर 2024 को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया.
- यह प्रक्षेपण अमेरिका में फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से ‘फाल्कन 9′ रॉकेट (अंतरिक्ष यान) के माध्यम से किया गया. यह रॉकेट एलन मस्क के स्वामित्व वाली स्पेसएक्स का है.
- GSAT-N2 एक संचार उपग्रह है. इसे GSAT-20 भी कहा जाता है. इसका विकास इसरो के सैटेलाइट सेंटर तथा लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर ने किया है.
- 4700 किलोग्राम वजनी GSAT-N2 को भूस्थिर कक्षा (35,786 किलोमीटर की ऊँचाई पर) में प्रक्षेपित किया गया है. इसका जीवन काल 14 वर्ष है.
- इसका उद्देश्य भारत की बढ़ती कनेक्टिविटी आवश्यकताओं की पूर्ति करना है.
भारत ने हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया
- भारत ने हाल ही में लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था. इस हाइपरसोनिक मिसाइल की रेंज 1500 किलोमीटर से ज़्यादा है.
- यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के तट पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया था.
- यह मिसाइल हवा, पानी और ज़मीन तीनों जगहों से दुश्मन पर हमला कर सकती है.
- लॉन्च के बाद इसकी रफ्तार 6,200 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच सकती है, जो ध्वनि की गति से 5 गुना ज्यादा है.
- इस परीक्षण के बाद भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास यह एडवांस टेक्नोलॉजी है.
- हाइपरसोनिक मिसाइल फ़िलहाल चीन और रूस के पास है. वहीं भारत और अमेरिका इसे ऑपरेशनलाइज करने में लगा हुआ है.
हाइपरसोनिक मिसाइल: एक दृष्टि
- हाइपरसोनिक मिसाइल की गति ‘मैक 5’ से अधिक अर्थात ध्वनि की गति (330 मीटर/सेकेंड) से पांच गुना ज्यादा होती है.
- सबसोनिक मिसाइल ध्वनि की गति को पार नहीं कर पाती हैं, जबकि सुपरसोनिक मिसाइल ध्वनि की गति से दो से तीन गुना गति तक ही जा पाती हैं.
- इस मिसाइल में स्क्रैमजेट इंजन का इस्तेमाल किया जाता है. स्क्रैमजेट इंजन, भारत ने रूस की मदद से विकसित किया था.
- हाइपरसोनिक मिसाइल की तेज गति के कारण एंटी मिसाइल सिस्टम ट्रैक नहीं करने में सक्षम नहीं होता है.
- अमेरिका का ‘टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस’ यानी ‘थाड’ और इसराइल का ‘आयरन डोम’ सिस्टम भी हाइपरसोनिक मिसाइलों को पकड़ पाने में सक्षम नहीं है.
रूस ने अपने परमाणु नीति में परिवर्तन को मंजूरी दी
- रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में रूस की परमाणु नीति (Nuclear Doctrine) में परिवर्तन को मंजूरी दी है. यह रूस की परमाणु नीति का दूसरा संस्करण (परमाणु नीति 2.0) है.
- अमेरिका द्वारा यूक्रेन को रूस पर आक्रमण करने के लिए लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग करने की अनुमति देने के बाद रूस ने यह परिवर्तन किया है.
- परमाणु नीति 2.0 में उन परिस्थितियों का उल्लेख किया गया है जो रूस की सेना को विभिन्न परिस्थितियों में परमाणु शस्त्रागार का उपयोग करने की अनुमति देती है.
- परमाणु शक्ति द्वारा समर्थित किसी गैर-परमाणु शक्ति (देश) द्वारा रूस पर किया गया कोई भी हमला रूस पर संयुक्त हमला माना जाएगा.
- किसी सैन्य गुट के किसी एक सदस्य द्वारा रूस पर किया गया कोई भी हमला पूरे गठबंधन द्वारा किया गया हमला माना जाएगा.
- रूस के परमाणु नीति के पहले संस्करण (परमाणु नीति 1.0) की मंजूरी भी राष्ट्रपति पुतिन ने वर्ष 2020 में थी.
- परमाणु नीति 1.0 के अनुसार, रूस किसी दुश्मन द्वारा परमाणु हमला या पारंपरिक हमले की स्थिति में परमाणु हथियारों का उपयोग कर सकता है, यदि राज्य के अस्तित्व को खतरा हो.
डेनियल बारेनबोइम और अली अबू अव्वाद को इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार
- वर्ष 2023 के लिए शांति, निशस्त्रीकरण व विकास का इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार डेनियल बारेनबोइम और अली अबू अव्वाद को प्रदान किया गया.
- पूर्व प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली समिति ने पुरस्कार के लिए उनका चयन किया.
- डेनियल बारेनबोइम और अली अबू अव्वाद ने संगीत, वार्ता व सामुदायिक आंदोलन समेत अहिंसक माध्यमों से इजरायलियों व फलस्तीनियों के बीच समझबूझ व सहयोग बढ़ाने के लिए जीवन समर्पित किया है.
- अर्जेंटीना में जन्मे बारेनबोइम को पश्चिम एशिया में शांति को बढ़ावा देने के लिए संगीत को माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने के प्रयासों के लिए भी जाना जाता है.
- अव्वाद प्रमुख फलस्तीनी शांति कार्यकर्ता हैं. गांधीवादी सिद्धांतों से प्रेरित अव्वाद मानते हैं कि अहिंसा स्वतंत्रता और सम्मान प्राप्त करने की कुंजी है.
- इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण एवं विकास पुरस्कार की शुरुआत इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट ने वर्ष 1986 में के थी. इस पुरस्कार में 10 मिलियन रुपए राशि, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है.
के. संजय मूर्ति ने भारत के नए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के रूप में शपथ ली
- के. संजय मूर्ति ने 21 नवंबर को भारत के नए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के रूप में शपथ ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शपथ दिलाई.
- हिमाचल प्रदेश कैडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी है. वर्तमान समय में ये शिक्षा मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव हैं. वे गिरीश चंद्र मुर्मू का स्थान लेंगे.
- भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG): एक दृष्टि
- भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General) एक संवैधानिक पद है. संविधान के अनुच्छेद 148 में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का उल्लेख है. अनुच्छेद के 148 अनुसार CAG भारत सरकार की रिपोर्ट राष्ट्रपति को और राज्य सरकार की रिपोर्ट राज्य के राज्यपाल को देता है.
- CAG भारत सरकार तथा राज्य सरकारों के लेखों का अंकेक्षण करता है. संस्था केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अनुरोध पर किसी भी सरकारी विभाग की जाँच कर सकती है.
- CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती हैं. CAG का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) की अवधि के लिए होता है.
- CAG को संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत के साथ अयोग्यता प्रस्ताव पारित कर इसे पद से हटाया जा सकता हैं.
- राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की तरह CAG का भी वेतन संचित निधि से दिया जाता है.
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 266 में संचित निधि (Consolidated Fund) का उल्लेख किया गया है. सरकार को प्राप्त सभी राजस्व (प्रत्यक्ष कर, अप्रत्यक्ष कर, ऋण प्राप्तियां, उधार लिया गया धन) संचित निधि में ही जमा होते हैं.
- वी नरहरि राव भारत के पहले नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General) थे.
भारत ने पहली स्वदेशी एंटीबायोटिक दवा ‘नेफिथ्रोमाइसिन’ तैयार की
- भारत ने पहली स्वदेशी एंटीबायोटिक दवा ‘नेफिथ्रोमाइसिन’ तैयार की है. यह दवा समुदाय-अधिग्रहित बैक्टीरियल निमोनिया (CABP) नामक संक्रमण का तोड़ है.
- एंटीबायोटिक नैफिथ्रोमाइसिन को बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) के सहयोग से विकसित किया गया है. इसे मिक्नाफ नाम से बाजार में उतारा गया है.
- यह देश का पहला स्वदेशी रूप से विकसित एंटीबायोटिक है जिसका उद्देश्य एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध से निपटना है. यह एजिथ्रोमाइसिन की तुलना में दस गुना अधिक प्रभावी है.
- यह दवा CABP रोगियों के लिए दिन में एक बार, तीन दिन तक दी जाएगी. यह पहला उपचार है, जिसमें मल्टी-ड्रग प्रतिरोधी (MDR) संक्रमण वाले मरीज भी शामिल हैं.
- इस दवा पर 15 वर्षों में कई नैदानिक परीक्षण किए गए हैं. इनमें अमेरिका और यूरोप में हुए पहले व दूसरे चरण के परीक्षण भी शामिल हैं. भारत में इस दवा ने हाल ही में तीसरा चरण पूरा किया था.
- यह दवा इसलिए भी काफी अहम है क्योंकि CABP के कारण हर साल लाखों की संख्या में बुजुर्ग मरीजों की मौत हो रही है.
- वैश्विक स्तर पर CABP से सालाना मरने वालों में 23 फीसदी हिस्सा भारत का है. इसकी मृत्यु दर 14 से 30% के बीच है.
- एंटीबायोटिक दवाएं बैक्टीरियल संक्रमणों के इलाज में इस्तेमाल की जाती हैं. ये बैक्टीरिया को मारती हैं या उनके प्रजनन को रोकती हैं.
भारत महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी का खिताब विजेता बना
- भारत महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (Women’s Asian Champions Trophy) 2024 का खिताब विजेता बना है.
- इस प्रतियोगिता के फाइनल में भारतीय टीम ने चीन को 1-0 से हराकर रिकॉर्ड तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया.
- फाइनल मैच 20 नवंबर को बिहार के राजगीर हॉकी स्टेडियम में खेला गया था. इस मैच का एकमात्र गोल भारत की दीपिका ने किया था.
- वर्ष 2023 का खिताब भी भारतीय टीम ने ही जीता था. यह टीम का लगातार दूसरा खिताब है.
- महिला एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2024 प्रतियोगिता बिहार के राजगीर में 11 नवंबर से 20 नवंबर तक
- खेल गया था.
- इसमें 6 देशों की टीमें (भारत,चीन,जापान,मलेशिया,कोरिया और थाईलैंड) ने भाग लिया था.
- भारतीय टीम के कप्तान सलीमा और उपकप्तान नवनीत कौर थे. हरेंद्र सिंह टीम के मुख्य कोच थे.
दिल्ली में वैश्विक मृदा सम्मेलन आयोजित किया गया
- दिल्ली के पूसा में 19 से 22 नवंबर तक वैश्विक मृदा सम्मेलन (Global Soil Conference) 2024 आयोजित किया गया था.
- इसके उद्घाटन सत्र को केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया.
- सम्मेलन का मुख्य विषय (थीम) ‘खाद्य सुरक्षा से परे मिट्टी की देखभाल: जलवायु शमन परिवर्तन और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएँ’ था.
- इंटरनेशनल यूनियन के तत्वाधान में भारतीय मृदा विज्ञान सोसायटी नई दिल्ली, इटली कृषि अनुसंधान परिषद के सहयोग से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी ने आयोजित किया था.
19 नवंबर: विश्व शौचालय दिवस
- प्रत्येक वर्ष 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस (World Toilet Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस को मानाने का उद्देश्य शौचालय को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाना और स्वच्छता को वैश्विक विकास की प्राथमिकता बनाना है.
- इस वर्ष यानी 2024 में विश्व शौचालय दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘शौचालय – शांति का स्थान’ (Toilets – A Place for Peace) है.
- विश्व शौचालय दिवस की स्थापना सिंगापुर के जैक सिम द्वारा 19 नवंबर 2001 में की गई थी. जैक से 2001 में वर्ल्ड टॉयलेट ऑर्गनाइजेशन की स्थापना की थी. हालांकि, 2013 में संयुक्त राष्ट्र संगठन द्वारा ऑफिशियल तौर पर संयुक्त राष्ट्र विश्व शौचालय दिवस की घोषणा की गई.
- मानव मल से जानलेवा बीमारियां फैलती हैं और इसके लिए शौचालय का प्रयोग जरूरी है. WHO की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में लगभग 360 करोड़ लोग टॉयलेट से वंचित हैं. इसे देखते हुए समावेशी विकास के लक्ष्यों के तहत वर्ष 2030 तक हर घर में शौचालय का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
- भारत में विश्व शौचालय दिवस देश की खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति को बनाए रखने की दिशा में प्रयासों को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर मनाया जाता है.
नवंबर का तीसरा गुरुवार: विश्व फिलॉस्पी दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी
- प्रत्येक वर्ष नवंबर के तीसरे गुरुवार को विश्व फिलॉस्पी दिवस (World Philosophy Day) के रूप में मनाया जाता है. इस वर्ष यानी 2024 में यह 21 नवम्बर को यह दिवस मनाया गया. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य दर्शन के मूल्य को सामने लाना और मानव विचारों का विकास करना है.
- विश्व फिलॉस्पी दिवस 2024 ‘फिलॉस्पी: सामाजिक अंतर को पाटना’ (Philosophy: bridging social gaps) थीम पर मनाया गया.
- यूनेस्को ने इस दिवस को मनाने की घोषणा 2001 में की थी. पहला विश्व फिलॉस्पी दिवस साल 2002 में मनाया गया था. यूनस्कों की तरफ से कहा गया है कि इस दिन का मकसद लोगों को उनके विचार प्रकट करने के लिए प्रोत्साहित करना है. ताकी सभी संस्कृति के लोग एक दूसरे के विचारों की इज्जत करें और उस पर विश्वास करें.
देश-दुनिया: एक संक्षिप्त दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र का डेलीडोज
भारत- इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इटली-भारत संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना की घोषणा (2025-2029) की है. यह घोषणा ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में जी-20 शिखर सम्मेलन में द्विपक्षीय बैठक के दौरान की गयी. इसका उद्देश्य भारत एवं इटली के बीच रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाना है.
प्रसार भारती ने अपना OTT प्लेटफॉर्म WAVES लॉन्च किया
प्रसार भारती ने गोवा में 55वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के उद्घाटन समारोह में अपना OTT प्लेटफॉर्म WAVES लॉन्च किया है. इसका उद्देश्य आधुनिक डिजिटल रुझानों को अपनाते हुए पुरानी यादों को ताज़ा करना है. इसमें रामायण, महाभारत, शक्तिमान और हम लोग जैसे कालातीत शो दिखाए जाएँगे.
उत्कल केशरी डॉ. हरेकृष्ण महताब की 125वीं जयंती समारोह का उद्घाटन किया
राष्ट्रपति श्रीमती. द्रौपदी मुर्मू ने उत्कल केशरी डॉ. हरेकृष्ण महताब की 125वीं जयंती समारोह का उद्घाटन किया. हरेकृष्ण महताब को ‘उत्कल केशरी’ के नाम से भी जाना जाता है. जन्म 21 नवंबर 1899 को ओडिशा के अगरपारा में हुआ था. यह भारतीय इतिहास में एक बहुमुखी नेता थे, जिन्हें स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ, इतिहासकार, लेखक, समाज सुधारक और पत्रकार के रूप में जाना जाता है.
कोल इंडिया लिमिटेड को ग्रीन वर्ल्ड एनवायरनमेंट अवार्ड
कोल इंडिया लिमिटेड को कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व श्रेणी में प्रतिष्ठित ग्रीन वर्ल्ड एनवायरनमेंट अवार्ड और ग्रीन वर्ल्ड एम्बेसडर की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया गया है. ये पुरस्कार द ग्रीन ऑर्गनाइजेशन द्वारा दिए जाते हैं. कोल इंडिया लिमिटेड को यह पुरस्कार थैलेसीमिया बाल सेवा योजना के लिए दिया गया.
