डेली कर्रेंट अफेयर्स
केन्द्रीय मंत्री परिषद ने ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ को मंजूरी दी
केन्द्रीय मंत्री परिषद ने 18 सितम्बर को ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ (One Nation One Election) के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया. इस उच्च स्तरीय समिति का गठन पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में किया गया था.
मुख्य बिन्दु
- एक देश एक चुनाव (ONOE) का मतलब है कि पूरे देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव हों. वोटर सांसद और विधायक चुनने के लिए एक ही दिन, एक ही समय पर अपना वोट डाल सकेंगे.
- देश में लोकसभा के प्रथम आम चुनाव और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव 1951-52 में एक साथ आयोजित कराये गए थे. यह अभ्यास वर्ष 1957, 1962 और 1967 में आयोजित अगले तीन आम चुनावों में भी जारी रहा.
- 1968 और 1969 में कई विधानसभाएं तय समय से पहले भंग कर दी गई थीं. 1970 में लोकसभा भी समय से पहले भंग कर दी गई थी. इस कारण लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव अलग-अलग समय पर होने लगे.
रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन
- एक देश एक चुनाव की संभावनाओं पर विचार करने के लिए 2 सितंबर 2023 को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था.
- इस समिति की सिफारिशों को ही केन्द्रीय मंत्री परिषद ने मंजूरी दी है. समिति ने यह रिपोर्ट 14 मार्च 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी थी.
- इस समिति के अन्य सदस्य थे: हरीश साल्वे, वरिष्ठ अधिवक्ता; अमित शाह, गृह मंत्री; अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस नेता; गुलाम नबी, डीपीए पार्टी; एनके सिंह, वित्त आयोग पूर्व अध्यक्ष; डॉ. सुभाष कश्यप, लोकसभा के पूर्व महासचिव; संजय कोठारी, पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त.
समिति के मुख्य सुझाव
- सभी विधानसभाओं का कार्यकाल अगले लोकसभा चुनाव यानी 2029 तक बढ़ाया जाए.
- पहले चरण में लोकसभा-विधानसभा चुनाव और फिर दूसरे चरण में 100 दिन के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराए जा सकते हैं.
- चुनाव आयोग लोकसभा, विधानसभा व स्थानीय निकाय चुनावों के लिए एकल मतदाता सूची और मतदाता पहचान-पत्र बनाए.
‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ लागू होने के फायदे
- चुनाव खर्च में कटौती: देश में बार-बार चुनाव कराने पर लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा और जनशक्ति समेत कई चीजों पर बहुत पैसा खर्च होता है. 2024 के लोकसभा चुनाव में अनुमानित कुल खर्च करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये थे.
- राजनीतिक भ्रष्टाचार में कमी: प्रत्येक चुनाव के लिये उल्लेखनीय मात्रा में धन जुटाने की आवश्यकता होती है. इससे व्यापारिक समुदाय पर बार-बार चुनावी चंदा देने का दबाव भी कम हो जाएगा.
- प्रशासनिक कार्य-क्षमता में वृद्धि: चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होने से नीति निर्माण और विकास कार्यों में रुकावट आती है. अगर पांच साल में सिर्फ एक बार आचार संहिता लागू होगी तो स्वाभाविक है कि प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी.
- संसाधनों का बेहतर उपयोग: देश में हर छह माह चुनाव होने पर प्रशासनिक मशीनरी और सुरक्षाबलों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है. एक साथ चुनाव कराने से संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकता है.
- सतत विकास में मददगार: बार-बार चुनाव लोकलुभावन नीतियों को बढ़ावा देते हैं. एक साथ चुनाव लंबी अवधि की नीति योजना और सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करने में मददगार साबित होंगे.
- वोट प्रतिशत में वृद्धि: एक साथ चुनाव होने से मतदाता एक ही समय में कई वोट डाल सकते हैं, जिससे मतदाता भागीदारी में वृद्धि हो सकती है.
एक राष्ट्र एक चुनाव लागू करने में चुनौतियां
- देश में एक राष्ट्र एक चुनाव व्यवस्था लागू करने के लिए संविधान में कई संशोधन करने की जरूरत पड़ेगी.
- संविधान के अनुच्छेद 83(2) और 172 में क्रमशः लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिये पाँच वर्ष का कार्यकाल निर्दिष्ट किया गया है, यदि समय-पूर्व उनका विघटन नहीं हो जाए.
- समय-पूर्व विघटन की स्थिति में पुनः चुनाव कराने या राष्ट्रपति शासन लगाने की दुविधा संवैधानिक ढाँचे को जटिल बनाती है.
- कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बसपा और सपा इसका विरोध कर रहे हैं. क्षेत्रीय दल को डर है कि अगर लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होंगे तो राष्ट्रीय मुद्दे प्रमुख हो जाएंगे और वे स्थानीय मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा नहीं पाएंगे.
प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान को स्वीकृति
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 18 सितंबर 2024 को प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (PMJUGA) को स्वीकृति दी. इस अभियान में लगभग 63 हजार गांवों को शामिल किया जाएगा और इससे पांच करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों को लाभ होगा.
PMJUGA: मुख्य बिन्दु
- इस अभियान का उद्देश्य आदिवासियों की सामाजिक आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है. योजना पर कुल 79.156 हजार करोड रुपये खर्च आएगा जिसमें से केंद्र सरकार 56.33 हजार करोड रुपये देगी जबकि 22.82 हजार करोड रुपये राज्यों की हिस्सेदारी होगी.
- देशभर में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आदिवासी बहुल 549 जिलों और 2740 ब्लाकों में यह अभियान लागू होगा.
- योजना के तहत देश के आकांक्षी जिलों और आदिवासी बहुल गावों का समग्र विकास किया जाएगा. जिसमें देश भर के 63000 आदिवासी बहुल गावों को कवर किया जाएगा. इस योजना से पांच करोड़ आदिवासियों को लाभ होगा.
- इस योजना के तहत आवंटित राशि अगले पांच वर्ष में चार उद्देश्यों से संबंधित योजनाओं पर खर्च होगी जिसमें गावों में इन्फ्रास्ट्रक्टर का विकास, पक्के घरों का निर्माण, आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना जिसमें कौशल विकास, उद्यमिता को प्रोत्साहन और स्वरोजगार को बढ़ावा देना शामिल है.
- गांव के हर घर तक स्वच्छ पेयजल सुविधा, बिजली कनेक्शन, मोबाइल मेडिकल यूनिट की स्थापना, आयुष्मान कार्ड, एलपीजी कनेक्शन, सहित सभी तरह की सरकारी सुविधा मुहैया कराया जाएगा.
- इस योजना के अंतर्गत विभिन्न मंत्रालय मिल कर काम करेंगे जिसमें शहरी विकास मंत्रालय 20 लाख घरों का निर्माण करेगा और 25000 किलोमीटर ग्रामीण सड़क का निर्माण होगा.
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने चंद्रयान-4 मिशन और वीनस ऑर्बिटर मिशन को स्वीकृति दी
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 18 सितम्बर को चंद्रयान-4 मिशन को स्वीकृति दी. मंत्रिमंडल ने वीनस ऑर्बिटर मिशन और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) की स्थापना को भी मंजूरी दी. दोनों मिशन को साल 2028 तक लॉन्च करने का प्लान बनाया गया है.
चंद्रयान-4 मिशन:
- चंद्रयान-4 मिशन का उद्देश्य स्पेसक्राफ्ट को चंद्रमा पर उतारना, वहाँ की सतह से मिट्टी और अन्य नमूने को एकत्र करना और उन्हें पृथ्वी पर वापस लाना है. इस मिशन पर 2104 करोड़ रुपए का खर्च आएगा.
- हैवी-लिफ्टर LVM-3 और ISRO का रिलायबल वर्कहॉर्स PSLV अलग-अलग पेलोड लेकर जाएंगे.
- केवल तीन देश-संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन-चंद्रमा की मिट्टी को पृथ्वी पर वापस लाने में सफल रहे हैं.
वीनस ऑर्बिटर मिशन (VOM):
- VOM पर 1,236 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है. इसे मार्च 2028 में लॉन्च किया जाना है. VOM का मुख्य उद्देश्य शुक्र की सतह और वायुमंडल के साथ-साथ शुक्र के वायुमंडल पर सूर्य के प्रभाव के बारे में हमारी समझ को बढ़ाना है.
- वीनस पृथ्वी का सबसे करीबी ग्रह है. शुक्र के पास ऐसी कई सारी जानकारी हैं जो हमें पृथ्वी और एक्सोप्लैनेट को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकती हैं.
भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS):
- मंत्रिमंडल ने रिवाइज्ड गगनयान प्रोग्राम को मंजूरी दी है. इसके तहत गगनयान मिशन का दायरा बढ़ाकर भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS-1) के पहले मॉड्यूल का विकास किया जाएगा. इस मिशन में BAS-1 यूनिट सहित आठ मिशन शामिल हैं. इसे दिसंबर 2028 तक पूरा किया जाना है.
- गगनयान मिशन पर रखे गए बजट को 11,170 करोड़ रुपए बढ़ाकर 20,193 करोड़ रुपए कर दिया गया है.
- गगनयान मिशन में 3 गगनयात्री को 400 KM ऊपर पृथ्वी की कक्षा में भेजा जाएगा. इसके बाद क्रू मॉड्यूल को सुरक्षित रूप से समुद्र में लैंड कराया जाएगा.
- भारत अपने मिशन में कामयाब रहा तो वो ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा. इसे पहले अमेरिका, चीन और रूस ऐसा कर चुके हैं.
- 12 अप्रैल 1961 को सोवियत रूस के यूरी गागरिन 108 मिनट तक स्पेस में रहे. 5 मई 1961 को अमेरिका के एलन शेफर्ड 15 मिनट स्पेस में रहे. 15 अक्टूबर 2003 को चीन के यांग लिवेड 21 घंटे स्पेस में रहे.
गांधीनगर के महात्मा मंदिर में चौथा नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन
गांधीनगर के महात्मा मंदिर में 16-18 सितम्बर तक चौथा वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन (4th Global Renewable Energy Investor’s Meet) आयोजित किया गया था. सम्मेलन का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. इसका आयोजन केन्द्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने किया था.
मुख्य बिन्दु
- चौथे वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा निवेशक सम्मेलन (4th Global RE-Invest) में दुनिया भर के 140 देशों के 25 हजार से ज्यादा प्रतिनिधि ने हिस्सा लिया.
- जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क और नॉर्वे भागीदार देशों के रूप में भाग लिया, जबकि आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश भागीदार राज्य थे.
- सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य 2030 तक देश में 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करना था.
- सम्मेलन में 40 सत्र के साथ-साथ अभिनव वित्त पोषण, ग्रीन हाइड्रोजन और भविष्य के लिए ऊर्जा समाधानों जैसे विषय पर विशेष चर्चा कार्यक्रम हुए.
- इस अवसर पर प्रदर्शनी में नवीकरणीय ऊर्जा निर्माण और वितरण में भारत की प्रगति को दर्शाया गया.
- 18 सितंबर को सम्मेलन के समापन सत्र की अध्यक्षता उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने की.
आठवां भारत जल सप्ताह नई दिल्ली में आयोजित
- आठवां भारत जल सप्ताह नई दिल्ली के भारत मंडपम में 17-20 सितम्बर तक आयोजित किया गया था. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस आयोजन का शुभारंभ किया. इस आयोजन का विषय था – समावेशी जल विकास और प्रबंधन के लिए साझेदारी और सहयोग.
- पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार हर दो साल में भारत जल सप्ताह का आयोजन करते हैं. इस वर्ष, 8वें भारत जल सप्ताह और प्रदर्शनी के भागीदार मंत्रालय पंचायती राज मंत्रालय था.
- यह कार्यक्रम दुनिया भर के जल संसाधन क्षेत्र के शोधकर्ताओं, विशेषज्ञ, नव-प्रवर्तकों और हितधारकों से विचार और राय प्राप्त करने के लिए एक वैश्विक मंच है.
- इस दौरान देश भर की ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पूर्ण भरण, जल वितरण से लेकर जल प्रबंधन में सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रदर्शन किया गया.
वित्त मंत्री ने एनपीएस वात्सल्य योजना का शुभारंभ किया
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 18 सितंबर को दिल्ली में एनपीएस-वात्सल्य योजना (NPS Vatsalya Scheme) का शुभारंभ किया. इस योजना में माता-पिता को पेंशन अकाउंट में निवेश कर अपने बच्चों के भविष्य के लिए बचत करने की सुविधा दी गई है.
एनपीएस वात्सल्य योजना: मुख्य बिन्दु
- एनपीएस-वात्सल्य योजना योजना के तहत माता-पिता या अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों के लिए खाते खोल सकते हैं और उनके रिटायरमेंट की बचत में योगदान कर सकते हैं.
- जब नाबालिग 18 वर्ष का हो जाता है, तब माता-पिता के पास खाता नियमित एनपीएस खाते में बदलने का विकल्प होता है, जिससे रिटायरमेंट की योजना को आसानी से आगे बढ़ाया जा सकता है.
- इस योजना की एक खास बात यह है कि माता-पिता अपने बच्चे के रिटायरमेंट के लिए बचत उसके शैशवावस्था से ही शुरू कर सकते हैं.
- योजना के तहत वात्सल्य खाता खोलने के लिए न्यूनतम योगदान 1000रु पये है. इसके बाद अंशधारकों को सालाना 1,000 रुपये का योगदान करना होगा.
आतिशी मार्लेना ने दिल्ली की 8वीं मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली
आम आदमी पार्टी (आप) की नेता आतिशी मार्लेना ने 21 सितम्बर को दिल्ली की 8वीं मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. आतिशी के साथ ही उनकी सरकार के पांच कैबिनेट मंत्रियों ने भी शपथ ली. एनसीटी दिल्ली सरकार में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम सात मंत्री हो सकते हैं.
मुख्य बिन्दु
- भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे जेल में बंद तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उच्चतम न्यायालय ने 13 सितंबर को सशर्त जमानत दी थी.
- न्यायालय ने जमानत के साथ उनके मुख्यमंत्री के रूप में काम करने पर कई पाबंदियां लगा दी थी जिससे उन्होंने इस्तीफे की घोषणा कर दी थी.
- पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की घोषणा के बाद पार्टी की नेता आतिशी मार्लेना को अपना नया मुख्यमंत्री चुना गया.
- सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित के बाद आतिशी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली की तीसरी महिला हैं और की मुख्यमंत्री बनने वाली आठवीं व्यक्ति होंगी. आतिशी मार्लेना कालकाजी सीट से विधायक हैं.
- मौजूदा दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 11 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली एक राज्य नहीं बल्कि 70 सदस्यीय विधानसभा वाला एक केंद्र शासित प्रदेश है.
भारत ने रिकॉर्ड 5वीं बार पुरुष एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी जीती
आठवीं पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (8th Asian Hockey Champions Trophy) 2024 भारत ने जीत ली है. भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने रिकॉर्ड 5वीं बार यह ट्रॉफी जीती. इस ट्रॉफी का फाइनल मैच 17 सितंबर 2024 को चीन के हुलुनबुइर शहर में स्थित मोकी हॉकी ट्रेनिंग बेस में खेला गया था. इस मैच में मेजबान चीन को 1-0 से हराकर भारत विजेता बना.
मुख्य बिन्दु
- 8वीं पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2024 8-17 सितंबर 2024 तक हुलुनबुइर सिटी, इनर मंगोलिया, चीन में आयोजित की गई थी.
- फाइनल में जुगराज सिंह ने 51 मिनट में मैच का एकमात्र विजयी गोल किया.
- आठवीं पुरुष एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी में भारत एकमात्र टीम थी जिसने अपने सभी मैच जीतकर प्रतियोगिता में अजेय रही.
- इस ट्रॉफी में भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह थे. भारतीय टीम के कोच क्रेग फुल्टन हैं.
- पाकिस्तान ने तीसरे स्थान के लिए प्ले-ऑफ मैच में दक्षिण कोरिया को 5-2 से हरा कर प्रतियोगिता में तीसरा स्थान अर्जित किया.
- पुरुषों की एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन 2011 से एशियाई हॉकी महासंघ द्वारा किया जा रहा है. इस ट्रॉफी में भारत पांच खिताब जीत के साथ सबसे सफल टीम है, उसके बाद पाकिस्तान है, जिसने तीन बार यह खिताब जीते हैं.
8वीं पुरुष एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के मुख्य पुरस्कार विजेता
- प्रतियोगिता के शीर्ष स्कोरर: दक्षिण कोरिया के यांग जिहुन (नौ गोल)
- प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर: चीन के वांग कैयू
- प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी: हरमनप्रीत सिंह, भारत के कप्तान
- फाइनल मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी: चीन के लिन चांगलियांग
21 सितम्बर: अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी
प्रत्येक वर्ष 21 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस (International Day of Peace) मनाया जाता है. इस दिन को शांति के लिए समर्पित किया गया है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और झगड़ों पर विराम लगाना और शांति के आदर्शों को बढाना है.
अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस 2023 का मुख्य विषय (थीम) ‘शांति की संस्कृति का विकास’ (Cultivating a Culture of Peace) है
संयुक्त राष्ट्र महासभा में वर्ष 1981 में अन्तर्राष्ट्रीय शांति दिवस का प्रस्ताव रखा गया था. शुरुआत में इस दिन को सितंबर के तीसरे मंगलवार को बनाने के लिए तय किय गया था, इसके बाद 2001 में इसको बदलकर 21 सितंबर को तय किया गया. पहला अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस 1981 में मनाया गया था.
देश-दुनिया: एक संक्षिप्त दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र का डेलीडोज
उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी को स्वीकृति
सरकार ने रबी मौसम 2024-25 के लिए फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी को स्वीकृति दी है. एम.पी.के उर्वरक पर सब्सिडी के लिए 24475 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है. अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के लिए 35000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है.
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग पर कार्यक्रम वर्ल्ड फूड इंडिया, नई दिल्ली में शुरू
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के बारे में कार्यक्रम, वर्ल्ड फूड इंडिया 2024, 19 से 22 सितम्बर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है. 90 से अधिक देश, 26 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश तथा 18 केंद्रीय मंत्रालय इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे है. इस वर्ष जापान वर्ल्ड फूड इंडिया के लिए भागीदार देश और वियतनाम और ईरान फोकस देशों के रूप में भाग ले रहे हैं.
फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कटौती की
अमरीका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने चार वर्षों में पहली बार ब्याज दरों में कटौती की है. प्रमुख आधार दर में 50 आधार अंक की कमी की गई है. अब यह 4 .75 से 5 प्रतिशत के दायरे में आ गई है. अमरीका फेडरल रिजर्व ने दो दिवसीय फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के बाद 2024 के लिए अपने छठे नीतिगत निर्णय की घोषणा की है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमरीका की तीन दिन की यात्रा पर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 से 23 सितम्बर तक अमरीका की यात्रा पर जा रहे हैं. अपनी यात्रा के पहले दिन प्रधानमंत्री डेलवेयर के विल्मिंगटन में, क्वाड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस सम्मेलन के दौरान भारत-अमेरिका द्विपक्षीय बैठक भी होगी.
नई दिल्ली में वैश्विक खाद्य नियामक शिखर सम्मेलन
दूसरा वैश्विक खाद्य नियामक शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में 20-21 सितंबर 2024 को आयोजित किया गया था. सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने किया. सम्मेलन का आयोज भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने किया. यह शिखर सम्मेलन खाद्य विनियमन और सुरक्षा आवश्यकताओं के पहलुओं पर जानकारी का आदान-प्रदान करने के लिए देशों के खाद्य नियामकों को एक साथ लाता है.
फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड में 100 प्रतिशत विनिवेश को मंजूरी
सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड में 100 प्रतिशत रणनीतिक विनिवेश को मंजूरी दी है. इसके लिए जापानी कंपनी कोनोइक ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड की 320 करोड़ रुपये को मंजूर करते हुए विनिवेश की अनुमति दी. फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड की स्थापना 1979 में केंद्रीय इस्पात मंत्रालय के तहत एमएसटीसी लिमिटेड की सहायक कंपनी के रूप में की गई थी. कंपनी का मुख्यालय भिलाई में है.
2026 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी ग्लासगो को दिया गया
ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य के इनकार के बाद 2026 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी स्कॉटलैंड की राजधानी ग्लासगो को दिया गया है. ग्लासगो इससे पहले 2012 राष्ट्रमंडल खेलों की सफलतापूर्वक मेजबानी कर चुका है. विक्टोरियन सरकार द्वारा राष्ट्रमंडल खेलों के लिए आर्थिक रूप से समर्थन देने से इनकार करने के बाद, विक्टोरिया ने मेजबानी करने से इनकार कर दिया था.
