डेली कर्रेंट अफेयर्स
रूस में ब्रिक्स देशों के NSA का सम्मेलन, भारतीय NSA की राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात
ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) का सम्मेलन 11 से 13 सितंबर 2024 तक रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित किया गया था. बैठक की मेजबानी रूसी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सर्गेई शोइगु ने की. बैठक में भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने भाग लिया था.
मुख्य बिन्दु
- रूस वर्तमान में ब्रिक्स समूह का अध्यक्ष है और 2024 में ब्रिक्स से संबंधित सभी बैठकों की मेजबानी करेगा. राष्ट्रपति पुतिन 22 से 24 अक्टूबर 2024 तक रूसी शहर कज़ान में 16वीं ब्रिक्स शिखर बैठक की मेजबानी करेंगे.
- बैठक में भारत, ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका, चीन, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, ईरान, इथियोपिया और सऊदी अरब के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने भाग लिया.
भारतीय NSA की राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात
- भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने 12 सितंबर 2024 को ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी.
- सेंट पीटर्सबर्ग में बैठक के दौरान एनएसए अजीत डोभाल ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से भी मुलाकात की.
- अजीत डोभाल से मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस में शिखर बैठक में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया.
ब्रिक्स (BRICS): एक दृष्टि
- ब्रिक्स (BRICS) दुनिया की पाँच उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है. इसके घटक राष्ट्र ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका हैं. इन्ही देशों के अंग्रेज़ी में नाम के प्रथम अक्षरों B, R, I, C व S से मिलकर इस समूह का यह नामकरण हुआ है.
- ब्रिक्स की स्थापना 2009 में हुई थी. साल 2010 में दक्षिण अफ़्रीका के शामिल होने से पहले इसे ‘ब्रिक’ (BRIC) के नाम से जाना जाता था.
- 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2023 के दौरान ब्रिक्स के पांच सदस्यीय समूह के विस्तार का फैसला किया गया था.
- इस फैसले के तहत 1 जनवरी 2024 को मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को भी इस समूह में शामिल किया गया.
- इन पाँच देशों के शामिल होते ही, सदस्य देशों की कुल संख्या 10 हो गई.
भारत ने वर्टिकल लॉन्च शॉर्ट रेंज मिसाइल ‘VL-SRSAM’ का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
भारत ने 12 सितंबर 2024 को वर्टिकल लॉन्च शॉर्ट रेंज सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल (VL-SRSAM) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था. परीक्षण के दौरान, कम ऊंचाई पर उड़ रहे एक उच्च गति वाले हवाई लक्ष्य को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया.
यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा तट के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) में किया गया था.
VL-SRSAM मिसाइल: मुख्य बिन्दु
- VL-SRSAM (Vertical Launch Short Range Surface to Air Missile) मिसाइल को DRDO ने विकसित किया है. इसका निर्माण केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी भारत डायनेमिक लिमिटेड द्वारा किया जाएगा. स्वदेश निर्मित यह मिसाइल, इजरायली बराक-1 मिसाइल की जगह लेगी.
- VL-SRSAM एक कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है जिसे भारतीय नौसेना के युद्धपोत से प्रक्षेपित किया जा सकता है.
- यह मिसाइल हर मौसम में काम करने वाली, अगली पीढ़ी की मिसाइल है जो सुपरसोनिक समुद्री-स्किमिंग विमान, मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) और मिसाइलों जैसे खतरों के खिलाफ रक्षा प्रदान करेगी.
- इस मिसाइल का व्यास 178 मिलीमीटर, लंबाई 3,931 मिलीमीटर तथा वजन 170 किलोग्राम है. मिसाइल की मारक क्षमता 50 किलोमीटर तक है.
डीआरडीओ (DRDO): एक दृष्टि
- रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO) भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के अंतर्गत एक संगठन है. यह सैन्य अनुसन्धान तथा विकास से सम्बंधित कार्य करता है. DRDO का मुख्यालय दिल्ली स्थित है. इसकी स्थापना 1958 में हुई थी.
- DRDO का आदर्श वाक्य ‘बलस्य मूलं विज्ञानं’ है. वर्तमान में DRDO के चेयरमैन डॉ समीर वी कामथ हैं. पूरे देश में DRDO की 52 प्रयोगशालाओं का नेटवर्क है.
हरित हाइड्रोजन पर दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का नई दिल्ली में आयोजन
हरित हाइड्रोजन पर दूसरा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (2nd International Conference on Green Hydrogen) 11-13 सितंबर 2024 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया गया था. सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था.
मुख्य बिन्दु
- यह सम्मेलन केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय द्वारा आयोजित किया गया था.
- सम्मेलन का लक्ष्य भारत को वैश्विक हरित हाइड्रोजन पारिस्थितिकी तंत्र में एक अग्रणी देश के रूप में स्थापित करना था.
- सम्मेलन में संपूर्ण हरित हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला में प्रौद्योगिकियों में हुए हालिया प्रगति पर चर्चा की गई.
- यह फोरम देश में हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों को अपनाने में तेजी लाने के लिए आवश्यक रणनीतिक और साझेदारी पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है.
- भारत यूरोपीय हाइड्रोजन सप्ताह 2024 में भाग लेगा. इसका आयोजन नवंबर 2024 में होगा. इसकी आधिकारिक घोषणा इस सम्मेलन में की गई.
हरित हाइड्रोजन और राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: एक दृष्टि
- हरित हाइड्रोजन (GH2) नवीकरणीय ऊर्जा का एक रूप है. हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए सबसे आम उत्पादन विधि जल इलेक्ट्रोलिसिस है, जिसमें नवीकरणीय स्रोत वाली बिजली (सूर्य, हवा, जल विद्युत आदि) का उपयोग करके ऑक्सीजन और हाइड्रोजन अणुओं को अलग किया जाता है. इस प्रक्रिया में वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन नहीं होता.
- हरित हाइड्रोजन का उपयोग ईंधन सेल के उत्पादन के लिए किया जाता है जिससे परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले गाड़ियों आदि में किया जाता है. हाइड्रोजन से चलने वाली गाडियाँ जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल, डीजल, गैस) से चलने वाले गाड़ियों की तुलना में लगभग नगण्य प्रदूषण पैदा करते हैं.
- भारत सरकार ने देश में हरित हाइड्रोजन उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए 4 जनवरी 2023 को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन शुरू किया है.
- मिशन का लक्ष्य 2030 तक देश में 5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है.
- मिशन की अवधि 2023-24 से 2029-2030 तक है और मिशन पर कुल परिव्यय 19,744 करोड़ रुपये है.
पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर विजयपुरम किया गया
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर विजयपुरम कर दिया. इसकी घोषणा 13 सितमबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी. देश को औपनिवेशिक पहचान से मुक्त करने के लिए यह नाम परिवर्तित किया गया है.
मुख्य बिन्दु
- अंग्रेजों ने पोर्ट ब्लेयर का नाम ब्रिटिश औपनिवेशिक नौसेना के अधिकारी कैप्टन आर्चीबाल्ड ब्लेयर के नाम पर रखा था.
- भारत में किसी शहर, कस्बे, रेलवे स्टेशन आदि का नाम केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही बदला जाता है.
- नया नाम श्री विजया पुरम, श्री विजया साम्राज्य से प्रेरित है जो 7वीं से 13वीं शताब्दी ईस्वी के बीच दक्षिण पूर्व एशिया (वर्तमान इंडोनेशिया) में फैला हुआ था. श्री विजया पुरम, दक्षिण अंडमान द्वीप पर स्थित है.
अंडमान निकोबार का ऐतिहासिक महत्व
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह क्षेत्र चोल साम्राज्य के नौसैनिक अड्डे के रूप में कार्य करता था.
- आज़ाद हिंद फ़ौज के सर्वोच्च कमांडर नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को यहाँ तिरंगे को पहली बार फहराया था और अंग्रेजों से देश की स्वतंत्रता की घोषणा की.
- अंडमान में तीन मंजिला सेल्यूलर जेल भी है. यह जेल काला पानी के नाम से प्रसिद्ध है. 1906 में वीर सावरकर जैसे भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को इसी जेल में रखा गया था.
अंडमान और निकोबार में पहले भी बदले गए हैं नाम
- जून 2018 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अंडमान निकोबार यात्रा के दौरान तीन प्रमुख द्वीपों के नाम बदले गए थे. रॉस द्वीप का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप, नील द्वीप का नाम शहीद द्वीप और हैवलॉक द्वीप का नाम बदलकर स्वराज द्वीप कर दिया गया था.
- 23 जनवरी 2023 को, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन के अवसर पर भारत सरकार ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े द्वीपों का नाम 21 परमवीर चक्र पुरस्कार विजेता के नाम पर रखा दिया था.
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: एक दृष्टि
- अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह भारत का एक केन्द्र शासित प्रदेश है. ये बंगाल की खाड़ी के दक्षिण में हिन्द महासागर में स्थित है.
- इसमें दो द्वीप समूह शामिल हैं – अंडमान द्वीप समूह और निकोबार द्वीप समूह. 10° उत्तरी अक्षांश, अंडमान द्वीप समूह को निकोबार द्वीप समूह से अलग करते हैं.
- अंडमान द्वीप समूह का कुल क्षेत्रफल 6,408 वर्ग किमी और निकोबार द्वीप समूह का 1,841 वर्ग किमी है.
- यह लगभग 572 छोटे बड़े द्वीपों से मिलकर बना है जिनमें से सिर्फ कुछ ही द्वीपों पर लोग रहते हैं.
- यह दक्षिण में इंडोनेशिया के साथ समुद्री सीमा साझा करता है, इसके उत्तर-पूर्व में म्यांमार और दक्षिण-पूर्व में थाईलैंड है.
14 सितंबर: हिंदी दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी
प्रत्येक वर्ष के 14 सितंबर को हिंदी दिवस (Hindi Diwas) के रूप में मानया जाता है. 1949 में इसी दिन भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था.
पहला हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया था. हिन्दी दिवस को पूरे एक सप्ताह तक मनाया जाता है, जिसे हिन्दी पखवाड़ा के नाम से जानते हैं.
भारत में आधिकारिक भाषा के तौर पर हिंदी और अंग्रेजी भाषा का उपयोग किया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी का प्रचार-प्रसार करना है.
देश, 2024 में, हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने का 75वां वर्ष (हीरक जयंती) मना रहा है. इस अवसर पर, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए चौथे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन किया और भाषाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए भारतीय भाषा अनुभाग का शुभारंभ किया.
15 सितम्बर: अन्तर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस से संबंधित महत्त्वपूर्ण जानकारी
प्रत्येक वर्ष 15 सितम्बर को अन्तर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस (International Day of Democracy) के रूप में मनाया जाता है. यह दिवस लोगों के लोकतंत्र को याद रखने का अवसर प्रदान करता है.
- अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस 2024 का मुख्य विषय (theme) ‘सभी स्तरों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभावी प्रशासन सुनिश्चित करना’ (Ensuring effective governance of Artificial Intelligence at all levels) है.
- अन्तर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस का मुख्य उद्देश्य यह है कि सभी सरकारें नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करे और लोगों को लोकतंत्र में महत्त्वपूर्ण और सार्थक भागीदारी का अवसर प्रदान करे.
- संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2007 में अन्तर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाने के लिए 15 सितंबर का दिन तय किया था. पहली बार वर्ष 2008 में अन्तर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया गया था.
15 सितम्बर: अभियंता दिवस, एम विश्वेश्वरैया की जन्म तिथि
प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को देश में अभियन्ता दिवस (Engineer’s Day) के रूप में मनाया जाता है. भारत सरकार द्वारा 1968 में विश्वेश्वरैया की जन्म तिथि को ‘अभियंता दिवस’ घोषित किया गया था.
विश्वेश्वरैया की जन्मतिथि
- यह दिवस भारत के महान अभियन्ता एवं भारतरत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की याद में मनाया जाता है. इसी दिन उनका जन्मदिन है. उनका जन्म 15 सितम्बर को 1860 में मैसूर रियासत में हुआ था, जो आज कर्नाटक राज्य है. उन्हें ‘आधुनिक मैसूर के जनक’ के रूप में जाना जाता है.
- एम विश्वेश्वरैया भारत के महान इंजिनियरों में से एक थे, इन्होंने ही आधुनिक भारत की रचना की और भारत को नया रूप दिया. उन्हें आमतौर पर सर एम.वी. के नाम से जाना जाता है.
- उन्हें 1955 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था. किंग जॉर्ज पंचम ने जनता की भलाई के लिए उनके योगदान के लिए उन्हें ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य (KCIE) के नाइट कमांडर के रूप में नाइट की उपाधि दी थी.
देश-दुनिया: एक संक्षिप्त दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र का डेलीडोज
भारत और चीन नियंत्रण रेखा से हटने के अपने प्रयास दोगुना करने पर सहमत हुए
भारत और चीन नियंत्रण रेखा के शेष क्षेत्र से पूरी तरह हटने के अपने प्रयास दोगुना करने और प्रभावी कार्रवाई करने पर सहमत हुए हैं. रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में पोलित ब्यूरो के सदस्य तथा विदेश कार्य आयोग के निदेशक वांग ई के बीच हुई बैठक में यह सहमति बनी.
अमरीका ने चीन की तीन कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंधों की घोषणा की
अमरीका ने पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में भूमिका के लिए चीन की तीन कंपनियों और एक नागरिक तथा पाकिस्तान की एक कंपनी के खिलाफ प्रतिबंधों की घोषणा की है. प्रतिबंधों का लक्ष्य बीजिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑटोमेशन फॉर मशीन बिल्डिंग इंडस्ट्री है, जिसने पाकिस्तान के राष्ट्रीय विकास परिसर को शाहीन-थ्री और अबाबील मिसाइलों के लिए उपकरण हासिल करने में मदद की.
17 सितम्बर को तेलंगाना – प्रजा पालना दिनोत्सवम के रूप में मनाने का निर्णय
तेलंगाना सरकार ने 17 सितम्बर को तेलंगाना – प्रजा पालना दिनोत्सवम के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. इसी दिन वर्ष 1948 में भारतीय संघ में हैदराबाद राज्य को शामिल किया गया था.
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पीएम ई-ड्राइव योजना को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और इसके विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट (पीएम ई-ड्राइव) योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना का उद्देश्य प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम करना है. यह एक सब्सिडी योजना है और कुल परिव्यय 10,900 करोड़ रुपये है.
भारतीय नौसेना ने पनडुब्बी से बचकर निकलने की ट्रेनिंग सुविधा ‘विनेत्रा’ शुरू की
भारतीय नौसेना ने 13 सितंबर को कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी एस्केप ट्रेनिंग सुविधा ‘विनेत्रा’ के अनावरण की घोषणा की है. विनेत्रा का अर्थ है प्रशिक्षक. यह पनडुब्बी चालकों के बीच आत्मविश्वास पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह सुनिश्चित करता है कि वे पानी के नीचे किसी आपात स्थिति में बच निकलने के लिए आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण से लैस हैं.
केंद्र सरकार ने एबी पीएमजेएवाई का लाभ सभी वरिष्ठ नागरिकों तक बढ़ाया
केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएमजेएवाई) का लाभ देश के 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों तक बढ़ा दिया है. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर, 2018 को रांची में एबी पीएम-जेएवाई का शुभारंभ किया था. देशभर में एबी पीएम-जेएवाई के तहत 35.4 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं.
मौसम पूर्वानुमान को मजबूत करने के लिए मिशन मौसम को मंजूरी
केंद्र सरकार ने मिशन मौसम को मंजूरी दे दी है. इसके लिए 2000 करोड़ रुपये के परिव्यय को मंजूरी दी गई है. केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय इस योजना लागू करेगा. यह मिशन मौसम निगरानी, मॉडलिंग, पूर्वानुमान और प्रबंधन में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देगा. इससे मौसम पूर्वानुमान में क्षमता विकास को बढ़ावा मिलेगा.
